- 1 day ago
Begangi - Ep 7 aPlus Drama
This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!
Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari
This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!
Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari
Category
📺
TVTranscript
00:01ना होती ये रहे तन्हा के ली ना आखो में साबन जड़ी आठा हड़ती होते ना तुम बेगाने बनते ना
00:23यूँ अपसाने
00:26बेगान की में बंते मयूँ अपसाने
00:54मैं हमेशा सबसे तुम्हारी लिड़ती थी मैं सबको यह कहती थी कि उम्हारी जैसे आपरोग सोचतें लेकि तुम बैसे यो
01:02जैसे सब सोचतें चूटें
01:05इसको अंदर कर दें इसके होश्ट काले आ जाएंगे इसको पथा लगेगा कि जिस खाली में खाते हैं उसमें जेद
01:11नहीं करते
01:11मुझा क्या पता था वो छोटी सी बच्ची है तुमने कहा कि मैं जूट बोल रहा हूं
01:17जूबी का ओप्रेशन ही नहीं हुआ और मैंने सारी दुनिया को धोका दिया है
01:22उमार मैं नासरा को जूबी समझी थी
01:26माहीन तुम प्लीज इस वक चली जाओ यांसे
01:31मैं नहीं जा रहे
01:38इस वक मेरे मुझ से कुछ सक्त निकल जाएगा
01:41जाओ यांसे
01:52कैसे
01:53सबासरा
01:53कर मेरे बिल्ता मेरी शेजादी क्यू रो हुआए
01:58मताना क्यू क्यू रो रोड़ी इस
02:01तदा उमर
02:02है उसाबीस्मी ने तुक्छ कह दिया है
02:06उस ने का
02:08ज़रू जाइद झाएद होगा
02:10आ लेने दे, आज उसे मैं ना उसकी हड़ियां तोड़ दूँगी, जब बोलता है बे समझ बोलता है, क्या कहसने
02:17तुझे?
02:18किसे ने कुछ ने कह दा दो, बस मुझे अपने पास लेटने ले
02:25रोले मेरा बच्चा, रोले, दिल खोल के रोले, लेकिन बाद में मेरे सब वादा कर, तुम मुझे बताएगी के बात
02:32क्या है
02:34किसे ने कुछ ने कह दा दो, असी हुए दिल भर आया
02:54भाई, माहेन के साथ इस तरह ना करो
02:56और मेरे साथ जिसका जो दिल चाहे वो करता रहे हाँ
02:59क्या हो गया है, तुम इतने घुसे में क्यू हो
03:03इसमें माहेन की गलती नहीं है
03:05वो मैंने ही मजाग मजाग में बात बढ़ा दी, तुम उस पर इतने घुसे ना हो
03:10हाँ, मैं तो इनसानी नहीं है
03:11मुझे घुसा भी नहीं आता और कुछ बुरा भी नहीं लगता
03:13जिसका जो जी में आता है वो करे, है न?
03:16तुम्हें एसास है कि क्या फील होते है जब पता लगते है कोई किसी से कितनी नफरत करता है?
03:30भाई, इसकरा ना करो, कोई तुम से नफरत नहीं करता
03:35और मैंने कहा ना के बाद मजाद मजाग में भढ़ गई, माहीन तो…
03:39क्या माहीन, अगर मैं यही हरकत माहीन के साथ करता है?
03:42वो सारा दिन तुम्हारे सा मजाग करती है, लड़ती है, जगड़ती है, यार तक कि तुम लोगी हाथा पाई भी
03:46होती है, मैंने कभी तुम लोग वशक्क किया है, उमर!
03:53Zayd, मेरा ये कहने का मतलब नहीं है, मतलब भुही होता है, जो बात मुँझ से निकलती है, Zayd!
04:00मुझे नहीं बता तुम्हारे अंदर कौन सा लहवा पक रहा है
04:03लेकिन तुमने इंतहाई गडिया बात किये
04:14क्या हो गया है मुझे जो दिल में आरहा है बकवास करे जा रहा हूं
04:43सुबह मैं अई तरफ देखा भी नहीं और यूँ चला गया
04:46तो जाया जहाता है वो इस कावलीनी के इस से महबब की तुम्हे क्या हुआ तुम्हे क्या हुआ तुमाह खराप
04:55कर दिया असने मेरा
04:55माही मैं तक जो माही तुम एक बार सोच दो इससे शादी करने से बहतर है कि खुदकुशी कर दो
05:01तैया बकवास कर रहे हो ? सही कहरो मैं tahai इंतिकामी फिदरत का इनसा तुम्हें तुम्हें कभी माफ निए करेगा
05:09जला जला कर मारेगा
05:11तुम अमर के बारे में ही बात कर रहो ना?
