00:04एक्ट्रिस स्वराभासकर एक बर फिर विवादों में हैं उन्होंने राजपूत समाज की छत्राणियों के जोहर पर सवाल खड़े करते हुए
00:12उन्हें कायर बताने का जो बयान दिया था उस पर लोगों का गुसा फूट रहा है ऐसे में चली आपको
00:18बताते हैं कि जोहर क्या ह
00:21और ये करने का कारण क्या था दरसल भारती एत्यास और हमारे पौराने ककपन्णों में कई ऐसी कथाएं दरजह जो
00:28वीरता
00:28के साथ साल अत्यंत विदना से भरी ये इनई में सी 1 प्रेथा ती जोहर पौराने की दियास के माझने
00:34जब राजा ये ये योद्धा बीर गती को
00:51जाने के बचाए अगनी को समर्पित होना चुनती थी आकरांता अकसर युद जीतने के साथ साथ धन दौलत और महिलाओं
00:58को गुलाम बनाने के उद्देश से आती थे जोहर करके राजपुद विरंगनाए शत्रों के इस घिनोने इरादे को पूरी तरह
01:04से नाकाम करती थी जोह
01:06अकेला नहीं होता था जब महिलाओं जोहर की अगनी में प्रवेश कर लेती थी तब पुरुषों को परिवार या रक्षा
01:13का कोई मोह नहीं रहता था इसके बाद पुरुष के सरिया वस्त्रधारन कर अंतिम सांस तक लड़ने निकल पड़ती थे
01:20वे पुरानिक मानेताओं की बात करें तो जोहर की भावना की जड़े माता सती की कथा से जुड़ी है जब
01:26राजा दक्ष ने यग्गे में भग्मान शिव का अपमान किया तो माता सती ने अपने पती के सम्मान की रक्षा
01:32के लिए यग्गे की अगनी में स्वैम की अहूती �
01:35दे दी थी इसी पौरानिक विचार से ये भावना जन्मी कि अपने सम्मान तो भिमान और धर्म के लिए देह
01:41का त्याग करना अधर्म के आगे घुटने टेकने से कहीं बड़ा और पवित्र है उमेद करते हूं आपको जानकारी पसंद
01:47आई होगी फिलहाल हमारी इस वीडियो म
01:49इतना ही वीडियो को लाइक शेर और चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूलें