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  • 2 days ago
Begangi - Ep 4 aPlus Drama

This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!

Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari

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Transcript
00:01ना होती ये रहे तन्हा के लिए
00:09ना आखो में साबन जड़ी आठा हड़ती
00:18होते ना तुम बेगाने तुम तेना यू अफसाने
00:26तुम बेगान की मैं तुम तेना यू अफसाने
00:36ये क्या बस्ते मीजी है?
00:38मैंने से नौकड़ी से निकाल दिया है
00:40उसकी शेपर्ड वरकस हमारे खिला हुट खड़े वोड़ी
00:45अच्छा खासा चलता हुआ काम ठाप हो जाएगा
00:48तुम्या अजर और क्या चाहिए
00:50क्योंसा कोई अनोखा काम करती है?
00:51क्या दुनिया का हर बाप ये काम नहीं करता?
00:53लेकिन दुनिया की सारी अलाब वो नहीं करती जो तुम कर रहे हो
00:56फेरोज की क्या इस से पहले कभी माली इमदाद नहीं की गई?
01:00अईसा नहीं होता अगर उमर साभ इस मामल में ना पड़ते हैं
01:03यही तो, तारा शेहर उसका है
01:07बद लिहाज यह भी न देखा कि किस के मुकाबल आकर खड़ा हो ना है
01:12जुब क्यों है रह्मान भाई, वैसला करे
01:16हमें फैक्ट्री सील कर देनी चाहिए
01:23अमर को बलाओ
01:27मैंने कहा है अमर को बलाओ
01:31यह से
01:36अमर से क्या बाग करें गया आप
01:39सारे फसाद की जड़ हो ही तो है
01:46जबार मुझे उमर के साथ बाद तो कन है
01:50देखने तो दो के उसके दिल में क्या है
01:53और वो हमें कहां खड़ा कर रहा है
01:56भाई जान मुझे समझ में नहीं आती कि आप उस लड़के के सामने इतने बेबस क्यूं है
02:10में बेबस नहीं हूँ है
02:13मैं उसे दील दे रहा हूँ
02:16संबल गया तो ठीक है
02:20वर ना मुझसान का सेमेदार वो खुद होगा
02:39मेरा तो सर फटा जा रहा है
02:42इस लड़के ने तो कर्सम खा रहा कि इस कर को बरबाद करने की
02:46अरे वाप के साथ खड़े होने के बजाए उसके ख़लाप खड़ा हो गया
02:53जब मशीन लेकर मेरा बीपी चेक कर
03:01अरे आपकी तो नपस बहुत तेज चल रही
03:04असमान पे उड़ रही है
03:05वो कभी बीपी यहां से चेक हुआ है
03:09सुच्ति की मारी भी कहीं की
03:12जाजबार को फोन कर
03:13किया था वो उठानी रही
03:15या अल्लाँ मेरे बेटों पर रहा हम कर
03:18पता नहीं कैसी कैसी अजमाशे आ गई हो उन पर
03:22मैं पूछती हूँ यह लड़का किस जनम का बदला ले रहा है हमसे
03:26क्या बुरा किया है हमने इसके साथ
03:30ओ तुम किदर जा रही हो
03:31मैंने तुम पर पंदूक नहीं तान देनी
03:36अमाजी वो मैं बरतन लेने आई थी
03:39हाँ हाँ तुम लोगों को तो बरतनों की पड़ी दी है
03:42अरे तुम्हारा बेटा जो है वो जंडे जो गारड़ा है मैदान में उतरके
03:46तुम्हारे लिए तो फखर का मकाम है
03:49अमा जी में भी उतनी ही परेशानी अरे रहने दो अपनी परेशानी इतना
03:54ख्याल होता न तो अपने बेटे को समझाआ के रख दी वो तो है
03:59मुझो और मा अरे मा की शैपर उंचल रहा है
04:07अमाजी मैं क्यूं ऐसा करूंगी
04:08बात सुनो बहू
04:10जिस तरह तुम्हें अपना बेटा प्यारा है न
04:12उस तरह मुझे भी अपने दोनों बेटों से प्यार है
04:14फोन करो उमर को
04:17अगर नहीं मानता न
04:18तो उसको कार में बंद करो
04:20जब तक ये सारा सियापा जो है न
04:22निमटनी जाता
04:24और अगर ऐसा ना किया न तो मैं कह रही हूँ
04:26तुम्हें बहुत बुरा होगा
04:41या लाओ मदर की मदद कर
04:44उसे इस मुश्किल से निका ले
04:48अबबू और तायबू उसकी तरफ से बदकुमान ना हो
04:52अगर मर हब पर है तो उसका रास्ता असान करते मेरे मालिक
04:58इसे पर उसने कौन से कोई गलत काम किया
05:01एक मजदूर की मदद ही तू किया
05:09ये तुम क्या उसके लिए मुश्किला बच्छा के बैट जाती
05:19अगर मैं कुछ कहूंगी तो आपको लगएगा कि माहीं बत्तमीज और बतल्याज हो गई
05:26लेकिन मैं क्या करो उसके लिए दूआ मांगे बिना नहीं रह सकती
05:34जिसके लिए हमेशा से दूआ मांगती आई हूं एक दम उसे अपनी दूआउं से कैसे निकाल दू
05:39ने अभू को अची तरह से जानती हो ना ये मुम्किन नहीं
05:45मौट से भी तो हता है मुझे सारी उमीदें उस जासे हैं जिसने उमर के लिए मेधले में मौपत पैदा
05:51कि
05:51क्या बक्वास करे यह तो अपनी मा से इस तरह की बाते करते वे तुमे शरम निया थे
05:59मा सैली भी थो होती है अगर मेरे लिए कुछ करने ही सकते हैं तो सुनी लिया करें
06:10महें
06:12महे
06:15महे
06:18महें
06:18तो अपने यह तो जाप बहुते में जबाश साफ तो प्रेक्टी को तालबागा कर अपने कि जबरू में अन्या पर
06:34बोगुषा है
06:36मैं मैं कैसे संग्यों कि मेरा इससे कोई तालुक नहीं है
06:40एक से
06:43हाथ हौला रख मेरे भाई सामने अपने ही अबा है
06:48आप अंदर जाए में आ रहा हूँ
06:53जी अम्मी
06:55कहा हो तूँ
06:57बादशाह सलामत के दर्बार में हाजरी देने जा रहा हूँ
07:01अमर मेरी एक बाद कान खोल कर सुन लो
07:04अगर आज तुम्हारे अबा नाराज होकर घर आए तो पर तुम भी घर मता लाए इस घर में फिर तुम्हारे
07:10लिए कोई जगा नहींगे
07:11सुन लिया तुम लिया तुम्हारे जी ठीक है
07:31हम पाद बेटे को कोई भी ऐसी चीज नहीं है जो एक दूसरे के मुकाबिला के खड़ा करते
07:37तुम थेक है तुम्हें लिखाया पढ़ाया किसी काबिल किया इसलिए कि तुम मेरे वुफाले ग्रूप के साथ मिलकर उच पर
07:46कीचे भूचा लोगा
07:47कि मैं प्रंते मैं यू अफसा में
07:57तुम्हारे प्रंते मैं यू अफसा में
08:06आपने ऐसा क्यों का खुदा की गसम घर नहीं आएगा तो फिर उमर पर यकिन तो तुम्हें भी ना हुआ
08:14आपने ऐसा क्यों का तुम्हें भी लगता है कि उसके अब बनारास हो कर ख़राएंगे
08:24मैं वो जुकर लूँ है शुकराने के नफर पढ़ने पढ़के तो उसका करम बनास तख़वार पढ़ लूगे
08:51अगर सामने खड़े होने की हमत है ना तो आँख में आँख टाल कर बात करो
08:58अबू यहां जो कुछ भी हो रहा है उसमें मेरा कोई हाथ नहीं है मैं तो सिर्फ मामलात को ठीक
09:03करने की कोशिश कर रहा हूँ
09:07माफ कीजेगा यह सब चाचू की गलत पॉलिसीज का नतीज़ है तुम मुझे क्या समझते हो
09:12मैं बेवकुफ हूँ जाहिल हूँ यह सारी उमर झखक बारी है मैंने
09:19उमर साथ यह सब कुछ मुझे बाप से विर्से में नहीं मिला था तुम्हारी तरह प्लेट में सेचक नहीं मिला
