00:00मैस्कार स्वागत आपका आप देख रहे हैं विशेश आपके साथ मैं निहाबात हम यूपी बियार में स्वाग बार का कहे
00:05रहे हैं
00:06खास तोर पर गंगा दिदी के किनारे जिले सबसे ज़ादा प्रभावित है गंगा का जलसर लगतार बढ़ रहा है
00:12खत्रे के दिशान को पार कर चुका है यूपी की बात करें तो वार नसी प्रियाग राज और फरुखाबाद सबसे
00:18ज़ादा प्रभावित है
00:19वार नसी पे तो हालात ये हो गया है कि घातों के किनारे अंतिम संस्कार करना मुश्किल हो गया है
00:23क्योंकि सभी घात दूप चुके है
00:41कहते हैं इनसान जब इस दुनिया से चला जाता है तो वैतरुनी के कठिन और दुर्गम रास्तों को बार करने
00:47के बाद
00:48यमलोक में प्रवेश मिलता है अब ये तो पुराणों का दावा है लेकिन वारानसी में मरने वालों को सीधे वैतरनी
00:55नसीब हो गया है
01:00बार से हालात इतने बत्तर हो गए है कि काशी की इन छोटी छोटी गलियों में नावें चल रही और
01:06उन नावों के ऊपर शव रखे हैं
01:08क्योंकि नीचे कहीं जमी नहीं बची जहां अंतिम सस्कार हो जगी इसलिए मरिकरनी का घाट की छट के ऊपर इन
01:17शवों को लेकर जाना पड़ रहा है
01:22गंगा किनारे मरिकरनी का घाट पर मोक्ष की कामना के लिए शोओं के आने का सिलसिला जारी है
01:28देख सकते हैं कि कितनी बाधाओं को पार करने के बाद लोग इस मरिकर का घाट के उचे बने मचान
01:36जिसे चट कहते हैं वहाँ पर शोओं लेकर जा रहे हैं
01:39और बहुत ही कटनाईयों का सामना करना पड़ रहा है कहा जाता है कि अंतिम यात्रा में जहां चार कंधे
01:46शोओं को मिला करते हैं
01:50लेकिन अब उससे भी लोगों को वंचित रहना पड़ रहा है क्योंकि नाव ही एक मातर सहारा है जिसके जरिये
01:57लोग डेड़ बॉड़ी को उपर बने मचान तक ले जा रहे हैं
02:02उनका अंतिम संसकार कर रहे है क्योंकि गंगा किनारे का पूरा घाट जो है वे जलमगन हो चुका है
02:09और देख सकते हैं कि जितनी भी छोटी बड़ी इमारते हैं मंदीर है मठ है वे भी पूरी तरह से
02:15जलमगन हो गया है
02:17तो शोयात्री इस तरह से ऐसे हालात में और मजबूरी वर्स शोव को लेकर जा रहे हैं क्योंकि अब चारकंधा
02:26भी मिलना मुश्किल हो गया है और नाव ही मात्र एक सहारा है
02:31समस्या सिर्फ ये नहीं है कि गंगा में बाढ़ आ गई तो घाट ढूक गये और अंतिम संसकार नहीं हो
02:37पा रहे
02:37दिकत ये भी है कि शव ले जाने के लिए नाव बाले और फिर अंतिम संसकार करवाने वाले मुह मांगा
02:43पैसा मांग रहे हैं
02:45एक ही जगे पर ये शव जल रहे हैं जिसकी वजह से यहां गंदगी भी बहुत जादा है।
03:22पानी पुरा लगा पड़ा है। अधिक से अधिक पैसा लग रहा है।
03:56प्रश्व जादा है।
03:59माना जाता है कि अगर वारणसी में चिता जलती है तो मरने वाले को मोक्ष मलता है।
04:04इसलिए आसपास के कई इलाकों से लोग यहीं अंतिम संस्कार के लिए आते। लेकिन बाढ़ इतनी है कि आसपास के
04:11जिलों से लोग नहीं आपा रहे। और जो स्थानिय लोग आभी रहे हैं उन्हें भारी दिक्कते हो रही। पहले जहां
04:17एक बार में 50 शव जलते थे अब सिर
