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  • 10 hours ago
Begangi - Ep 2 aPlus Drama

This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!

Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari

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Transcript
00:09ना आखो में साबन जड़ी आठा हड़ती होते ना तुम बेगाने तुम तेना यूँ अफसाने
00:36तुमें मेरे सिवा कोई और देखे मुझे बिल्कु अच्छाने लागती है और अगर देख या तो क्या करोगे?
00:41ए डोलेक होड़ा के दिना बेखे दूलेक रखे में आखे में दा घ्रियो कि अच्छाने जादी कोई डेखे लागती है
00:47तो ए फैक्टरी ही जाओंगा मेरे बाप की अच्छाने तेक्ति आओ यूजे कौन रोख भी या हर्ज हो जाता अगर
00:59उमर उमर कुछ देख लेता है
01:00हाँ, मैं उसे फेक्टरी में गुसालिग ताकि मेरी उमर भर की मेनत जाय कर दो दिन में जाय कर गए
01:07ऐसा कभी नहीं होगा
01:14वालिदया मुहतरमा आई नाश्ते में क्या बना है?
01:18वह एक अधर गूरी
01:21चेहरे पर बाराग बज़ए?
01:24तुम दूरो जो यहाँ से वहना गरम गरम तुम्चा लगा दूगी में तुम्हे
01:27वह इतना गुसा?
01:29तुम्हें क्या सुनूती अभबा से बात करने की?
01:33वह करता था मुझे पढ़ा ना, सारी बाते मुझे सुननी पड़ी
01:36और तुम्हें क्या लगता है?
01:37कि अमर अगर फैक्टरी नहीं जाएगा तो उसे जॉब नहीं मिने की?
01:39वह कमाने ही सकेगा?
01:41वह ऐसी तीन फैक्टरीया लगा सकता है
01:44जितने अर्से में तुम्हेरे अभबा ने बनाई है ना, उसे कम अर्से में
01:48इंशाला जरूर बनाएगा
01:49लेकिन माई टियर मौ उससे पहले भाई की जित पूरी कंदा जरूरी था
01:55वो इसके लिए अना का मसला बन गया था
01:57मैं तो बस यूँ हल सोच रहा था
01:59तो क्या हुआ?
02:01तुम्हारे अभबा तो ख़पा हो गई है
02:03अभबा की ख़पकी बस यूँ है
02:04वो बातों में आ जाते है
02:06गाकिकिंगी बाते राइख भाटे सने तो उनकी दरफ हो गए
02:08चाचु की बाते सने तो उनकी मानने लगए
02:12आ्मयाbada का शुटाना वक्ती हो गए
02:17लेकिन एक बात था है
02:18वो इसे प्यार बात करते
02:20आज इस गर में नाश्टा मिलेगा
02:22यह यहों ही चला जाओ जाओ जल्लेला ही उटके आप जल्दी सी नाश्ता लेगा हैं मैं के मूड का अंदाजा
02:28लगाता हूँ
02:42असलाम अलेकुम अबू
03:04कि अमर किदर है कि सोरा है यह सोने वाल उसे फेक्ट्रिया नहीं चला करते है इसको को फॉरन पॉंचे
03:21यह जो फेक्ट्री वरना कुछ नहीं दूंगा तर अबू को फैनी बार भी तुमने सुरानी क्या कर गई बिल्कुल सोना
03:40है
03:42अब है आप जिगा ताना और बहुत प्यार करते हैं भस एक ब्लंडर हो कि अगा है बगएर नाश्ते कि
03:51चलेगे
03:52अब हो खुदाया अब उनका शुगर लेवल हो जाएगा अम्मा है कि उनकी शुगर हाय रहती है और अबू कि
03:58लोग अबू कुछ खाते नहीं और अम्मा खाती ही चले जाती है चुप कर जो उसुन लेंगी ना तो तुमें
04:04जिरे नहीं देंगी
04:07अच्छा अब सब यह पैक करते हैं अमर भाही और अफस जाएगा अब यह ठीक रएगा चलो प्लाश तका अब
04:16भाही को ठागए
04:23उमर उमर यार उमर कहा है
04:59लिए अब उमर कहा है अब तक्स प्राइब करूब तक्स शुप्रने कमरे में एए ड़ा यह ।
05:06क्या मतलब तुम से कुछ का कर गया था नहीं तो मजसे तो कुछ का कर गया अभी तक ना
05:14आजी किया अभी तक ना आजए गा
05:16शायद
06:13शायद
06:16शायद
06:29शायद
06:31पाही
06:37तुमें केसी पता मैं हूँ?
