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  • 3 months ago
GhareebZaadi Ep 43 - A Plus Entertainment

The story revolves around the societal struggles, family politics, and hardships faced by the titular character, exploring themes of resilience, class divide, and difficult domestic dynamics.

Directed by:
Naveed Jaffery
Written by:
Ibn-e-Aaas
Produced by:
Gold Bridge Media
Cast:
Suzzaine Fatima
Shakeel Ahmed
Ghazala Kaife
Saleem Mairaj
Ajab Gul
Resham Naqvi
Tipu Shareef
Parveen Akbar
Atif Rathore
Shahid
Saima Naz
Zara Gul
Tabbasum Arif
Rana Majid
Arooj Ali
Saira
Afnan
Faisal Naqvi

Category

📺
TV
Transcript
00:09काम इतला ज्यादा था कि तहन से ही निकल गया
00:14हद होती है अम्मी, एक कॉल करने में कितना टाइम लगता है
00:16आज बड़ा एसास हो रहा है मेरा
00:19लेकिन मेरी बात का कोई असर नहीं होता तुम पर
00:22अम्मी प्लीज, आप कोई और बाद शुरू मत कर दीजिएगा
00:25और उस विष्टे वाली बात को आप भूल जाए मैंने क्या कहा है लेकिन इशारा अपना उसी कराफ है
00:33तुम्हारे अभू का है है अभू सो रहे हैं ठीके उन्हे सोने दो
00:40मैं भी बहुत थख गई हूँ आराम करूँ भी आए
00:48अभू आपके मूरे नहना को साधन आणी चदो
01:08अभू अभू अभू कबसे कोई दर्वाजा कटार है आप देख क्यों ने रहे
01:12अभू यही काम भी मैं करूँ क्या तुम्हारे क्या पाउं घिज जाएंगे लाओ कोलो
01:23अभू आपकोल तुम मुझे नहीं जानती मगर महिया एक मालूमात लेने आई नहीं
01:29मालूमात कैसे मालूमात मैं तुम तुम जिराणी और क्या तुम इन जानती हो हा यह तो वही लड़की है जो
01:39उस दिन हमारे दर्वाजे से काल लगा कर सारी बातने सुन रही थी
01:41क्यों भई क्यों आयो यहां पर मैं यह मालूम करने आई हूँ कि यासिर यहां क्यों आया था
01:49तुम्हें इसे क्या मतलब है?
01:51वो मेरा मंगेतर है
01:52तो हम क्या करें?
01:55उसका यहां क्या काम?
01:57ये बात तुम खुछ जाकर उससे पूछो
02:00उससे तो मैं पूछी रोगी
02:02लेकिन अभी मैं यहां आप लोगों से पूछने आई हूँ
02:07बहकार की बाते मत करो और जाओ यहां से
02:09पिट अप महमान से इस तरह से बात भी की जाती है
02:12चाहे वो हमारे घर में घुटकर खुद भी अनाफ शनाफ बगती रहे?
02:16मैं यहां शराफत से तुम लोगों से पूछ रही हूँ
02:18और तुम लोगों के बात गोल मॉल किये जा रहे हूँ
02:20निकलो यहां से आई बडी शराफत वाली
02:23चलो चलो चलो चलो चलो प्राम करो अपना
02:27वहाई तो चाह वाई पूछ लेती ही?
02:29हाँ खाने का ना पूछ लेती हुसे रखनी लेती हुसे इस गर में
02:32अच्छा करती पिर तो
02:36खापी यह बहुत गलत हुआ
02:39क्या गलत हुआ
02:41यह आसर के मंगनी हो गई है
02:44और बस सिमी वो इसकी मंगेतर है
02:47अरे मंगनी से क्या होता है?
