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ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने दिल्ली पहुंचे पुतिन, दो रक्षा सौदों पर सबकी नजर
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00:18पुतिन के दोरे को लेकर राजधानी में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किये गए है
00:29ब्रिक्स समिट में हिस्सा लेने के साथ प्रधान मंतरी नरेंदर मोदी से भी मुलाकात करेंगे
00:33दोनों निताओं के बीच दोपक्षिय मुद्धो पर बाच्चीत होगी
00:36पिछले नौवे महीने में पुतिन का ये दूसरा भारत दोरा है
00:40इससे पहले वो पाच दिसंबर दोहजार पच्चिस को भारत आये थे
00:43भारत की मेजबानी में ग्यारा सदस्देश दिल्ली में जोटेंगे
00:46ये देश विश्व की करीब आधी आबादी और वैश्विक अर्थ विवस्ता के बड़े हिस्से का प्रत्रिनित्ट करते हैं
00:53यही वज़ा है कि ब्रिक्स की कूटिनितिक धमक बड़ी है
00:56लेकिन इस ब्रिक्स में दुनिया की निगाएं भारत रूस और चीन की त्रिशक्ती पर जमी है
01:02ब्रिक्स समिट में चीनी राष्टपती शी जिनपिंग और रूसी राष्टपती विलादी में पुतिन दोनों भारत आ रहे है
01:08बड़ी बात ये है कि जिन पिंग और पुतिन दोनों के साथ पियमोदी के दिपक्षिय बैठक है
01:18तो देखें ब्रिक्स सबिट अब इसमें ब्राजील, रशिया, भारत तुम्हें जबानी करी रहे, चाइना, साउथ अफरीका
01:25अब इन देशों के प्रधाल मंत्र और राष्टा ध्यक्ष ब्रिक्स में शामिल होंगे
01:30व्यापार के शेत्र में नए आयाम हासिल करने के लिए बैठके यहां पर होंगी
01:34पोतिन पहुँच चुके हैं, सुरक्षा के कड़े इंतिजाम थे
01:38एक डीटेल रिपोर्ट आपको दिखाते हैं
01:57दुनिया के ताकतवर नेताओं में एक और भारत के सबसे बड़े दोस्त
02:01रूस के राष्टपती ब्लादमिर पुतिन कुछ इस अंदाज में तड़के तीन बजे दिल्ली पहुँचे
02:09रूसी राष्टपती के खदम जब दिल्ली में पड़े तो एरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए
02:13विदेश राजमंत्री कीर्ती वर्धन सिंग मौजूद थे
02:16पुतिन उच्छिस तरिये प्रतिन इधी मंडल के साथ तीन दिन के भारत दौरे पर आये हैं
02:19इस दौरान वो ब्रिक्स सम्मेलन में तो शिर्कत करेंगे ही
02:22पीयम मोदी के साथ दौपक्षिय वारता भी करेंगे
02:26आज शाम साधे तीन बजे प्रधानमंत्री मोदी और रूसी राष्टपती पुतिन के बीच दौपक्षिय बात चीत होगी
02:31प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच दो बड़े रक्षा सौदों की उम्मीद है
02:35S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की पाँचवी रेजिमेंट की डिलिवरी और अगली पीड़ी की ब्रमोस एंजी यानी नेक्स जिनरेशन मिसाइल
02:43का साजह विकास
02:44भारत ने एक्टूबर 2018 में रूस के साथ लगभग 40,000 करोड रुपे में S-400 ट्राइंफ की 5 रेजिमेंट
02:50के लिए समझोता किया था
02:51इनमें से 4 रेजिमेंट पहले ही भारती वाई सेना में शामिल होकर पाकिस्तान और चीन की सिमाओं पर तैनाद की
02:57जा चुकी है
02:57मई 2025 के उपरेशन सिंदूर में S-400 ने 300 किलोमेटर से भी ज्यादा दूरी पर दुश्मन के एरबॉन वार्निंग