09:26था बलके इसके लिए मैंने मेनत की है
09:29कोलू के बैल की तरह दिन से रात मेनत की है तब जाके मेरी कोई साक बनी है इस कारोबारी
09:35दुनिया में
09:36इसलिए नहीं कि तुम तुम्हारा कद जिस दिन मेरे कद से बढ़ा हो जाए तुम इसे दो कोडिका करतो
09:44तुम थेक या तुम्हें लिखाया पढ़ाया किसी काबिल किया इसलिए कि तुम मेरे बुखालफ ग्रूप के साथ मिलकर पुछ पर
09:53कीचे रुचा लो
09:55यह सिला दिया तुम्हें मेरी कुरुबानियों का वगर मैं तुम्हारी तरण कंसर्फ नहीं है
10:07मैं तमाशा नहीं दिखाऊंगा उन लोगों को जिन लोगों ने तुम्हें मेरे सामने लाक ना किया है
10:14पैसला तुम्हें करना है उमर कि तुम लकीर के इस तरफ खड़े हो या उस तरफ
10:22काश, काश आपने थोड़ी देर और इंतजार कर लिया है थोड़ी पता चल जाता कि मैं किस तरफ खड़ हूँ
10:44मस्तोर, मस्तोर
10:50मस्तोर, मस्तोर, हाई हाई
10:52मस्तोर
10:52MAVDWA
11:15मैं ये तो नहीं जानता कि किस के उक्साने पर आप लोग यहां आकर जमा हूँ
11:21मगर सिर्फ एक सवाल आप लोगों से पूछना चाता
11:24क्या बॉस और वरकर्स का रिष्टा इतना कमजोर है
11:28कि आप लोग बत गुमानी की इस हट तक आप उचे
11:30और जो कुछ फिरोस के साथ हुआ वो
11:32फिरोस के साथ जो उसके बाद हुआ किसी को मालूम हूँ
11:36किसी को मालूम है कि उसकी बेटी का उपरेशन हो गया है
11:39और वो घर भी आ चुकी है
11:41उस उपरेशन का खर्चा उसकी दवाई का खर्चा कौन उठा रहा है
11:45सब जानते हैं वह आपने उठाया है
11:46मैं कौन हूँ?
11:47कौन हूँ मैं?
11:49उमर अब्दुलरह्मान
11:51अपने बाप की फैक्टरी में कांग करता हूँ?
11:54अपने बाप की कमाई खाता हूँ?
11:56क्या मैं कोई भी फैसला अपने बाप और चाचा की मर्शी के बगाईर कर सकता हूँ?
12:02आज से पहले अगर कुछ भी किसी भी वर्कर के साथ इस फैक्टरी में घलत हुआ है
12:07या कोई वर्कर किसी प्रॉब्लम में पढ़ा है
12:09तो क्या अब्दुलरह्मान पीछे हटे?
12:12बताएं आप लोग मुझे
12:14कितनी असानी से आप लोग ये फ्ले कार्ड लिये हरताल की धमकी दे रहे?
12:18हम सब जानते हैं उमर्साब
12:19जो कुछ फिरोष के साथ हुआ हुआ हुआ हमारी आगों के सामने हुआ है
12:22उसे किस तरह बैस्दत करके यहां से निकाल लगाया
12:24तो इस मुझे फिरोष कहा है?
12:26या क्यों नहीं खड़ा आप लोगों के बीच में वो?
12:28मैं आपको बताता हूँ वो कहा है
12:31वो इस वक्त मिठाई लेके अब्दुलरह्मान के घर गया है
12:34शुक्री आदा करने कि उसकी बेटी को सहत मिली
12:37तो फिर क्या उसे नोकरी मिल गई?
12:38उसको नोकरी पे नहीं रखा जाएगा
12:41इस कंपनी के कुछ रूल्स हैं
12:44रेगुलेशन्स हैं, कवानीन हैं
12:46और अगर कोई भी वरकर उन रूल्स को तोड़ेगा
12:49तो उसको सजा मिलेगी
12:52फिरोष ने ये रूल्स तोड़े हैं
13:07ये अब्दुर्रह्मान साब का वादा है
13:15अगर इस वादे के बावजूद भी
13:17आप लोगे हरताल जारी रखना चाते हैं
13:21तो शौक से रखें
13:23शुक्रिया
13:44सब कुछ ठीक कर लिया उसने
13:48विगार कर ठीक कर दिया
13:50वहकर इसकी नजर में भी कुछ उंचा हो गया
