00:00गोवर्धन पूजा हर साल कार्तिक मास के शुकल पक्ष की प्रतिपदा तिथी को ही आती है
00:08इस बार प्रतिपदा तिथी का आरंब 21 ओक्टूबर 2025 की श्राम से होगा लेकिन उद्याति थी 22 ओक्टूबर को मानने रहेगी
00:17ऐसे में पूजा के लिए दो शुम मुहरत बन रहे हैं
00:20सुबा का मुहरत सुबा 6 बचकर 26 मिनट से 8 बचकर 42 मिनट तक
00:25वही शाम का मुहरत दोपहर 3 बचकर 29 मिनट से शाम 5 बचकर 44 मिनट तक रहेगा
00:32आईस वीडियो में आपको बताते हैं कि घर पर अगर आप गोवर्धन पूजा कर रहे हैं
00:37तो स्टेप बाइ स्टेप पूजा का क्रम क्या रहेगा
00:39सबसे पहले तो सुबावट कर स्नानादी से निवरत होकर साफ कपड़े पहले
00:44जहाँ पर आप गोवर्धन परवध बनाने वाले हैं
00:47उस जगा को अच्छी तरह से साफ कर ले
00:49पूरे घर को गंगा जल छिड़कर साफ कर ले
00:52अब आप अपने घर का पूर्व या उत्तर पूर्व दिशा गोवर्धन परवध बनाने के लिए चुन ले
00:58हाथ जूड कर नश्य या संकल्प ले
01:00क्यूं पूजा कर रही है परिवार के शुब कामना समर्दी या गायो के सम्मानादी के लिए
01:05संकल्प में अपना और अपनो परिवार का नाम रुदेश ज़रूर बताए
01:09अब यदि आप गोवर्धन से बना रहे हैं तो छोटे छोटे गोले बना कर धेर बना ले और उससे गोवर्धन का रूप दे दे
01:15लेकिन अगर आपके आसपास गोवर उपलब्ध नहीं है तो आप उपमा, चावल, आलू के टुकडे या आटे से बना छोटा पहाड भी बना सकते हैं
01:25इस परवत के उपर हल्दी, केसर, पूलादी चड़के और अक्षत भी चड़ाएं
01:30गोव प्रतिमा या भगवान शेक्रशन या गोवर्धन की तस्वीर चौकी पर जरूर रखे, अगर प्रतिमा नहीं है तो केवल परवत ही खेंद्र पे रखे
01:39इस दोरान गोवर्धन पूजा का छोटा सायतिहास दोराएं, जस तरह से शेक्रशन ने गोवर्धन उठाकर गोकुल की रक्षा की थी, शेक्रशन मेरे और मेरे पूरे परिवार की रक्षा भी उसी तरह करें
01:51अब आप दीप जलाकर या परगर्वत्ती जलाकर इस मंत्र का जाब करें, ओम नमो भगवते वासुदेवाय या ओम गोवर्धनाय नमा, तीन, पाँच, साथ, ग्यारा, इकिस या 108 बार जाब कर सकते हैं
02:05परवत और भगवान के सामने भोग चड़ाएं, भोग आमतोर पर 56 भोग चड़ाए जाता है, लेकिन अगर परिवार जनों को इतने भोग बनाने में परिशानी हैं, तो खीर, पूरी, बताशे, दूद, दही, सात्विक, सबजी और केसर का भोग लगा सकते हैं
02:25अगर सामर्थ है और श्रधा है, तो हलवा आदी भी चड़ा सकते हैं, भोग समर्पत करने के बाद परिवार के सदस से एक साथ मल कर, साथ बार वोवर्धन जी की परिक्रमा करें, यस दौरान हाथ में फूल जरूर रखें, या फिर दीप भी रख सकते हैं, परिक्रमा समा�
02:55और उनके चरणों में दूद्ध ही आदी अरपत करें, पूजा समाप्त करते समय परिवार के लिए सुक समर्धी की काम ना करें, असके बाद गुड या अनाज किसी सेवा संस्थान या गाय को दान कर दें, फिलहान अस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर क
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