Skip to playerSkip to main content
सूर्य ग्रहण के वक्त पढ़ी जाने वाली विशेष इबादत 'नमाज़-ए-कुसूफ' (Salat al-Kusoof) का सही तरीका क्या है? जानिए बुखारी शरीफ की हदीस के मुताबिक इस नमाज़ का समय, अहमियत और इसके हर रकात में दो रुकू करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप अनोखा तरीका। सुन्नत के मुताबिक दुआ, इस्तगफार और सदका देने का सही नियम समझने के लिए पूरा वीडियो देखें। लाइक और सब्सक्राइब जरूर करें!

Learn the authentic step-by-step method and timing of Salat al-Kusoof (Solar Eclipse Namaz) based on Sahih al-Bukhari. This video guides you through the unique rules of praying 2 Rakahs with 4 Rukoos and 4 Sajdahs. Understand the Sunnah way of making dua, seeking forgiveness, and giving charity during a solar eclipse. Watch till the end! Like & Subscribe!


#SalatAlKusoof #NamazEKusoof #SolarEclipseNamaz #SuryaGrahanKiNamaz #HowToPrayKusoof #IslamicRituals #SunnahWay #EclipsePrayerGuide #HadithUpdates #IslamicKnowledge2026

~HT.410~ED.532~PR.115~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:04जब आसमान पर सूरे ग्रण लगता है तो विज्ञान हमें टेलिसकोप से उसे दिखाता है
00:08लेकिन क्या आप जानते हैं कि अल्ला के रसूल ने इस मौके पर क्या करने का हुक्म दिया है
00:13इसलाम में सूरे ग्रण के वक्त एक खास नमाज पढ़ी जाती है जिसे नमाज फुसूफ कहते है
00:18ये आम नमाजों जैसी नहीं होती बलकि इसे पढ़ने का तरीका बेहत अनुखा और अलग है
00:23आज के वीडियो में हम सही बुखारी और मुस्लिम के पिर्मानिक हदीसों के हवाले से जानेंगे
00:27कि ये नमाज कप पढ़नी चाहिए इसकी क्या एहमियत है और इसे पढ़ने का पूरा स्टेब बाई स्टेब तरीका क्या
00:32है
00:32सबसे पहले बात करते हैं कि ये नमाज कप पढ़नी चाहिए
00:35इसका समय ठीक उसी वक्त शुरू होता है जब सूरज को गरन लगना शुरू होता है
00:39और ये तक तक रहता है जब तक गरन पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता
00:42और सूरज साप नहीं हो जाता
00:44सही अल-बुखारी हदीस नमबर 10-44 में अल्ला के नबी ने फरमाया है
00:49सूरज और चांद अल्ला की निशानियों में से दो निशानिया है
00:53जब तुम गरन देखो तो अल्ला से दुआ करो तकबीर कहो
00:55नमास पढ़ो और सत्का दो
00:57इसलामिक स्कॉलर्स के मताबिक गरन अल्ला की ताकत का एहसास कराता है
01:01इसलिए इस वक्त डरते हुए अल्ला की अबादत में लग जाना चाहिए
01:04ये नमास फुरुशों के लिए मस्जिद में जमात के साथ पढ़ना सुनत है
01:08जबकी खुआतीन यानी महिलाएं इसे अपने घरों में अकेले भी पढ़ सकती है
01:12अब बहुत दिहान से समझे इस नमास को पढ़ना का तरीका क्योंकि ये रोजाना की नमास से बिलकुल अलग है
01:17ये नमास दो रकात की होती है लेकिन इसके हर रकात में दो रकु किये जाते हैं यानी पूरी नमास
01:22में दो रकात चार रकु और चार सजदे होते हैं
01:25पहली रकात से समझते हैं
01:26सबसे पहले बिना आजान और बिना एकामत के नमाज कुसूफ की नियत बांदे
01:30इमाम साहब हाथ बांद कर लंबी सना सूरे फातिया और कोई लंबी सूरे जैसे सूरे बकरा जोर से या धीरे
01:37से पढ़ेंगे
01:37इसके बाद आप रुकु में जाएंगे और बहुत देर तक रुकु में अल्ला की तरज भी पढ़ेंगे
01:41दूसरा स्टम रुकु से उठकर जब इमाम साहब समय ल्ला हुलिमन हमिदा कहेंगे तो आपको सीधे सजदे में नहीं जाना
01:48बलकि दुबारा हाथ बांद कर खड़े हो जाना है
02:11तशहदूब में बैटकर सलाम फेर दिया जाएगा
02:14नमास पूरी होने के बाद इमाम साहब के लिए सुननत है कि वो लोगों को खुत्बा तक्रीर दें जिसमें ल्ला
02:19के खौफ तौबा और भलाई के कामों की नसीहत हो
02:22इसके बाद जब तक गरण पूरी तरह खत्मना हो जाए सभी को रो रो कर दुआएं मांगनी चाहिए अस्तखफार करना
02:27चाहिए और गरीबों को सदका देना चाहिए
02:29इसलाम से कहता है कि प्रकृतिक बदलावों के वक्त हम अंद विश्वास में ना पढ़ें बल्कि अपने फालने वाले अल्ला
02:35की तरफ रुजू करें
02:36फिलाल इस वीडियो में इतना ही उमेद आपको ये जानकारी पसंद आई होगी वीडियो को लाइक करें शेयर करें और
02:40चानल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल न भूलें
Comments

Recommended