06:41बिल्कुल ऑसी तरह जिस तरह तुमें पता चल गया कि मैं हूँ
06:52कियो आई है?
06:56तुम्हे ढूनने एजी.
06:59मैं गुम्थोडी किया था.
07:07अच्छा लगते हैं मुझे तुम्हे ढूनना और जब मिल जाते हो तुछी तुछी से बढ़ जाते हैं.
07:14कि यह सोच करके तुम वहां मिले हो जहां मेरे अलावा किसी का गुमान नहीं जा सकता है
07:21मैं भी तो तुम्हारी गुमान की हद से बाहर नहीं जाता है
07:26सिर्फ इस लिए के तुम्हारे शेयरी की मासूम खुशी देख सकता है
07:32क्यों तक ही तिरते हो फुद को मैं इसनी बड़ी बात नहीं थी
07:38कभी के बार बहुत चोटी सी बात भी तीर की तरह दिल को लगती है
07:49अब हुआ हमेशा मेरे साथ ज्यात्ती कर जाते है
07:55फिर अजाला भी तो करते हैं
07:58हर चीज का अजाला हो तो
08:01आफरत क्याने तो
08:04और मुझे लगता है कि वो मुझे नफरत ने
08:10चोबी हो मैशाए, अब तुम्हे अपनी जगाबनानी होती
08:13वो अल्रेडी मेरी जगा है, मुझे भापनी जगाबनानी भी ज़रूरूरूत नहीं ह।
08:18यह क्या हो रही और आफ
08:24किस किसम की आप ते पानने लग गई होतु है
08:27कनाilik
08:31तर्म एफाने कर
08:35डिया इशर्म
08:44के लिखopen कि अमर भा
08:45तूम से लगता है पस तुम डोने
08:49डिस्ते को अंसार नहीं कर पारे
08:57मुझे फर्माबादाली की जरूवत हैं जो जह काते हैं, लगिन तूम नहीं
09:03तुम नहीं।
09:05टहुम्हणें उसे मुहबत ना करके तुम कर सकते हैं
09:13करते हैं क्यों स्थर्ट जे ते अच्टर्वान
09:17है हाँ मुझे भी नहीं बता था मुझे खुद अभी जैद ने बता है ताया बो आपिस जली से लेगा
09:25तुम्हें बुलाए है उठो तेर हो जाएगी
09:32कि मुझे पाता ही जला यह पिछले गेड साइट गालो तो हम हुआ हो तुम्हारे कि हालेकर मैं जानती हुए
09:45तुम्हार आई जाना है अर्केज ना था हां जिससे अगर मैं आपको यहां ना लेना आती तो अप सारी जिंदगी
09:54यही बैठाएटे हैं यही बैठा
10:00अगर तुम लेने नहीं आती ना तो सारी उमर यहीं कुछाते है अब कौन है पागत मैं है तुम्हारे लिए
10:16सैज ची क्या था इस दुनिया में एक ही हस्ते है जो उमर का मूद की कर से है
10:54अब दो मिनिट में तयार होकर आफिस महुशने की कर दोड़ा है
10:56ता आपो इंतिजार कर रहे होंगे और हां
11:00जॉब पिलने के खुशी में वापसी पर मेरे लिए गिफ लानना भूलना
11:03मैं वहां कोई जॉब नहीं करने जाया ह।
11:06हाँ हाँ आप तो बहुश बंद कर जा रहे हैं
11:08मत भूलियो मर्सा बहां अलड़ी दो बॉस्स मौझूद है
11:11एक की चुट्टी तो कराकर ही आँगा अपने बाप की फैक्टरी संबालने जा रहा ह।
11:17तुम भी ना?