05:13उसी के बारे में बात कर रहो ना?
05:15इंसान की फितरत का अंजाज़ा मुश्किल हा आप में होता है
05:19अच्छा अपनी बख्वास बंद करो और ना मूँ तोड़ दूगी
05:21पहली तुमारी बातों मागे उसे नानास कर लिया, अब एक नहीं सुनोगी तुमारी तुमारी मूह लगने का
05:27रोती सूरत
05:28तुम हो ये एक नमर के कमीने
05:30बलाई का तो जमाने नहीं है, उल्टा मेरे कले पड़ जाती है
05:33नहीं आप में तुमारे किसी मामले में
05:34तो इसे अच्छी और क्या बात होगी?
05:36हाँ हाँ
05:39इसे किस बात का उससे?
05:49क्या हुआ?
05:50जी उसके सर में तर्दे, वो कहरी तोड़ी देर में आएगी
05:54ठीक ही कह तुमनों कुछुरू करो ना?
05:57क्या हुआ अमाजी?
05:59आज से पहले जब आपको एक खबर मिलती थी तो आप बड़ी पेकरार होकर माहीन के कमरे में पहुंचती थी
06:07कोई इतनी बड़ी बात नहीं है
06:08थोड़ा सा अराम करेंगी फीक हो जाएगी
06:12अब तुम लोग उसकी शादी की फिकर करो
06:16कि आप ही तो कह रही थी अभी वह बहुत छोड़ी है
06:21और कितना बड़ा करोगी
06:27यह फैसला तो आपको करना है हमाजी
06:29या फिर भाईजान को
06:32हमने तो माहीन पेदा होती उनकी गोद में डाल दी थी
06:35अब वक्त आगे है कि इस हिस्ते का एलान करके
06:39शादी की तारीष रखी जाए
06:41कि इतने जल्दी भी किया है
06:42तुम तो खामोशी रहो
06:43हमाजी ठीक कह रही है
06:46इस गर की पहली शादी है बड़ी धुंधाम से होगी
06:49और पिर तयारी के लिए वक्त तो चाहिए
06:51मैं कुर सा कह रही हूँ कि कल कर दो
06:55हाँ
06:55मंगनी का एलान हो जाना चाहिए
06:59घर के लोग मिलकर तुनों को अनूठी पहना दें
07:03हशी खुशी सब खुश
07:06और हम तो अपने बच्चों की खुशी में खुश है
07:09वो खुश और हम खुश
07:12बिलकुल मुनासिब बात है
07:14कसर हम शादी पे निकाल लेंगे
07:17ठीक है
07:19आज ही मैं अब दुरेमान से बात करते हैं
07:31यह बताने आया हूं कि इस लिविंग ब्यूटी अभी तक आँखे बन के लेटी है
07:33कहती शिजादा आएगा चुएगा तो यहांके खुलोंगे
07:36माजी का दमदुरूद और टॉक्टर साब की द्वाईयां सब बेहस को
07:40क्या वह माहिन को
07:41मैं सूचा था के बच्चे बड़े हो गए
07:45इनकी शादी की फिकर करनी साहिए
07:49तो मेरे मूँ की बात चीनिए
08:09अमी
08:12मुझे माहीन से शादी करनी है
08:15तुम तो इस तरह कह रहे हो
08:16के अमी मैंने कीर खानी अभी पका दे
08:19मैं मजाख नहीं कर रहा है
08:21मुझे माहीन से शादी करनी है
08:22और जल्दी
08:24इतनी जल्दी किस बात की अमर
08:26मेरी सिक्स सेंस कह रही है कि कुछ बुरा होने वाला है
08:32और इससे पहले कुछ हो जाया अब माहीन को मेरे नाम करतें बस
08:38अच्छा ठीक है
08:41बात करती है तुम्हारे इपास
08:42अगर अबबा ने मना कर दिया
08:45अगर चाचा ने मुझे माही देने से इंकार कर दिया
08:48अमी मैं आपको बता रहा हूं
08:49मैं बच्पन से हर बात पर कॉंप्रमाइज करता हैं
08:52लेकिन इस बात पर बिलकुल कॉंप्रमाइज ने करूँगा
08:54अगर किसी ने भी मुझसे माही चीनने की कोशिश की
08:57तो इस घर में बहुत बुरा होगा
08:59अपनी आवास और लहचा दुरूस रखो
09:05और कोई तुमें क्यों इंकार करेगा
