00:04सनातन परंपरा में किसी बच्चे के जनम के बाद जिस तरह उनके छठी मनाई जाती है
00:10कुछ वैसे ही काना के भक्त जनमास्चमी के ठीक 6 दिन बाद उनका छठी पर्व बड़ी धूम धाम से मनाते
00:17हैं
00:17छठी पूजा की परंपरा को निभाने के लिए इस दिन कृष्ण भक्त अपने लड़ू गोपाल को विधिविधान से इसनान कराने
00:25के बाद उन्हें नए वस्त्र पहना कर उनकी पूजा करते हैं
00:2822 सल काना की छठी 10 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी
00:33ऐसे में इस दिन आप घर पर पूजा कैसे करें चलिए बताते हैं आपको इस वीडियो में
00:37तरसल हर जगे काना की छठी मनाने की परंपरा अलग-अलग है
00:41इस दिन कई लोग पहले काना को शिशू की तरह मान कर उनकी घी से मालिश करते हैं
00:47इसके बाद उन्हें कच्चे दूद से स्नान कराया जाता है
00:50स्नान कराने के बाद उन्हें पीले रंग के वस्र पहनाते हैं
00:53मोरपंक, बासुरी और आभूशनादी से विशेश शिंगार करते हैं
00:58इसके बाद उन्हें तिलक लगाया जाता है
01:00फिर बाद में लड़ू गोपाल को चंदन, केसर, हल्दी, फल, फूल, धूब, दीप, अरपित की जाती है
01:08शाम के समय काजल पार कर उन्हें काजल लगाते हैं
01:12पर छठी मैय की पूजा करके उन्हें कड़ी भाद, माखन, मिश्री, पंजीरी आदी का भोग लगाया जाता है
01:18इसके बाद महिलाएं उन पर निचावर करती हैं
01:21फिर आरती उतारी जाती है उसके बाद उनका नामकरन किया जाता है
01:25महिलाएं सोहर का गीत गाती है
01:27वहीं काना जी के भोग में तुलसी दल सरूर डाले
01:31और इस विधी से अपने घर पर काना जी की पूजा करे
01:34उमीद करती हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
01:37फिलहाल हमारी इस वीडियो में इतना है
01:39वीडियो को लाइक शूरेंट चैनल को सबस्क्राइब करना ना भूले
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