00:00चोग जी रश्या के साथ सॉलिड रिलेशन्शिप जुसको कहते हैं एक मजबूत रिश्टा लेकिन वही चायना भी है साथ साल
00:06बाद शी जिन पिंग आ रहे हैं और यहां पर तो फूख फूख कर कदम रखना ही होगा
00:09जी आप बिलकुल ठीक कह रहे हैं देखे दो बिलकुल ही मैं कहूंगा एक से के दो अलग अलग तरफ
00:16हैं एक है आपने बताया जो जैसे रूस के साथ बहुत ही हमारा सॉलिड रिलेशन्शिप है हिस्टॉरिकल है बहुत ही
00:23अंडिस्टैंडिंग है विश्वास है ट्रस्ट है �
00:26जैसे प्रधानमंद्री मोदी ने कहा जो आज कल पूरी दुनिया में जो कमी है वो क्रिटिकल मिनरल्स एनरजी वगरा वगरा
00:33की नहीं है वो विश्वास की है वो ट्रस्ट की है ट्रस्ट को बढ़ाएंगे तो सब कुछ ठीक होगा और
00:38चीन के साथ सबसे ज्यादा मुश्कि
00:54पर है शोर फुटिंग पर हैं मसले हैं इशू हैं जो कैसे अपने समंद्धों को और आगे बढ़ाया जाए और
01:01उचाईों तक लेया जाए जाए चाहे वो रक्षा हो चाहे वो तेल हो चाहे वो औरजा हो चाहे वो व्यापार
01:07हो जाव फिर हो जो रूस और युक्रेन को यु
01:24steps लेकर छोटे छोटे कदम लेकर जैसे आपने कहा बिल्कुल फूप फूप मार के वह आगे चलना होगा क्योंकि बहुत
01:32बारी हमारी पीट पर छुराग हो पा गया है चीन के द्वारा पर तु यह अच्छी बात है जो यह
01:38नॉर्मलाइजेशन शुरू हो गया है दोज़ार च�
01:44हमने वहाँ पर उनसे युद्ध करने का हमारी कोई मंशा नहीं है हम संबंधों को नॉर्मल रखना चाहते हैं परंतु
01:51जिस प्रकार के प्रगार संबंध है रूस के साथ वैसा हम नहीं एक पर सकते जो चीन के साथ भी
01:57कोई चल्दी समय में ऐसे संबंध होंगे प्रोफेसर �
02:03जो शेक बिल्कुल मैं आशोग जी सी की बात से सहमत हूँ और जब चीन के साथ हम अपने दुपक्षिय
02:08संबंधों को देखते हैं तो लगातार ये अविश्वास की जो स्थिति आती है और ये जो सामरी क्षेतर में या
02:15जो रक्षा के क्षेतर में असुरक्षा की स्थिति ब
02:31साथ लेकर के आते हैं तो अब आज पुटीन है कल शी जिंपिंग भी आएंगे तो यहां पर यदि पुटीन
02:36की तरफ से शी के साथ को इस प्रकार की बात की जाए साइड लाइन्स पर कि यदि राइसी को
02:42मजबूत बनाना है तो भारत और चीन के बीच में विश्वास का रि
03:01इसको लेकर के हमारे प्रदार मंत्री ने और हमारे रक्षा मंत्री ने भी इस बात को सपश्ट किया है कि
03:06यदि अविश्वास की सिती है और यदि इस प्रकार की सीमाओं पर जिस तरह का विवाद है दोनों देशों के
03:11बीच में वो है तो फिर व्यापार बहुत समय तक बह�
03:28ना पड़ेगा ये भरोसा भरोसा करें नहीं करें सम अपनी जगह बट वो इसेंशली बाइग क्यारेक्टर एक ऐसा देश है
03:35इसमें कोई शक्की बात नहीं है अंजना देखियो क्यारेक्टर और उनकी जो डीप रूट स्टाटिजी है वो यही है पहले
03:43तो बोल रहे थे कि �
03:44मतलब इंडिया को स्लाइसिंग तोर पे ले लें आपको एक चीज ध्यान रखनी पड़ेगी चाइना सिर्फ और सिर्फ एक चीज
03:53से डरता है पावर वर्सिस पावर लोगा लोए को काटता है भारत को डिपलोमेसी रखनी चाहिए भारत को पूरा ट्रस्ट
04:00बिल्डिंग की ह
04:14मुँ तोड़ जवाब नहीं देगा मुँ तोड़ेगा और आगे बढ़ेगा जिस दिन उसको यह होगा अंजना चाइना जो है सौफ
04:19पावर पर आ जाएगा एक ही भाशा समझता है लेकिन इसके इंडो चाइना को लेकर आज ब्रिक्स को मैं समझता
04:27हूं ब्रिक्स को इस पर
04:42करता है वो मैं नहीं कह सकता लेकिन पब्लिक ली कोई ऐसी इंटरफेरेंस इंडिया के लिए ठीक नहीं होगी हमारी
04:49इमेज के लिए ठीक नहीं होगी तो दूसरी बात जो कर सकता है ब्रिक्स अजे होल शुड लूट एट कि
04:55भाई हमारी जो यूमन रिसोर्स है आज आज आ�
05:08IT छोड़ दो, Chinese digitalized men part छोड़ दो, इने जो men बहुत हैं कि रोजी रोटी का सवाल है,
05:15सब इनडिरेक्टी बोला है हमारी commerce में, जब इन कंट्रीज में रोजी रोटी के सवाल को आप high skill से
05:22जोड़ेंगे और workforce को internally change करेंगे, with high skilled people, uniform skilled people, एक uniform common platform जिसमें, और
05:31free flowing labor होगा, free flowing उसके restrictions हो
05:35होंगे गाड कीजिए अपनी इंटरनल सिक्यूरिटी को लेकिन जब तक आप ये बिल्ड नहीं करेंगे आप दुनिया को डॉमिनेट नहीं
05:41कर सकते आप छोड़ दीजिए थोड़े दिन सबको अपनी ग्लोबल 50% यूमन रिसोर्स को एक हाईर लेवल पे स्किल
05:49में हाईर लेव
06:04पानिस्तान, सेक्टिलेशन रिपबलिक्स, रश्या तरी जाके खुले एक असब करने की ज़रत है सामी जल्दी से आप से एक कमेंट
06:10अब इन रिष्टों पर देखिए और मैं एक बार अनुभव अपना शेर कर दो ओन एर भी कि हम लोग
06:16जब रशा गये इंटर्व्यू करने
06:31देखिए मैं आप सबको एक बात बताना चाहता हूँ, रश्या बहुत अच्छी तरह से जानता है कि इंडिया रश्या के
06:38साथ रिलेशन्शिप मैंडिन करने में बहुत आगे है और उसी तरह इंडिया इंडिया इरोप और अमेरिका से भी रिलेशन्शिप मैंडिन
06:46करने में
06:47बहुत आगे है और वो चाहता है कि हिंदुस्तान उनकी मदद करे एरोप और अमेरिका से रिलेशन्शिप बनाने में उसी
06:56तरह हिंदुस्तान भी जानता है कि रश्या इंडिया से अच्छी दोस्ती करता है और उसी तरह में चाइना से उनकी
07:04अच्छी दोस्ती है तो यहां पर
07:06हमें Russians की मदद लिनी चाहिए
07:08उनको एक monitor बनाना चाहिए
07:09कि ये relationship और strong हो जाए
07:12business बहुत easy है
07:15करने वाला चाहिए
07:17अगर
07:18हिंदुस्तानी अपने आपको कहता है
07:20मैं international businessman हूँ
07:21तो आप अफरीका में जाके माल बेज रहे हो
07:24या अगर एरोप में माल बेज रहे हो
07:25और पूरा रश्या में नहीं बेज रहे हो
07:27तो you are not an international businessman
07:29तो आप पहले international businessman बनिये
07:32risk factor के हिसाब से मैं कहूंगा
07:35रश्या में
07:36zero risk of your life है
07:38this is only one place
07:40where you can do the business with proud
07:44ये ये interesting चीज़ है जल्दाइब
07:46एक चोटा सांटीज़ एक चाहिए
07:47जब ये countries
07:48ना अमेरिका के
07:50जो अमेरिका बार बार टारिफ्स लगा रहा है ना
07:53जो nuclear bomb की तरह यूज़ कर रहा है