03:04सिस्टम को मार गिरा कर एक नया इतिहास रचा था
03:07रूस यूकरेन युद के कारण अटकी पांचवी और आखरी रेजिमेंट की डिलिवरी अब नवंबर 2026 तक पूरी करने का पुखता
03:14आश्वासन मिला है
03:15इसके अलावा नई ब्रम्होस एंजी मिसाइल का समझोता भी एहम है अभी ब्रम्होस की मौजूदा मिसाइल का वजन 2.9
03:21तन है इसके मुकाबले ब्रम्होस एंजी लगभग आधी से भी कम वजन यानी महज 1.3 तन की होगी
03:31पिछले 9 महीने में पुतिन का ये दूसरा भारत दौरा है इससे पहले राश्पति पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत
03:37आये थे
03:37रूस यूकरेन युद शुरू होने के बाद ये उनका पहला भारत दौरा था युदध अभी जारी है और पुतिन ब्रिक्स
03:43में हिस्सा लेने भारत में है
03:48ऐसे में मोदी और पुतिन की बेठक में रूस यूकरेन युद पर भी चर्चा का आहम मुद्दा हो सकता है
03:52एसियो में जब पुतिन से मिले थे तब उन्होंने शांती का संदेश दिया था
03:58भारत शांती के सभी प्रयासों का समर्थन करता है और शांती के हर प्रयास के लिए आगे भी समर्थन करता
04:08रहेगा
04:08युद्य में बिताया एक एक दिन मानोता को पीछे धकेलता है और शांती की तरफ बढ़ाया एक एक कदम पूरी
04:24मानोता को नई आशा से भर देती हैं
04:31हमें endless war, endless war से end of war उसी दिशा में जाना ही होगा जो मानोता की भलाई के
04:45लिए भी बहुत आवश्च पूतिन का भारत दौरा इसलिए भी एहम है
04:50क्योंकि फरवरी 2022 में रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ये पहला मौका है जब पूतिन रूस के बाहर
04:56किसी ब्रिक्स शिकर सम्मेलन में व्यक्तिगत तोर पर शामिल हो रहे हैं
05:02भारत और रूस की पुरानी रणनितिक साज़ेदारी को देखते हुए मोधी पुतिन की बैठक पर भी खास नजर रहेगी आज
05:07तक भी रोगग़े जिन्पिंग ऐसे समय में भारत आ रहे हैं जब दोनों देशों की बीच रिश्टे बहुत अच्छे नहीं
05:17हैं
05:17पिशले साल कर्गिस्तान की राजधानी बिश्केक में शंगाई सयोग संगिठन यानि स्टियो शिकर संबिलन में दौरों ने इता मिले थे
05:23साथ साल बाद जिन्पिंग भारत आ रहे हैं पिएम मोदी सोन की कल दोपक्षी बादशीत भी हो सकती है अब
05:28इस मुलाकात के माईने क्या है एक रिपोर्ट आपको दिखाते है
05:39साथ साल पुरानी ये तस्वीर है जब चीन के राश्पती शी जिन्पिंग भारत आये थे
05:45अक्टूबर 2019 में जिन्पिंग भर मोदी के मुलाकात चिन्पिंग के पास महाबली पुरम में होई थी तब मुलाकात को दोनों
05:51देशों के बीच रिष्टों को आगे बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा गया था
05:56लेकिन अगले ही साल 2020 में गलवान घाटी में दोनों देशों के सैनिकों के हिंसक जड़ब से रिष्टों में दरार
06:03आ गई
06:05अब साथ साल बाद एक बार फिर जिन्पिंग भारत आ रहे हैं तो माना जा रहा है कि भारत और
06:10चीन के रिष्टों के बीच एक नया अध्थाय शुरू होने वाला है
06:16ब्रिक सम्मेलन में शिर्कत करने के लिए जिन्पिंग कल दिल्ली पहुँच रहे हैं कल उनकी पियम मोदी से द्विपक्षिय वारता
06:22की भी संभावना है