13:54लिखिन हमारा नाम उसे नीचे नहीं होने दिया
13:57ये तो तुम मानोगा
13:59भाई जान एक दिन आपका कारोपर बरबाद करके छोड़ेगा
14:03तो मुझसे कुछ ज्यादा ही खफा रहते हैं
14:07खेर, मैं घर जा रहा हूँ
14:10बाकी तुम देख लेगा
14:45तुम्हारे जिमें में एक छोटा सा काम लगाय था
14:47तुमने वो भी ढंक से नहीं किया
14:49सर मैंने तो सारा खेल सही बनाया था
14:52उमर साब ने आकर सब गलबल कर दी सर
14:55और सर उमर साब के चंड लफजों ने ऐसा जादू किया कि सारे वरकर ही बदल गए
14:59जादू के बच्चे
15:01तुम्हें क्या खाक सिचुएशन बनानी आती है
15:03जब वो तक्रीर कर रहा था तुम ऐसा कुछ करते कि तोचार थपड तुमारे मूपर लगाता
15:08दूर खड़े वरकर्स ये देखते कि एक वरकर पर तशद्द हुआ है
15:12बस बंती बात भी बिगड़ जाते
15:14मगर नहीं खड़े रहे तुम उसकी तक्रीर सुनते रहे और अपना मूँ लेकर वापस चले आए
15:20अब लोग उसके लिए वहां तालियां बचा रहे हैं और तुम
15:24नहीं मन्हूस सूरत लेके मेरे सामने खड़े हो
15:26सर उमर साप कर गुसा बेल अगाम नहीं है
15:29सर वो गुसा उसी वक्त निटालते हैं जब उन्हें गुसा दिखाना होता है
15:32ठीक है तुम बैठो यहां उमर पर किताब लिखो
15:36इसे कैसे निकम्मे लोग मने भर्ती किये हैं
15:40सर वैसे उमर साप से आपकी दुश्मन ही किया है
15:45पक्वास बंद करो
15:47खबरदार जो आएंदा मुझसे इस तरह के एहमकाना सवाल करने की जुरत भी की तुमने
15:51सुना तुमने दूर करो अपनी शकल यहां से
15:55एहसान फरामोश
15:57वो वक्त याद है तुम्हें जब भूके नंगे सडकों पर भीग मांगते दिर रहते थे
16:02तब तो एक छटांग भर जबान चलाने की भी हिमत नी थी तुमने
16:05और अब
16:06जब तुम्हारे पेट में कुछ रोटियां चलीगे तो मुझसे सवाल करने लगे हो
16:11माफी चाहतों सर गलती हो गई
16:12जाओ यहां से
16:14तो सुनो
16:16अबरदार जो किसी को भिनग भी पड़ी किस अफरा तफ्री में किस का हाथ था
16:20बेदर सर
16:39बड़ साबा
16:41कहां जारे हो अजी
16:42मैं
16:43मैं धर जा रहा हूँ
16:45अच्छा
16:46अभी तो छुटी नहीं हुए
16:48काम भी तो नहीं हुआ
16:50वाकई
16:51वो काम तो बिलकुल भी नहीं हुआ जो तुम चाहते हैं
16:55यह आप कैसी बाते कर रहे हैं जो नहीं बताओ
16:58पता तो तुमें सब
17:00लेकिन अब तुम मुझे बताओ
17:03वरकर्स को वरगला कर हर ताल पे अमादा किसके इशारे पर किया
17:08यह यह आप कैसी बाते कर रहे हैं जो कुछ हूँ आपके सामने वो भला मैं किसके इशारे पर काम
17:13करूँगा
17:14बताओ मुझे अधिया परना दो चाट पसलिया दो के यहीं पिक दोगा
17:21इसके कहने पर यह सब किया और क्या मकसद था इसके बीचे
17:26मुझे चोड़ दो मुझे मैंने कुछ नहीं किया
17:28लेकिन मुझे सब कुछ नजर आए
17:32कौन है वो लोग जो हम लोगों के बीच में इंतशार देखना चाटा
17:36फिरोज हर्ताल में मौजूद नहीं था तो तुम लोग हर्ताल करने क्यों बैठे किसके इशारे पर
17:43सब मुझे सोबते मैंने कुछ नहीं किया
17:48ठीक चाने दूंगा तुमें
17:51लेकिन एक बात मेरी याद रखना है
17:55हम पाप बेटे को कोई भी ऐसी चीज नहीं है जो एक दूसरे के मुकाबल लाए खड़ा करते