11:18असाम लेकुम जाचु
11:22तुम कहां से रहे हैं वहां हम लोग करने करें
11:29आज के बाद मैं तुम्हें घर से बार हर्गिज ना देखू
11:37तुम्हारी मां को तो कोई फिक्री नहीं है जलो घर
11:55कुछ तुम्ही ख्याल कर लिया करो
11:57माहीं कोई छोटी सी बच्ची नहीं जिसे लेकर वाक पे निकल जाते हो
12:00यह हमेशा से मेरा और जयाद के साथ वाक पे जाती है
12:04आज आपको क्या होगा चाचु?
12:05आइन तर ख्याल करूँ
12:19क्या मतलब अमी?
12:21मैं यह तिफिल लेकर जाओंगा
12:23मैं इस्कूल नहीं जारा हूँ और ऑफिस जारा हूँ
12:26तुम्हारे अबब सुभ नाश्ता करके नहीं करे
12:28तुम्हार को मिल कर काना का लेना
12:30अमी भाई ठीक ही तो कह रहा है
12:32अब भाई पे टिफिलने जाता हूँ अच्छा तो नहीं लगेगा ना
12:36अब भू से कहिए भाई को ना गाड़ी ले दे
12:38गाड़ी भी आजाएगी
12:40तुम बस काम पर जो और दिल लगा कर काम को
12:42अबबा कुछ भी कहें नजर अंदास करते ना
12:46जे
12:46वो तुम पर सक्ती जरूर करते है क्योंकि तुम बड़े हो
12:52उमर उन्हें बहुत सारी एक्सपेक्टेशन्स है तुमसे तुम्हे अपने आपको
12:56साबित करना है और वहाँ चाचू होंगे उनसे
13:00कल्के रविये की मासरत कर लेना
13:02और जाने से पहले अम्मा को सेलाम करके चौँ
13:05मिलकर जाना दादी को
13:07बज़र्गों की द्वाँ इंसान के बहुत काम होगा
13:09जे
13:11अल्ल्हाभस
13:15अल्ल्हाभस
13:19अल्ल्हाँ तुम्हारे के बाहने
13:26तुम क्या सौचगे लो
13:28खाने से पहले हाथ दोने थे और खाने के बाद ब्रश करना है ये भी बता दिया होता है
13:32कि हम बड़े हो गए हैं
13:34अध्यूमीज, माँ का मजाग उड़ाती है
13:37नेकी का तो जमाना ही नहीं था
13:40ये नेकी तुम्हारे गले भी पड़ सकती है
13:45अबबा तुमसे भी नारास है
13:47भाई के लिए तो जान भी हासर है
13:49और ठहरे अबबा चान तो उनके तो रात को पाऊं पकड़ लूँगा
13:52और जब तक वो माफ नी करेंगे ना तक तक नी छोड़ूँगा
13:54चुपर के नाश्ता करो
13:56तुम्हे दूँ कुछ
13:57इले लाव प्रागा
14:26प्रागा
14:32तो उमर कहां से शुरू करोगे ये बताओ
14:36अभी बहुत कोछ बदलने की ज़रूरत है
14:41अभी तक वोई पुराने तरीके चले आगे
14:43हाँ भी
14:46हमने तो इतने सालियां बैठकर ज्छाकी मारी है
14:50अब तो आगए हो तो तरीके भी बदल जाएंगे
14:55तब्दीली तो वक्त का तकाज़ा है चाचू और वैसे भी नई फैक्टरी लगाने के बजाए अगर हम इसी फैक्टरी पर
15:03थोड़ी तवज्जे दें और इसको बहतर करने ही कोशश करें तो तो अमारे प्रॉफिट्स डबल हो सकतें
15:08बाई जान मेरा ख्याल है हम दोनों को तो घर बैठ जाना चाहिए नया खून नया जोश अब हमारी क्या