09:08सबसे एहम बात है कि तुम और माही दुसे को पसंद करते हूं
09:11और माही वो तो सब की लाड़ली है
09:14उसकी मर्जी के खिलाफ कोई फैसला नहीं होगा
09:17ठीक है पर ऐसा ही होना चाहिए
09:23मेरा इतना बहादूर बेटा आज इतना डर क्यों रहा है
09:28जहां सगे बेटे पर कारोबार से दूर रखने के लिए चोरी का अलजाम लगा दिया जाए
09:31जहां माही जैसी जान देने बाली लड़की शक्मी मुपतला हो जाए
09:35तुमा मैं डरूनी तो और क्या करूं अम्मी
09:39आप नहीं समझेंगी
09:42अच्छा ठीक है मैं करती हूं बात तुमारे पास से
09:46अच्छा ठीक है
10:43वो बहुत पसंद करते हैं दूसरे को
10:48जबार उमर को पसंद नहीं करता है
10:52मसला यह है
10:54लेकिल अपनी बेती की खुशी तो देखेंगे ना
10:56और आप बात करेंगे तो वो इंकार नहीं करेंगे
11:07कब से चल रहा है इसल्सला आप क्या बात करेंगे जब से होश संभाला यह दूने दूसरे कोई देख रहे
11:14हैं और अगर आज वो शादी करना चाहते तो इस पर नहीं
11:18नहीं बात तो नहीं क्या कमी है उमर में और माही माही बहुत हसास रड़की है वो किसी और को
11:26कुबूल नहीं कर बाएगी जैर तुम कहां जारे हो तनी जल्दी में क्या बात है
11:45हमीं डॉक्टर को लेने जा रहा हूं महीन का बीपी लो गया क्यों क्या हुआ उसे उमर से किसी बात
11:51पर जगडा हो गया तो दिल पे ले लिया आपको तो पता ही है जब मैं तुम आइसा दाती हूँ
12:20मैं आप ने बात कर ले हैं आप ने कुछ नहीं कहा चुप कर गए थे अब मैं आपको खुलकर
12:27बात करने चाहिए थे ना
12:28मैं जैद मुझे तंग मत कर दो मैंने का है ना कि मांचाएंगे उमर से ज्यादा उने माहीं प्यारी है
12:35मैंने वरवक्ट चका लगाया ना कि माहीं उमर के वज़े बेमार हुए तो यह जोग एते हैं अब बहुत करते
12:42हूं तो मुझे जादे एक्साइट्पनिक देखने चाह
12:59इस नड़की के पिकाने पीने में बहुत नख्रे है कर में दस चीज़े बनी हो ना तो एक पसंद करती
13:06है तो दिन से तंग करी है कुछ खापी नहीं रही है तेखे यह आलत होगी ना इसकी
13:15मेरी बच्ची को नजर लग गई यह बार से को सतका देश का जी नहीं बाहर बैठते यह थोड़ा राम
13:25कर ले
13:29हाँ चलो वैसे मैंने तुमसे कोई बात करनी है
13:54अब तक नाराज हो हाँ मेरी बात का वो मतलब नहीं हो
14:02मतलब बड़ी होता है जो अलफास जबान से निकलते हैं कोई आपको कोई बेकुसूर होते वे मुझ्रिम ठहरा दे तो
14:18बहुत दुख होता है जाद साफ
14:22इंसान खला में लटक जाते हैं और कदम जबाने के लिए पाउं भर जमीन नहीं होते हैं
14:29मैं तुम्हारी बाते सुनने नहीं है यह बताने आया हैं कि स्लिपिंग ब्यूटी अभी तक आँखे बंके लेटी है कहती
14:34ही शेजादा आएगा चुएगा तो यांके खोलों
14:36माजी का दमदूरूद और टॉक्टर साब की दवाईयां सब बेहसुर
14:40क्या हुआ माहिन को अच्छा महबत की इंतहा देखो इशारों में कई के बात समझ गए और बेहसी का यह
14:47आलम है कि ना तु दिल पर क्या गुजर ही पता ही दी
14:50जैद सीधे तरीके से बताओ क्या हुआ माहिन को मुझे क्या बता शेजादा जाए शेजादी को छुए वो खुद बताएगी
14:56क्या हुआ
15:35हुआ हो एुआ या या वह ए अटरू के ऋखुद इसे आञालने साल थxton BTB
15:44आस अगालने समें मां मां मां में अगफ़ी क्या
15:45हुए थे प्राव खुए अगंवाये
15:45और शा भी उड़ाई है युथो मुद रहारों अट्यू कर भी illust thể कि चाल था
15:50तुमसे नराज हो सकता है, अस सरा सा उर्सा तुकिया है
15:57कुछ भर कुछ सा नहीं हो करो
16:03नहीं हो करो
16:24कि इस लड़की में तो हमारी जान अटी यह सब्की को कुछ हो जाता है तो हमारी जान पे परनाती
16:32है अब तेखो ना तीन घंटे हुए है पूरे एक नवाला तक मुह में नहें गया है यह तो शुगर
16:42लो होती है मैसूस हो रही है
16:45अशलालेकूम अजी बालेकूम अशलाम बिटा कि डद आए यह से माह की याद नहीं आई है कैसी है माही में
16:55अब चीक है सोरी जारी अब देखो ना घर में अकेली पड़ी बो रुपती रहती है ना भाई यह ना
17:03भेण अब वो प्षेरी अब वो बिचारी अग्या जाती होगी
17:09आजकल हम गुरों के साथ नही नसल का वग कहा गुज़ता है
17:15अमजी मैं
17:19मैं सूचा था कि बच्चे बड़े हो गए
17:24इनकी शादी की फिकर करनी सागी
17:27तुम्हे तु मेरे मुझ की बात चीनी
17:30मुझे पर यासमा से यही बात करने मानी थी
17:33तु ठीक है
17:35हम कली आकर अपनी बेटी को मंगी के अंगुठी पैना देते
17:39और शादी की तारीख तै कर लेते
17:44अब व आप सच कह रहे हैं
17:46मैं इस उमर में मजाग करता अच्छा लगूंगा
17:48तो यह कुछ कपरी में भाई को गए करा आप
17:52अरे नोरीन कल की त्यारी बहुत अच्छी होनी चाहिए
17:56भई तुमारी बेटी की सुस्रालवाले आ रहे हैं
17:59अरे अम्मा इसकी क्या जरूरत है
18:01गर की बात है
18:03कोई घरवार की बात नहीं है
18:04भई हम तो पूरी तरह जशे मनाएंगे
18:07और फूर्षिया मनाएंगे
18:08तुम जब आज को फोन करो
18:13जी
18:25अच्छा तुछ से एक बात तो जाहिर होगी
18:28तुम किसी भी लमे मुझसे बदकुमान हो सकती
18:33एक ही गलती बार बार नहीं तो रहूंगे
18:38तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें
18:44तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें
18:54तुम करें तुम करें तुम करें तुम करें तुम
19:06तुम्या क्या करे हो?
19:10घर वोलों को तुम दोनों की लव स्टोरी का पता चल गी है
19:16तो हमने पहले उनसे कौन सा चुपाया था?
19:18आज ओफिशली पता चल गी है
19:22और उनने माहिन को देश निकाला दे रही है
19:25क्या कह रहे हो?
19:27आज से तुम हमारे घर रहो है
19:30ऐसा कैसा हो सकता है?
19:32तुम्ही ये फैसला को बूल नहीं है?
19:34हर्गेज नहीं
19:37तो ठीक है
19:39मैं गायवलों को जागे बता जता हूं
19:40कि तुम दोनों ने शादी से इंकार किते है
19:42जैद
19:43एक सिकंद बास सुन
19:56जोगों तुम दोनों के कल मंगनी है
19:58अच्छा
19:59आप भाई को एहमक कह रहे हैं?
20:01हाँ
20:01वेल ड़न
20:29करी तुम थेसा
20:29करी शोनोगा
20:31लून
20:31प्रुमफ बास
20:56मुझे समझ में नियारी कैसे होंगे और कब होंगे?
21:00कैसे गाम अमी तो पोस्टियू की तरा पढ़े रहो यहां पर उठो मुझे बाजा जाने
21:05प्लीज आपको लेज़े
21:08माहीं चाहती है के मंगनी का जुड़ा तुम्हारी मरसी का
21:16यह उसने का आप से?
21:18लड़के ऐसी बाते अपने मुझे नहीं कहती
21:45जल्दी करो चो मैं जारे माहीं को बलाकर लाती हूँ जल्दी आओ
21:48जल्दी आपको प्लीज अल्दी के लिए का जुड़ाए को यह भीज़ा तुम्हारी माहीं को अगुटी भाई खुद पिनाएगा
22:04जल्दी बात है मत किया करो तुम्हारी दादी को ऐससे बाते बें पसंद नहीं है
22:08तो बस ठीक है ना, एक मंगनी की तकरीब हमा अलग से रख लेते हैं
22:11तो पिटो गया मुझ से
22:12अम्मी आप किस दौर में रहती हैं
22:15देखो, मैंने तुम्हे कह दी ना जेर, जब तुम्हारी अपनी मंगनी होगी ना
22:18तो जो तुम्हारा दिल चाहेगा वो तुम कर लेना
22:21लेकिन उमर के मामले में मैं किसी की नाराज़गी का रिस्क नहीं लूगी
22:25मैं अम्माजी से कहूँ तुम उन्हे कुछ नहीं कहूँगे
22:28खामोशी से घर बेटे और अबबा आ जाएगे तो खाना स्थ कर रहाँ और उनके साथ बेल काना खाना और
22:31मैं जा रही हूँ
22:33हाथ होगी हमारे जनरेशन के जजबातों कोई समझता ही नहीं है
22:37चाचू मानगे चाचू की क्या जुरत है कि वो इंकार करें टेट फिक्स होगी अब तुमादी पेस सर्सो ना जबाओ
22:45सब हो जाएगा अगर उमर में कोई इखलाकी कमजोरी होती तो मैं इस रिष्टे का सोचता भी नहीं अच्छा पच्छा
22:52है बस भाईजा हमें उमर की कसीदें नहीं सुनने होगा वो अच्छा लड़का लेकिन मुझे पसंद नहीं
23:15मैं आपको बता रहा हूँ हर चीज टाइम पर पहुंचनी चाहिए वरना मैं आपकी कोई पैमेंट नहीं करूँगा
23:21मेरी पेटी की इंगेजमेंट है कोई मामुली बात नहीं है अच्छा ठीक है अला आफ़ेज
23:31और बताओ क्या करना है सुरें बोठी वगर अलेन जाना है वो तो मेरे पास है फिर तो बहुत अच्छी
23:37बात है मैं जब तक बाकी इंतसाम देख तो
23:45सुनिया आप इतने मुतमें कैसे है क्यों क्या हुआ वो लोग तो उमर के रिष्टे के लिए आ रहे थे
23:52और आपकी बेटी की खुशी भी इसी में
23:57मुझे माहिन की खुशी हर चीज से ज्याद अजीज है मैं माहिन की खुशी के लिए कुछ भी कर सकता
24:03हुआ इनका भी कुछ समझ में नहीं आदा कभी कुछ और कभी कुछ
24:17कल तक जिस शक्स को नफरत कर दे थे हाज उसी को दमाद बनाना जहाते किसीन सच का है
24:27और आद होदी है ऐसे चीज से चलुग अल्लाद होदी है एसी चीज से चलुग अरे अल्ला ने मेरी बेटी
24:35की दुआ दो सुन रही है
24:42φोर की
24:44सब्सक्राइच
24:44अरे तुम लो तुमसे एड़ी कमारी दादु से निए इसे बड़ती है, आप लिनी तुमने मंचनी क्या
24:49ओसानी भी खामुषी सी शिकर लेनी था
24:51अब ऐसी होजिए बाती है
24:53मार्केत हम ठूब के नजर लगा देते हैं, उन्लोकी अद्दो अच्छु इसब छोड़ना
24:58सब मर्या हो
25:00है और सली नियुसे centrale
25:02म 뭔 नियुस्तर ही, लाऊजिकप्राएं
25:04दुधारी खिशको ल yang माल को, रिल्ली principle
25:43हाई
25:45हाई
25:46कैसा लगरू
25:48अरे बाह
25:49तुम तु ऐसे लगरू जैसे तुमारी मंगने हूं
25:54तो पागल, मैं मुजाकरा था, बहुत अच्छे लग रहा है
25:58अच्छा, फॉन अन रखना, लंबे-लंबे की खबर करूँगा
26:06ऐसा भाई नसीब वालों को मिलता है
26:09मेरी हर खुशी में मुझसे ज्यादा खुश होता है
26:12अच्छ मेरे हर दुख में मुझसे ज्यादा दुखी दा
26:45अच्छ यह स्माइल करें के साब, जाचू
26:49यह
26:52जा दो
27:03अब अगर आप लोगोंने लड़की वाले बनकर हमारा रवाईती अंदाज में इस्तअपाल किया है
27:13तो हम भी बाजाबता तोर पर आपके आगे जोली पहलाते हैं
27:18क्या बात करते हैं भाई जाब अपनी चीज भी कोई मांगता है
27:22फिर भी अम्मा जी आपकी इजाज़त से हम माहीम बेटी का हाथ उमर के लिए मांगने के लिए हैं
27:36उमर?
27:42तेकित महमान तादो लेकिन बेकिन कुछ नहीं चाचो आपस हां मोदे हमारा लड़का जजबाती है उस्ते वाला है लेकिन आपकी
27:52बेटी को बहुत कुछ पखेंगा
27:55मैंने कब इंकार किया है हाँ होगी पुम्बारेक हो मैं खुछ कपरी हुमर तो जेकर आता हूं जाची आप महीं
28:04को लाइं पर असम किरू करते हैं
28:09चलो मारें तुमारे कुछ क्लोज अप बनाते हैं हाँ सेकर अचा अब दिखाओ अरे रुको दिखा देगी ना वो तुम
28:23जहाँ ठहर जाओ दिखाने कि तया ना सही थोड़ा ही शर्मा दो अरे ये क्यु शर्माएगी इसका हाल तो वो
28:29है मैं ओड़ी इड़ी जावां हवा �
28:31अरे दोख. अरे दो आए बनाते हैं हम अरे इसके कुछी तो बनती है इसको जाहा आओगो ते पाने चाह
28:35रही है ना घर शोड़ दाने का दुख और ना जर्वाय के सश्टाज के छंचेथ तुम क्या कर रही हो
28:40तुम्हारी फिक्चिर दुमर को सैंड कर दर्य हो अरे? और क्
28:53और मारे बस्ति कहले है और अधि रइस खाम भाःवसे नहीं ऊटा, आएट ले दो
29:01साद ही सेंडु, तुक्ति है, तुक्ना अधिस है? तुक्या आपश्ग नहीं है
29:06�ientes का उप मैंना भाईयो
29:20भावी अभी मेरी बात मुकमल नहीं हुई
29:24भाई जन माहीन आपकी बेटी है
29:26और मैं उसकी शादी आपके बेटे से ही करूँगा
29:31किसी लेपालक से नहीं
29:37माहीन का रिष्टा मैं
29:39जैद के लिए कबूल करता हूँ
29:45कमस का मेरा खून तो है
30:00उमर
30:04कहाँ हो भाई
30:08इस लड़के का कोई काम सिदा लिए तो
30:13यह वाली पाक करते है
30:25हाँ जैद काम से निकला था तुम बोलो सब पहर है
30:32मैं तो परिशान ही हो गया था
30:35सब ठीक है
30:36हाँ मैंने सोचा आ के भाई को मुबारक बात दूँ गले मिलू लेकिन तुम तो गाइब हो
30:43चार्चू मानगे है चार्चू की क्या जुरत है कि वो इंकार करें
30:47देट फिक्स हो गई
30:48अब तुम हातेली पे सरसो ना जबाओ
30:50सब हो जाएगा
30:52अच्छ तुम दो मिनटों को मैं भी आ रहा हूँ
30:54नहीं मैं जा रहा हूँ
30:55ने ने प्लीज सुम कही है जा ना
30:57मैं महेर के लिए गिफ खरीद रहा हूँ
30:59तू मुस्खे देना प्लीजत
31:01तू मुस्खे दे दे देना
31:02ने ने नी मैं इस वख उससे मिलना नी
31:06क्योंकि कोई ऐसा काम ना चाहतब बिलकि मैं कोई ब्लू करना चाहता
31:08पर जिक frightened
31:08प्रूए दरास करें। पता नहीं वो किस तरह मान गए तो बिगड़ी ना जाए।
31:12मंगनी से पहले ही इतना से ना हो गया मेरा भाई। तो शादी के बात क्या करेंगा।
31:16अच्छा ज्यादा बखबख ना करो, आरो हूं।
31:22यह फ्राक करते हैं।
31:27यह आप क्या कह रहे हैं, जबार भाई।
31:30मैंने गलत क्या का है।
31:32इस तो कह रहा है।
31:33हमने माहीन करिष्टा जाद के साथ करना है।
31:35अपने पोते के साथ।
31:37यह उमर कहा से आगया भीज में।
31:42आपके हाथ में पला बढ़ा है वो।
31:44आज भी आप के रहा है, अमा?
31:46जिस बाती होने से हकीकत बदलने जाती आश्मा,
31:50वो रह्मान का बेटा नहीं है, बालने से बेटा नहीं हो जाता कोई।
31:56इस रख यह बात नहीं हो रही।
31:58अमा जी।
32:00जबार, यह हकीकत तो बहुत पुरानी है।
32:06हम सब वाकिफ हैसे और वो बच्चा इस घर में पला बढ़ा है अब बरसर रोजगार है कोई कमी नहीं
32:16है उसमें है बहुत खूब पहले तो कमियां ही कमियां थी अगर माहीन आपकी बेटी होती तब ही आप यही
32:25फैसला करते यकीनां माहीन मेरी बेटी है अगर अगर हमर में को
32:33कोई इखलाकी कमजोरी होती तो मैं इस रिष्टे का सोचता भी नहीं है उमर अच्छा पच्चा है बस भाई जा
32:39हमें उमर की कसीदे नहीं सुने होगा वह अच्छा लड़का लेकिन मुझे पसंद नहीं और माहीन के लिए तो बिलकुल
32:47पसंद नहीं जब बार भाई इस नह
32:50करें मैं उमर के लिए गारेंटी देती हूँ वो माहीन को बहुत खुश रखेगा मैं माहीन को खुरेजस से लगा
32:57के रखूंगे आपकी बेटी मारे घर में राज करेंगी और बैसे भी उन दोनों बच्चों की खुशी से जानता हूँ
33:02कि मेरी बेटी की खुशी किस चीज मे
33:04कि उमर के साथ शादी के बाद वो कभी खुश नहीं रह सकती है वो कम उम्र है ना समझ
33:11है वो अपने बारे में दुर्स फैसला नहीं कर सकती है मेरा फर्स है कि मैं उसे सही रास्ता दिखा
33:16हूँ
33:18अमा जी आप जब आरभाई को समझाए मेरे बेटे का दिल टूट जाएगर मैं तो बहुत उमीद लेकर आई थी
33:24लौरीन तुम तो जानती ने अपनी बेटी की दिल के खायश को देखो आश्मा हमने दोनों बच्चों में कभी कोई
33:31फरक नहीं रखा पर रिष्टे रातों की
33:34बात और है और अगर बापी नहीं चाहरा तो मैं क्या कर सकती हूं एहमान आप खामोश क्यों है कुछ
33:40बोले इनने समझाए उमर बहुत जबाती है वो कुछ कर बैठेगा आप चाहती है कि मैं अपनी बेटी का रिष्टा
33:46एक ऐसे लड़के से करते हूं जिसके हर वक्त कुछ
33:49करने का धड़का लगा रहता है आखिर मैं अपनी बेटी को ऐसा गयर यकीनी मस्तक्बिल क्यों दूँगा जबार भई वो
33:57ऐसा नहीं है मैं उसकी यारेंची रेती हूं मुझे पता आप उससे नाराज रहते हैं लेकिन वो ऐसा लड़का नहीं
34:07है आप चाहेंगे तो वो आ�
34:47से लहदगी में कुछ बात करें
34:52हम एक बार सोचना होगा हम इस तरह अपने बच्चों के खुशियां बरबाद नहीं कर सकते हैं और वैसे भी
34:59माहीन बेटी
35:00माहीन बच्ची है अब खेलने को अंगारा मांगी तो क्या मैं उसे दे दूँगा अगर तुम चाहो तो मैं चाहदाद
35:08का कुछ हिसा
35:09भाई जान हमारे पस जो कुछ भी है माहीन और जैद का ही तो है उमर का उस पर कोई
35:16हक नहीं
35:19और वैसे भी शायद आप भूल रहे हैं भाबी और उनके वालेदेन से आपकी एक कमिट्मेंट हुई थी
35:25कि आप उमर को पढ़ा लिखा कर इस काविल बना देंगे कि अपने पैरों पर खड़ा हो सकते बस आपकी
35:33यहीं तर कमिट्मेंट थी
35:35आज वो अपने पैरों पर खड़ा हो गया है जा यहां से जा कर अपनी जिंदगी बनाएगा
35:43मैं यह बात नहीं कह सकता उमर से तो मैं कर दूँगा
35:50देखो शादी के बाद उस घर का हिस्सा बन जाएगा और उसका बाप हमारा रिष्टेदार था दूर परेगा
