सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को उन आरोपों को गंभीरता से लिया है जिसमें कॉकरोच जनता पार्टी के विरोध-प्रदर्शन से जुड़ी एक 14 साल की लड़की को धमकाया गया और उसके घर पर पत्थर फेंके गए. इस संबंध में कोर्ट ने तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया और मामले की गंभीरता पर जोर दिया. यह मामला सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की पीठ के सामने आया. इस पर पीठ ने साफ किया कि नाबालिग को डराने-धमकाने के आरोप एक गंभीर मुद्दा है और किसी भी व्यक्ति को पीड़ित या उसके परिवार को आपराधिक केस चलाने के लिए डराने-धमकाने की अनुमति नहीं दी जा सकती. पीठ ने सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से यह भी कहा कि वह पक्का करें कि नाबालिग की एफआईआर पर सही कार्रवाई की जाए और उसे पूरी पुलिस सुरक्षा दी जाए. यह मुद्दा नीट परीक्षा के संबंध में छात्र विरोध मामले की कार्यवाही के दौरान पीठ के सामने लाया गया था.
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