00:02प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी और इरान के राष्टपती मसूद पजश्कियान की मुलकात के बाद अमेरिकी विदेश मंत्री मारको रूबियों ने
00:10बड़ा बयान दिया है।
00:30कि हर देश अपनी विदेश नीती खुद तै करता है और दुनिया के कई देश इरानी सरकार के संपर्क में
00:37हैं लेकिन अमेरिका चाहता है कि कोई भी देश इरान को प्रतिबंधों से बचने का रास्ता ना दे।
01:00रूबियों ने यहां तक कहा कि अगर कोई देश ऐसा करता है तो अमेरिका को उस पर भी प्रतिबंध लगाना
01:07पड़ सकता है।
01:08रूबियों का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने किर्गिस्तान के बिशकेक में SEO
01:15समिट के दोरान इरानी राष्टपती मसूद पजशकियान से मुलकात की।
01:20दोनों नेताओं के बीच भारत इरान रिष्टो, व्यापार और पश्चिम एशिया के हालात पर चर्चा हुई।
01:27बैठक के बाद प्रधान मंत्री मोदी ने साफ किया कि भारत इरान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती को और मजबूत
01:34करने के लिए प्रतिबंध है।
01:35पिये मोदी ने कहा कि भारत आने वाले समय में इरान के साथ अपने ट्रेड बास्किट को बढ़ाना और उसमें
01:42विविधता लाना चाहता है।
01:43वहीं अमेरिका की तरफ से संदेश है कि इरान पर लगे प्रतिबंधो को कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को
01:51बरदाश्त नहीं किया जाएगा।
01:53यही से भारत और अमेरिका के विदेश नीती के बीच एक एहम संतुलन का सवाल सामने आता है।
01:59भारत ने ब्रिक्स और S.C.O. जैसे बहु पक्षिय मंचो पर भी इरान के साथ काम करने की अपनी
02:06तयारी दोहराई है।
02:07प्रधान मंत्री मोदी ने इरानी राष्ट्रपती पजशकियान को सितंबर में नई दिल्ली में होने वाले ब्रिक्स समिट के लिए भारत
02:15आने का नियोता भी दिया है।
02:17यानि एक तरफ अमेरिका इरान पर दबाव बढ़ाने की बात कर रहा है तो दूसरी तरफ भारत इरान के साथ
02:24अपने पुराने रिष्टों, व्यापार और कूट नितिक संपर्क को आगे बढ़ाने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है।
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