15:17ज़रूरत है अगर हम जैसा तजर्बा कहां से लाएगा इसे हमारी जरूरत है और हमें इसकी दोनों मिल के काम
15:26चला लेंगे
15:44क्या बत्तमीजी थी कुछ भी नहीं तुम क्या यहां सुबह से तंगी वियो ओमर कंजार कर रहे हैं हम उदू
15:54नदर ही यार है
15:56आज उसका पहला देन है अन्ना करे सबच्छे जोज़ है तु वहां पर कौछा बंपारने गया गागा तुम कभी कोई
16:06बात अच्छी ना कर तुम क्यों तरी परिशान हो रही है नचाती हूं कि सब उसकी स्लाहियों को माने उसके
16:15तारीफ करें
16:16माई डिये माई इससे तुम्हें क्या मिलेगा खुशी वह कुछी जो सिफ अपनी कामियाबी पर मिलेगा
16:29अबत्या कुछ करने ही पड़ेगा तुम्हे कुछ करने की जरुवत में
16:46मैं जान थी उसे मेरी तदीर में लिखते आगा है
16:57अच्छा बताओ ना तायर वो कुछ थै
17:04अच्छा बत्वाइब तो मुझसे और मैंने जो इनको सारे आइडिया जिये वो सब दुमाट जे लिए
17:13और अबू
17:16चाच्छा का समझ नहीं आता है
17:19सोचते कुछ हैं बोलते कुछ हैं
17:25वैसे मुझे तो अब लग रहा है कि मैं भी चाच्छा की तरह ही होता जहाँ
17:31जोभी Umar
17:32अब तुम्हेँ मेरी ही जगा है
17:36मुझेब अब ने जगह बनानी भी ज़रूरत नहीं
17:39है
17:40हाँ भई
17:41आपको जगह बनानी के ज़रूरत तो पढ़ती है नहीं
17:45आपके चगह तो खुद बन जाती है
17:49आप हेँ जादो कह हैं
17:54अच्छा गॉलिज नहीं है कर आपकी इतला के लिए है कि मैरी छुटीया है
18:02तो तो इजाम की तए अच्छा के टेयारी कर लो यहां है उमर गरो
18:14माहे अच्छा के रहे हो बागल
18:19पादा करो
18:21हमेशा इसे तर्शालो के अभी गिरने नहीं है
18:37आई
18:37इस निए च्छा बेन अत्या लिकी तऱ टुटराती पिर रही हो
18:56सुरी यार वो अम्मा जी आवास दे रही थी
18:58उमर उपर है हां उसी कू काफी देनी नहीं थी
19:01तो भाई नी तुम एसे क्या कह दिए कि तुम उरती पिर रही हो
19:05अबी दो कुछ नहीं का, तो अच्छा लंगा है।
19:09तुम दूनों की नहीं मंग नहीं जाहिए है।
19:13जैथ, तुम प्रणी नहीं लगयो?
19:17वापस करो मुझे नहीं वापस करो मैं बॉत बुरी तरह तरह पेश आँगा।
19:21दिल्कुल है विताया बाकुर होगी।
19:22जैब बापस करो।
19:25यह क्या हो रहा है।
19:32एक किस किसम की आते पालने लग गयो तुम।
19:35तुम्हारी उमर है इस तरह की हरकते करने की।
19:39बता रही कौन से दोस्ते हैं जो तुम्हें इस तरह की आते डाल रहे हैं।
19:43अबाल मैं बस।
19:44बंद करो बक्वास।
19:46मुझे वजाहते दोगे।
19:48क्या हुआ।
19:50लो तुम भी बेचिए।
19:51यह तरभियत किया तुम्हें अपनी आलादी।
19:53आज सिगरेट पीरा कल कोई और नशा करके आ जाएगा।
19:56जैब?
19:59जिन्दगी में हमने कभी हातों लगाया अस्तर की चीज़ों।
20:02और यह पता नहीं क्या।
20:03अबू आप खामाखान अराज हो रहें।
20:06यह पाकेट मेरे लिए लाया था।
20:09बदा दे तना यार।
20:19लो बस इसी इलत की कमी रह गई थी।
20:23तो इस लड़के ने कुरी कर दी।
20:24किस किसम की बात ही कर रहे हैं।
20:26कौन सी इलते पाल रखी हैं उसने।
20:28जुआ कहता है, शराब पीता है, लड़ियों के बीचे जाता है, करता है वह आखिर।
20:32तो उसे तो बात करना फजूल है।
20:43हर बात का इसम उमर पर धर देते हैं।
20:46किस दिद बागी होकर घर चोड़कर चला जाएगा।
20:49इनका क्या जाएगा।
20:52दिर तो महा का तरफेगा ना।
20:53अला ना करेतायमी
21:01उमर
21:03उमर
21:04मैं साथ
21:10यादत कबसे बड़ी।
21:12पहली बार लेकरा है।
21:14किसी क्रियॉस्टी में मारा है।
21:17आइंदा हाथ लगाया ना।
21:20हाथ तोड़ दूगा।
21:22अच्छा नहीं लगाता हाथ।
21:27प्रॉमेज।
21:27प्रॉमेज के बच्चे एक बार बचा लिए बार बचाओंगा।
21:44प्रॉमेज।
21:45प्रॉमेज।
21:59प्रॉमेज।
22:08प्रॉमेज।
22:10तायमी।
22:11आओ माही।
22:14क्या कर रही है।
22:16बस कुछ चीज़े ठीक कर देजी।
22:21इतनी खुब्सूरत पाजेव
22:24किसकी है?
22:26मेरी है
22:28तो कभी पहनी क्यों नहीं आपने?
22:30अब यह उम्र है मेरी इसने पहनने की
22:34तो आपने बहुत पहले बनवाई थी?
22:38हाँ
22:39किसी ने बहुत पहले दी थी
22:43बहुत महापबत और चाहत के साथ
22:47मैं इसे पहन कर देख लूँ
22:49तुम्हारे से वाक इसका हो सकता इस पर
22:52उम्र की दुरंग के लिए संभाल कर रखी है
23:07कैसी लग रही है?
23:10बहुत प्यारी
23:11ऐसा लग रहा है कि तुम्हारे ही लिए बनी थी
23:15मैं अम्मी को दिखा कर आदी हूँ
23:28उम्र की शादी मही के साथ नाम्मुम्किन
23:33ऐसा कभी नहीं हो सकता
23:36अम्र से वापद करती हूँ
23:44वापद कर दो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं
23:55हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं
23:59हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं हो नहीं
24:05हो नहीं ह
24:13कि रिखने मेरे सर पी डालोगी जा डत्री कर दो अब क्या मेरे सर पे डालोगी
24:24क्या बात है अच यह अजब फैक्ट्री नहीं जाए झा करूँ गा गड़ लग जाकर वाहा फैक्ट्री का मालेक भाट
24:30पाँछ तो गया है लेक्न ओमराप की जगा तो नहीं लेसकता ना
24:36हाम अगर मेरा गर कोई बेटा होता, वो तो मेरी जगह ले सकता हुआ
24:43अगर बतिसमत ईृरत, तुमने इक ही ऐुवलाद पीज़ा किया और वो भी लड़की
24:51आज अगर मेरा कोई बेटा होता तो मेरा बाजू बनकर मेरे साफ़ा होता
24:57यह तो सब झालों प्रचोल нем है
24:59अरे छोड़ो, कुछ औरते होती ही मन्हूस है
25:04क्या हो गया आज आपको
25:06इससे पहले तो आपने कभी मेरे साथ इस तरह बात दें कि
25:10आज से पहले मुझे कभी एहसास भी नहीं हुआ था
25:14यह मुझे तो भाईजान पर हैरत होती है
25:17कैसे बदल गए है वो