06:23कल मोदी जिन्पिंग मुलाकात पर दुनिया भर की नजर होगी
06:26बीते साल की ये तस्वीर भी आपको याद होगी
06:29ये वही तस्वीरे हैं जिसे देखकर अमेर्की राजपती को बहुत मिर्ची लगी थी
06:33ट्रंप ने चीन और भारत के रिष्टों को लेकर कटाच किया था
06:36मौका था शंगाई सहयोग संगठन यानी S.C.O. शिकर सम्मेलन का
06:40तब प्रधान मंत्री मोदी S.C.O. सम्मेलन में हिस्ता लेने चीन के तियांजिन गए थे
06:45सम्मेलन के दोरान P.E.M. Modi के जिन्पिंग के साथ मुलाकात हुई
06:48और प्रधान मंत्री ने जिन्पिंग को ब्रिक्स सम्मेलन के लिए भारत आने का अमंतरन दिया था
06:53P.E.M. Modi का नियोता जिन्पिंग ने कबूल करके दुनिया को बता दिया
06:56कि भारत और चीन अपने रिष्टों में नया इतिहास लिखने को तयार हैं
07:00एक इंट्वी के दोरान पिये मोदी ने जिन्बिंग के साथ अपनी पर्सनल केमिस्ट्री की कहानी भी सुनाई थी
07:06दोहजार चौदा में जब मैं प्रधान मंत्री बना तो चीन के राष्पती राष्पति शी उनका कट्सी कॉल आया
07:14सुब कामना आए बगेरे बाते हैं फिर उन्होंने खुद ने कहा कि मैं भारत आना चाहता हूं
07:20का बिल्कुल सुखात है हापका जुरुराइए तो का लेकिन मैं गुजराओ जाना चाहता हूं अगा आत रगावर तो नहों नहीं
07:30कहा है कि मैं तुहर्य घाहां बढ़नाघर जाना चाहता हूं तो इस प्री मालूवा क्यों मैं बाहिं
07:38तो बोले मेरा और तुम्हारा एक स्पेशल नाता है तो क्या हुएन संग जो चाइनीज फिलोसाफर था वो सबसे ज्यादा
07:49समय तुम्हारे गाउं में रहा था लेकिन बापिस जब आया चाइना तो मेरे गाउं में रहा था तो बोले हम
07:59दोनों का ये करेक्ट है
08:04अब माना जा रहा है कि जिन्पिंग का भारत दौरा भारत चीन के रिष्टों को बहतर बनाने सीमा विवाद को
08:09सुलजाने के साथ साथ कारोबार और निमेश को नई रखतार दे सकता है
08:14बड़ी बात ये है कि 2020 में गलवान घाटी में होई हिंसक जड़ब के बाद दोनों देशों के शीर्ष नेताओं
08:20के बीच ये पहली आपचारिक one-to-one बातचीत होगी
08:23जानकार ये भी मानते हैं कि भारत चीन के बीच सिर्फ सीमा विवाद ही नहीं बलकि कई एहम मुद्दों पर
08:29भी बातचीत होगी
08:30क्योंकि चीन को भी पता है अब भारत से दुश्मनी घाटे का सौदा है
08:3462 की कहानी अभी बहुत पुराने होगे अभी उसका में जिकर ही नहीं करना चाहिए क्योंकि आगे जब जैसे गलवान
08:42के हम बात कर रहे हैं
08:43तो हम नेए ना सर गलवान में लेकिन उसे पहले भी डुकला में सिक्क्य में 67 में कई बार उनको
08:53दिखाया हुआ है कि हम जो हमारी जो काबलियत है
08:56मिलिटरी काबलियत वो अभी वो पुराने वाली नहीं रही और जो पॉलिटिकल विल है वो भी पुराना वाला नहीं है
09:03तो दोनों अगर आप जोड़े तो अभी हम एक बहुत ही स्ट्रॉंग देश हैं और जो बांडरी प्रॉब्लम है हम
09:13दोनों के बीच में इसका भी मिलिट
09:15स्ट्रॉंटरी सेल्योशन नहीं हो सकता यह तो भूल जाए है वो भी भूल जाए और यह मैं नहीं किया रहा
09:22हूं आर्मी चीफ के हैसिट से
09:25मतलब साफ है कि नए वर्ल्ड ओर्डर में भारत की ताकत को नजर अंदाज करने की गल्ती चीन नहीं कर
