00:08इस बीमारी के प्रकोप ने अब तक 22 बच्चों की जान जा चुकी है
00:12वैसे तो ये वाइरस काफी दुरलब है लेकिन सालों से एक बाद जो सबसे डराने वाली है
00:17वो ये की महज 24 से 48 घंटों के भीतर ही इस्तिती जानलेवा बन जाती है
00:23आखर ऐसा क्यों है ये वाइरस बड़ों की तुलना में चोटे बच्चों को ही अपना शकार क्यों बना रहा है
00:28क्या बच्चे आसानी से संक्रमत हो जाते हैं या फिर वाइरस उनके शरीर पर कुछ अलग तरीके से हमला करता
00:35है
00:35आईए समझते हैं इसके लक्षन, कारण और किस तरह से इससे बचा किया जाए
00:41ये वाइरस जानबूज कर बच्चों को नहीं चुनता
00:44बलकि छोटे बच्चों का नर्वस सिस्टेम इसस वाइरस से होने वाले नुकसान को जेल ही नहीं पाता
00:48दरसल पांच साल से कम उम्र के बच्चों के दिमाग में बलेड ब्रेन बैरियर पूरी तरह से डेवलप नहीं होता
00:56आमतर पर ये परत हानिकारक तत्वों को दिमाग तक पहुँशने से रोकती है
01:01इसके पूरी तरह से मेच्चे और नहोने के कारण वाइरस आसानी से ब्रेन तक पहुँच जाता है और भारी सूजन
01:08पैदा कर देता है
01:09चुकि शुरुवाती सालों में बच्चे का दिमाग बहुत तेजी से बढ़ रहा होता है
01:12इसले वाइरस का ये हमला उनके चलने, फिरने, बोलने, सीखने और व्यभार के श्रमता को गंभी रूप से रोक देता
01:20है
01:20बच्चों के रोजमरा की एक्टिविटीज भी उने संक्रमत होने का जोखिम बढ़ाती है
01:25चांदीपरा वाइरस मुख्य रूप से सैंड फ्लाई के जरिये फैलता है
01:29ये मक्खिया जादा उचाई तक नहीं उड़ पाती और जमीन के करीब ही रहती है
01:33छोटे बच्चे अपना जायतार वक्त जमीन पर रिंगते हुए, खेलते हुए या सोते हुए बिताते हैं
01:38अकसर उनके हाथ पैर खुले रहते हैं जिससे वयसकों की तुलना में उन्हें सैंड फ्लाई के काटने का खत्रा कई
01:44गुना रहता है
01:45खास्तोर से ग्रामेड अलाकों में रहने वाले बच्चों को इसका जोखिम जादा होता है
01:50इस बीमारी की सबसे डिरावनी बात इसकी तेजी है
01:53संक्रमन होने पर इसके लक्षन बहुत तेजी से बदलते हैं
01:57शुरवात में बच्चे को अचानक बहुत तेज बुखार आता है
02:01उल्टियां होती है और भयंकर सिरदर्द के शिकायत होती है
02:04अगर ध्यान ना दिया जाए तो ये तेजी से एक्यूट एंसेफलाइटिस का रूप ले लेता है
02:09बच्चे को मिर्गी जैसे दौरे पढ़ने लगते हैं
02:12और वो बेहोशी या मानसिक भ्रहम का शिकार हो सकता है
02:15मरीज की हालत महज 24 से 48 घंटों के भीतर ही नाजुक हो जाती है
02:20ऐसे में बीमारी को जल्दी पहचानना और बच्चे को तुरंत अस्पताल में भरती करना बेहद एहम कदम है
02:27चांदीपुरा वाइरस के इलाज में सबसे बड़ी चुनौती ये है कि फिलहाल इसके लिए मेडिकल साइंस में कोई खास एंटी
02:33वाइरल दवा या लाइसेंसी वैक्सीन मौजूद नहीं है
02:36अस्पताल में डॉक्टरों की पूरी कोशिस, इंटेंसिव, सपोर्टिव केर के जरीए मरीज की जान बचाने पर होती है
02:44इसमें खासतोर पर शरीर में पानी की कमी को रोकना, मिर्गी के दौरों को काबू में करना, बच्चे को नियूरोलाजिकल
02:50स्थिती पर लगातार नजर बना रखना
02:52जब किसी बीमारी की सटीक दवा ना हो तो बचा भी सबसे बड़ा हतियार होता है
02:57अपने बच्चे को सुरक्षत रखने के लिए माता पिता हमेशा उन्हें पूरी आस्तीन के कपड़े पहनाएं मच्छरों और मक्यों से
03:03बचा कर रखें
03:04घर और आसपास बिलकुल भी गंदगी या पानी जमा ना होने दे ताकि सैंडफलाई और मच्छरों को पनपने की जगा
03:10न मिले
03:11अगर आप ऐसे इलाके में रहते हैं जहां चांदी पुरा वाइरस के मामले बढ़ गए हैं
03:15तो एक्स्ट्रा साफधानी बरते बच्चों को बाहर खेलने ना भेजें अचानक तेज बुखार आए और साथ में बहुशी या दौरे
03:22जैसे दिमागी लक्षण दिखें तो बिना एक पल गवाए सीधे डॉक्टर के पास जाएं
03:27फिल्हालस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक और शेयर करें साथी चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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