07:55हिरो सिमा ना गासाई
07:56जब ये countries ब्रिक्स की उस से बिलकुल
07:58उस fear से out हो जाएगी ना
08:00मैं सवस्ता हूं दुनिया के अंदर अपने आप
08:02prosperity आएगी पहले तो आप
08:04अमेरिका को realize कराईए साब
08:06आपकी टारिफ्स आप अपने population पे लगाईए
08:09अपने लोगों पे लगाईए
08:10ये टारिफ्स जो है आप
08:12WTO को respect नहीं कर रहे है
08:14UN को respect नहीं कर रहे है तो कहीं से
08:27और ये relevance की बात आच S.J. शंकर साब
08:34जी देखिए आप बिल्कु ठीक कर रहे हैं
08:36और जो डॉक्टर डेशंकर ने कहा
08:38और जो हमारे साथ ही यहां पर बता रहे हैं
08:40बिल्कु ठीक बता रहे हैं
08:42देखिए जिसे कहा जाता है
08:43weaponization of sanctions
08:44आप sanctions लगा देते हैं
08:46किसी देश के उपर
08:47और इससे हम जानते हैं
09:06तो उनके जितने भी है
09:08600 बिलियन डॉलर
09:09अलग अलग जगा पर पड़े हुए हैं
09:12अलग अलग जो उनके
09:14assets हैं वहां पर हैं
09:15तो उन सब को freeze कर दिया गया
09:17और यहां तक भी बात हो रही है
09:19जो उन assets से
09:20कुछ ना कुछ ले लिया जाए
09:21जिससे की यूकरेन को
09:23की साहेता की जाए
09:24और एरान के करीब
09:26300 बिलियन डॉलर है
09:27मतलब वो swift system से ही
09:29बाहर कर दी गए हैं
09:30तो वो बिल्कुल उसके
09:31access ही नहीं कर पाते हैं
09:33तो एज तो यह है
09:34और दूसरा unilateralism
09:35हमने देखा है
09:36जो सभी के ऊपर
09:37आप tariff लगा रहे हैं
09:40बिल्कुल ही one-sided tariff लगा रहे हैं
09:43इसका कोई माइने नहीं होता है
09:45तो इसलिए इसके विरोद्तों
09:47सबको खड़ा होना है
09:48सब खड़े हो जाता है
09:49और अशोग जी जब हम लोगों ने
09:50Mr. Putin के सामने इस सवाल रखा
09:52उन्होंने इतना जबर्दस जवाब दिया था
09:54कह रहे थे खुद nuclear energy हम से खरीदते हैं
09:56और इंडिया जैसे देश पर
09:58पेट्रोल खरीदने के लिए
10:00बहाने करकर के टारिफ लगा रहे है
10:02शिवानी जल्दी से एक reaction
10:04वहां से आप से क्योंकि अब
10:05अब सेंटर जो है पूरी आक्टिविटी का वही रहने वाला है भारत मंदपम
10:12देखे अंजना भारत मंदपम में
10:14एक बहुत ही विरहद
10:15ट्रेड के ओपर एक्जिबिशन चल रही है
10:18और जितने भी देश आ रहे हैं जितने भी प्रतिनिधी हैं
10:21चाहे वो शीजिंग पिंग हो पोटिन हो
10:23इन सभी के देशों से हजारों डेलिगेट्स यहां पर आए हैं
10:26कैसे कॉमर्स को इसकी बैकबोन बनाया जा सकता है
10:29ब्रिक्स को देखे बहुत ही पॉसिबल माना जाता है
10:32क्योंकि 40 पिसदी GDP इन सभी देशों की पूरे विश्व की मानी जाती है
10:37और 50 पिसदी जो population है वो ब्रिक्स के देशों की है
10:41तो कैसे इसको आगे बढ़ाएंगे कैसे Global South के concerns को भारत आगे रखेगा
10:47बिल्कुल और Global South पर तो कापी जोर भी भारत का रहा है पिछले सालों
10:50और Global South के अंगल से भी अगर इसको देखे तो आप बहुत बड़ा बन जाता है
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