09:30सकता यही समझ रिष्टे को नया आयाम दे सकता है आज तक भी रो
09:37नए दिल्ली में ब्रिक सम्मिलन ऐसे वक्त पर हो रहा है जब इरान के साथ अमेरिका की जंग के तनाफ
09:42चल रहा है पूरी दुनिया देख रही है जब रूस पर अमेरिका ने कई अंतराश्चे प्रतिबंद थोपे हुए है और
09:48जब चीन के साथ ताइवान और ट्रेड समि�
09:50कई मोट्चों पर अमेरिका का तनाफ बड़ा हुए है मतलब अमेरिका का तनाफ रूस के साथ भी अमेरीका का तनाफ
09:55चीन के साथ भी है अब ऐसे में नए दिल्ली के भारत मंड़पम में होने जा रहे है बिक्स dosure
09:59haζarm चबश सम्मिलन को लेकर अमेरिका की बेचैनी बड़े
10:20हैं आप समझेए क्योंकि अमेरिका ही वो देश है जिसने सबसे पहले रूस पर कई कड़े प्रतिबंदे लगाये थे बहुत
10:28सारे सेंक्शन्स लगाये थे वो भी कब जब अमेरिका जब रूस और यूकरिन के बीच में युद्द चल रहा थे
10:35एक तरफ व्लादेमिर पितिन औ
10:39दोनों की बीच में युद्द चल रहा था जेलिंसकी को यानि यूकरिन को कई हतियार अमेरिका की तरफ से दिये
10:44गए कई मदद अमेरिका की तरफ से की गई पैसे दिये गए सब कुछ मुहया कराया गया और ऐसे मैं
10:52अमेरिका की तरफ से कई सेंक्शन्स लगाये गए कई प्
10:59नहीं कर सकता है
11:01तो रूस से दुश्पनी अमेरिका की
11:04अलाकि बीज बीज बीज पर हम पुतिन तंज कस्ते रहे हैं
11:07दूसरी तरफ चीन के साथ भी हालात सही नहीं है
11:10चीन और ताइवान में किस तरह की हालात है किस तरह के
11:12जंग चल रही है वो सब देख रहे है
11:14और ताइवान की साथ अमेरिका के खड़ा है
11:16उप राश्पती पहुचे भी थी
11:19ताइवान में ताइवान की जो प्रधान मंतरी है
11:22उनसे भी अमेरिकी निताओं की बाद चीत हुई थी
11:34तो देखें रूस के राश्पती विलादिमिर पुतिन तो पहुच चुके
11:37ब्रिक समिट दोजाच अबिस में शाविल होने के लिए तैयारिया भी बहुत कुछ की हुई है
11:41और बहुत जादा उमीद की जा रही है
11:43जब भारत के प्रधान मंतरी और रूस के राश्पती विलादिमिर पुतिन मिलेंगे
11:46आने वाले वक्त के लिए कैसे दो देशों की संबंद और मजबूत होंगे
11:50इस पर सबकी निगाए होंगे एक रिपोर्ट आपके सामने
12:08दुनिया के ताकतवर नेताओं में एक और भारत के सबसे बड़े दोस्त
12:12रूस के राश्पती विलादिमिर पुतिन कुछ इस अंदाज में तड़के तीन बजे दिल्ली पहुँचे
12:20रूसी राश्पती के कदम जब दिल्ली में पड़े तो एरपोर्ट पर उनका स्वागत करने के लिए
12:24विदेश राजमंत्री कीर्ती वर्धन सिंग मौजूद थे
12:27पुतिन उच्छ तरिये प्रतिन इधी मंडल के साथ तीन दिन के भारत दौरे पर आए हैं
12:30इस दोरान वो ब्रिक्स सम्मेलन में तो शिर्कत करेंगे ही
12:33पीम मोदी के साथ दुपक्षिय वारता भी करेंगे
12:37आज शाम साधे तीन बजे प्रधान मंत्री मोदी और रूसी राश्पती पुतिन के बीच दुपक्षिय बातचीत होगी
12:42प्रधानमंत्री मोदी और पुतिन के बीच दो बड़े रक्षा सौदों की उम्मीद है
12:46S-400 मिसाइल डिफेंस सिस्टम की पाँचवी रेजिमेंट की डिलिवरी और अगली पीढ़ी की ब्रमोस एंजी यानी नेक्स जिनरेशन मिसाइल
12:54का साजह विकास
12:54भारत ने एक्टूबर 2018 में रूस के साथ लगभग 40,000 करोड रुपे में S-400 ट्रायंफ की 5 रेजिमेंट
