- 2 days ago
Begangi - Ep 5 aPlus Drama
This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!
Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari
This is a story revolving around a family who’s head is Abdul Rehman. He has two sons Umar and Zaid. Mariam is the wife of Abdul Rehman and mother of Umar and Zaid. Abdul Rehman always favors Zaid over Umar and it may be due to the reason that since he is the elder son he has more expectations from him but also insults and criticizes him frequently. Stay tuned to see why he does that!
Director: Amin Iqbal
Producer: Sarfraz Ashraf
Writer: Rahat Jabeen
Cast: Nausheen Ahmed and Shehroz Sabzwari
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00:01ना होती ये रहे तन्हा के लिए
00:09ना आखो में साबन जड़ी आठा हड़ती
00:18होते ना तुम बेगाने बंते ना यू अफसाने
00:36हम बाप बेटे को कोई भी ऐसी चीज नहीं है जो एक दूसरे के मुकाबिल लाके खड़ा करते
00:41यही तो चलाग लोगों की निशानी है जो भी सच जूट कहें लोग मान लेते हैं
00:48तुम थेक यह तुमें लिखाया पढ़ाया इसलिए कि तुम मेरे वुखालिफ ग्रूप के साथ मिलकर पुछ पर कीचे रुचा लोग
00:56अच्छा तो फिर एक बात मैं आपको बता दो आपकी इस जागीर पे बहुत जल्ब कबजा होना
01:02चांच से मार दोगी उमर को कबजा करने वाले को बड़े तदना किरा दे हां हैं अच्छा सुनो ये तो
01:13बता दो क्या बात करने हैं गलती हो गए मजसे आप बैठी बात किजी अपनी जूबी से आगए
01:24इस नहीं जात था अँचमें के दिख शब मास को हैंटे जगो के दो
01:46कि कुएंगी है हुआ सिव एंपिछ मेंस्त औ लिख और भी करेता है
01:50का रात बात को
01:52प्रता कम आजये उमेंशन एल्ए जा हुएंटे
01:52पाईट
01:55अच्छा थीक है, आयाम जड़ी इसे जल्दी मान गे इसे जल्दी मान लिया
02:04अच्छा पूछ वह उससे भी पूछ लोगी तुम तो बताओ
02:12मुझे क्या पूछ पताओ
02:14जैत को मैं सब पताओ तुमने ही मुझे बताया था कि लड़की बहुत उपसूरत है
02:18और उमर उसके घर रोजाना जाता है और अगर नहीं जाता तो वह कॉल करके बुलाती है
02:25यह मैंने बताया था और किसने बताया था
02:35अब तुम्हारी दान क्यों निकल रहे हैं
02:39यह जो
02:59तक गया मेरा मेटा
03:06यह बहुत काम करता आपका बेट
03:10यह बात तो है
03:12और आने जाने की ठकन अलग
03:15यह मोटर सैकल की सवारी है ही बड़ी मुश्किल
03:19मैं आज तुम्हारे अबबा से बात करूंगी
03:21कि अब तुम्हारे पास गाड़ी होनी चाहिए
03:24अब बुगो देनी होगी तो फुद दे देंगे आप कुछ में बोड़ेगे
03:29बात करने में क्या हरच है
03:31फैक्टर के मैंजर को भी तुम इली हुई यह गाड़ी
03:34और तुम तुम आले के बेटे हो तुम्हे की नहीं मिल सकती
03:38मैं अपनी गाड़ी खुद खरीच सकती
03:42बाप के पैसे पर और अलाग का हाक होता है
03:45और जितनी मेहनत तुम करते हो ना
03:48तुम्हारा हक बहुत जाता है
03:51अम्ही आप तो ऐसे कह रहीं जैसे बच्पन से लेकर आज तक
03:54मुझे मेरे सारे हुकूप मिले
03:58चलो
04:00बेटे की हैसे से ना सही
04:02मगए फैटरी के मुलासिम की हैसे से तो बात कर सकती हूँ ना
04:06मैं आज ही तुम्हारे पासे बात करूँगी
04:09नहीं अम्ही आप बात नहीं करेंगा
04:12तुम्हारी अम्ही का भी तो दिल चाहता है
04:14कि मेरा MBA बेटा शांदार तरीके से गाड़ी चलाता हुआ घर आए
04:20आप एकर ना करे
04:22मैं बंदोबस कर रहा हूँ
04:23बहुत जल्द इंशालला आपको अपनी गाड़ी में बैठा नजर आओंगा
04:29इंशालला
05:00तुम्हें घर नहीं जाना?