18:00मैं हमेशा उनके बराबर खड़ा रहूँगा
18:06तुम्हें अगर यूनियन लीडर बनने का शौक है ना तो किसी और फैक्टरी में जाके बनाओ
18:12मैं आपकी शिकायत इजमान साब से करूँगा
18:15शौक से करना शिकायत में लेकिन सुभा इस वक वो खरल जा चुकी
18:21चलो जाओ
18:22जाओ
18:24करेंशत
18:32करना श्रुम में रह प्री आफ
18:56वालेकमसलाम
18:57जोगया तो आत्मारा मार का खतम है
19:00आपकी दूआ से
19:01तो बताओ कि कोई ना कोई रंगामा किये बगायद नहीं आजम होता
19:06मैं रंगामा कहां करता हूं दादी नोचीबते खुद मुझ से आके गले मिलती है
19:11हाँ गले आके तुमें मिलती है तुम किसी मुझीबत से कम हो
19:16हले बताओ है एक्टरी बांद होते होते बच गई
19:20और वह भूड़ा है तुम्हारा मदूर कूं मिठाई का डबा लेकर आगर आगा हमारे घर
19:26बला बताओ है कम बाताओ होने पर कुछ मिठाई की डबा लेकर आता है
19:32ऊसकी गेटी की अप्विए थीक है
19:34नहामने तबरा निका रहा हाना था उसकी बेटी के साथ
19:38ब्रावो ब्रावो
19:39क्या रावह यार मतलब के तुमने तो कमार कर दिया
19:42साद़ कर दिया कि तुम ज onder रтивरिव मन कर दिया
19:46तुम स्क्रिब्सटा पत्ने की जौरोत नहीं
19:48तुम्हें ने पता मेरी जवान पभू तो घर उड़ते उड़ते आये
19:51ब्लड पैसर शूगर सब लेवल फिक्ट
19:55अजय बाप सरू
20:06कहा है
20:33क्यों हो इतनी परिशान परिशान
20:37क्या कभी ऐसा हुआ है पैल तुमने कहा हुआ उमर इसे ठीक कर दो
20:42और मैंने भू ठीक ना किया
20:50कोड़िया काभासु टूब सरेकर थाएकल के चीन अधरने तरने कि
21:01कॉलेश के मसाल से लेकर अबूसे फरमाईश्ती अबबू से फरमाईश्ती अबबूसे झापी ने
21:13तो परिशानी जी बात है
21:20क्योंकि इस बार ना तो कुईया का बास हो टूटा है
21:24और आई साइप्रे के चेन उतर ही
21:29इस बार तुम्हारे सामने
21:31मेरे अबू है
21:35तो फिर तो मेरी जम्मेदारी और बढ़ गे
21:40तो मैं सब ठीक करती
21:45अल्ला ने सब ठीक करती है
21:51तो फिर उस लड़के में दम तो है
21:54तब इसकी बातें सुनकर पिखल जाते हैं
21:56यही तो चलाग लोगों की निशानी है
21:59जो भी सच यूट कहें लोग मान लेते हैं
22:02जिसके लिए तुम केक बना रही हो वो घर पे नही है
22:05अमर चलाग या
22:11युशा था ओँ हो तो उमर भी खा लेता है
22:14वेगान की में पांते मयु अश्याने
22:22ग़्यान के में पांते मयु अश्याने
22:32अब भ़शे है
22:36अब हम अब क्यूआ ने तो मुछ पता ने
22:39एक वो छोड़ो इती टेंस क्यो हो तो क्या टेंशन वाली बात नहीं थी?
22:45सब घर वाले परिशाने किसी ने दुपाएंब लंच में लेकिया
22:51मैं आज की बात नहीं कह रहा है
22:53मैं पिछले दो तीन दन से नोटिस कर रहा हूं तुम्हें कोई परिशानी है
22:57बताओ मुझे, दिल में अगर कुछ है तो शेयर कराओ
23:01तुम्हें कैसे बताओ, नहीं बता सबती, परना अब और तुम्हारे दर्म्हारे दर्म्हात वासले और बढ़ जाएंगे
23:10एए, मने कुछ पूचा है
23:15क्या बताओ, मेरे दिल के कोई बात हम सच भी थोड़ी है
23:22चलो, यह भी मान लेते हैं
23:26तो हमेशे ही मेरी मान लेते हो
23:29यही तो मसला है
23:36क्या हुआ?