36:01और मुझे यह समझ में नहीं आ थी कि आप अवर के लिए तनी कोशिश इंग क्यों करते हैं
36:07आपकुज़ जायत का कोई खयाल नहीं
36:12अमां, अमां वो दूस्थे उसे को बहुत चाहते हैं
36:15वो एक दूस्तेके बगर नहीं रह सकेंगे
36:17आप अमर करनी माहीन पर तो सूचें
36:21यह क्या चकर चल रहा है
36:23और तुम आँखे बान करके सो रही थी
36:25तुमेने पता चला कि तुमारी लड़की की तर जा रही है
36:28अरे मुझे पता होता ना तो मैं पहले माहीन को बता देती
36:31कि उसका रिशा सिर्फ जैज दे हो सकता है
36:34उसे समझाने की बहुत कुशिश की थी
36:37अच्छा तुमें पता था
36:44मैं सिर्फ ये चारों के
36:46माहीन मेरे घर में आएगी
36:49तो खुश होकर आए
36:51और उसकी खुशी उमर के साथ है
36:54मैं उसका बाप हूँ
36:57मैं जानता हूँ कि माहीन की खुशी किसमे है
37:01मैं उमर के साथ माहीन की शादी हरके सही होने दूँगा
37:04ये बात आप सुन ले
37:08मुझे लगता है आप उमर से डर रहे हैं
37:13डर नहीं रहा हूँ
37:14अगर डर नहीं रहे हैं तो फिर आज ये हकीकत उमर के सामने रख दे
37:18कि वो आपका बेटा नहीं है
37:21अपने गुरूर समयत मूँ के बल गिरेगा
37:24उसे तो एहसान मंद होना चाहिए
37:26कि अपने चाचाओं के टुपड़ों पर पलने की बज़ाए
37:29उसने यहां पर एक इज़त की जिन्दगी गुजारी
37:33और अब
37:36उसे इज़त के साथ यहां से चले जाना चाहिए
37:45और तुम कितनी चुनाक और तो बज़ाए रह्मान का इसान मानती
37:50कि उसने तुमारे बच्चे को पढ़ाया लिखाया उसको जिन्दगी में कुछ बनाया
37:54वन्ना यतीम खाने में पल रहा होता वो और तुम यहां साथिचे का ज़ए थी
38:00मैंने क्या साथिच किया अगर रह्मान ए उमर के सब कुछ किया है तो मैंने भी तो
38:04तुमने माहीन को ना इमर के जरीए काबू करने की कोशिच की है ताकि उसको जैदाद का हिस्सेदार बना दूँ
38:12मगर ये बात कान खोल के सुन लो कि ये जैदाद जो है ना ये तिरफ पस्रफ जैदी है
38:18मैंने तो कभी जैदाद के बारे में सोचा भी नी अमा मैं तो बस इतना जानती हूं कि वो दूनर
38:23दूसर से बहुत महापत करते है बस करो ये बेशर्मी की बाते तोबा अल्ला इस वारत के खर से बचाए
38:30अमा जीब ठीक है जैसे आप लोगों की मर्सी मुझे जैद और आहि
38:43मैं करिष्था मंजूर है
38:55वे गानगी मैं प्रंते मायूं आप्सामे
39:02वे गानगी मैं प्रंते मायूं आप्सामे
39:10मुझे नीचा दिखाने के लिए ये किया उना ने
39:13भाई तो मेरे रिष्टे से इंकार कर सकते थे ना
39:16तो मेरे मुकाबिल तो म क्यों हो जैद
39:19जैद अमर पर जान देता है
39:21तो क्या अमर मेरे बेटे की जान लेगा
39:25मैं अपनी सारी गल्तिया मानने को तयार हूँ
39:28जिस तरह का आप चाहेंगे अजाला करूँगा औन गल्तियों का
39:32पापस ये जुल्म ना करे हमारे से अमर मैंने कोशिच की थी
39:40चाचु ने इंकार करती
39:43लेकिन जैद ने तो काता हूँ उन्हें अन्हें करती
39:47ये नहीं हो सकता ये नहीं हो सकता
39:52मुझे ये जालमाना फैसला कबूल नहीं है
39:57जैद
39:57नू
40:00नेवर
Comments