25:20ऌमर के फैक्टरी में आते ही
25:22त gap quelques-दे हराम से सारी शारी के इसे पाराइल आपको
25:28इससे क्या फरक पड़ता है
25:32चाहेगा तो सब कुछ आमारी बेटी की खिसमत में ना
25:34वेसे भी उमर अच्छा काम कर रहे है फैक्टरी में दिल Лगा के काम कर रहे
25:41मैं सोच रही हूँ अगर उन दोनों की शादी की बात कर तो क्या तुम्हार दिमाग तो ठीक है अने
25:51ऐसा क्या क्या दिया तुमने ऐसा सोचा भी कैसे उमर की शादी मही के साथ नाम्मुम्किन ऐसा कभी नहीं हो
26:00सकता
26:10यह आप क्या कह रहें? क्यों? कौन सी अन्होनी बात कह दी मैंने? अमर और माही की शादी नहीं हो
26:18सकती
26:20मेरा खाले माही नमर को पसर करती है
26:23बस! खामोश हो जाओ! तुम इस शर्म नहीं आती मुझसे ऐसी बात करते हुए
26:31देखे वो एक दूसरे को बच्पन से जानते हैं और और ये कि तुम एक नालाइक माह हो
26:37जाहिल औरत तुम्हे आज तक ये समझ में नहीं आई कि हम अपनी बेटी के लिए कैसा दामाद चाहिए?
26:45अगर उस लड़ती के दमाग में कोई खनास भर गया है तो तुम्हें चाहिए था कि तुम इससे सदाख दी
26:51मगर नहीं! उल्टा तुम उसकी हमायती बनकर उसकी तरफदारी करने आ गए!
26:59आज तो तुमने इस बात मुझ से निकाल दी आएंदा मैं कुछ नहीं सुनूँगा आई समझ
27:40तुम कहा भे रही हो? मजाल है जो मा के साथ किचन में हार पटवा लो तो दो करों के
27:46दर्मयान इदर उदर छलांगे लगवालो इसकी
27:50मा जो है घर के काम भी करे और सब की खिदमत भी
27:56कर दो नहींकि अपिछ से तुममेरे साथ किछन में काम करवाओगी, तुम्हाँ सुन्ढिया, तुमने?
28:00सारी उमर मैं भाका पाका खेलौवागी
28:02चुम
28:04च्छाओ आट और त्ट
28:07नहीं हो
28:08यह यह जाँ से अपड ओध सवत
28:25ताई अमी की है, बस पहन कर देखने के लिए भी थी
28:30क्या जब लोगती तुम्हे तुम्हे भी आदते दूसरों की चीज़े लेकर खराब करने की
28:34और तुम अपनी ताई को अच्छी तरह से जानती है
28:38इनकी तु आदते सब्की नजरों में अच्छा बनने की
28:44यह वाज़र ताई अमी ने अमर की दुधन के लिए समाग के रखी है
28:51वापस कर क्या हो, जिसकी चीज़े उसी पर अच्छी लगती है
29:02अमीन, अब वो अमर कुपों पसंद नहीं करते है
29:05मुझे नहीं करते
29:09सिर्फ इसलिए के वो गुस्से कते हैं और अपनी बात मिनवाता है
29:16ऐसे निजाज के लोग बहुत तंगरती है
29:21एकिन वो कभी गलत पाद के स्टैंब ने लेती
29:25क्योंकि वो पूर कारत करे लिए उसके
29:32वो ऐसा क्या करें
29:34जिससे अब अपचा लगने लगे
29:37असी को कोई ज़र अपचका बहुत आप जानती है
29:43आप जानती है
29:44एम्वार से महपत करती हूँ
29:51एक्रम रपू
29:57एक्रम आप जानती है
30:00तुर्वार जाए
30:01जाए आए
30:18कुर्षटे कि नाए, आई उना काड़ी बापसे, पूरे टॉरोड़ी नविए को करना, छाट के लिए, और आए, जोड़ी दो दो
30:31सका हमारी तुर्षटे मुझेड़ी है, जोड़ी है, एकुले अए, चाहए, करेंदि को बापसे, चाहए, आए, मुझेड़ी है.