23:38थक्या हूँ थोड़ा
23:41हाँ तो जाओ, आराम कर लो
23:43हाँ, आराम कर लूँगा, अभी तक तो अम्मी से भी नहीं मिलाओ
23:49उम्हार, ताइमी बहुत परिशानती
23:51फॉरण जाओ उन से मिलो, और तुम भी सुकून से सोचाओ
23:58तुम्हारी मुस्कुराद और मेरा सुकून एक साथ बंदे
24:03तुम मुस्कुराद ओ, मैं पुर्सुकून एगा
24:12तुम मुस्कुराद एक बंदे एक बंदे एक एक एक एक एक एक
24:17तुम मुस्कून थे
24:49जब बेटा जवान हो जाए तो बाप और बेटे में फासला आ जाता है
24:55लेकि तुमने भी तो कभी फासला खतम कर ने कोशिश ने की
24:59एक कदम भी ने बढ़ाया
25:01वो तुम से क्या मांगते हैं वस बाप होने का
25:07उन्होंने मुझसे बाप होने का हक नहीं मांगा
25:10बलके मुझे पालने बढ़ा करने एक अच्छी एजुकेशन देने का हक माना
25:19क्या सारे बाप ये नहीं करते हैं मैं
25:23अपने दिल में इतनी बदकुमारी ना पैदा कर उमर
25:27अगर बाप सखत ना हो तो बेटे बेलगाम हो जाते हैं
25:31अब जायत को देखो वो छोटे होने का फाइदा उठाता है
25:36मगर तुम से उन्हें बहुत उमीदे हैं
25:39पतायत क्या हुआ जब वो घर आए तो सीदे कमरे में आते ही
25:43बड़े खुशी-खुशी मुझे बता रहे थे
25:44मुझकुराते हुए
25:45कि आस्मा तुम्हारा बेटा बहुच अलाग है
25:49उसे बिगड़े हुए काम ठीक करने आते हैं
25:53तुम्हारा बेटा
25:59ये तकसीम तुम दोनों ने की थी
26:02याद है बच्छर में तुम कहा करते थे
26:04कि जैद अबबा तुम्हारे और अम्मी मेरी
26:26मेरी बेटी बड़ी जल्दी उड़ गई है
26:28कौली जाने कर दादा है
26:30जी
26:32तुम्हारे मत्यान कब है बस दो मा रह गए गए भू
26:37जा का शुकर है मुसीबे टलिये
26:40हमारे तो सर पे पहाड़ा आगया था
26:42ये सब कुछ कैसे ठीक हो गया
26:47पर उस लड़के में दम तो है
26:50तब उसकी बातें सुनकर पिघल जाते हैं
26:53इतबार कर लेते हैं उसका
26:56ये ही तो चलाग लोगों की निशानी है
26:58जो भी सच जूट है लोग मान लेते हैं
27:03वो जूट नहीं होता है इसलिए लोग इस पहतबार करते हैं
27:12जायद बिचार तो बिल्कुल मासूम है
27:16तादो मासूम नहीं है मीसने है
27:18हार वक्त उसके पीछे ना पढ़ी दा करो
27:24वेक्षी में ताला पढ़ जाता है
27:26सोचें एक एक दिन में कितना नुकसान होता है
27:29अरे कैसे होता है
27:31कल से मैंने सुरा यासिंगा वजिफा शुरू किया हुआ है
27:34तस्वी पढ़ पढ़ के मेरा मूँ सुग गया है
27:37जिन बेटों के पीछे माँ की दौाएं होती है ना
27:39उनकी फैक्तियं बंद नहीं होती है
27:45समा जी
27:46में दफ्तर सेजता हूँ
28:04यह तो माँ की दौाएं है
28:07जो बच्चे अभी तक हफाज़त से है
28:10वरना बीवी तो दर्वादे तक नहीं छोड़ने जाती है
28:21रहने दो
28:23क्यला गया है वो
28:47उमर यह सुबह सुबह किन कामों में लग गए हो
28:49आज आपस नहीं जाना
28:50लगता है बहुत दिनों से इन्हें पानी नहीं मिला
28:52देखे ना किस तरह मुर जाग है
28:55हाँ यह बात तो है
28:57मुझे आजकल वक्ती नहीं मिल रहा इनके लिए
29:01आज क्यू ना
29:02वक्त निकाल कर
29:04इन प्लांट्स की देखबाल करें
29:07आज मूर नहीं आपस जाने कर
29:11आज भी जाने
29:12ठीके तुम्हारे को क्यों मिनाश्ता बनारी है
29:15यह
29:16प्लाओ
29:29स elaborते
29:34आज में बहुत खूशć
29:35क्यों ईपनिया नेश्य में
29:38वी पाँ आट ए
29:39ओरुश कर का
29:41और कर दोन agreements
29:45लेकिन आज मेरी खुशी के वज़ा कुछ और है
29:48क्या?
