00:00अब के मूरे निहमा को साधन ना ले चाओ
00:11अब तो लोगों की बाते तो मेरे सामने हर गिज मत करना
00:17लोगों का काम ही क्या है?
00:19लोग तो बस ताने देने और आप पे उंगली उठाने के लाइक हैं
00:27हाँ, ये जरूर करते हैं लोग कि हमारे घर का कोई निजी मामला होगा
00:31उसे उठा के पूरी दुनिया में तमाशा बना देंगे
00:35तुम को दी बताओ मेरे भाई, हम कितने मुश्किल वक्त से गुजर रहें
00:40आज तक कौनसा रिष्टेदार, कौनसा महले वाला आया पूछने के, बच्छो तुम ठीक हो
00:47अब के मूरे निहमा को, सादन ना दे चाओ
01:02या अल्ला, ये इशाद कहां रह गया है?
01:14सुभा से गया हुआ है, अब तक तो इसे वापिस आजाना चाहिए था
01:20अब तो मगर भी हो गई, वहाँ अम ये बच्छो भूके बैठे होंगे
01:28मुश्क तो डर लग रहा है, दिल बैठा जा रहा है मेरा
01:35बस जल्दी से इशाद आचाहिए
01:55ये लो, अब जल्दी जो बनाना न वो बना लो ताके मैं हॉस्पिटल जाओ
02:01लेकिन इशाद ये इतना सारा समान दम लाए कहां से हो
02:05भई तुम्हे आम खाने से मतलब है या पेड़ गिनने से
02:08इशाद अब तो मझे खौफजदा कर रहे है
02:12इसमें खौफजदा होने अली अब कौनसी बात है
02:15अब क्या करूँ
02:18अब तो हमारे घर के दिर्वाजे पे जब भी कोई दस्तक देता है तो एक अजीब सा खौफ दिल में
02:24वैच जाता है
02:26कोई आके इसमें पैसे ना मांगे लग जब तुम इतमनान रखो अब ऐसा कुछ नहीं होगा
02:34मगर फिर भी मुझे बताओ के इतनी सी देर में इतना सारा सामान तुम लाए कहा से हो
02:41अरे मेरा एक दोस्त है जमील
02:45उससे मैंने हजार रुपे उधार लियें बस कुछ दिन मैं वापस कर दूँगा
02:49हजार रुपे अरे जादा नहीं सिर्फ हजार रुपे तो ही लियें
02:54दो दिन का खर्चा निकल जाएगा और हस्पताल जाने का किराय भी हो जाएगा
02:58मगर एशाद दो दिन बाद क्या होगा तुम फिकर ना करो अल्ला सब बेतर कर देगा
03:10क्या हमारी जिम्हेदी की गाड़ी इन ही उधार खातों पर चलती रहेगी
03:14कब तक कब तक हम एक दूसरे की शत्में आस्मों बरे निगाओं से देखते रहेंगे
03:25और एक दूसरे के लिए सवाल या निशान बने रहेंगे
03:32ना भाई की नौकरी है ना घर में राशन है अब भी अस्पताल में है या अल्ला तु हमारी परशानी
03:40दूर कर दे दिन फेर दे हमारे या अल्ला दिन फेर दे हमारे
03:59आज तुमने आने में काफी देर कर दी और अगर उसे था था तो बज्जो को भीज़ देते हैं
04:07देखो माला तुम्हें पता है कि हॉस्पिटल जाने के लिए दो दो बसे बदलनी बना और वैसे भी मैंने अम्मी
04:14और बज्जो को कहा था कि आप लोग काफी थक गए
04:17भई घर चले जाए उन्होंने मेरी बाती नहीं मानी मुझे कहा कि तुम घर चले जाओ क्योंके माला के लिए
04:24मैं तो केली हूँ लेकिन मेरे साथ एक चोटी बच्ची भी है तुम्हें नहीं पता चिडिया इतनी जिद कर रहे
04:31थे
04:31मुश्किस इससे कहानी सुना के बहला के सुराए बहुत रो रही दो बचाने
04:38लेकिन चिडिया उस्पिटल कैसे जा सकती है
04:42हाँ मैंने इसे संजा तो दिया कि वो हस्पितल नहीं जा सकती है
04:47लेकिन वो बच्चो को बकुत यादकर रही है
04:51हाँ बच्चो है कि बच्चो की भात कुछ और है
04:54हाँ वो बढ़ ठीक है कि चडिया मुझ से बहुत हिली हूँ है
04:58मेरे से प्यार भी करती है, लिकिन जो भी हो, बज्जो उसकी माँ है, और अबच्छे पने माओं के बहुत
05:05करीब होते हैं, हाँ, हाँ, तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो, सच में माला बहुत भूग लगी, कुछ खाने के
05:11लिए लादो, हाँ, सुनो, मैं तुम्हे बताना भूल �
05:17करी थी कि अज बिजली और गैस दोनों का बिल आ गया है, और उसके साथ पिछले महीने का बिल
05:22भी लग किया है, क्योंकि वह मने अदा नहीं किया था, अच्छा, है, अभी ये बात छोड़ो, तुम जाओ, हाथ
05:30मुदो लो, मैं तुम्हे ले खाना लेके आती है, तुमने ठी
05:46अधरी में था, नख्रे दिखा रहा होगा, नख्रे, नख्रे की इस बात पर? ऐसे लड़के शुरू-शुरू में नख्रे ही
05:55दिखा ते, शुरू-शुरू में.. तुम कहना क्या चाहती हो, मुझे को समझ में नहीं आ रहा? साब समझ में
06:02आ जाएगा, आता-आश्ता, कहना
06:05क्या जाती हो तुम
06:09तुमको सज्जो से जान छोड़ानी है
06:13तो फिर इस यासर को
06:14अपनी मुठी में ले लो
06:17हाँ लग तो पैसे वाला रहा था
06:20सिर्फ लग नहीं रहा था
06:21तुमने उसकी ड्रेसिंग देखी थी
06:24हाँ पे तुम ठीक कह रही हो
06:27मैं सिर्फ ठीक कहती ही नहीं हूँ, ठीक करती भी हूँ
06:32पर एक बात मुझे बहुत परिशान कर रही है
06:36वो क्या?
06:38अगर उस एलेक्टरिशन से तुमने शादी ना की, तो गंटी भी मेरे गले में बन जाएगी
06:43फाहिजा, तुमने फिर मेरी दुख्ती रख पे हाथ रख दिया?
06:47सही तो बोल रही हूँ मैं
06:49मैं नादिर के लावा किसी से शादी नहीं करूँ हूँ, समझ लो तुम
07:03आ रही हूँ
07:12अब्बू की चलने बरतंद हो रही थी
07:17जैनब क्या बात है आजकल वो, तुम्हारी बेतरीन दोस्त, रुकईया नहीं आ रही है और नहीं तुम उसकी तरफ जा
07:23रही हूँ
07:25क्या बात है अब्बू, यह आज आपको रुकईया की याद कैसे आ गई?
07:29यादों पे किसी का पैरा थोड़ी होता है, बस आ गई यहाँ
07:34अब्बू, आप जानते हैं, अम्मी आपकी इस बासे कितना नाराज है
07:38वह इसमें नाराजगी क्या बात है, ऐसी कौन से गल्दी करती मैंने
07:41और उसे सीधे बू बात करनी नहीं आती, जब भी करेगी उलजने वाली बात करेगी
07:47अल्ला करे, अम्मी के मिज़ाज में भी कहमोल आ जाए
07:50बेटा अगर तुम भी वही सोच रही हो, जोके नामुम्किन है
07:55और अगर उसको रुकिया से मसला है, तो वाकि तुम भी नाजर का ख्याल चोड़ दो
08:01लेकिन अबू, आपने तो कहा था, मेरे साथ है
08:04मैं तुम्हारे साथ हूँ
08:07बल्के जब तक मेरी जिन्दगी है, मैं तुम्हारे साथ हूँ
08:10लेकिन ये तो आपने बिल्कुल अलग बात कर दी
08:12विड़ा ऐसा करो, इस बात को सोचो
08:16अबू, आप अपनी बात सब फेर रहे है
08:18ये किस किसें के बत्तमीजे से बात कर रही हैं उससे
08:26अच्छा जाओ, जाओ मैना अगलाव बेरे लिए
08:40आपी, या सिर्फ फोन नहीं उठा रहा
08:43मुझे बाते मत करो, फाइजा
08:46मैंने ऐसे क्या बात कर दी?
08:48मुझे कुछ नहीं सुनना
08:51यार, तुम्हारा मूट खराब है
08:54दूसरों का मूट खराब तो मत करो
08:57अब्बू को चाय देकर आ रही हो
08:59अच्छा, तभी जान निकल रही है क्योंके चाय देकर आई हो
09:03यार, पहले वो दुकाया का जिकर देकर बैट गया है
09:06फिर मुझे कहने लगे मैं नादिर को भूल जाओ
09:09पर आपी, अब्बू तो तुम्हारे साथ थे ना?