04:1915 से 20 शव दा हो रहे हैं।
04:50यहां भी बाढ़ का पानी पूरी तरह से उपर पहुच चुका है। और कुछी सीडियां सेस रहे हैं। जिसके बाद
04:55विशनात धाम में बाढ़ का पानी पहुच जाएगा। और जो यह नीचे का इलाका है, नीचे का छेत्र है, यह
05:03भी पूरी तरह से बाढ़ में दूप च
05:17तो विभीशका का आलम ये है बाढ़ के कि लोगों को बहुत सारी दिक्तों का सामना करना पड़ रहा है।
05:47वारनेसी का जिला प्रशासन और नगर निगम कुछ ठीक काम करेगा और इन परिशान हाल लोगों को राहत देगा।
06:39वारनेसी ही नहीं बलकि प्रयागराज में भी बाढ़क कहर दिख रहा है।
06:43यहां तो गंगा और यमना दोनों नदियां उफान पर आ चुकी है।
06:47शहर के निचले इलाकों में पानी लोगों के घरों तक पहुँच गया है।
06:51दारागंज के दशाश्व में घाट की सड़क भी गंगा के पानी में डूब गई।
06:55लोग अपना सामान समेट कर पुरक्षित ठिकानों की तलाश में बाढ़ के खतरे को देखते हुए प्रियाग राज में अलट
07:02घोचित कर दिया गया।
07:03जल पुलिस, गोताखोर, NDRF और SDRF किती में मोर्चे पर।
07:33गई, इस बाढ़ के पानी में समाते जा रहे हैं, लोगों के घरों में बाढ़ का पानी चला गया है,
07:39लोग दूसरी मनजिल और रहने के लिए मजबूर हो गए हैं, कुछ बच्चे हैं, यहां पर इस बाढ़ की अगई
07:44कर रहे हैं, लेकिन यह बाढ़ लोगों को अपर شान क
07:47करने लगी ही आप देख सकते हैं यह दारा गिंज के जो इलाका है और पूरा जो यहां पर इलाके
07:53में जो घर बने हैं उनमें यह बाल का पानी आ गया है तमाम इन सलकों पर जहां तक नजर
07:59जाएगी सिर्फ पानी ही पानी आपको देखने को मिलेगा और यह जो छोटी दुकान
08:04है जो प्रिया है यहां पर जो इस्थानी दुकंदारें सब्जियों की दुकाने लगती थी यहां पर वो भी इस बाल
08:11के पानी में डूब गई है लोग अब दूसरी तरफ सुरक्षित अपना ठेकाना उन्होंने बनाया है यह दारा गंज की
08:20सड़क है इसे पानी पहले तो ग
08:34और अभी भी गंगा जी बढ़ती ही जली जा रही है अभी संभावना नहीं है कि कहां क्या कहां तक
08:39दूबेगा कहां तक जायेगा पानी अब देखते हैं आगे कितना क्या होता है
08:43वहीं प्रयागराज में संगम क्षेत्र से लेकर मेला क्षेत्र, खाट, शम्शान, मंदिर और आश्रम तक बाढ़ के पानी में जल्मग
08:52नहीं
08:52चारों तरफ पानी ही पानी नजर आ रहा है
08:54बाढ़ के पानी में एक मचान नुमा मच का अधिकांच हिस्ता डूप चुका है
09:13और जो खत्रे का निसान है 84 है लेकिन 2 cm नीचे खत्रे के निसान से अभी भी गंगा और
09:21यमना बह रही है
09:22पूरे जगा बाल का पानी ही पानी है लेकिन आगर आप जिस जगापे हम करें ही ये प्रयागराज का सास्त्री
09:29ब्रिज कहते हैं
09:30और शास्त्री ब्रिज के नीचे वाला जो इलाका है जहां पर पानी ही पानी नजर आ रहा है ये माग
09:36मेला कुम्भ मेला छेत रहे हर साल माग मेला और हर छे साल पर अर्धकुम्भ और बारा साल पर महा
09:44कुम्भ लगता है और इसी पानी वाली जगा पर तंबूओ का सहर नजर �
09:51पीर हुखिए गयुपी आप से बाड की मार भूर बूह छीव गहीं
