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  • 3 months ago
GhareebZaadi Ep 42 - A Plus Entertainment

The story revolves around the societal struggles, family politics, and hardships faced by the titular character, exploring themes of resilience, class divide, and difficult domestic dynamics.

Directed by:
Naveed Jaffery
Written by:
Ibn-e-Aaas
Produced by:
Gold Bridge Media
Cast:
Suzzaine Fatima
Shakeel Ahmed
Ghazala Kaife
Saleem Mairaj
Ajab Gul
Resham Naqvi
Tipu Shareef
Parveen Akbar
Atif Rathore
Shahid
Saima Naz
Zara Gul
Tabbasum Arif
Rana Majid
Arooj Ali
Saira
Afnan
Faisal Naqvi

Category

📺
TV
Transcript
00:00अब के मूरे निहमा को साधन ना ले चाओ
00:11अब तो लोगों की बाते तो मेरे सामने हर गिज मत करना
00:17लोगों का काम ही क्या है?
00:19लोग तो बस ताने देने और आप पे उंगली उठाने के लाइक हैं
00:27हाँ, ये जरूर करते हैं लोग कि हमारे घर का कोई निजी मामला होगा
00:31उसे उठा के पूरी दुनिया में तमाशा बना देंगे
00:35तुम को दी बताओ मेरे भाई, हम कितने मुश्किल वक्त से गुजर रहें
00:40आज तक कौनसा रिष्टेदार, कौनसा महले वाला आया पूछने के, बच्छो तुम ठीक हो
00:47अब के मूरे निहमा को, सादन ना दे चाओ
01:02या अल्ला, ये इशाद कहां रह गया है?
01:14सुभा से गया हुआ है, अब तक तो इसे वापिस आजाना चाहिए था
01:20अब तो मगर भी हो गई, वहाँ अम ये बच्छो भूके बैठे होंगे
01:28मुश्क तो डर लग रहा है, दिल बैठा जा रहा है मेरा
01:35बस जल्दी से इशाद आचाहिए
01:55ये लो, अब जल्दी जो बनाना न वो बना लो ताके मैं हॉस्पिटल जाओ
02:01लेकिन इशाद ये इतना सारा समान दम लाए कहां से हो
02:05भई तुम्हे आम खाने से मतलब है या पेड़ गिनने से
02:08इशाद अब तो मझे खौफजदा कर रहे है
02:12इसमें खौफजदा होने अली अब कौनसी बात है
02:15अब क्या करूँ
02:18अब तो हमारे घर के दिर्वाजे पे जब भी कोई दस्तक देता है तो एक अजीब सा खौफ दिल में
02:24वैच जाता है
02:26कोई आके इसमें पैसे ना मांगे लग जब तुम इतमनान रखो अब ऐसा कुछ नहीं होगा
02:34मगर फिर भी मुझे बताओ के इतनी सी देर में इतना सारा सामान तुम लाए कहा से हो
02:41अरे मेरा एक दोस्त है जमील
02:45उससे मैंने हजार रुपे उधार लियें बस कुछ दिन मैं वापस कर दूँगा
02:49हजार रुपे अरे जादा नहीं सिर्फ हजार रुपे तो ही लियें
02:54दो दिन का खर्चा निकल जाएगा और हस्पताल जाने का किराय भी हो जाएगा
02:58मगर एशाद दो दिन बाद क्या होगा तुम फिकर ना करो अल्ला सब बेतर कर देगा
03:10क्या हमारी जिम्हेदी की गाड़ी इन ही उधार खातों पर चलती रहेगी
03:14कब तक कब तक हम एक दूसरे की शत्में आस्मों बरे निगाओं से देखते रहेंगे
03:25और एक दूसरे के लिए सवाल या निशान बने रहेंगे
03:32ना भाई की नौकरी है ना घर में राशन है अब भी अस्पताल में है या अल्ला तु हमारी परशानी
03:40दूर कर दे दिन फेर दे हमारे या अल्ला दिन फेर दे हमारे
03:59आज तुमने आने में काफी देर कर दी और अगर उसे था था तो बज्जो को भीज़ देते हैं
04:07देखो माला तुम्हें पता है कि हॉस्पिटल जाने के लिए दो दो बसे बदलनी बना और वैसे भी मैंने अम्मी
04:14और बज्जो को कहा था कि आप लोग काफी थक गए
04:17भई घर चले जाए उन्होंने मेरी बाती नहीं मानी मुझे कहा कि तुम घर चले जाओ क्योंके माला के लिए