09:14यही तो मेरी भी समझ नहीं आ रहा है
09:16यह आज अचानक उनको क्या हो गया है
09:20जरूर अब्बू को अमी ने अपनी बातों में भिला फुसला लिया होगा
09:24अब्बू और अमी की बातों में आ जाए
09:27बड़ी अजीब हो गरीब बात कर दी तुम्हारे
09:30फिर वो ऐसी बाते क्यों कर रहे हैं?
09:33यही मेरी समझ नहीं आ रहा है
09:37अगर तुम कहो तो क्या में अब्बू से बात करूँ?
09:40नहीं, कोई जरूरत नहीं है
09:42तो फिर इस मामले का हल कैसे निकलेगा?
09:46कोई नहीं कोई हल जरूर निकलाएगा
09:48तुम फिकर मत करो
09:57तुम मुझे क्यों तंग कर रहे हो?
09:59अरे मुझे क्या जरूरत है तुम्हें तंग करने की?
10:02तो पर बाबाफोण क्यों कर रहे हो?
10:05अपनी सफाई पेश करने के लिए और क्या?
10:08सफाई वो पेश करता है जिसके दिल में चोर हो
10:11एक्स् loneliness मी
10:12नहीं, मेरे दिल में कोई चौर नहीं है, बगर सच जरूर है
10:16ये अच्छा तरीका है, अपने आपको बचाने का
10:19आखिर तुम मेरी बात का यकीन क्यों नहीं कर दी
10:22जो कुछ मैने अपनी आखों से देखा
10:24उसके बात मेरी तुम कहते है।
10:28ऐसा कौन सा जर्म किया है मैंने
10:31यहनी कि तुम्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं कि तुमने क्या किया है
10:35सीमी देखो, अंदाज़ा तो मैं उस वक्त करूना जब मैं कुसूर reflects है
10:39मेरे पास तुम्हारी बेकार की वाते सुनने के लिए वक्त नहीं है ठीक है
10:43सीमी तुम खाम खा की गलत फाहमी पाल रही हो अपने दिमाग पर
10:48और सुनो ये हमारे फ्यूचर के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं
10:51जो कुछ तुम कर चुके हो तुम्हे उससे पहले ही सब कुछ सोचना चाहिए था
10:56अरे यार यार ऐसा क्या किया है मैंने
11:00गुड़ बाई अल्ला आफिस
11:07अजीब लड़की रही है
11:11यार कमाल अभी तक अम्मी नहीं आई
11:16हाँ यार वक्त तो बहुत हो गय
11:22अभी अभ मुझे परिशानी हो रही है
11:25मैं अभू को बताती हूँ
11:27अभू को बताने से क्या होगा
11:30अभू कम से कम हो फैक्टरी जाकर पता कर लेंगे
11:34अभू अभू अम्मी की बंदी का है
11:37और वैसे भी आपी, अबू तो खुशी होते हैं जब अमी फैक्टरी जाती है
11:44हाँ, कह तो तुम ठीक रही हो
11:48लेकिन अगर अगर अगर अगर देड़ से आना था, तो कम सिंग आमे कॉल कर दे दी
11:55आपी, वैसे ऐसा कभी नहीं हुआ
11:59तुम वाक़ी सिकर हो रही है
12:04अब क्या होगा यार?
12:06क्या मतलब क्या होगा?
12:08तुम ने देखा नहीं था, उस दिन रिशाद कितना परिशान था
12:12हाँ यार, इसके अबू को डॉक्तर में जवाग दिए यार
12:15बस यार, अल्ला खेर करें
12:18यार, मुसकी कोई मदद नहीं कर सकते
12:20कैसे मदद करें?
12:22उस दिन देखा नहीं था, बुल्षेर ने किस तरह जबटा माला था पेसों पर?
12:26इस दफ़ हम लोग खमोशती कोई मदद कर देते हैं
12:29मेरा दो भुश के लिए
12:31एक पर कोशिश करने में कोई हज नहीं है
12:33मैंने पिसली दफ़ा भी बहुत कोशिश की थी
12:35लेकिन मुझसे नहीं हो पाया
12:37वो हमारा दोस्त है, यार
12:41हम इसकी मदद करनी चाहिए
12:43अब बुल्षेर से भी बहुत डर लगता है
12:45वो काकड़दा बहुत खास आदमी है
12:48अल्ला से डरो यार, अल्ला से
12:49अल्ला से कौन ने जरता मेरे भाई
12:51बाद दुआ करो यार, इर्षाद की अबूठी को जाए यार
12:54आमी
12:56आमी
13:19अल्ला से अल्ला
13:35अल्ला
13:39पांदिन मूपक हो जा कि जीजय को आ रहा नहें?