13:01के लिए समझोता किया था
13:02इनमें से 4 रेजिमेंट पहले ही भारती वाइफ सेना में शामिल होकर पाकिस्तान और चीन की सिमाओं पर तैनात की
13:08जा चुकी है
13:08मई 2025 के ऑपरेशन सिंदूर में S-400 ने 300 किलोमेटर से भी ज्यादा दूरी पर दुश्मन के एरबॉन वार्निंग
13:15सिस्टम को मार गिरा कर एक नया इतिहास रचा था
13:18रूस यूकरेण युद के कारण अटकी पांचवी और आखरी रेजिमेंट की डिलिवरी अब नवंबर 2026 तक पूरी करने का पुखता
13:25आश्वासन मिला है
13:26इसके अलावा नई ब्रम्होस एंजी मिसाइल का समझोता भी एहम है अभी ब्रम्होस की मौजूदा मिसाइल का वजन 2.9
13:32तन है इसके मुकाबले ब्रम्होस एंजी लगबग आधी से भी कम वजन यानि महज 1.3 तन की होगी
13:41पिछले 9 महीने में पुतिन का ये दूसरा भारत दौरा है इससे पहले राश्पति पुतिन 4 दिसंबर 2025 को भारत
13:47आये थे
13:48रूस यूकरेन युद शुरू होने के बाद ये उनका पहला भारत दौरत था
13:51युद अभी जारी है और पुतिन ब्रिक्स में हिस्सा लेने भारत में है
13:58ऐसे में मोदी और पुतिन की बैठक में रूस यूकरेन युद पर भी चर्चा का हैं मुद्दा हो सकता है
14:03स्यो में जब पुतिन से मिले थे तब उनहोंने शांती का संदेश दिया था
14:08अरद शांती के सभी प्रयासों का समर्शन करता है और शांती के हर प्रयास के लिए आगे भी समर्शन करता
14:19रहेगा
14:19युद ने बिताया एक एक दिं मानोता को पीछे धकेलता है
14:28और शांती के तरफ बढ़ाया एक-एक कदम पूरी मानवता को नई आशा से भर देती है, उमंग से भर
14:39देती है
14:42हमें endless war, endless war से end of war उसी दिशा में जाना ही होगा जो मानवता की भलाई के
14:56लिए भी बहुत आवश्य है
14:59पुतिन का भारत दोरा इसलिए भी एहम है क्योंकि फरवरी 2022 में रूस यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद ये
15:04पहला मौका है जब पुतिन रूस के बाहर किसी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में व्यक्तिगत तोर पर शामिल हो रहे हैं
15:12भारत और रूस की पुरानी रणनितिक साज्यदारी को देखते हुए मोधी पुतिन की बैठक पर भी खास नजर रहेगी आज
15:18तक भी रोगए
15:21तो देखे सबकी नजर है ब्रिक्स समिट पर सबस्क्राइब तो अमेरिका की नजर होगी क्योंकि चीन से पढ़ती नहीं पुतिन
15:29रूस से पढ़ती नहीं संक्शन्स लगा रहे हैं
15:32और भारत के साथ तो नजर जरूर होगी हमारे सही होगी आशितोष मिश्रा हमारे साथ इस वक्ते जड़ चुके हैं
15:39उनसे बात करते हैं
15:40आशितोष ब्रिक्स भारत में जबानी कर रहा है और बड़े बड़े देश अबरती अर्थ व्यवस्ता राष्टा ध्यक्ष भारत पहुच रहे
15:50हैं पोतिन तो पहुच चुके हैं शी जिन पिंग का इंतजार है और आप भी मेरे को बिलकुल तैयारी में
15:55लग रहे हैं कि स्�
15:58इंतजाम किये गए हैं सबसे पहले तो तैयारिया बताईए कि में जबानी की तैयारिया कैसी हैं और फिर बताईएगा कि
16:03इंपैक्ट इसका क्या रहेगा
16:09जहां तक तैयारियों के बात है हिमान्चो बैश्विक मंच है दुनिया भर के आपके महमान आ रहे हैं तो सुरक्षा