04:24मैं तो केली हूँ लेकिन मेरे साथ एक चोटी बच्ची भी है तुम्हें नहीं पता चिडिया इतनी जिद कर रहे
04:31थे
04:31मुश्किस इससे कहानी सुना के बहला के सुराए बहुत रो रही दो बचाने
04:38लेकिन चिडिया उस्पिटल कैसे जा सकती है
04:42हाँ मैंने इसे संजा तो दिया कि वो हस्पितल नहीं जा सकती है
04:47लेकिन वो बच्चो को बकुत यादकर रही है
04:51हाँ बच्चो है कि बच्चो की भात कुछ और है
04:54हाँ वो बढ़ ठीक है कि चडिया मुझ से बहुत हिली हूँ है
04:58मेरे से प्यार भी करती है, लिकिन जो भी हो, बज्जो उसकी माँ है, और अबच्छे पने माओं के बहुत
05:05करीब होते हैं, हाँ, हाँ, तुम बिल्कुल ठीक कह रही हो, सच में माला बहुत भूग लगी, कुछ खाने के
05:11लिए लादो, हाँ, सुनो, मैं तुम्हे बताना भूल �
05:17करी थी कि अज बिजली और गैस दोनों का बिल आ गया है, और उसके साथ पिछले महीने का बिल
05:22भी लग किया है, क्योंकि वह मने अदा नहीं किया था, अच्छा, है, अभी ये बात छोड़ो, तुम जाओ, हाथ
05:30मुदो लो, मैं तुम्हे ले खाना लेके आती है, तुमने ठी
05:46अधरी में था, नख्रे दिखा रहा होगा, नख्रे, नख्रे की इस बात पर? ऐसे लड़के शुरू-शुरू में नख्रे ही
05:55दिखा ते, शुरू-शुरू में.. तुम कहना क्या चाहती हो, मुझे को समझ में नहीं आ रहा? साब समझ में
06:02आ जाएगा, आता-आश्ता, कहना
06:05क्या जाती हो तुम
06:09तुमको सज्जो से जान छोड़ानी है
06:13तो फिर इस यासर को
06:14अपनी मुठी में ले लो
06:17हाँ लग तो पैसे वाला रहा था
06:20सिर्फ लग नहीं रहा था
06:21तुमने उसकी ड्रेसिंग देखी थी
06:24हाँ पे तुम ठीक कह रही हो
06:27मैं सिर्फ ठीक कहती ही नहीं हूँ, ठीक करती भी हूँ
06:32पर एक बात मुझे बहुत परिशान कर रही है
06:36वो क्या?
06:38अगर उस एलेक्टरिशन से तुमने शादी ना की, तो गंटी भी मेरे गले में बन जाएगी
06:43फाहिजा, तुमने फिर मेरी दुख्ती रख पे हाथ रख दिया?
06:47सही तो बोल रही हूँ मैं
06:49मैं नादिर के लावा किसी से शादी नहीं करूँ हूँ, समझ लो तुम
07:03आ रही हूँ
07:12अब्बू की चलने बरतंद हो रही थी
07:17जैनब क्या बात है आजकल वो, तुम्हारी बेतरीन दोस्त, रुकईया नहीं आ रही है और नहीं तुम उसकी तरफ जा
07:23रही हूँ
07:25क्या बात है अब्बू, यह आज आपको रुकईया की याद कैसे आ गई?
07:29यादों पे किसी का पैरा थोड़ी होता है, बस आ गई यहाँ
07:34अब्बू, आप जानते हैं, अम्मी आपकी इस बासे कितना नाराज है
07:38वह इसमें नाराजगी क्या बात है, ऐसी कौन से गल्दी करती मैंने
07:41और उसे सीधे बू बात करनी नहीं आती, जब भी करेगी उलजने वाली बात करेगी
07:47अल्ला करे, अम्मी के मिज़ाज में भी कहमोल आ जाए
07:50बेटा अगर तुम भी वही सोच रही हो, जोके नामुम्किन है
07:55और अगर उसको रुकिया से मसला है, तो वाकि तुम भी नाजर का ख्याल चोड़ दो
08:01लेकिन अबू, आपने तो कहा था, मेरे साथ है
08:04मैं तुम्हारे साथ हूँ
08:07बल्के जब तक मेरी जिन्दगी है, मैं तुम्हारे साथ हूँ
08:10लेकिन ये तो आपने बिल्कुल अलग बात कर दी
08:12विड़ा ऐसा करो, इस बात को सोचो
08:16अबू, आप अपनी बात सब फेर रहे है
08:18ये किस किसें के बत्तमीजे से बात कर रही हैं उससे
08:26अच्छा जाओ, जाओ मैना अगलाव बेरे लिए
08:40आपी, या सिर्फ फोन नहीं उठा रहा
08:43मुझे बाते मत करो, फाइजा
08:46मैंने ऐसे क्या बात कर दी?
08:48मुझे कुछ नहीं सुनना
08:51यार, तुम्हारा मूट खराब है
08:54दूसरों का मूट खराब तो मत करो
08:57अब्बू को चाय देकर आ रही हो
08:59अच्छा, तभी जान निकल रही है क्योंके चाय देकर आई हो
09:03यार, पहले वो दुकाया का जिकर देकर बैट गया है
09:06फिर मुझे कहने लगे मैं नादिर को भूल जाओ
09:09पर आपी, अब्बू तो तुम्हारे साथ थे ना?
09:14यही तो मेरी भी समझ नहीं आ रहा है
09:16यह आज अचानक उनको क्या हो गया है
09:20जरूर अब्बू को अमी ने अपनी बातों में भिला फुसला लिया होगा
09:24अब्बू और अमी की बातों में आ जाए
09:27बड़ी अजीब हो गरीब बात कर दी तुम्हारे
09:30फिर वो ऐसी बाते क्यों कर रहे हैं?
09:33यही मेरी समझ नहीं आ रहा है
09:37अगर तुम कहो तो क्या में अब्बू से बात करूँ?
09:40नहीं, कोई जरूरत नहीं है
09:42तो फिर इस मामले का हल कैसे निकलेगा?
09:46कोई नहीं कोई हल जरूर निकलाएगा
09:48तुम फिकर मत करो
09:57तुम मुझे क्यों तंग कर रहे हो?
09:59अरे मुझे क्या जरूरत है तुम्हें तंग करने की?
10:02तो पर बाबाफोण क्यों कर रहे हो?
10:05अपनी सफाई पेश करने के लिए और क्या?
10:08सफाई वो पेश करता है जिसके दिल में चोर हो
10:11एक्स् loneliness मी
10:12नहीं, मेरे दिल में कोई चौर नहीं है, बगर सच जरूर है
10:16ये अच्छा तरीका है, अपने आपको बचाने का
10:19आखिर तुम मेरी बात का यकीन क्यों नहीं कर दी
10:22जो कुछ मैने अपनी आखों से देखा
10:24उसके बात मेरी तुम कहते है।
10:28ऐसा कौन सा जर्म किया है मैंने
10:31यहनी कि तुम्हें इस बात का अंदाज़ा नहीं कि तुमने क्या किया है
10:35सीमी देखो, अंदाज़ा तो मैं उस वक्त करूना जब मैं कुसूर reflects है
10:39मेरे पास तुम्हारी बेकार की वाते सुनने के लिए वक्त नहीं है ठीक है
10:43सीमी तुम खाम खा की गलत फाहमी पाल रही हो अपने दिमाग पर
10:48और सुनो ये हमारे फ्यूचर के लिए बिलकुल भी अच्छा नहीं
10:51जो कुछ तुम कर चुके हो तुम्हे उससे पहले ही सब कुछ सोचना चाहिए था
10:56अरे यार यार ऐसा क्या किया है मैंने
11:00गुड़ बाई अल्ला आफिस
11:07अजीब लड़की रही है
11:11यार कमाल अभी तक अम्मी नहीं आई
11:16हाँ यार वक्त तो बहुत हो गय
11:22अभी अभ मुझे परिशानी हो रही है
11:25मैं अभू को बताती हूँ
11:27अभू को बताने से क्या होगा
11:30अभू कम से कम हो फैक्टरी जाकर पता कर लेंगे
11:34अभू अभू अम्मी की बंदी का है
11:37और वैसे भी आपी, अबू तो खुशी होते हैं जब अमी फैक्टरी जाती है
11:44हाँ, कह तो तुम ठीक रही हो
11:48लेकिन अगर अगर अगर अगर देड़ से आना था, तो कम सिंग आमे कॉल कर दे दी
11:55आपी, वैसे ऐसा कभी नहीं हुआ
11:59तुम वाक़ी सिकर हो रही है
12:04अब क्या होगा यार?
12:06क्या मतलब क्या होगा?
12:08तुम ने देखा नहीं था, उस दिन रिशाद कितना परिशान था
12:12हाँ यार, इसके अबू को डॉक्तर में जवाग दिए यार
12:15बस यार, अल्ला खेर करें
12:18यार, मुसकी कोई मदद नहीं कर सकते
12:20कैसे मदद करें?
12:22उस दिन देखा नहीं था, बुल्षेर ने किस तरह जबटा माला था पेसों पर?