13:43hints सकते हो
13:49कि आपकैया।
13:49छिखतीस केकम मुलीक है वानों जीजा।
13:52ज compartेंगे भी अपिरोन का तूल कोज़े
13:53में ढूनिस से हो आपज़े।
13:55एक हृणाया।
13:55एक प्चके सश्डिक लेके
13:59ुख जिन्गे पांगा, ए्लिचे इड़ीं, एलिचे, एलिचे, एलिचे!
14:04एलिचे!
14:08लखतूने!
14:52झाल झाल
15:24झाल
15:39झाल
16:09झाल
16:33आपी, अब क्या करें?
16:36अबुपी अबी तक सो रहा है अर अमी भी अबी तक नही आई हाई?
16:40हाँ, मेरा दिल बहुत घबरा रहा है, सुवज यहारा क्या करों?
16:46अपी, अच्छी अच्छी बाते करें
16:55का सामलेको अम्मी?
16:58वालेकुमसलाम
17:02अम्मी, आप ठीक तो है ना?
17:05अम परी रात से जाग दे हैं
17:07मैं ठीक हूँ, ठीक हूँ
17:09अम्मी अगर आपको फैक्क्री में देर हो रही थी
17:11तो कम से कम एक कॉल कर देती
17:14पाइजा मुझे पानी पिलाओ
17:16पाइजा, अम्मी को पानी पिलाओ
17:17जी मैं लाती हूँ
17:20अम्मी आपको पता है
17:21हम लोग कितना परिशान हो गए था
17:23अरे रात को वो
17:25नाइट शिफ्ट लग गई थी, काम बहुत था
17:28मेरे तु जहन में नहीं रहा कि तुम्हे एक फॉन कर दो
17:32आपको एक कॉल कर देनी चाहिए थी
17:34बड़ी परवा हो रही है अज मेरी
17:36तुम्हे क्या
17:37मैं बर हूँ या जी हो
17:39अना दा करें अम्मी
17:40या आप कैसी बाते करें हैं
17:42तुम लोगों को जैसे मेरी बड़ी परवा है
17:45अम्मी
17:46आपने कॉल क्यों नहीं की ये तो बताएं
17:48शिप्मेट लेट हो गई थी बेटा
17:50और नाई शिफ्ट लग गई
17:53काम इतला जादा था
17:54कि ये तहन से ही निकल गया
17:58हद होती है अम्मी
17:59एक कॉल करने में कितना टाइम लगता है
18:01आज बड़ा एसास हो रहा है मेरा
18:04लेकिन मेरी बात का कोई असर नहीं होता तुम पर
18:06अम्मी प्लीज आप कोई और बात शुरू
18:30कि अधिक्ते बढ़ते एक ही बात परती रहती है
18:39मैंने तुम्हारा काम करा दी
18:44क्या मतलब
18:47मैंने उन पेपर्स पर साइन इसलिए नहीं कराए थे
18:50कि तुम अपनी बात से मोगर जाओ
18:52हमारी डील पचास लाख में होती इसमें से पच्चिस लाख तुम मुझे दे चुके हो
18:58तुमारे लिए अच्छा होगा कि मेरे बकाया के पच्चिस लाख मुझे बच्बात हो
19:01परना तुम अच्छी तरह जाते हो
19:04कि नहीं काम पुकवा भी सकता हूँ
19:06और इसे मेरी इभधाम की मत समझे हूँ
19:11अब के मोरे नहना को साधन ना ले चाओ
19:21अरे फाइजा ये दर्बाजे पे खड़ी क्या कर रही हूँ
19:26अब ये फकीर था आप तो अंदर अराम कर रहीं थी ना
19:31हाँ अजीब से घवराद हो रही थी नींद भी नहीं आरी इस तर चोड़के उड़ गई
19:38मैं आपके लिए चाय बना के लाती हूँ
19:42ये जैनब का ये जैनब नजन में आई मुझे
19:45मैंने कभी कोई खलत फैसला नहीं किया और ना ही कोई जलबाजी की
19:49कि अच्छा आपी रुकईया पे भी तो यहीं चाहती थी ना कि आप उनकी बाबी बने रुकईया से तो मुझे
19:58अच्छी तहना निमटना थी
20:02कि आपके मुरे नहना को सादन आई जो