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दतिया उपचुनाव का नतीजा मध्य प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा का विषय बन गया है। आखिर बीजेपी अपने मजबूत गढ़ में क्यों हार गई? क्या स्थानीय असंतोष, संगठन की रणनीति या फिर पार्टी के भीतर की खींचतान इस हार की बड़ी वजह बनी? इस वीडियो में देखिए दतिया उपचुनाव का विस्तृत विश्लेषण, चुनावी माहौल, वोटिंग ट्रेंड, प्रमुख नेताओं की भूमिका और इस परिणाम के राजनीतिक मायने। जानिए इस हार का बीजेपी की भविष्य की रणनीति और मध्य प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है।

The Datia By-Election Result has triggered intense political discussion across Madhya Pradesh. Was BJP's defeat caused by internal divisions, factional politics, or local anti-incumbency? In this video, we analyze the key political developments, campaign strategy, voter behavior, and the controversies surrounding the Datia by-election. We also examine the role of senior BJP leaders, the impact of local issues, and what this result could mean for the party's future in Madhya Pradesh. This discussion is based on publicly available election data, political developments, and media reports, and aims to present a balanced analysis of the possible factors behind the outcome.

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00:00बिहार की बाकिपुर सीट पर बिलिहार की चर्चा जितनी हो रही है बीजेपी को लेकर उतनी ही चर्चा धतिया में
00:06हुए पचुनाओ को लेकर भी हो रही है क्योंकि धतिया में भी बीजेपी ने पूरा जोर लगाया था वहां भी
00:12टिकट बदला गया था नरुतम मिश्रा पह
00:27देरा डाला और भी तमाम मंत्री विधायक सांसर सब धतिया में डटे रहे फिर भी कॉंग्रिस सीट निकाल ले गई
00:34तो धतिया के इस उपचुनाओ के परणाम की क्या वजहे रही बीजेपी कैसे हार गई और इसके क्या सियासी माइने
00:41निकाले जा सकते हैं क्या दोजार अठा
00:55कि छोड़ बाकिपूर में लड़ रहे थे तो वहां तो लग भी रहा था ऐसा कि वह रेस में आगे
00:59हो सकते हैं कि जिस तरह की उमिद्वार उनके सामने थे लेकिन दतिया जो की बीजेपी के नरुत्तम मिश्रा का
01:06इलाका रहा है बीजेपी बार बार वहां से जीती रहे यहा
01:22और दोनों जगह आप यह समझें कि सवर्णों की नाराजगी भारते जनता पार्टी को भाड़ी परी है लेकिन जो आपका
01:29प्रस्न था वैभव बिलकुल भी मुझे नहीं लग रहा था कि धतिया भी हार जाएगी भारते जनता पार्टी और उस
01:36हालत में जबकि वहां पर उन
01:51संकल्प भी लिया हला कि उनका संकल्प पूरा नहीं हुआ भारती जनता पार्टी अपने ही कमजोर रणनीत के कारण वहां
01:58पर रही है वहां ऐसा कुछ नहीं बना था बाकिपुर जैसे हालात वहां पर नहीं बने थे कि उहां पर
02:05उपोजिशन को वाक ओबर मिल जाए वहां �
02:07पर अस्तोस्तिवारी candidate ठीक था थे घंशाम सिंग जो वहां जीते हैं वह और थोड़े बेहतर थे उनको विधानसफा पहले
02:15से भी जीतने का अनुभव था दो दो बार के विधाय करा है चुके थे अलग-अलग अक्षेत्रों से तो
02:20वह बात जरूर थी लेकिन दतिया किहार भा
02:37heights होता है उसको आसानी से यह resolve कर लेते हैं यहां भी उन्होंने resolve किया लेकिन कई बार बात
02:43इतनी आगे बढ़ जाती यह कि नेता वांपस आं भी जाए जये तो जनता वांपस नहीं आती है डतिया में
02:50यही हुआ भारतिये जंता party के लिए सुरक्षित था खास करके तब जब �
02:56के विधाय जो कांग्रेस के थे राजेंदर भारती उनका डिस्कौलिफिकेशन हुआ था और डिस्कौलिफिकेशन की वज़ा क्या थी दस्टाचार तो
03:05इस भरस्टाचार के नेरेटीव को नहीं नहीं बना सका जिस सोशल इंजिन्गेरिंग के बल पर भारते जनता पार्टी �
03:11वो भी उहाँ पर मुह की खाने लगी और तो और उनका जो अंतर कलह था वो भी खुल कर
03:18सामने आ गया सब कुछ मिला के एक ऐसा रसायन तयार हुआ जिसने भारते जनता पार्टी की नईया धतिया में
03:25डुगो दी
03:26बिल्कुल नरुत्त मिश्रा वाले उस पर आएंगे हम उन्होंने जो कुछ किया और उसके बाद क्या उनकी वज़ा से हार
03:33मिली है एक बात और हो रही है टिकट वितरण को लेकर भारते अंता पार्टी पिछले कुछ सालों से ऐसे
03:39नेताओं को मंतरी पत देती रही है विधा
03:56इसा भी हो सकता है कैशोजी की बीजेपी को अब लग रहा है कि हमारा संकठन इतना मजबूत है कि
04:00हम किसी को भी अगर वो कुर्सी सौंपेंगे टिकट देंगे तो उसे हम जितवा ले जाएंगे वह यह सोच यहां
04:07पर उल्टी साबित हो गई है यहां पर भी और बाकिपुर
04:22थी और उसमें विजयराज एक डिरेक्टर के रोल में होता है सिनेमा के अंदर वो कहते हैं कि सड़क से
04:28अठार स्टार बना दूँगा तो यह सड़क से ऊठार बना दूँगा सिंड्रोम जो है भारतिय जनतापार्टि को उससे निकलने की
04:34जरूरत है क्या होता है मुखमंत्र
04:50और कानूनी वाधिता होती है, सावधानिक वाधिता होती है, इसलिए वो आपके साथ बने रहते हैं, लेकिन जनता के ऊपर
04:57इतनी सारी पावंदिया नहीं होती है, जनता अपने मन की मालिक है, पार्टी की विचारधारा से सहमती रखती है, आपके
05:05कारेकरमों में विश्वास �
05:07आपकी नीतियों की समर्थक हो सकती है इसलिए आपको वूट देती है लेकिन जिस वक्त जनता को ले गया कि
05:12नहीं इससे बहतर विकल्प है तो दूसरे विकल्प के साथ चा सकती है इस जो तीन उपचुनाओ हुए है अभी
05:19हाल के दिनों में उसमें देखिए भारते जनता पार
05:38दत्या में खास करके मैं कहूंगा कि इनके सोशल इंजिनिरिंग की बहुत बड़ी परिक्षा थी वहां पर यह मिजरेवली फेल
05:46हुए हैं बहुत ही बुरी तरह से और सफल हुए हैं दत्या के मिजाज को पढ़ने में शुरुवात से जो
05:52गलती होती रही इनकी एक तो एक स�
06:07वह वगावत परुदा है और उस वगावती रुख का खाम्याजा वीजेपी कौनतिता भुगतना परा कई सारी बाते आ रही है
