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Sawan 3rd Somwar & Nag Panchami 2026: सावन सोमवार पर नाग पंचमी का दुर्लभ संयोग, न करें ये गलती! | Oneindia Hindi

सावन के तीसरे सोमवार और नाग पंचमी के इस अत्यंत दुर्लभ महासंयोग पर जानिए जलाभिषेक के सबसे शुभ मुहूर्त, सही पूजा विधि और वे गलतियां जिनसे आपको आज हर हाल में बचना चाहिए।

17 अगस्त 2026 को सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का पावन पर्व एक साथ मनाया जा रहा है। भगवान शिव और नाग देवता के गहरे धार्मिक संबंध के कारण आज शिवलिंग के साथ नाग देवता की पूजा करने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है। प्रातःकालीन जलाभिषेक के लिए सुबह 5:51 से 7:30 बजे तक अमृत-सर्वोत्तम मुहूर्त और दोपहर 11:59 से 12:51 बजे तक अभिजीत मुहूर्त सबसे उत्तम है।

आज के दिन भगवान शिव का दूध, दही, शहद, शक्कर और गंगाजल से बने पंचामृत से अभिषेक करें। महादेव को बेलपत्र, धतूरा, मदार के फूल और सफेद चंदन अर्पित करें। नाग पंचमी के अवसर पर नाग देवता की प्रतिमा या चित्र का पूजन करें। ध्यान रखें कि जीवित सांपों को दूध पिलाने से बचें, क्योंकि यह उनके स्वास्थ्य के लिए नुकसानदेह होता है।

पूजन के दौरान कुछ विशेष नियमों का पालन करना अनिवार्य है। शिवलिंग पर बेलपत्र हमेशा साफ और बिना कटा-फटा अर्पित करें। भगवान शिव की पूजा में तुलसी दल चढ़ाना वर्जित माना गया है, इसलिए तुलसी अर्पित करने से बचें। साथ ही आज के दिन क्रोध, अपशब्द और नकारात्मक विचारों से दूर रहकर सात्विकता बनाए रखें।


On August 17, 2026, the rare confluence of the 3rd Sawan Somwar and Nag Panchami is being celebrated across India. This video details the auspicious Puja Muhurat, step-by-step Jalabhishek rules, Nag Devta worship, and key mistakes to avoid such as offering Tulsi leaves or feeding milk to live snakes.


#SawanSomwar #NagPanchami #Sawan2026 #ShivPujaVidhi

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Transcript
00:0017 अगस्त 2026 यानि आज का दिन धार्मिक द्रिष्टी से बेहत खास माना जा रहा है।
00:06सावन का तीसरा सोमवार और नाग पंचमी का पर्व एक साथ होने से शिव भक्तों के लिए आज का दिन
00:12और भी महत्वपूर्ण हो गया है।
00:14मानिता है कि भगवान शिव और नाग देवता का संबंध बेहत गहरा है क्योंकि नाग देवता महादेव की गले में
00:21विराजमान रहते हैं।
00:22ऐसे में आज शिवलिंग के साथ नाग देवता की पूजा करने से विशेश पुर्णे की प्राप्ती होती है। ऐसी धार्मिक
00:29मानिता है।
00:30आज अगर आप भगवान भोलेनात का जलाभी शेक करने जा रहे हैं, तो पूजा की शुब समय का ध्यान रखना
00:35भी जरूरी है।
00:36पंचांग के अनुसार ब्रह्म्ब मुहूर्थ सुभा चार बचकर चौबीस मिलच से पांच बचकर आठ मिनट तक रहेगा।
01:35आज की पूजा विधी की।
01:36धतूरा, आख के फूल और सफेद चंदन अर्पित किये जाते हैं।
01:41साथ ही भगवान शिव के मंत्रों का जाब करें और अपनी मनोकामना के लिए प्रार्थना करें।
01:46क्योंकि आज नाग पंचमी भी है, इसलिए नाग देवता की पूजा का विशेश महत्व माना जाता है।
01:51नाग देवता की प्रतिमा या चित्र के सामने फूल, अक्षत और अन्य पूजा सामगरी अर्पित कर सकते हैं।
01:57यहां एक जरूरी बात का ध्यान रखें, जीवित सांपों को दूद पिलाने से बचना चाहिए।
02:02सांपों का पाचन तंत्र दूद के लिए अनुकूल नहीं होता और इससे उन्हें नुकसान पहुँच सकता है।
02:08इसलिए नाग देवता की प्रतिमा या प्रतिकात्मक रूप से पूजा करना ही बहतर है।
02:12अब बात करते हैं उन बातों की जिन्हें आज विशेश रूप से ध्यान रखना चाहिए।
02:42विचारों से दूर रहने की कोशिश करें।
02:45सावन सोमवार और नाग पंचमी का ये पावन अवसर श्रद्धा, सैयम और सकारात्मक्ता के साथ मनाएं।
02:51धार्मिक मानेताओं के अनुसार भगवान भोलेनाथ और नाग देवता की आराधना से परिवार में सुख, शान्ती और सम्रिधी की कामना
02:58की जाती है।
02:59तो आज इस विशेश अवसर पर भगवान शिव का ध्यान करें, नाग देवता का पूजन करें और अपने परिवार की
03:05सुख, शान्ती के लिए प्रार्थना करें।
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