05:02तुम्हें घर नहीं जाना?
05:02नहीं अब्दू मुझे आज थोड़ा ज्यादा काम है
05:05मैं थोड़ा लेता हूँगा
05:07ठीक है फिर सब लॉक कर लेना अची तरह से
05:09बार जोकीदार है अगर कुछ आई हो तो सूद ला लेना
05:12उसको बोलें घर चला जाए
05:13मैं सब कुछ वज लॉक कर दूँगा
05:14बचारा करीब मेरे लिए क्या इंतिजार करें
05:17ठीक है, ओके
05:18अल्ला आफ़र
05:21आफ़र
05:43झाल
06:07झाल झाल
06:16हेलो
06:18हाँ मैं बस अभी फारेग वाँ तुम शोरूम पर ही रोको मैं आरहा हूं
06:22आरहा हूं
06:23आरहा हूं
06:23अलावास
06:39तुमने गाड़ी ले नी
06:41नहीं गजा गाड़ी ले तुम बैठाओगी
06:43आरहा हूं
06:45आरहा हूं
06:46आरहा हूं
06:46वाट
06:47उन्होंने उमर पर इसाम नहीं लगाया
06:49मेरी तरभियत, मेरी परवरेश उगाली दी है
06:52मुझे इसाम दिया है उन्होंने
06:53इसाम ले तुम्झे
06:58उन्होंन आरहा हूं
07:20आरहा हूं
07:23छादो हम तर लोमर कोड़ी लेक है?
07:29कोड़ी लेटी..
07:30अइ परियेट तो है..
07:33अब इसको क्या हुआ है यह क्यों इसको चीकती पए रही है पुरे गरमें?
07:38रह्मान ने उुमर को काड़ी ले ले है?
07:48बहीड
07:56दो
07:56अब अब भाइ भी नहीं निकोर गाडी मुचवादा किया।
08:00दो रोधा महेंगी बठा तुमने कैसे लेगी जो है।
08:04इसाल्मिंस के लिए तुमने का अब जया है।
08:06तुमने गाडी ले ले ले नी?
08:08नहीं गज़ा गाडी ले ले तुम बैठोंगी
08:13अबू, भाई ले गाड़ी देगा, दोस्का शोरूम जो दोस्का शोरूम, जो अबन करदी है, कुछ करदी है, बाख इंसलोमंस करदी
08:24है, मुबारख जो तर्थ, ताय भू, हम लोग द्राइब कर लीजिए ले ने हैं, क्यों ने?
08:43जल ना, टेस्ट ट्राइब पर जलते हैं, तुम कौनती टेस्ट ट्राइब पर जा रहे हो, बैट जो जो चाप, चलो,
08:48चले, अरे अबू को बता चल गिया ना, कि तुम तोनों लोग ट्राइब पर गयो, तो क्यामत से पेले क्यामत
08:55आजाएगे,
09:11कि दो लेक्यामत बताइब जाएब लोग एजड रहे हो, बैट पर भीबूल्स करें, पर जाएब लोग जाएब पर बताइब
09:42हेहे
09:48हेहे
09:50हे experience
10:03हे
10:04है
10:09है
10:11है
10:13है
10:15है
10:43है
10:53है
11:15यह थे चुपके चुपके से उमर को गारी ले दी पानो कान किसी को खबर नहीं होने दी जैसे के
11:21हम बड़ा मना कर देते हमें क्यों खबर हो की फैक्टरी के करता भरता भाई जाने जितनी चाहे रग मनिकल
11:29वाले हमरी तरह कौन सा इनको इजासत की जरुत होती है
11:37जवार ऐसी बात कि लिए जॉइंट रकाउंट है। तुम्हारा जब जी चाहे जितनी चाहे रकम रकाउंट है। मैं तो दिखता
11:44भी नहीं है।
11:46और दुशी बात अमर, उमर ने गाड़ी मुझसे पैसे लेकर नहीं लिया।
11:52तो क्या पैसे दुख्तों पर लगते हैं कि उमर ने तोड़े हो जाकी गारी ले आए।
11:58उसके दोस्त का शोरूम है, कोई इंस्टॉर्मेंट वगरा का चक्कर है।
12:03और बाकी पैसे उसने शायद अपनी मोटर सैकल बेच कर दिया है।
12:07मेरे जैदू के भी कोई फिकर है कि मैं आप फिकर में करें अमाजी।
12:14मैं अपने जीते जी हर किसी का हक देख जाओ।
12:18अरे बिटा, में अला हमेशा जीता रखे बिटा।
12:22जाने की दिन तो हमारे हैं।
12:25मैं तो तुम तोनों बाहिएं के लिए अनलम्हे दौाय करती रहती।
12:31अमाजी ये अमर लाय था कानी की हुशी।
12:34मुबारेख हो।
12:37कुद लाते विए क्या उसके पैरों में मेंदी लगी लगी थी।
12:40अब रसे भी मैं मिठाई नही कहा सकती।
12:43शुकर के मरीज को मिठाई देने की बिजाए जहर देदे तो अच्छा है।
12:51इस एसरों लोगन की है।
12:57कर सकती।
12:59तो चाहराए ये दो खकती।
13:08असामलीकूम
13:11इस व्यासेती तो चाहराए?
13:14तो तो प्रेशान क्योंते उस्कान के दाए?
13:15आफिस से पांच लाख रुपा की रखम भाएगे वाट आप लोगों ने सबसे पूछा पुलीस को इंफॉर्म किया चोर जब
13:26घर में मौजूद हो हाला थाने में नहीं नहीं मचते क्या मतलब चोर का पता चल गए
13:36अबू क्या कह रही है अबू क्या कह रही है अमर तुम कल रात आफिस से किसमें पर निकले थे
13:48आप मुझसे तप्तीश करें मेरे सवाल का जवाब तुमने आफिस में कोई अन्यूजल चीज देखी कोई था तुम्हारे साथ
14:01तुम्हारे अबू अबू करें नहीं उस शुला बात कर रहें याप बात कर रहें अबूद्गू आप दोनों के रवई यहसो
14:09ऐसा लग रहा है कि आप लोगों के आगे मुल्दिम कऴगा है तुम हर बात को बढ़ावा यू देते हैं
14:13चोर मचाई शोर उस दबार मैं बात
14:17कर रहा हूं तो साफ बात करें कल रात तुम रात गए तक आफिस में थे तुम्हारे लाव आफिस में
14:29और कोई नी था चौकिदार को भी तुमने भेज दिया और खुद आफिस को लॉक करके घर गए थे कल
14:36रात तुम भी यहाँ थे और रकम भी गायद होती तो आप क्या कहना �
14:40की रखंै के रकम मैंने निकाली है और किसने निकाली है मैं अपने ही अफिस में चोड़ी क्यों करूंगा यह
14:46उपस तुम्हारा नहीं यह उफिस अधफिस अगल रह्मान का है यह
15:07अमर, ऐसे लगता है कि जैसे ये किसी घर के भेदी ने काम किया, आफिस के दर्वाजे का लॉक नहीं
15:15ठुका हुआ था, ऐसे लगता है कि जैसे उसे पता था के चाबी कहा पड़ी हुए है, वाउ, ये तो
15:25सीधा सीधा इर्जाम लगाया जा रहा है, आप लोग एक काम करें, प
15:39जिठाई देखी आपने इसकी, मैं संभाल रहा हूँ ना सब कुछ, इसका मतलब है कि आपको भी शक है कि
15:48सब उमर ने किया, उमर सब कुछ कर सकता है, लिकिन चोरी नी कर सकता है, वाउ बाज़ा, इस तरह
16:01तो आपसे और शेह दे रहे हैं,
16:03जबार तुम फैसला करके सजा मत सुना दिया करो, मैंने पुलीस को इसलिए यहां नहीं बुलाया, कि तुम्हारा कुछ पता
16:10नहीं होता कि तुम किस वक्त क्या बात कर दे रहे हैं, भाई जान, सचाई कर भी नी छुछ सकता
16:15है, जाम ताम, सिर्ये चाहता हूं कि चीज़ें �
16:45हुआ हुआ हुआ है
17:09हुआ है
17:09कि अचबbaby, तुम इतनी सेल्फी स्क्यू लेती है?
17:12सेडियक हो, कितने कुबसूरत हैं एं थो
17:16मुर्णतीच के हर खुबसूरत मोमेंट, का प्ने घुम के दिवार पर लगा हुए
17:20इसुआ नहीं आजीप कोकर थे
17:21आजीब शॉक है पड़ा किए
17:27सिंड़गी का हर लंहात माई साथ बिज़ू है
17:31सु सुना
17:33तुम अपने हाथ में कोई नहीं पैन दी
17:38तुमने दी नहीं
17:39तुमने दी नहीं
17:41तुटीक
17:43अब तुम्हें रिंग देने का बगत आ गया है
17:45वो भी संके साम
17:51अबी
17:54अबी
17:55फिल्यव लास
18:08क्या तक्रीफ है तुम्हें
18:09ओ माई गौट
18:10उसर मुझे अखेला शोड़कर फुड मन्ते के ली निगल गए
18:12कहां कहां काया क्या क्या क्या खाया
18:14सेथ, क्या बत्तमीजी है यह रफॉन दो
18:17बत्तमीजी यह नहीं
18:18तुम दोनों ने की थी
18:20जो कहता हुमर ने के था
18:22फॉन दो
18:23तुम तुम सरीके जर्मती
18:25और अब सजाब भूपती थी तियार हो
18:27अच्छ, क्या करो को
18:28मैं ये तसुरे अमाजी को दिखाऊंगा
18:30फिर देखना ऐसी तभाही आएगी ना
18:32माही तभाही
18:33जद, तो मैं सो फुष्यी रोगे पॉन दो
18:35पॉन दो
18:36येलोगे
18:37जद
18:38पॉन दो मेरा
18:39जद
18:40इनी पॉन
18:41जद
18:41का caption होगा
18:43जद में घहने मेरा पॉन दो
18:44जद
18:45किसानी भिलनी
18:46खंबाद मुची
18:48जद
18:48मेरा हतो माने जोगे
18:49ये जो गॉसलाई रे सापै
18:58एक और खुबसूरत मोमन कैप्चुर।
19:05भाई अज जल्दी आगए।
19:09आज रावी नहीं नहीं लिख रहा है।
19:11बिल्कुल नहीं लिख रहा है।
19:13सिचुएशन जाला गंबीर लगए।
19:16यहाँ खड़ियों के बाते बाते बनाने के बजाए।
19:20इस सिचुएशन में मैं शेर की किछार में नहीं जा रहा ह।
19:23और आपको यही मशुरा के आप ही नहीं चाहिएगा।
19:32यह क्या हो रहाँ अबदुरह्मान?
19:35आवाज धीमी रखो, कुछ नहीं रहा ह।
19:38मेरे कलेजे पर हाथ पड़ा है।
19:40और मैं अपनी आवाज धीमी रखो।
19:43उन्होंने उमर पर इसाम नहीं लगाया।
19:45मेरी तरभियत मेरी परवरे शुगाली दी है।
19:48मुझे इसाम दिया उन्होंने।
19:49असमा, प्लीज अपने आपको सबाला।
19:54किसी नहीं लगाया।
19:55हम लोग सरफ बात करें थे और वैसे भी बारगात को यह पूछ इस तो होगी।
20:00उमर सारा दिन वहां थे जाहरे उससे भी पूछना था।
20:03तुमें भी उमर की तरह बढ़ाने का शौक है।
20:06ना मै बेवकूफ और ना अमर।
20:10बात का लहजा उसकी तासीर बदल देता है।
20:14और जबार भाई तो मैं क्या करूँ तुमें पता है जबार की आद़ तब रखीजे पर पहले पहुचता और तहकीक
20:20बात में करता है।
20:21और उसने अगर उमर से पूछ लिया तो इसने क्या हो गया।
20:25उमर को चाहिए था कि तहमल से जवाब देता।
20:27वो तो वहां से ऐसे निकला है जैसे बंदूट से गोली निकलती।
20:30उसने कहां जाना था।
20:32अगर चोर होता तो मूँ छपाता घर ना आता।
20:35तुम उमर को समझाने की बजाए तुम मेरे से बहस कर रही हो।
20:38इस सबता आपके सामने आपकी बीवी नहीं।
20:40एक माँ खड़ी है।
20:47तुम फिकर नहीं करो।
20:52पहले की तरह इससे इल्जाम से भी परिया हो जाएगा।
20:57मैं जानता हूँ।
21:02ठीक है।
21:03आप कहते हैं तो मान लेती हूँ।
21:05मगर मुझे सिर्फ एक बात बढ़ा दे।
21:10उमर के खिलाफ ये अदालतें कब तक लगती रही।
21:23माई, मैं तुम्हारी कसम खाके कहता हूँ,
21:25मैं इस वक्त घर चोड़के जा चुका हुता ह।
21:28सिर्फ तुम्हारे लिए अपना नाम क्लियर करना है मुझे सिचोइशन से।
21:31घर का बच्चा है, वो ऐसी आरकत नहीं कर सकता।
21:34तो सबूत कैसे मेलेगा।
21:36पलीस को बलवाएं।
21:37सब्सक्त जखा हुआएंग
21:39सब्सक्त बलड़ायज n Popular
21:45सबुम्हार्ण्य और नाम सबुम्हारे वक्तक मेलेगा हुआएंग
21:50सब्सक्तबभ सब।
22:00सब्सक्त झाईएंग
22:23व्मोर जो मुट से कोज मत पूछना आभी
22:28नहीं तकशनी पूछनी
22:32सिर्फ तुम्हें देखना है थी तुम ठीक हो
22:37देख लिया? बिल्कुल ठीक हो मैं
22:40और तुम्हें तो बता होना चाहिए
22:42मारे घर भी तो सारी मीटिंग चल दी
22:45नई मैंने कुछ नहीं सुना
22:47तुम क्या सोच रहे हो
22:51खुल शाम तक मैं ओफिस में मौचूब था
22:55ये जो भी शख्स है मेरे घर जाने का मौन्तजर था
23:00जैसे ही मैं घर गया वो आफिस में ताखिर हुआ
23:03लॉक खोला और रकम निकाल के लिए गया
23:08तो?
23:11घर का बेदी था
23:15जानता था कि आफिस में रकम पड़ी है
23:18ताला खोला तोड़ा नहीं
23:22बहुत स्यादा अखर का पेथी था
23:24तो क्या ओफिस में कैमरा नहीं है?
23:27नहीं
23:30लेकिन बहाँ सिरफ हमारा ओफिस तो नहीं है
23:35ठीक एर रहे हो तुम
23:40हमारे साथ वाले ओफिस उसे बूचा जा सकता है
23:43शायद उनके पास कैमरा हो
23:46लेकिन ये सब तुम लोग क्यों कर रहे हो तो पुलीस का काम है नहीं
23:49तायबो पुलीस को क्यों नहीं मताते
23:51क्योंकि उन्हें भी मुझे शक है
23:53ऐसा नहीं है वो तुम पे शक क्यों करेंगे?
23:57बहुत बढ़ी बचा है
23:59मेरी गाड़ी
24:01क्या तुम लोगने कभी नहीं सोचा कि गाड़ी मेरे पास कांसे आई?
24:04कैसे खरीदी?
24:06नई
24:07नहीं
24:07हमारे जहनों में ऐसे सवाल कभी नहीं आ था
24:09उमर लड़ सकता है ज़गडा कर सकता है
24:12लेकिन ना ही उमर चोड़ी कर सकता है और ना ही जूट बोल सकता है।
24:15इतनी घटी अबाद कोई कैसे सो सकता है।
24:18आपने बहुत अची तक्रीर की लेकिन इस टम्रेह नहीं, काम की दूड़ता है।
24:23आप लिज जाएं!
24:25मैं कहीं नही जा रही!
24:33तुम क्या करने वाले हो?