06:16इस बीच में हाला कि बीच बचा हुआ नरुतमिश्वा को बुलाया गया उनको समझाया गया और वह कहने लगए कि
06:23हम अब आश्टोस्तिवारी
06:24के लिए काम करेंगे कई बार वैफब ऐसा होता है कि हम विरोध में इतना आगे निकल जाते हैं जहां
06:31से वापस आना बहुत मुश्किल हो जाता है एक तो ब्रहमन वर्सिस ब्रहमन हो गया सवर्णों की नाराजगी यूजी सी
06:40एक्ट को लेकर के है भारतिय जनता पार्टी की
06:43सरकार के खिलाव हैं इनको सुईकार करना पड़ेगा भारतिय जनता पार्टी का सिर्स नेत्रितु भी जानता है कि ये बहुत
06:50बड़ी गलती उनसे हुई थी जिस मंडल के रत पर सवार होकर के आडवानी जी निकले थे हलांकि उन्होंने उस
06:57रत का कुछ और नाम दिया था �
07:00वही मंडल पार्ट टू क्रियेट करने की तयारी हो रही थी ऐसे रूल्स का ऐसे कानूनों का क्यमपस में क्या
07:09योगदान हो सकता है क्यमपस तो सिक्षा की बहतरी के होना चाहिए उसके मैरिट्स पे नहीं जाएंगे लेकिन यूजी सी
07:16एक्ट में बदलाव के वजह से जो ए
07:19एक आक्रोस देश भर में शवर्णों में आया उसका नुकसान भारतिये जनता पार्टी को दत्या में भी उठाना पड़ा है
07:26मागियपूर में भी उठाना पड़ा है दत्या में पंद्रह परतिशत के आसपास ब्रह्मन मद्दाता है और ये सारे के सारी
07:34एक मुस्त भारतिये
07:45मक्षी की तरह निकाल फेकते हैं अगर आश्टोस टिवारी को उतारना था मैदान में तो ये फैसला तो सामोही क्रूप
07:53से भी लिया जा सकता था पहले भरोसे मिलेना चाहिए था नरुतम को लेकिन उन्होंने जैसा भारते जन्ता पार्टी की
08:01कारिश्वली है ये हमेशा कांग
08:14विधायक का उमिदवार कौन होगा यह भी दिल्ली से तै होता है किसी राज में मुख्यवंतरी कौन मनेगा यह भी
08:23दिल्ली से आये पर रवेक्षक्षित निकाल गरते करते हैं तो यह हाई कमान कल्चर जो है इस पार भारी पर
08:28गया दतिया में वह अंतर विरोद बाद में ल
08:44से हार जाए जहां पर भ्रस्ताचार के कारण सिटिंग MLA कांग्रेस के सिटिंग MLA की कुरसी चली गई है वह
08:53भी नेरेटिव नहीं बना पाए तो सोसल इंजिनेरिंग की हार हुई है खाली ब्रहमन ही नहीं देखें वहां का जो
08:59जातिय गणित है उसमें कुश्वहा वोट की
09:01भी परियाफ्ट संख्या है करीब 12 परतिशत कुश्वहा वोट है और लोधी वोट लोधी पाल और रावत सामुहिक रूप से
09:10यह साथ से आठ परतिशत है तो बीस परतिशत ओवी सी जो वोट है वहां पर आपके पास सिवराज सिंग
09:17जैसा कदावर नेता है भारते जनता प
09:31को किया है लग-छुनावों में लेकिन यहां पर उनका सोसल इंजिनीरंग बिल्कुल फेल हो गया और वह फेल होने
09:40का कारण दरसल सोसल इंजिनिरंग नहीं है लेकिन सबकुछ इस बार उनकी उमीद के ख़लाफ चला गया
09:58सब कुछ उनके उम्मीद के विवरीत रहा पती आत्मविश्वास के कारण उन्होंने सोचल इंजिनिरिंग साधने पर जड़ा भी मेहनत नहीं
10:06की उसका खाम्याजा हार के तौर पर धतिया में भी सामने आया
10:11केशोद जैसे कि आब बता रहे हैं कि जो बड़े विर्क्स होते हैं उनकी जड़ें बहुत गहरी तक जमी रही