10:18यहां मंदाकनी नदी ने पिछले 23 साल का रिकॉर्ड तोड़ा है। लगातार बारिश ने भी 5 साल का रिकॉर्ड तोड़
10:24दिया है। कई इलाके डूबे हैं, कई गाउं का संपर्ट तूप चुका है।
10:48हुई है जिसकी बज़े से चित्रकूट के जो नदी नाले हैं वो फान पर हैं और जो डैम हैं वोई
10:53भी ओवरफ्लो हो गए है।
11:18पर फसल बार से परबात हो चुकी है।
11:43गंगा की उपनती लहरों पर हिचकोले खाती ये नाव बता रही है कि हालात कितने विकट हैं।
11:54गंगा नदी का पानी बिहार की राजधानी पटना में भी कहर बरपा रहा है।
11:59गंगा उफान पर हैं पटना में दियारा इलाके के कई गाउं बाढ़ में डूप चुके हैं।
12:05इन लोगों को नाव के सहरे बाहर निकाला गया।
12:09बताय जा रहा है कि सोन नदी का जलस्तर बढ़ने की वज़े से पानी छोड़ा गया।
12:13जिससे गंगा में पानी बढ़ गया।
12:15और दियारा के कई गाउं डूप गये।
12:16कई लोगों को निकाला गया है और हजारों लोग अभी भी बाढ़ के पानी में फसे हुए है।
12:23ब्यार में भी गंगा नदी उफान पे हो और हम आको तस्वीरे दिखा रहे हैं।
12:26पटना के अंदर क्या हालात हैं।
12:31और दिखिए गंगा के जलस्तर किस तरह से लगातार ऊपर जा रहा है।
12:34और जो खास्तोर पे दियारा छेतर में रहने वाले लोग हैं।
12:37उनके लिए एक बार फिर से संकट है।
12:39वो निकल करके हर साल जब बाढ़ की स्थिती बनती है तो अपने जानमाल को बचाते हुए अपने मवेसियों को
12:46ले करके गंगा के दियारा छेतर से बाहर आते हैं।
12:51पटना किनारे कहीं ने कहीं आसरा और ठीकाना बनाते हैं।
12:54दिखिए ये तमाम लोग अपने समान को लेते हुए अब आगे आ रहे हैं आप लोग भी उस तरफ से
12:59आएं क्या क्या इस्थिती उदर बाढ़की पूरा भर गया उसम पूरा घर में पानी घुश गया है
13:05लम अब क्या मतलब जो मवेसी हैं सब को ले करके बाहर आ रहे हैं हो अधर सब इधर आ
13:11रहाक में अधर साघ्य लोग निकल गए हैं।
13:33पर दिया रही जैसे पानी पाणि बढ़ड लोग निकलना चाहरे है नाव मिल रहा तो नहीं मिल रहे हैं यह
13:47भी एक समस्या है देखे हैं नाव से
14:11सबसे बड़ा संकथ पतनक रौदरूप का यह भी है कारण की जो सोन नदी है
14:19वहां से बहुत जादा पानी का डिश्चार्ज हुआ है लगबग सव पांच लाग की उसे एक पानी सोन नदी से
14:25निकला है और वो नदी कहीं न कहीं प्रभाव डालती है गंगा से किनेक्ट होती है सोन के नाल के
14:31जरिये
14:32बिहार के मुख्यमंत्री समराट चौधरी ने भी आज पटना के इस बाल का जायजा लिया बिहार में गंगा नदी का
14:38जलिस्तर लगातार बढ़ने के बाद अब इसका पानी सलकों तक पहुँच गया है
14:42राजधानी पटना के गाय घाट स्थित, भद्र घाट, महवीर घाट समेत कई घाटों से सटी सलकों पर जल भराव के
14:49स्थिती बनी हुई है
14:49महवीर घाट के पास करीब 3 फीट से अधिक पानी सलक पर पहुँच चुका है
14:55गंगा के बढ़ते जलस्तर को देखते वे प्रशासन पूरी तरह से अलट मोड में है
15:24गंगा तिक ब्रेक का उचला है बनीरियमा ऐसा तिकते रही आज़ते
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