00:03जन्माश्टमी पर आधी रात को भगवान श्री कृष्ण के जन्म का उत्सव मनाया जाता है
00:08भक्त वरत रखते हैं और रात में लड्डु गुपाल का जन्म कराकर उनका अभिशेक और श्रिंगार करते हैं
00:14इस साल जन्माश्टमी चार सतंबर को मनाई जा रही है
00:17अगर आप भी घर पर कान्हा का जन्म करने की तैयारी कर रहे हैं
00:21तो आईए इस विडियो में आपको बताते हैं कि जन्माश्टमी पर भगवान श्री कृष्ण के जन्म के समय
00:27पूजा की कौन सी विधी आपको अपनानी चाहिए और खीरे से कैसे कराएं श्री कृष्ण का जन्म
00:33श्री कृष्ण का जन्म डंठल वाले खीरे से कराया जाता है
00:38क्योंकि माननेता है कि जब बच्चे का जन्म होता है तो बच्चे का गर्बनाल काट कर उसे मा के गर्ब
00:44से अलग किया जाता है
00:45तिक उसी तरह डंठल वाले खीरे को भगवान श्रीकृष्ण का गर्बनाल माना जाता है
00:50और खीरे के डंठल को खीरे से काट कर अलग करना उसे श्रीकृष्ण को मादेवकी से अलग करने की रस्म
00:57के तौर पर मनाते हैं
00:59इस डंठल वाले खीरे को काटने की प्रक्रिया को नाल छेदन के नाम से जानते हैं
01:04कुछ जगहों पर खीरे को बीच से काटा भी जाता है
01:07ये जन्म की प्रक्रिया का एक प्रतिकात्मक रूप है जिसे लोग बड़ी ही श्रद्धा और हर्ष के साथ मनाते हैं
01:13और इस रस्म को निभाते हैं ये प्रक्रिया रात के 12 बजे के बाद शुरू होती है
01:19श्रीकृष्ण जन्माष्टमी की रात बारा बजे के बाद गोपाल का जन्म हुआ था
01:24तो ठीक उसी वक्त खीरे के डंठल को एक सिक्के से काट कर अलग कर लें
01:28और बाल गोपाल के जन्म की खुशी मनाएं
01:30सबसे पहले सुबह खीरे को अच्छे से धो कर, साफ करके बीच से काट लें
01:36उसके बाद उसमें लड़ू गोपाल की मूर्ती को स्थापत करें
01:41और फिर खीरे को पूरे दिन के लिए ढखकर रग दें
01:44रात को 12 बजे के बाद शंखनाद करें
01:47धूप दीप दिखाएं
01:49आरती करें
01:51और फिर सिक्के से उस कटी हुई जगा को एक बार फेर दें
01:55और फिर उसे हटा कर गोपाल का जन्म कराएं
01:58विदिवत बाल गोपाल की पूजा करें
02:01डंठल वाला खीरा मिलना गर मुश्किल है
02:04तो कई लोग खीरे को बीच से ही काट कर भी
02:06श्री कृष्ण का जन्म कराते हैं
02:08आप ऐसा भी कर सकते हैं
02:10जन्म के बाद उनका जल से अभिशेक करें
02:14पंचामरित अर्पित करें
02:15इसके बाद उन्हें सुन्दर सुन्दर वस्त्र पहना कर
02:19उन्हें जूले में बठा कर जूलन जूलाएं
02:21प्यार से उन्हें दुलारें
02:23भोग अर्पित करें
02:24भोग में पंचीरी और चर्नामरित के साथ ही
02:27खीरा भी जरूर चड़ाएं
02:29उनके भोग में तुलसी दल का होना भी जरूरी होता है
02:33श्री कृष्ण का श्रिंगार करना भी ना भूले
02:37अब पूजा में इस्तमाल किये गए खीरे को प्रसाद के रूप में बाटा जा सकता है
02:41ऐसी माननेता है कि संतान की काम ना रखने वाले लोग जनमाश्टमी पर डंठल वाले खीरे का प्रसाद अगर गरहर
02:48करते हैं
02:49तो उन्हें जरूर अगले साल संतान की प्राप्ती होती ही है
02:53फिलहाल अस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें
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