10:18होगी उनको आप अचानक से हटा देना चाहते हैं तो ज़टका तो होगा क्या उनके रोने से भी समर्थकों मेक
10:25마음에 सेज गया कि देखो मेरा नेता रो रहा है टिकट
10:40करते हैं लेकिन धरसल उनके समर्थक इतना आगे चल चुके होते हैं उनकी
10:45campaign शुरू हो जाती है उनकी खेमेबाजी शुरू हो जाती है अब अगर उनका
10:50नेता भी चाहत सबको सबको वापस नहीं बुला सकता है उसमें से कुछ लोग
10:54हो सकता है कि नरुत्तम मिश्रा बाकई भारतिये जन्ता पार्टी के साथ मंसा वाचा कर्मना जुरू भी गए हो वापस
11:00कसमे खाली आसुत वस्तिवारी को जीताने के लिए
11:03लेकिन क्या वो सारे उनके समर्थक नहीं एक असम थोड़ी खा चुके थे वो तो नहीं होता है दूसरी बात
11:09नरुत्तम केवल आ गए मतदाता लेकर नहीं आए वरना वहाँ पर देखिए आजाद समाज पार्टी का उम्मिदवार पहली बार मैदान
11:20में उतरता है पहली बार
11:22मैं ऐसा नहीं कहता हूं कि आजाद समाज पार्टी का कोई जनाधार नहीं है जिन मतों की वो राजनीत करते
11:33हैं वहाँ पर देखे जाटव मद्दाता भी काफी संख्या में हैं लेकिन फिर भी एक उपचुनाव में मध्य परदेश के
11:41कई सारे चुनाव में बहन मयावती की �
11:43पार्टी बसभाफी चुनाव लरती रही है लेकिन उनके उमिदवार एक बार जीते तीसरे उमिदवार के तोर पर कभी भी इतना
11:51वोट उनको नहीं आया तो यहां पर जो आजाद समाज पार्टी के उमिदवार हैं उनको 22000 वोट आते हैं देवंदर
11:58पटेल यादा पटेल �
12:01ये वोट उनको कहां से आये? इसमें भी कोई एक थेयरी चल रही है, आपने परा भी होगा, सुना भी
12:08होगा, तो कुछ न कुछ तो वहां पर घाल मेल हो गया है, वहां जो समाजिक समी करन था दतिया
12:15का, बीजेपी उसको समझने में पूरी तरह से फेल हुई और उसका खामिया
12:31या लिहार का, तो उस आत्मन्थन में क्या इस बात पर चर्चा होगी, कि हमें अब उन बड़े नेताओं को
12:39एक सिरे से दरकिनार नहीं किया सकता, जिनका अपना एक समय में रुतबा रहा है, जिनका अपना देना धार रहा
12:44है, जैसे हम मुख्यमंदरी चैन के बात कर रहे थ
13:01हमने देखा था करनाटका में कैसे दुरप्पा को हटा दिया गया, फिर नए जो को लाएगे मुख्यमंदरी, फिर वो जीत
13:08भी नहीं पाये चुनाओ, तो अब बीजेपी इस वाली चीजों में अपने बदलाव लाएगी, इस उप्चनाव सुझ को सबक मिल
13:14गया?
13:15मुझे लगता है, लाना चाहिए, देखी, दरसल क्या होता है? कि सक्ता में बहुत दिनों तक जब पार्टी रह जाती
13:21है, तो उहां पर आलस से और अहंकार पनपने लगता है, भारती जनता पार्टी भी इस जड़ता का शिकार हो
13:29रही है, काफी दिनों से बने हुए है, तीस
13:44कोई भी तो जीत ही जा रहा है, चलो क्या ही फरक परता है, शिवडा सिंग चोहान नहीं भी जाएंगे,
13:48तो क्या फरक परता है, नरुत्तम रहें जाएंगे, क्या फरक परता है, तो जब शत्रपों की यहां, देखी, देखिए, कांग्रेस
13:54का जो खंड-खंड हुआ है, वि�
14:12एक समय था पूरब से लेगे पश्चिम तक कांग्रेस के कद्दावर नेता हुआ करते थे स्टिट में जो वहां कमान
