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Govardhan Puja Vidhi 2026: घर के आंगन या मुख्य द्वार के पास गोबर से गोवर्धन पर्वत बनाया जाता है. इसे फूलों से सजाया जाता है और गाय, बछड़े व पेड़-पौधों की आकृतियां बनाई जाती हैं. बीच में भगवान श्रीकृष्ण की मूर्ति या चित्र स्थापित किया जाता है. भगवान को रोली, चंदन, फूल, मौली, धूप और नैवेद्य अर्पित किया जाता है. गोवर्धन पर्वत की परिक्रमा की जाती है. भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग लगाया जाता है. कई मंदिरों में विशेष अन्नकूट उत्सव मनाया जाता है.Govardhan Puja Vidhi 2026: Govardhan Puja Kaise Kare,Shubh Samay,Kya Chadhaye Kya Nahi,Parikrama Vidhi..

Govardhan mountain is made from cow dung near the courtyard or main gate of the house. It is decorated with flowers and figures of cows, calves and trees and plants are made. The idol or picture of Lord Krishna is installed in the middle. Roli, sandalwood, flowers, mauli, incense and naivedya are offered to the Lord. Govardhan mountain is circumambulated. 56 offerings are made to Lord Krishna. Special Annakut festival is celebrated in many temples.

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00:02हिंदू पंचांग के अनुसार कार्तिक शुक्लपक्षखी प्रतिपदाति थी 9 नवंबर को दोपहर 12 बज कर 31 मिनट से शुरू होगी
00:10और 10 नवंबर को दोपहर करीब 2 बजे समाप्त हो रही है
00:14उदियाति थी के अधार पर 10 नवंबर को गोवर्धन पूजा करना उचित माना गया है
00:19आई तस वडियों में आपको बताते हैं कि घर पर गोवर्धन की पूजा कैसे करें
00:24कितनी परिक्रमा ले परिक्रमा लगाने की विधी क्या रहेगी क्या चढ़ाए और क्या ना चढ़ाए
00:30सबसे पहले तो आपको बता दे कि पूजा करने के लिए दो सबसे शुम मुहुरत है
00:34पहला सुबद 6 बज कर 41 मिनट से 8 बज कर 51 मिनट तक
00:39वहीं गौधुली मुहुरत शाम 5.30 बजे से 5 बज कर 56 मिनट तक
00:44अब सबसे पहले सुबवटकर स्नानादी से निवरत होकर घर के आगन को साफ कर ले स्वच स्थान पर गाय के
00:50गोवर से गोवर्धन परवत भगवान श्रीकृष्ण और पस्चुधन की सुन्दर आकरती बनाए
00:56गोवर्धन पर्वत की आकरती बनाते समय अस बात का ध्यान रखें कि गोवर्धन महराज का मुख पश्रिम दिशा की ओर
01:03होना चाहिए
01:04अब उनकी नाभी पर मिट्टी का दीपक रखें आकरती को रोली अक्षत धूप दीप और ताजे फूलों से सजाएं
01:11गोवर्धन भगवान को बाजरे की खिचडी, अनकूट की सबजी, मखन, मिश्री और चपपन भोक अरपत करें
01:18दीपक जलाकर गोवर्धन महराज की आरती गाय इसके बाद गोवर्धन परिक्रमा शुरू करें
01:23पूजा के समय गोवर्धन आक्रिती की साथ परिक्रमा लेने का नियम है
01:30परिक्रमा हमेशा क्लॉकवाइज यानि की दक्षना वर्ती दिशा में ले
01:34हाथ में लोटे से जल या दूद की पतली धारा गिराते हुए परिक्रमा करना अत्यंत शुब होता है
01:40हाथ में बाजरे या कील बताशे लेकर बिखेरते वे भी परिक्रमा कर सकते हैं
01:45ध्यान रहे इन पर आपका पैर न लगे
01:47अब बात करें चड़ानी की तो अन्नकूट प्रशाद, गाय का समान, पूजन सामगरी, पशु आहार
01:53इन चीजों को गोवर्धन पूजा में अर्पित करना चाहिए
01:57वही तामसिक वस्तुएं, बासी या जूटा भोजन, काले कपड़े या तूटे बरतन
02:02इन चीजों का स्तमाल पूजा में बिलकुल ना हो
02:05पूजा समाप्त होने के बाद अनकूट, प्रसाद, परिवार, रिष्टदार और पडोसियों में वितरत करें
02:10भोजन बिलकुल भी बरबाद ना हो, गोवर्धन को पूजा के 24 घंटे बाद गोवर्धन को उठा कर सुखाले और उसकी
02:18उपली बना ले
02:19इसके बाद उसका इस्तमाल तूलसी पूजा, हवन या देवकारियों में करें, उन्हें कचरे में नाफेके
02:25परिक्रमा के दौरान गिराया गया जल, दूद, पेड, पौधे, तूलसी को छोड़कर किसी भी पौधे की जड़ों में डाल दे
02:33वही फूल और पत्यों को गमले की मिट्टी में दबा दें या कमपोस्ट खाद बनाने में इस्तमाल करें
02:38गाय के लिए रखा गया भोजन, गुड, हराचना और बाजरा, घर के पास किसी गाय या गौशाला में जाकर प्रेम
02:45पूरवक खिलाएं
02:46फिल हाल इस वीडियो में इतना ही, वीडियो को लाइक और शेयर करें, साथी चैनल को सब्सक्राइब करना न भूले

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