02:49असल में तो वो गहर साज़िशदा है ना
02:53मैं भी आसर का फोन करती हूँ
02:55ठीक है
03:08हलो यासर
03:09जी यासर बात कर रहा हूँ
03:12कमाल है आपने अभी तक मेरा नंबर सेफ नहीं किया
03:15अरे मुझे क्या जरूरत है आपका नंबर सेफ करने के
03:19जरूरत है और बहुत अशद जरूरत है
03:22यह क्या बहकी बहकी बाते कर रही हैं आप
03:24कौन कब किस वक्त काम आ जाए किसी को क्या मालू लगता है आपका लोड फिर से खतम हो गया
03:31लोड तो खतम नहीं हुआ पर यासिर सहाब दिमाग जरूर आउट हो गया तो फिर आपको इलाज की जरूरत है
03:39वो सब छोड़े अच्छा ये बताएं क्या आपने मंगनी कब की
03:47मांगनी ये आप से किसने का सीमी ने सीमी ने आपकी उससे कब और कहां बात ही वो आज हमारे
03:56घर आई थी
04:00सीमी आपके घर क्या करने आई थी ये आप उसी से पूछेगा अरे अजीब लड़की है आप आपको पताने में
04:09क्या मसल है आपकी मालूमात करने आई थी
04:13मालूमात मेरे बारे में, क्यासी मालूमात?
04:17ये भी आप उसी से पुछेगा, खुदाहाफिस
04:22हलो, हलो
04:26ये लड़कियां भी अजीव है
04:34तुम्हे जरूरत क्या थी फाइजा के घर जाने की?
04:37फाइजा? कौन फाइजा?
04:39वो ही फाइजा जिसके घर तुम आज शाम को गई थी
04:43ओ, उस लड़की का नाम फाइजा है?
04:46हाँ, वो उसमें मुझे खुद बताया था
04:48अच्छा, उसके घर वालों में से किसी और का नाम भी मालूम है तुम्हें?
04:52और तुम्हें ये बताने की क्या ज़रूरत थी के हमारी मंगनी हो चुकी है?
04:57और तुम मेरी मंगेतर हो?
04:59तुम्हें तकलीफ हो ये इस बात से?
05:02सुनो सीमी, अभी हमारे घर वालों के दरमयान बात चीट चल रही है
05:08कुछ फाइनल नहीं हुआ है
05:10और तुम ना चाने किस किस से कहती जा रही हो कि तुम मेरी मंगेतर हो?
05:13तुम्हें इस रिश्टे से प्रॉब्लम क्या है?
05:17अब ये कब कहा है मैंने?
05:19तुमने कहा नहीं लेकिन तुम्हारी बातों से तो यही अंदाजा होता है
05:24अब तुम्हें उस घर में जाने की कोई जरूरत नहीं है, ओके?
05:29क्यों? क्यों ना जाऊं?
05:30यर सीमी हो क्या गया है तुम्हें
05:33अगर यही सवाल मैं तुमसे करूँ तो
05:38ओके लीव तर टॉपिक
05:42लीव तर टॉपिक हम किसी और मौजूबे बात करते हैं
05:47अच्छा तुम मुझे बताओ तुम्हारा उस घर से क्या तालुक है
05:52यार मैं तुम्हे पहले भी बता चुका हूँ
05:54कि वो महद एक इतिफाक था इतिफाक
05:58और वो इतिफाक कोछ जादा ही हसीन होता जा रहा है
06:02क्या क्या क्या रही हूँ तुम
06:06ठीक कह रही हूँ, अगर ऐसा नहोता ना तो तुम बार बार यू फोन करके मुझ पर एतराज ना करते
06:10है
06:12सीवी
06:17अरे यार, किस मुसीबत में भर्सके आओं मैं
06:25तुम यासर पर इतना नाराज क्यों हो रही थी?
06:28मैं कोई नाराज मुड़ी, तुम्हें गल्फ फहमी हुई है
06:32गल्फ फहमी तो नहीं हुई, जो देखा था भई बोला
06:35क्या अजीब औ गरीब बाते लेकर बैठ गई हो?
06:38अजीब औ गरीब बाते तो तुम कर रही हो
06:41बिचारा यासर भी परिशान हो रहा होगा तुम्हारी बाते सुनकर
06:46क्यों?
06:46अजीब भई, तुमने उस पर बमजो गिरा दिया है
06:50और तुम्हारा दिमाग भी खराब हो रहा है
06:52उसकी मम्मी कर सुनकर
06:54मैंने ऐसे तो कोई बात नहीं की
06:57तुम्हारा दिमार इतना खराब हो चुका है कि तुम की हुई बाते में भूल गई हो
07:02हाँ अपी मुझे गुसा तो बहुत आ रहा है
07:07तुम्हारा जेरा सब बता रहा है
07:09अपी मजाग मत करो
07:11एक बात बता दूँ
07:13मैं इस वक्त बिल्कुल भी मजाग के मूड में नहीं हूँ
07:16मैं किचन में जा रही हूँ अम्मी को मुझे कोई काम होगा
07:19शर्मा रही हो
07:21मैं क्यों शर्माओंगी और किस से शर्माओंगी
07:24मुझसे
07:25तुम तो मेरी बहन हो
07:27जो बात तुम जाहिर नहीं करना चाहती न
07:43मैं जा रही हूँ अरे पसंद करती है तो बोल क्यों नहीं देते हुआ
08:08इशाद तुम इतने परिशान क्यों लग रहे हैं और तुम इतने परिशान क्यों लग रहे हुआ
08:13इसमार साथ अम्मी और बज्जो क्यों नहीं आये?