30:33कर दो कर दो कर दो नहीं वो मुझे कुछ काम दो
30:39वाही बैटो वाज बुद अवर्ध स्माइच चल्टा है
30:51तुम लोग देखो
31:08माही
31:13क्या हुआ है अपसेट लग रहे हैं
31:17है तो किसी में कुछ काया है कोई क्या कहेगा
31:23माही कोई बात नहीं हुआ है
31:28चा तो फिर अच्छी सी चाय बनाओ और बैट के बाते कर दें
31:33चाय का तो मेरा भी बिलकुल मूट नहीं तुम बताओ काम कसे चल रहे
31:38अच्छा चल रहे अब अभाभी मुझसे खुश नजर आ रहे
31:46और मेरे अबबू
31:48अमर प्लीज अब वो अगर कुछ सक्त भी कहते तो परदाश कर ले ना
31:56माई तुम चानती हो मैं गलत परदाश ने करता हूँ
32:01कभी कभी करने पड़ती है
32:03अच्छा चलो देखेंगे
32:09मुझे बहुत डर लगते हूँ है
32:12अगर हमारे तर्मयान फासले कभी भी नहीं आएंगा
32:16यह किस किसम के वहम में पढ़ गी हो तो
32:18हम दोनों तो वह खुश किसमत लोग हैं जिनके बीच में यह जालिम समाज कभी भी नहीं आ सकता
32:25इसको मान में मत जहने
32:28और प्लीज
32:31अब उसे अपने तालुकात बहतर करने की कोशिश करो
32:34क्या हूँ है माई
32:36उन्होंने तुम से कुछ का है
32:39उन्होंने कुछ नहीं कहा लेकर तुम्हारी अबूसे बिलकुल नहीं बनती
32:46इस बात को लेकर अगर कल को को बात हो गई
32:49तो मुझे मत कहना
33:05को इक बात है
33:08तो इमक्स चपारी
33:10प्रेज़्ट
33:22अरे भाई, मेरी शहजादी
33:25क्या हुआ
33:27अज दिन नहीं केड़ा मेरे शहजादी का
33:30तब यह तो ठीक है ना बिटा
33:33जी तब यह ठीक है
33:36बस उतने का दिल नहीं कर रहा था
33:39एप क्यों इह है?
33:41मैंने सारे दिन इपची वाज नहीं सोनी
33:45से जरी हागे
33:50मैं किसी के मैना नहीं हूआ
33:51किसी को परवाही नहीं है मेरी
33:53अधे-धे-धे
33:56झान के तो नहीं?
34:01तुम तो हमारे घर की रहनक हो
34:03झान को प्यार वहानी है
34:04सब पात है
34:06जान गई हो
34:08जो किसे मैं लड़के उसलिए मेरे इनी हैति अपयो अभू को भी लड़के की है
34:14मैं एक रच्छा होती है मेरा भी दिल सा कि अब्द जबार कि हान लडका होता
34:22लेकिन इस और यह मतलब नहीं है कि तुम्हारी हैतिएत genome ni है
34:26अरे, तुमक अपनी दादो के प्यार पहतब आनी है?
34:35क्या कर सकती मेरे लिए?
34:37तुमारे लिए तु जीती हूँ, जा ने कर सकती तुमारे लिए
34:41सबसे लड सकती हैं?
34:43अहा, सबसे लडूंगी
34:46अबू से भी?
34:48अरे, मेरा बेटा है मजाल है, उसको मेरी बात के आगे अपना सद भी भाएए
34:54सच कहे रही है?
34:55हाँ, मिल्कु ठीक कहे रही हूँ, सच
34:58तुम बात बताओ क्या है?
35:00हाँ, बात बताओ की
35:01अभीद, आपनी मुझा फुष कर दिया
35:03हाँ
35:04मैं सच के जाओ
35:05मैं रहाँ, मैं रहाँ
35:17अरे, तुम फिर आगे?