29:49बता है हुमार, अभू ने तुम्हारी तारीफ की
29:52वो कह रहता है कि उमार में कोई जादू है जो लोगों को अपने बस में कर लेता है
29:56तंजिया किया होगा
29:57तुम ने सुना ही नी दिया
29:59ऐसी बात नहीं है, असली वाली तारीफ की थी
30:02अच्छा चलो, मान लेते हैं
30:05वैसे गालिबन आप कॉलेज जा रही है
30:09हाँ, जा रही थी
30:10लेकिन फिर देखो ना, मैंने सोचा के
30:13सारे पौदे थे खुश्को गए, तो क्यों ना हम दोनों मिलकर इने पानी दे दे रहे
30:17पजूल बाते मत करो, पॉलेज जाब
30:20मैं मैंने कौन से कोई जॉब करनी ये तना पढ़के मैं क्या करूं
30:23ओ माई गॉड, तुम्हें कॉलेज जाना चाहिए अपी
30:27अर्ये
30:28माही तुभाई का दुबस चले ना आज ही हाथ पर मेहंदी लगा के सर पर दुबटा ओड़के माहीं बैठ जे
30:34अच्छा हाँ दुबटा तुम्हें मैं ओडागे
30:37हर वक्त तो मुझे तंग करते रहते हुए
30:40बचाओ, बचाओ मुझे
30:42मेरा बस चले को
30:44मेरा बस चले को
30:45मैं ठाट भुझे
30:46मेह पर रागे
30:51मेरी दादो
30:51मेरी थारी दो
30:54मेरी खुल खाओ बिली से बचाले मरना वजे खाजाएगी
30:57तुम्हे जगना लडना कम बंद करोगे
31:00मेरे हाथ से तस्वीं गिन्गई
31:02पता निए किस दाने पर थी
31:03अल्लामिया सेतना हिसाब कताब ना क्या गरें ऐसा ना हो
31:06कि वह हिसाब कथा शुरू कर तो मुझे सिखाएगा
31:11अब तू मुझे सिखाएगा
31:12तो भूप अकलमंद समझता है ना
31:14चोब लात आला अकल बांट थह पता है पफ़खिक कहा ता
31:16अरे तुम्हे 9 अर्ग उह आगे था
31:19तभी ता न्होरा भेज़ा खाली रहा ह rush
31:20सेट के बचे अभी नहीं है
31:22अभी कुछ इंतिशाद
31:24वौ
31:25मुईत तो मुटला थे जाए़ के आट आगाने के आह ए
31:31अचे, छोड़े दादी, माही तुभाही को, मैं अमी से पकोडे बना कर लागा, तुम तो नहीं कहोगी ना, तुमी तो
31:37पकोडे खाना मना है
31:39क्यों, माही कि युरी पकोडे खाये भी
31:41क्यों बनाना तो सिखले, एक अंडा तक न उबाल सकती है
31:44तुम इसे क्या जरूरते अंडा उबालने की?
31:47मतलग ये अपने पौड़पन के सब सारी रंगी हम पे मुसलत रहेगी
31:51सीखलेगी
31:52इन सारी रंगी भोगतना तो हमे पड़ेगा ना
31:55मैं हिज़ा तो ये अची बात नहीं
31:57कॉंसी बात?
31:58यही कोई मंगनी शंगनी
32:00कोई दूंदड़का
32:01कोई ग्रैंट फंक्षन
32:04तो शुर शरम नहीं आपकी?
32:05इसने की शरम उसके पूटे करम
32:09चलो
32:10अब तेरी मां को ना बताना पड़ेगा
32:12के रिवाज के मताबग लेकर रिष्टा
32:15हम हां करें ये
32:18अच्छा
32:19तो ये बात है
32:21तो ठीक है
32:21फिर ये काम भी जैद अब दुरमान खुद करेगा
32:24जादो मैं चलता हूँ
32:26मुझे कुछ काम है
32:36कीज़ रहा है
32:45फट चाहता है मेरी निमाई
32:52अच्छा
32:52असलम्लीकुर
32:53वालेकुमस्लाम
32:58क्या है तुम फैट्री में जाने
33:01नहीं आज चुट्टी का मूट था
33:05मजूर करवा ही चुट्टी
33:08जी बस वही करवाने आया था
33:10ना मन्सूर
33:13वह मैंने नहीं सो कहा था कि आज जरा मुझे
33:16आज जरा मुझे
33:18नहीं फैक्ट्री को भी देखना हैं
33:23जी
33:25तुम नहा कर तयारो जो मैं आज्टा रगारी
33:27और आदे गंटे का मतलब है आदा गंटे
33:38इतनी जर्ली कैसे पहुंचेगा वह उसके पस गाड़ी थोड़ी है
33:41जैसे फैक्ट्री के बाकी लोग पहुंचते हैं