08:17क्या बताऊ तुम्हें माला?
08:22इशाद अब्बु की तबद तो ठीक है ना?
08:27बताओ इशाद!
08:29नहीं माला अब्बु की तबद बिल्कुल ठीक नहीं है
08:33डॉक्टर ने उनको जवाब दे दिया है
08:36कैसी बहकी बहकी बातें कर रहे हैं
08:40ऐसा नहीं हो सकता
08:42ऐसा हर्गिस नहीं हो सकता
08:44मुझे अपने खुदा पे पूरा भरोसा है
08:46अब्बु बिल्कुल ठीक ठाक सही सलामत घर वापस आएंगे
08:50तुम ऐसी फजूल बातें करना छोड़ दो
08:52और
08:54अमाला समालो खुद को
08:57समालो
08:58बस अल्ला से दूआ करो
09:00कि हमारे सर का साया
09:02हमारे सर पे सलामत रह
09:04नहीं एशाद
09:06ऐसा नहीं हो सकता
09:08तुम लोग ने तो मुझे
09:10अब उससे एक दवार मिलवाया भी नहीं
09:12मैं तो उनको मिलने हस्पिताल भी नहीं
09:16रजैने अबू को मिलूगी अबू बिल्कुल ठीक हो जाएक। तुम बस दुआ करो आला से कि अबू ठीक हो जाए
09:24सही कह रहे तुम है ने बिल्कुल सही काये मुझे अल्ला ताला से गरगर आके फरयाद करनी चाहिए
09:33मैं अभी ज़ा के दुआ करती हूं और आप ऐसी बात मत करना के जवाब देदी नहीं बिल्कुल नहीं करते
09:41हैं
09:45कि आप अब कर देड़ लगा दिया जाने में अबे बगबग मत कर सर में बहुत गर्दूर है चाही पिजा
10:00जिल दीशिए
10:02किसका गुसा मुझ पर निकाल रहे हो तुम अब बता दूँ हाथ पैर कटवालों उतने हैं अमा का हैं कहीं
10:11बाहर निकले वें क्यों अमा भी ना बेचायन हो रहता है बोट उसके पैर घर में टिकते ही नहीं अच्छा
10:17तुम घुसा मत करो मुहाद दो के बैठो में तुमारे ल
10:35चुरिया इटा प्या अकेले वेट के क्या कर रही हो जैं में के आदार ये माला अंटी जान इसे परिशान
10:44मत हो आप दौा करो कि सब ठीक हो जाए अम में भी घर आजेंगा अभी ऐसे करते हैं हम
10:50कमरे में चलते हैं मैं आपको कहानी सुनाती हूँ और आप सोजाना है इक्या
10:55मेरी जाट जाए याशिए फोन नहीं उठा रहा वाँ बड़ा ही मगरूरा आजमी लगता है कोई
11:16चाह वा है इससे बाते कर रहे हो किसी से भी तु नहीं आप तो ये दर व दिवार उमसे
11:21बाते कर रहे थे ना
11:22अरे अम्मी, आपको कोई वहम हुआ होगा
11:25कोई वहम नहीं हुआ मुझे
11:27मैं तो उर्ती चुड़िया के पर गिल देती हूँ
11:31तुम तो मेरी बेटी हो
11:32और माबाप की नजर
11:34बच्चों पर उकाब किसी होती है
11:36खास तोर पर बेटी हो के मामले में
11:41अम्मी, अब कहना क्या चारी है
11:44मैं कहना नहीं चारी, तुमसे कुछ पूछना चारी हूँ
11:47पूछना, क्या पूछना चारी है अम्मी, कुछ समझी नहीं
11:52तुम बहुत नणी बच्ची नहीं हूँ
11:54जो मेरी बात को समझ न सको
11:57अमी, मुझे को इल्हाम थोड़ी न हो रहा है
11:59मुझे बिल्कुछ साफ साफ और ससच बात बताओ
12:04साफ साफ ससच क्या बात पूछ रही है, आप मैं कुछ नहीं समझ रही है, अमी
12:08उस रोज वो लड़का क्यों घर में आया था, क्या मामला है तुमारा उसके साथ
12:12हमी, वो सिर्फ एक नहीं से तफाक था, वाँ भाई वाँ, बहुत भी अजीब और गरीब इतफाक है