16:14से लिए करके उनके रहने आने जाने जहां पर वाइलाटरल होंगे वह से तैयार बिलकुल उसी अभी श्वेस्तर की हैं
16:20जो कि आम तोर पर हम किसी भी अं
16:55अब आते हैं ब्रिक्स के सिग्निफिकेंस पर अगर एक शब्द में आप देखे तो पस्ची मेशिया के देशों का एक
17:02समूव है जी सेवन
17:03अमेरिका कानड़ा यूकि ऐस्ट्रीलिया को मिला चाहिति हैं जैसे पश्यमी विक्सित देशों का एक समूव है जिसको जी सेवन के
17:24नाम से जानते हैं आप उसी तरह दक्षिन एशिया और ग्लोबल साउथ को मिला करके ब्रिक बना तो आपको याद
17:31हो कि पहले जब इसकी आ
17:34ब्रजील रश्या इंडिया चाइना इसमें दक्षिन अप्रिका को एड कर लिया गया उसके बाद ब्रिक्स बन गया ब्रिक्स बनने के
17:40बाद आप समझें कि इनकी फुल आबादी जो है वो कितनी है वो दो तीहाई है इनका जो व्यापार का
17:45आकार है वो पूरा लगबग 40 प्र
18:02प्रतिशन कंजू करता है इसलिए जी सेवन की अर्क व्यावस्था उनकी मजबूत ही ज्यादा है लेकिन आकार ब्रिक्स का बढ़ा
18:07है तो हम क्या करते हैं ब्रिक्स के जब आपस में बैठेंगे तो हम देखेंगे परसपर व्यापार के लिए कितने
18:12मौके हैं प्री ट्रें�
18:28प्राटनर है क्या हम वहां से ले सकते हैं एक दूसरे की मदद कर सकते हैं उसी के साथ जो
18:33रक्षा इलाका है भारत दूस देख लीजे भारत इंडोनेशिया देख लीजे और दूसरा इन देशों के बीच आपसी कोई जो
18:42है ना मनमुटाब ना हो जैसे चीन और भारत के बी�
18:57कुछ बाते हैं क्योंकि सीमा रिखाएं कहीं आप सरहत पर बंदूग ले करके उसे नहीं सुझा सकते हैं बातचीत ही
19:13एक मात रास्तों कहते हैं लेकिन उसी के साथ चार साल साड़े-चार साल से रूस और यूकरेन के बीच
19:20चल रहा है वहां पर भी भारत एक भूमी का अदा
19:23करें कि आप भी खतम कीजिए तो अलग कॉंटिनेंट पर तो अगर इस तरह के युद्ध खत्म हो जाएंगे तो
19:28पूरी दुनिया का भला हो जाएगा आप ग्लोबल जो एनरजी क्राइसिस चल रहे हो खत्म हो जाएगा डॉलर की जो
19:33कीमते बढ़ रहे हैं तो आपको तेल भ
19:52विकास शिल देशों को क्यों जरूरत पड़े इसकी वह इसलिए पड़ी क्योंकि G7 की मनमानी थी फिर G20 का दाइरा
19:57बढ़ा ज्यादा तर देशों को लाए गया
19:59सेयो की गठन हुआ सार्क उतके बाद आपने आप में खतम हो गया था फिर आशियान देशों का ग्रूप बनाए
20:04गया तो यह ग्रूप इसलिए बनाए गए थे कि अलग अलग पोरम में विकसिद ग्रूप और विकास शिल देश इनको
20:10इंग अठथा किया जाए एक ग्रूप
20:11पैसा बनाया गया जो विकासिलदेशों का हो फिर उसके बाद बनाया गया कि यहां पर विकासिलदेश अपनी बात करें और
20:17दुनिया के जो वैश्नीक आर्तिक मंच हैं आयमेफ हो वर्ल बैंक एन सब जगों पर उनका प्रत्यनिधित हो तो विकसित
20:23देश की जिम्मेदारी है �
20:24विकास्चिल देशों के प्रती क्योंकि वक्त्राइब को तुमकम है, दुनिया एक है वो उनकी मदद करें, विकास्चिल देशों के पास
20:30जो manpower है, उनकी जो ताकत है, उसका फाइदा विक्सित देशों को हो, और उसी के साथ, तुम भी आगे
20:35बढ़ो, हम भी आगे बढ़ें,
20:36एक से एक दो हाट, दो से दो चार बनते हैं, दुनिया का भला होता है, तो जो थीम है,