33:47और आसमें बेगम तुम हर बात पर उसकी धाल बना बन करना हैं
33:52क्योंकि अवजवान भी हो गया है और जमेदार ही है
34:08क्या करी हूँ यह केक बना रही हूँ
34:15किस रड़की को डाल बनाना आती हूँ तो केक ऐसे बना से नहीं
34:20क्योंकि दाल बनाना भी सीख लूँगी अब खुश
34:24कि अचानक से तुमें सीखने का शौक कहां से आ गया
34:31कैस में बुरी बात है
34:32अरे मैंने कब कहां बुरी बात है
34:39लेकिन जिसके लिए तुम केक बना रही हूँ वो घर पे नहीं
34:42अमर चला गया
34:48वो मेरा मतलब था होता तो उमर भी खा लेता है
34:53मेरी तो कोई उसे दुश्माने लेगा
34:55बस मुझे तुम्हारे बाबा से डर लगते
35:01अब ही मेरा दिल कहते है
35:04अब आ उससे पसंद करने लगे नहीं
35:08नजरों के सामने बढ़ा हुए
35:10लेकिन मुझे समझने आती उससे इता जड़ते क्यों है
35:17तुमने उमर को बताया कि
35:19मैंने उमर से कुछ नहीं कहा
35:22अगर मैं उमर को बताती तो दोनों के दर्मयान और दूरी पैदा हो जाती
35:25और उमर अपने दिल में कोई बात रख ले तो कभी अपने दूसे नहीं कहा
35:29अल्ला खेर करें
35:30मुझे तो कुछ असरात अच्छे नहीं नजराए
35:33आफे करने के इंशालल सब ठीक हो जाएगा
35:38अल्ला खेर करें
35:51अब तब इत कैसी है?
35:54यह तो बिल्कुल ठीक बात नहीं है आप एरी बात कराएं उससे
35:59हेलो?
36:00हाँ क्या हो गया तुमें?
36:03देखो अगर तुमने ऐसा किया ना जूबी
36:05तो मैं तुमसे मिलने कभी भी नहीं आउँगा
36:08अरे नराज तो मत हो इसलिए नहीं आ सका क्योंके बहुत बिजी था
36:14इसका मतलब यह तो नहीं कि तुम दवाईयां कहना छोड़ दो
36:17कलो शाबज अच्छी तर आपनी दवाईयां काओ
36:21जूबी मैं तुमसे कल मिलने आउंगा ना
36:23अच्छे चलो मैं प्रॉमिस करना
36:26अब तंग नहीं करना ठीक है?
36:27कौन दो?
36:30जी फिरो शाज़ा, मैंने समझा दिया उसे
36:34अब तंग करें तो मुझे बताएगा
36:36अलाँ
36:40आगल लडगी
36:44कौन था?
36:46जूबी
36:48नाम तो ऐसे लेरो जैसे कोई बहुत मशूर शक्स है तो
36:51तुम क्यों जल रही हो?
36:53अमर अब्दलरह्मान किसी से इतनी अपना ही से बात करेगा तो मुझे तो जलन होगी ना?
36:59अमर अब्दलरह्मान? क्या तुमारी जागीर?
37:02जी हाँ, है
37:04अच्छा
37:04तो फिर एक बात मैं आपको बता दो
37:06आपकी इस जागीर पे बहुत जल कबजा होने लोगा
37:23वेगान कि मैं पंते मायोग सामें
37:31जैत्व मैं सब पता है
37:32तुमने ही मुझे बताया था कि लड़की बहुत उपसूरत है
37:34और उमर अब उसके घर रोजाना चाता है
37:36और अगर नहीं चाता है तो वो कॉल करके बुलाती है
37:41अफिस से पांच लाग रुपए की रखम पायब आप लोगों ने सब से पूछा
37:49पुलीस को इंफॉम किया
37:50चोर जब घर मौजूद हो
37:53हाला थाने में नहीं निमचते और यो अफचबार
38:00बात कर रहो नहीं उमर पर इसाम नहीं लगाया
38:04मेरी तरबियत मेरी परवरेश उगाली दी है
38:06मुझे अजाम दिया है उनोंने
38:08माई
38:09मैं तुम्हारी कसम खाके कैता हूँ मैं इस वक्त घर छोड़के जा चुका होता
38:14सिर्फ तुम्हारे लिए अपना नाम क्लेयर करना है मुझे इस सिचुएशन से
38:18घर का बच्चा है वो ऐसी हरकत नहीं कर सकता
38:21तो सबूत कैसे मिलेगा पलीस को बलवाएं
38:27अखरे बला है
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