24:38माई, मैं तुम्हारी कसम खा के गयता हूँ, मैं इस वग घर छोड़ के जा चुका हुता
24:43सिर्फ तुम्हारे लिए अपना नाम क्लेर करना है मुझे इस सिचुएशन से
24:47तुम्हें कुछ क्लेर करने की सवारती है
24:49तो यसा सोच भी नहीं सकता
24:52सोच रहे है, चाक्चु सोच रहे है
24:56ऐसा कुछ नहीं हो मैं
25:02अधिको माई, मैं जो इस वक्त अपने कदमों पे खड़ा हूँ
25:08सिर्फ तुम्हारे यकीन के सारे खड़ा हूँ
25:14प्लीज जाओ यहां से, प्लीज
25:35मैं फरान से बात करता हूँ
25:37हम से अगला ओफिस उसी का है
25:41वो सिक्यूरिटी के बारे में भी कॉंशिस है
25:46मेरा माथा तो उसी वक्त थटका था जब उसी वक्त थटका था जब वो गाड़ी लाग के मठाईया बात रहा
25:51था
25:51लो गाड़ी नहोगी मुफलिया होँगी तो पचास की जा ले आया इस दुकान ते
25:58ना माने मुचा ना इसने खबर ली आप लोग इस तरह बात ना करें हाँ बही इसकी बीवी को बुरा
26:05लाग जाएगा
26:07सबूत के बगार आप इस तरह बात कैसे कर सकते हैं घर का बच्चा है वो ऐसे अरकत नहीं कर
26:14सकता
26:16ना सुन लो बात तो सबूत कैसे मिलेगा पुलीस को बलवाए तब ही हकीकत सामने आएगी
26:26चले मान लिया कि उमर चोर नहीं था वगर कोई तो था जो भी था उसे पकड़ा जाना चाहिए
26:37लाकों रुपे थे आप तो लकीरी खेंच कर बैट गए हैं आज ये वारदात हो कि कल कुछ और हो
26:44जाएगा
26:44मैं खामोश नहीं बैठाओं एसे चों से बात हुई है मेरी अब ये अब ये फाई आर देज नहीं करवा
26:51जाती लेवल पेसे हल करने की कोशिश कर रहा हूं
26:55जो अब मर्जी आए करो लेकिन इस जरूर पूछो कि ये गाड़ी के लिए पैसे कहां से आएं मैंने दिये
27:05पैसे वा तुमारी कौन सी लॉट्री निकलाई है को जमा करके रखे थे और जो कमी थी उसके लिए मैंने
27:14जेवर बेच दिया है जेवर बेच ये और तुम जेवर क
27:24मैंने वही जेवर बेचा है जो मैं अपने साथ लेकर आई थी आपने पासे बेच दी हां बेच दी मेरा
27:40बेच गर्मी में धूप में मोटर साइकल पर धक्के खाता फिरे किस काम का मेरा जेवर जोस के काम ना
27:46सके
27:51मैंने बस एक माँ होने का फ़र्स निभाया है
27:56तरबान साब आप लोग F.I.R कटवा दें
27:59मैं गारिंटी देती हूँ
28:01उमर चोर नहीं है
28:13माशाला इतने खुलेख आते हैं
28:15कि बीवी ने पैसे जमा कर लिया और तुम्हें फटाई नहीं
28:22और एक हम सारी उमर लगा दी
28:26मगर एक चेक के लिए आज भी आपकी इजाज़त दरकार होती है
28:32अरे इसको कुछ मत कहो
28:33बीवी के सामने ये कुछ नहीं बोलता
28:46ममा जी बस अब मेरा जब जवाब देता जा रहा है
28:51अगर यही हालात रहे तो मैं अपना कारोबार अलग कर लूँगा
28:58अपना दिमाग जो है ना टिकाने रखो
29:00कौन सा कारवार क्या जैदार ये सब माहीन की है
29:04इसलिए तुम चुप रहो
29:26अपना दिमाग जो है ना टिकाने रखो
29:31तुम्हारा बजबन अभी तब नहीं गया
29:36जब तुम चोटी सी थी ना
29:39और मेरा दिल किसी बात पर दुखता था तो
29:41तुम इसी ताप चुपके से आकर मेरे बास बेट जाती थी
29:47और मैं समझ आती थी कि देल सिर्फ मेरा नहीं लुखा
29:59उमर की साथ वाल बार ऐसा क्यों हो रहे है
30:05कुद्रत उसे कुंदन बना रही है
30:09क्या मतलब
30:19उमर
30:20अमी आप परिशान हो आपका उमर आज भी अपने पेरों पर बना रहे है
30:35चले भाई
30:38तुम दुनों कहां जा रहे हैं
30:40अमी हमें काम से जा रहे हैं आके आपको बताते हैं
30:43नहीं अमर
30:45जब रिष्टों में तरार पड़ जाए
30:47तो बस आहत सिरूरी हो जाती है
30:49चलें भाई अमी इसको जारा तसली देखें जारा कैसा रंग उड़ा हुआ
30:59यह तो खुद मेरी तसली और होसला बन जानी है
31:02चलें
31:18चला
31:45करते हैं
31:47काम के बाद गोदाम में मिलो
31:52इस साब न मुझे गोदाम में क्यों गुलाया है
32:19ताबजी? ताबजी? ताबजी?