12:18और वो भी हैरस जदा, क्या नाम है उसका, हमी यासिर
12:23देखा, तुम्हें नाम तक याद है, तब ही तो वो घर तक आ गया
12:31हमी, सब कुछ जानती हो, लेकिन तुम मुझसे छुपा रही हो
12:35पर आपसे क्यों कुछ छुपाऊंगी, तुम दोनों बेहनें की इनी हरकतों की वज़ा से
12:40मैं सारा सारा दिन परिशान रहती हूँ, पूरी पूरी रात हो जाती है मुझे सोचते वे, नीन नहीं आती
12:46अरे, मेरे तो किसी काम में दिल नहीं लगता
12:48अमी, इतना ना सोचा करें, आपकी तव्यत खराब हो जाएगी
12:53अरी, कोई अच्छी बात तो नहीं है न, हम भी परेशान हो जाएगे
12:56बहुत दूर की कौड़ी लेकर आई है
12:59अरे, तुम्हें मेरी इतनी फिकर कब से होने लगी
13:02देखो, मैं साफ साफ बता रही हूँ
13:04अगर तुम दोनों ने यह हरकते नहीं छोड़ी
13:06तो मैं तुम्हारी शादी कर दूगी
13:08मगर अमी, आपी तुम्हारी शादी की उमर है यह नहीं
13:11पस रहने दो, पहले जमाने में ना तुमसे भी छोटी उमर की लड़कों की शादी हो जाती थी
13:16तुम तो बहुत बड़ी हो बलके तुम और जानब दोनों ही शादी के काबिल हो
13:21हमी मगर
13:23मगर बगर कुछ नहीं अपनी हरकते सुदार लो औरना मैं तुम्हारी शादी कर दूंगी सब्जी हमी मेरी बात तो सुने
13:33जिसका जो जुल जाते बोलके चला जाते बस
13:43जैनब तेज तेज कदमों से कहां जा रहे वठा अबु मैं किचन में जा रही थी
13:47हैरत है भई
13:53अबु मुझे पता है तुम बहुत काम करती है अचा आप यह बताओ कि वो नाजिर के घरवालों का आने
13:58का कभे रादा
14:01अबु यह आप कैसी बाते कर रहा है तुम्हारी मर्जी की बात कर रहा हूं तुम्ही ने अपनी पसंद का
14:06इजार किया था
14:09नाजिर से शादी के अख्वाइश बन थी और मेरा खाला के उसका भी रादा यह यह यह यह यह यह
14:15यह बात तो है और खुदा इस बात का गवाह है कि मैंने भरपूर तुम्हारी इस बात की हिमायत की
14:20अबु मुझे इससे इंकार नहीं है
14:24अबु मैं जब तुम्हारे हमारे दर्मियान कोई परदा है ही नहीं तो फिर नादिर से मालूम करने में क्या हर्च
14:31है
14:33अबु मैं यह खुद कैसे मालूम कर सकती हूँ यह तो बहुत मुश्किल काम है
14:38जो मुश्किल वक्त था जो हाला थे उसका तो तो तुम सामना कर चुकी हो तो अब यह सारी बात
14:46करने में क्या हर जाए तो आपका मतलब है मैं खुद पोछो जब हर बात में अपनी मर्जी का इफ्तियार
14:55रखा हुआ है तो पिर इसमें क्या हर देख देख तो आप तुम बेब
15:08ठीक है मैं कोशिश करूंगी बटा कोशिश नहीं इस मामिले को जल निप्टा लो अबू क्या मुझसे उक्ता गएं अरे
15:20बेटी तो बाप की आँखों का तारा होती है मैं क्यों उक्ताने लगा तुम से मैं तो तुम्हारी मा की
15:29जलबाजी के वहाजी बात कर रहा हूं अम्म
15:40नादिर का घर तुम्हें एश करवाएगा एश जी ठीक कह रहा है आप मैं बात करती हूं आजी जो कुछ
15:50करना है ना इसे गड़ी की चौथाई में करो ऐसा नहाओ के मामला पिर मेरे हाथ से निकल जाए आप