12:26इस दफ़ हम लोग खमोशती कोई मदद कर देते हैं
12:29मेरा दो भुश के लिए
12:31एक पर कोशिश करने में कोई हज नहीं है
12:33मैंने पिसली दफ़ा भी बहुत कोशिश की थी
12:35लेकिन मुझसे नहीं हो पाया
12:37वो हमारा दोस्त है, यार
12:41हम इसकी मदद करनी चाहिए
12:43अब बुल्षेर से भी बहुत डर लगता है
12:45वो काकड़दा बहुत खास आदमी है
12:48अल्ला से डरो यार, अल्ला से
12:49अल्ला से कौन ने जरता मेरे भाई
12:51बाद दुआ करो यार, इर्षाद की अबूठी को जाए यार
12:54आमी
12:56आमी
13:19अल्ला से अल्ला
13:35अल्ला
13:39पांदिन मूपक हो जा कि जीजय को आ रहा नहें?
13:43hints सकते हो
13:49कि आपकैया।
13:49छिखतीस केकम मुलीक है वानों जीजा।
13:52ज compartेंगे भी अपिरोन का तूल कोज़े
13:53में ढूनिस से हो आपज़े।
13:55एक हृणाया।
13:55एक प्चके सश्डिक लेके
13:59ुख जिन्गे पांगा, ए्लिचे इड़ीं, एलिचे, एलिचे, एलिचे!
14:04एलिचे!
14:08लखतूने!
14:52झाल झाल
15:24झाल
15:39झाल
16:09झाल
16:33आपी, अब क्या करें?
16:36अबुपी अबी तक सो रहा है अर अमी भी अबी तक नही आई हाई?
16:40हाँ, मेरा दिल बहुत घबरा रहा है, सुवज यहारा क्या करों?
16:46अपी, अच्छी अच्छी बाते करें
16:55का सामलेको अम्मी?
16:58वालेकुमसलाम
17:02अम्मी, आप ठीक तो है ना?
17:05अम परी रात से जाग दे हैं
17:07मैं ठीक हूँ, ठीक हूँ
17:09अम्मी अगर आपको फैक्क्री में देर हो रही थी
17:11तो कम से कम एक कॉल कर देती
17:14पाइजा मुझे पानी पिलाओ
17:16पाइजा, अम्मी को पानी पिलाओ
17:17जी मैं लाती हूँ
17:20अम्मी आपको पता है
17:21हम लोग कितना परिशान हो गए था
17:23अरे रात को वो
17:25नाइट शिफ्ट लग गई थी, काम बहुत था
17:28मेरे तु जहन में नहीं रहा कि तुम्हे एक फॉन कर दो
17:32आपको एक कॉल कर देनी चाहिए थी
17:34बड़ी परवा हो रही है अज मेरी
17:36तुम्हे क्या
17:37मैं बर हूँ या जी हो
17:39अना दा करें अम्मी
17:40या आप कैसी बाते करें हैं
17:42तुम लोगों को जैसे मेरी बड़ी परवा है
17:45अम्मी
17:46आपने कॉल क्यों नहीं की ये तो बताएं
17:48शिप्मेट लेट हो गई थी बेटा
17:50और नाई शिफ्ट लग गई
17:53काम इतला जादा था
17:54कि ये तहन से ही निकल गया
17:58हद होती है अम्मी
17:59एक कॉल करने में कितना टाइम लगता है
18:01आज बड़ा एसास हो रहा है मेरा
18:04लेकिन मेरी बात का कोई असर नहीं होता तुम पर
18:06अम्मी प्लीज आप कोई और बात शुरू
18:30कि अधिक्ते बढ़ते एक ही बात परती रहती है
18:39मैंने तुम्हारा काम करा दी
18:44क्या मतलब
18:47मैंने उन पेपर्स पर साइन इसलिए नहीं कराए थे
18:50कि तुम अपनी बात से मोगर जाओ
18:52हमारी डील पचास लाख में होती इसमें से पच्चिस लाख तुम मुझे दे चुके हो
18:58तुमारे लिए अच्छा होगा कि मेरे बकाया के पच्चिस लाख मुझे बच्बात हो
19:01परना तुम अच्छी तरह जाते हो
19:04कि नहीं काम पुकवा भी सकता हूँ
19:06और इसे मेरी इभधाम की मत समझे हूँ
19:11अब के मोरे नहना को साधन ना ले चाओ
19:21अरे फाइजा ये दर्बाजे पे खड़ी क्या कर रही हूँ
19:26अब ये फकीर था आप तो अंदर अराम कर रहीं थी ना
19:31हाँ अजीब से घवराद हो रही थी नींद भी नहीं आरी इस तर चोड़के उड़ गई
19:38मैं आपके लिए चाय बना के लाती हूँ
19:42ये जैनब का ये जैनब नजन में आई मुझे
19:45मैंने कभी कोई खलत फैसला नहीं किया और ना ही कोई जलबाजी की
19:49कि अच्छा आपी रुकईया पे भी तो यहीं चाहती थी ना कि आप उनकी बाबी बने रुकईया से तो मुझे
19:58अच्छी तहना निमटना थी
20:02कि आपके मुरे नहना को सादन आई जो

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