00:04सावन का दूसरा सुमवार इस बार बेहत खास रहने वाला है
00:0710 अगस 2026 को एक तरफ सावन के दूसरे सुमवार का वरत रखा जाएगा
00:11वहीं इसे दिन श्रावन कृष्ण पक्ष की त्रियोदशी तिथी का संयोग बनने से सुम प्रदोश वरत भी रहेगा
00:16खास बात यह है कि सुबह के समय कामिका एकदशी के वरत का पारण होगा और शाम को भगवान शिव
00:22की प्रदोश काल में पूजा की जाएगी
00:24यानि एक ही दिन सुबह भगवान विश्णु की अराधना और शाम को भगवान शिव की पूजा का अवसर मिलेगा
00:29कामिका एक अधशी का वरत 9 अगस्त को रखा गया था
00:32अगले दिन यानि 10 अगस्त को 12 तिथी में इसका पारण किया जाएगा
00:37इसके बाद सुबह करीब 8 बजे से 3 अधशी तिथी शुरू होगी
00:55तिथी सुबह करीब 8 बजे शुरू होगी और अगले दिन 11 अगस्त की सुबह तक रहेगी
01:01सोमवार के दिन तिथी पढ़ने के कारण इस दिन सोम प्रदोश वरत किया जाएगा
01:05वहीं 9 अगस्त को रखी गई कामिका एकदशी के वरत का पारण भी 10 अगस्त की सुबह किया जाएगा
01:11पंचान के मुताबिक कामिका एकदशी पारण का समय सुबह 5 बचकर 37 मिनट से 8 बजे तक है
01:17इसलिए एकदशी वरत रखने वाले श्रधालू इस अवधी में वरत खोल सकते हैं
01:22कामिका एकदशी की तिथी 9 अगस्त को सुबह 11 बचकर 4 मिनट तक रहेगी इसके बाद 2 अगसी तिथी शुरू
01:41हुई
01:47दस अगस को सुमवार होने और त्रियो दशी तिथी रहने के कारण ये सुम प्रदोश वरत होगा
01:52प्रदोश वरत में भगवान शिव की पूजा सूर्यस्त के बाद प्रदोश काल में ही की जाती है
01:56रुदर प्रियाग रिशिकेश छेत्र के पंचांग के मताबिक 10 अगस को प्रदोश पूजा का समय करीब शाम 7 बचकर 30
02:03मिनट से रात 9 बचकर 11 मिनट तक रहेगा
02:06स्थान के नुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है इसलिए अपने शेहर के स्थान ये पंचांग से समय जरूर
02:11मिला लें
02:11अब जानते हैं सोम प्रदोश वरत में पर कैसे शिव पूजा करें
02:14प्रदोश काल में सनान करके साफ कपड़े पहने भगवान शिव का धिहान करें और शिव लिंग पर जल या गंगा
02:19जल अरपित करें
02:20इसके बाद दूद, दही, शहद, आदी से अभिशेक कर सकते हैं भगवान शिव को बेल पत्र, सफेद, फूल और धतूरा
02:26अरपित करने की परंपरा है
02:28पूजा के दौरान ओम नमर शिवाय मंत्र का जाप करें
02:30शिव चालिसा और शिव इस्तूती का पार्ट भी किया जा सकता है
02:33शाम की पूजा के दौरान दीपक जलाकर भगवान शिव और माता पारविती का धिहान करें
02:37अब जानते हैं कि शिवलिंग पर क्या चड़ाएं
02:39भगवान शिव की पूजा में जल और बेल पत्र का विशेश महत्व माना जाता है, सावन के सोमवार को शिवलिंग
02:44पर जल अर्पित करने के बाद बेल पत्र चड़ाना शुब माना जाता है, बेल पत्र चड़ाते समय दियान रखें कि
02:49पत्तियां साफ और साबुत हों, धार्म
03:09अगस्त और चौथ हाच 24 अगस्त को पड़ेगा इन चारों सुम्बार को भगवान शिव की पूजा और व्रत किया जा
03:14सकता है
03:14फिलाल इस वीडियो में इतना ही उम्मीद आपको ये जानकारी पसंद आई होगी
03:17वीडियो को लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल न भूलें
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