15:58ठीक कह रहा है अचा पिस किया खड़ी-खड़ी चा सोच रही हो
16:01जाओ अपना काम करो किचिन में सोचो वो सोचो अब भू ठीक कह रहा है मुझे जल्द जल्द नादर से
16:17बात कर लेनी चाहिए
16:23कहीं साथ है देर ना हो जाए देर हो गई तो हर तरह से नुकसान मेरा ही है और मैं
16:31यह सुनहरी मां का हाथ से निकलने नहीं दूगी किसी सूरत नहीं निकलने दूगी
16:49कि ऐए वाः वाः हब क्या वाः है हभु कपड़े टय कर लेती है रागे है आ हसता तुम सलीका
16:55मंद हो तियारी है ऐसे तुमसे उचाते उन्हां तुमसे जादा आ है सालीका मंद थे हाह उर्टा आ है अबटा
17:04आ साइस तुमसेद पेतर रोधी चरिया गो अच्छ एच्छ �
17:09मλमा indispens quello dave इसे इसे वर है थो कियो ँछ रही सो है
17:14हाप बोगे लगजे अपको आपी से कुछ काम होगा
17:18कर ले ना वोई बात अपनी मावाली हाँ भाई काम से आई हो sec आया हो
17:23अच्छा भी काम है आपको जैनभ और रुकाया के तालोका थकल गया है
17:30बिल्कुल ठीक चल रहे हैं अबू
17:32कमारे भई
17:34मुझे तो ऐसा नहीं लग रहा है
17:35मुझे शक हो रहा है
17:38शक?
17:39मगर वो किस बात का अबू?
17:41मुझे कुछ ऐसा लग रहा है जैसे
17:44जैनब के और रुकैया के तालुकात पे तनाव साहता जा रहा है
17:48अबू ऐसा तो कुछ भी नहीं है
17:51मगर आप ये सब कुछ यू पूछ रहे?
17:53भई दिखो ना के
17:55काफी असा हो गया उसने
17:58वारे घर का चक्करी नहीं लगा है
18:00अब वो हो सकता है उनके अपनी वे मस्रूफियातो
18:03भई ऐसी क्या मस्रूफियात?
18:05पूरे महले में तो वो
18:07हरनी की तरह चोकुडिया बरती बिर रही है
18:10पिर यहाने में उसको क्या हर्ज है?
18:13यह बात तो आप आपी से ही पूछे
18:16आप जैनब की दोस्ती से उससे बहुत अच्छी है
18:19अच्छा मैं आप इसे मालूम कर लेती हूँ
18:22अच्छा में पागल हो गई हो क्या?
18:24भई उससे अगर पता करना हो तो पुछ लेगी
18:27और तुम अपना काम करो बागी है के
18:31उससे जैनब से जिकर करने की जूरूत नहीं
18:34कि अब तुमसे पूछ रहा था
18:36चलो चलो अपना काम करो
18:37शरी है
18:48देखो मैंने इसमें सब कुछ बांदी है
18:50तुमने एक चीज का ख्याल रखना है
18:52अबू को जबरदस्ती खाना कहलाना है
18:54हाँ हाँ ठीक है मैं खिला दूगा
18:56तुम परिशान नहों मैं अबू को खुद खिला दूगा इभाव
18:59मामू मैं भी चलो आपके साथ
19:17मगर मुझे अम्मी के पास जाना है
19:20पेटा अमी आ जाएंगे
19:25तुम फिकर मत करें
19:27मगर माला अंटी मुझे अम्मी को अपने साथ लेके आना है
19:33देखो तुम प्यारी सी अच्छी जी चड़ियाओ
19:38तुम जब नहीं करती व्याद है ना
19:41अमीद अबू मेरे कमरे में आयते खास तो और मजसे बात करने
19:48इसमें इतनी परिशान होने वाली क्या बात है तुम्हारा बाप है इसमें कोई हर्ज है क्या
19:53हमी वो तो ठीक है
19:56मगर अबू रुकाया आपी के बारे में पूछ रहे थे
19:58पूछ आपके मूरे में आको सावन आडीचो
20:05है

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