35:28मैं अरे, मजबूरी में आया हूँ, मेरी भदत कीज़, मेरी बात बात में
35:33तुम अपने तीन महीने की दंखार डवास ले चुके दूँ
35:36अब और क्या तुमारी मदद की जाएगा
35:39सरवच में पराइफ कीजिए
35:40मैं अगर इस तरह रहम करने लगा
35:42तो चार दिन में दिवालिया हो जाएगा मेरा
35:46हटाओ इसको यहां से निकालो
35:48जोड़ साब
36:03यह सारी अवर काम करो काम when
36:13यह लोल
36:16यह क्या है
36:19मुझया कोई तुम्हाओजा तँ मिले गान responsible
36:23तुमारा भी चैक
36:25कही और काम करते तुम्हे अधा मिरते हैं
36:28बस्यादा वेक्टरी में तंसरा कौन देता
36:30इस फैक्टरी तुम्हारी नही नहीह
36:34मेर मतला बैब, आई जान अभी जिन्दा है
36:40बेतर यह होगा कि तुम अपने आपको मालिक नहीं
36:43एक इंप्लाई सिंचो
37:07संग मेरिया
37:10असाम अलेकम
37:11वालेकुम असलाम
37:12अज इतनी जल्दी?
37:14वो, कुछ वास काम नहीं था
37:20ये क्या है?
37:21मेरी सालिब
37:25माशा आल्लाथ
37:26बहुत-बहुत मभारक हो अब बहुत बड़कर डालेगा
37:29जाओ, जाकर गाधी के हाथ दो, वो खुष हो जाएंगी
37:33मुझे लेते वे पुशी नहीं है
37:35मैं अब एंपलॉई नहीं हो आप अपनामी
37:40अब बेवपूफ लड़के क्या पागलो वाली बातें कर रहे हो
37:42ये सालरी मैं तुम्हें दिलवाई गए
37:44अब तुम्हारी अपने पैसे होंगे
37:46जैसे जी चाहे का खर्च करोगे किसी से पुछना भी नहीं पड़ेगा
37:49और अगर कम पढ़े तो अब आसे और मांग ले मुझे
37:52नहीं ऐसी बात नहीं
37:55अचा चलो तुम दादी से मिलकर आओ
37:57मैं तुमारी खाना लगवाती हूँ
37:59नहीं भूख नहीं है जाय पी लूँ
38:02जाय पी लूँ
38:03जाय पी बन गएगी
38:04लिकिन जाकर टाती समिलकर आचो
38:08वरन जल्दी से मैं चाह बनारी हूँ
38:31वेगा लगी मैं तुम्ते मायूब समें
38:39अनुपार इकलोग
38:42यह क्या बत्तमीजी है?
38:43मैंने से नौक्टी से निकाल दिया है
38:45और अगर आएंदा मुझे तुम यहा नजर आए
38:47मैं तुमारी टांगे तुड़वा दूँगा
38:49विगड़ी और रात की जिम्मेदारी मा के कंदों पर होती है
38:51तुम आखिर बात मान क्यूं नहीं लेते?
38:54मैं गलत बात नहीं मान सकता
38:56इसमें क्या गलत है?
38:57उनके असूले उनके तरीके हैं
38:59तुम हर बात में दखल अदाजी क्यूं करते हो?
39:02मजबूरियां अपनी जगा और असूल अपनी जगा
39:05अगर मैं सब की मजबूरियां देखने लगा
39:07तो चल गई फैक्टरी
39:08चाचू रूल्स इंसानों के लिए बनते हैं
39:11और हमें इंसानियत के नाते
39:12एक दूसरे की मजबूरियां देखनी भी पड़ती है
39:15क्या आप तो मुझे इंसानियत का सबक सिखाओगे?
39:17मैं आपसे कहना चाह रहा हूँ कि
39:20माई बेटा अभी जाच
39:21जल्दी से केक काट मुझे बहुत भूग लगी है
39:25दादो बस उमर आजए फिर
39:27अरे बेटा वो तो बहुत लापरवा बच्या है
39:30पता नहीं उसको याद भी रहे के नहीं
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