00:00कृष्णाय वाशु देवाय हरे परमात्मने प्रनता क्लेशनाशाय गोविंदाय नमोनमा प्यारे मित्रों जैश्याराम जैमातारी
00:06मित्रों आप शबी को बहुत बहुत शुपकामना है भगवान के पावन छठी महोश्यों की
00:11जो की 21 अगस्त दो हजार पचीस आज दिन गुरुवार को हम शबी लोग बड़ी भक्ति और स्रद्धा के शात में मनाने जा रहे हैं
00:21तो आज के दिन कैसे करना चाहिए भगवान की पावन छठी का उश्चों तो शर्वप्रथम आज के दिन भगवान को जूले से भी उतारते हैं
00:30आज तक जन्माश्टमी से लेकर कि आज तक ठाकुर्दी जूले पे ही आनन्द लेते हैं
00:36आज उनको जूले से उतार करके उनको इश्णान इत्यादी कराने के बाद में और सुन्दर वस्त्रों को उनको पधराया जाता है
00:44इसके बाद में आज के दिन कड़ी, चावल, मीठे पुए, गुलगुले, लड़ू, बर्फी, इत्यादी, दही बड़े इत्यादी आप लोग अपने घरों पर बनाईए और ठाकुर्दी का भोग लगाईएगा
01:00धोलग बजा करके कीर्टन करिएगा, जिस तरह से बच्चे के जन्म के बाद में सुन्दर शुन्दर बधाई के भजन गाये जाते हैं, उश्व मनाये जाते हैं, इसी तरह से आप सभी लोग अपने अपने घरों पर उश्व मनाईएगा
01:15और विशेश रूप से जिन देवियों को, माताओं को, कन्याओं को, बच्चियों को, भगवान, महादेव की पावन क्रपा को प्राप्त करते हुए, क्योंकि स्रामन का महना भी गया है और स्रामन के महने के ठीक आठ दिन बाद कृष्ण जन्मास्टमी का परवाया है, तो �
01:45और उन इस्त्रियों को, उन माताओं को तो विशेश रूप से महिलाओं को प्रशाद अवश्य ग्रहन करना चाहिए, जो गर्ववत्ती हैं, उनको छठी का प्रशाद ग्रहन करना चाहिए, जिससे उनके घर में भी बाल गोपाल, लड़ू गोपाल, अपनी मंगल में क्रप
02:15पे चर्चा करना, बात करना, कोई पूजन पाठ, ग्रह प्रवेस, या गंडमूल दोश की शान्ती, पित्रों की आत्मा की शान्ती के लिए पित्र गायत्री या भागवत महापुरान के अनुष्ठान, बाइदी के अनुष्ठान चाहिते हैं कराना तो अभी आप शंपर कर
02:45कि अनुष्ठान क करते हैं करता हैं करना, बाठकषान करा कर दो टूआ सुँआ हैं कि अनुष्ठान चाहिए स्ट्भर गाथ से और अनन�� को व 29 DK6 Wாभ भी रूम का रखलेके, अनुष्ठान के अनुष्ठान धो, पिन पिस दो रखलें, पिसी उना खिज़ान ब снимARSा हैं के र
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