32:46ताबजी?
32:50जैड, उमर कहा है?
32:58कहां गया है वो?
32:59पत्ता नहीं.
33:01मैंने उसे काप पिड़ा, बुझे साथ लेकर जाए.
33:03अकेले ही चला गया.
33:04लेकिन वो गया कहा है, उसके जहन में क्या चल रहा है?
33:06वो क्या करना चा रहे? कुछ तो बता होगा तुमें?
33:08उसे पता चल गया है कि चोड़ी किस ने की वो उसके पीछे गया है उसे पता चल गया है
33:14हाँ
33:19किस ने किया है मैंने किया है तुमने लेकि तुमने इसा क्यों किया जहर्ट तुम बहुत ही बुद्रू प्रीस टूदी
33:35पॉइंट बात करो
33:35उमर को मुझरुम का पता चल गए वो उसके पीछे गया
33:39मैं साथ जाना चाहता था उज़े लेके ही नहीं गया
33:50दर मुझे सिरफ इतना है कि वो सखस को मार मार के खतम ही ना करते
33:54यह मामला उमर के लिए जिंदगी और मौत जैसे है
34:00और तुम यहां खड़े हो कर बाते कर रहे हो उसमें मना किया है
34:05मुझे दो मैं बात करो तुम सरफ दुआ करो और मैं खुदी कर दो
34:32बात में लंबे सो जाना अभी मुझे चल दी है
34:36अबर साब आपने मुझे या क्यों बांदा है
34:38चोरो को बांदा ही जाता है
34:40सर आखों पे नहीं बिठाया जाता
34:42उससे आप कसम लेले मैंने कोई चोरी नहीं करी
34:46युनिवरस्टी में मैंने एक स्टूडन्ट क्रूप जॉइन कर लिया था
34:50जब बात में पता चला क्योंके मकासित अच्छे नहीं है
34:53तो अम्मी के कहने पर खुश होता
34:56उनसे कुछ और सीखा हो या ना सीखा हो लेकिन घटी पस्ली तोना ज़ूर सीखा हूँ
35:02प्रटाओ ये रुकम क्यों चुराई और किसके कहने पर चुराई और साब नहीं हूँ
35:07मैं चूट सिरे पे एक बार सुनता हूँ
35:10और साब आप परे साथ अच्छे नहीं कर रहे
35:12मैं मैं तो पुलीस के पाज़ाओ गाँ ज़रूर
35:15मैं तुझे खुद पुलीस के परस बेगाज़ाओ और जब वो तेरी मनूस शकल देखीगी ना जो कैमरे में नजर आई
35:21है
35:21तो उसके मुकाबले में ये कुछ भी नहीं है जो वो तेरा हाल करेगी
35:31नहीं सब्सक्राइब
35:34सब्सक्राइब
35:35करेवा कई माँ को ये जाम रहीं हुआ एगी जोट नहीं बौल रहाँ जोट नहीं नहीं लॉकर कषाइब परवा कर
35:52दी गी
35:53मुझे मेरे पंचों की कशब ये सब मैंने रहबान साफ के गहने पे कियाए
36:07शेकार और जगिमे पंपे मयुः आफसा में
36:24क्यों आपको शेक्ट्री में देखना नीचा थे
36:27लेकिन क्यों से नहीं पता हूंवाँ सहब
36:30यहीं ही बिंसाब भू
36:32शहार पैस होगी लालश में आगया सहब
36:38वो अभी तक गड़ने आया है अज है फिकर लगा है नोकरी की तहलाइस में जा रहे हो जी मैंने
36:53सोचा अपनों की बेज़ती सुनने से बेहतर है इंसान दूसरों की नोकरी तल्बे मेरा भाई कुद्दार है आप तो कोई
36:59पाउ भी पगड़े ना तो फैक्ट्री नी जाएगा
37:01तो क्या बाद से पाउ पकड़ाएगा ने अब अब मेरा यह मतलब नहीं है तल्ब नहीं है हाँ हो रही
37:09है मेरे बड़े पर तुम्हार पास कोई गिफ नी था और इसके लिए तने सारे गए और यह तुमसे बाद
37:16किसरा कर रहे थे
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