20:41वो यही है, अब आप देखें मेरे पीछे जो थीम चैंसरों में लिखा हुआ, पीपल सेंटरिक अपरूट, स्पृरिट ऑप हमानिटी
20:46फस्त, ये ब्रिक्स की थीम है, ब्रिक्स की द�
21:03लोगे तो बात होगी, बात होगी तो बात बनेगी और बात बनेगी तो रास्ता निकलेगा, अब ये बात मैं चीन
21:08और भारत के संबंदों से जोड़कर देखना चाहता हूँ, और समझना चाहता हूँ, क्या यहां पर फोतेन एक एहम बूमी
21:13का निभा सकते हैं, क्योंकि इस
21:27उसके बाद भारत एक बहुत बड़ा मारकेट, चीन बहुत बड़ा मारकेट आबादी के ख़ेतर में, तो क्या ये मानगा सकता
21:34है कि जो पिछले कुछ सालों से जो हालाग नहीं थे भारत और चीन के बीच में, तो इस मंच
21:40के सहारे, किसी की मद्यस्ताया फिर definite में वो गले शि
21:57प्रिश्ट पर देरे ढाने लगा है पहले शुरुवात होती है आदान प्रदान वाणिजिक होते हैं क्या इंप्रट एक्सपोर्ट रुखे है
22:07नहीं आपने उडाने शुरु कर दी है रिष्टों को पट्री पर लाने के लिए ट्रैक टू डिप्लोमसी कहते हैं तो
22:12अलग अल�
22:27बाज नहीं कल ये चीन भी जानता है कि अगर वो किसी लड़ाई में उल्चा रहे अपने परूसी के साथ
22:32उसकी अर्थवश्था पर असर पड़ेगा भारत भी ये जानता है कि आप ऐसी बड़ी अर्थवश्थाओं के साथ सीधे हैड़ नहीं
22:37करते क्योंकि आपको आगे बढ
22:55बाट आई है एक साथ बैठ करके एक संदेज देना आम तोर पर ये भाशा होते कि देखिए ये अमेरिका
23:00और चीन और भारत एक साथ मिल रहे है तो जो है ट्रम्प को बड़ा नागवार उन्गों है इसके पहले
23:05एक मुलाकात जब हुई थी कजाग वह तो उसके बाद देख
23:25मुद्रा का जो है ना उससे एक्सेंट रेडिंग ना करें अगर वो करते हैं तो ब्रिक्स के इन 11 अधर
23:30से देशों को भी डॉलर की वैल्यू कम हो जाएगी और 40 प्रतिशत व्यापार में अगर डॉलर इस्तमाल नहीं होता
23:35है तो डॉलर की देते रहे कि मैं डॉलर के खिला�
23:53मुद्रा को लेकर के अमेरिका के ताकत उसका डॉलर ही तो है उसकी मुद्रा ही तो है जो वैश्विक करन्सी
23:57है भारत के नजरिये से कर आप देखेंगे तो आप पडोसी के साथ कब तक लड़ सकते हैं तो बदल
24:03नहीं सकते इसलिए कहा जाता है कि जहयोग बना करके असमंज
24:18के लिए टेक्नोलोजी के लावा छोड़ दें तो बहुत सारे चीन के जो आयात है हमारी निरभरता उस पर है
24:23उसी के साथ चीन अपने आप में बड़ा बाजार है अगर अमेरिका टैक्स से बचना तो भारत को भी अपने
24:27उतपाद चीन के बाजार में ले जाना है तो रिष्
24:46कि यह करेंगे कि हमारा दाइरा हमारी आबादी बड़ा है हमारे मुलकों के आकार बड़े हैं हमारी अर्थ्रवस्था मजबूत है
24:52हम विकार शिल्देश है क्यों ना इसे और आगे ले जाए इसकदर आगे ले जाएं कि जैसा समन्वें G7 देशों
24:57में है G20 देशों में दि�
25:14जबूति के साथ खड़े हैं तो कितनी चुनौथिया पीश कर सकते हैं बहुत-बहुत शुक्री आपका हमारे साथ जोड़ने के
25:18लिए जानकारी के लिए जितोश तो इस ब्रीक सम्मिट से जड़ी हर एक जानकारी आपको हम लगातार देते रहेंगे बने
25:24रहे एक हमारे सा�
25:26नमस्कार
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