14:18सभालते थे और उनके बल पर राज्य तो राज केंद्र में भी कांग्रेस की सरकारें बनती रहती थी जिस तरह
14:26से कांग्रेस ने अपने क्षत्रपों को खो
14:40आये यानि तो फिर शर्द पवार की तरह अपनी पार्टी उन्होंने बना ली तो इसका नुक्सान कांग्रेस को बहुत जादा
14:46हुआ और बहुत तेजी से हुआ चुकि भारती जंता पार्टी में जो उक्षत्रप हैं वो कहीं ने कहीं आरेस की
14:54पार्ट शाला से आते हैं अ�
15:09क्योंकि उनको सुईकार करें कांग्रेस तब तो जाएं और जब जाने लेंगे तब फिर इन में और कांग्रेस में कोई
15:15फरक नहीं रह जाएगा यही कारण है कि भारते जंता पार्टी लगातार शत्रपों को नजर अंदाज करने के बावजूद भी
15:23उनका साथ उनको मिलता
15:26रहता है भारते जंता पार्टी के शत्रपों की वहसंद्रा राजे की बात की आप देखने की उत्तर प्रदेश में जब
15:36योगी आदितेनात को मुख्यमंत्री बनाया गया था तो वो सांसा दूब्रवा और यिसा में मोहन चलंवाजी का चुनाव विधायक दल
15:51के नेता नही
15:52विधायक दल के लोग नहीं कर रहे हैं वहाँ पर जो केंडर सरकार के परवेक्षक भारतिय जनता पार्टी के जो
16:01केंडरीय परवेक्षक जाते हैं वह वहाँ पर मोहंचरण माझी का चुनाओ करते हैं यह रुडपाय को अलग-अलग मुखमंत्री बनाते
16:10रहे राज़ में भा
16:22इन से जुड़ कर के भारते जनता पाटी जैसे स्क्तिसाली पाटी बनी है लेकिन जब यह दीरी दीरी शत्र गिरने
16:45लगें
16:47है कि हम पर फैसले ठोपे जा रहे हैं बार-बार हम से नहीं पूछा जा रहा कुमिद्वार कौन होना
16:52चाहिए हो सकता है लेकिन अभी तक यह सतह पर नहीं आया है दतिया एक ऐसा उधारन है जहां पर
17:00नरत्वा मिश्ड़ा अगदम आमने सामने आ गए थे लेकिन आपको भारत
17:16जनता पार्डी की आने वाले समय में पता चलेगे कि देखी जब आप सफलता की रच पर सवार होते हैं
17:22तब आलोचनाएं नहीं होती है जब आप सफलताएं आने लगती है जब आप सफलताएं मिलनी शुरू हो जाती है तब
17:30आलोचनाओं का दौर शुरू होता है जब आप �
17:32शक्तिशाली हैं, राज दर, राजा फतह कर रहे हैं,
17:35तो कौन आपकी फैसले पर सवाल उठाएगा,
17:38लेकिन अब आप माकीपूर हार गए हैं, अब दतिया हार गए हैं,
17:42तो सवाल अब उठेंगे, और हाल के दिनों में,
17:45खासकर मैं फिर से कहता हूँ, केंदर सरकार के कारे कर्मों को लेकर,
17:49केंदर सरकार की नीतियों को लेकर के, जना ग्रोस रहा है,
17:53आमने नीट के प्रोटेस्ट में देखा, जनतर मंतर पर कैसे नारे लगाया जा रहे थे,
17:57कैसे poster दिखाये जा रहे थे वह भारतिये जंतापार्टी के लिए नहीं belki कंद की सरकार के लिए था उसके
18:16पर गांग्षाय के है सक्ता
18:24की रेखा कभी जनकांच्छाओं के विपरीत नहीं हो सकती है
18:30आपको जनता के उमीद पर चलना होगा
18:33यद्दपी वो जनता आपकी वोटर है
18:35विपक्ची पार्टी की वोटर है
18:37वो एक अलग विशे हो सकता है
18:39और हमने देखा आपने अपने इस एपिसोड में कहा भी है
18:43कि कैसे बीजेपी नेताओं के बच्चे भी नीट प्रोटेस्ट को सपोर्ट कर रहे थे
18:48कैसे बीजेपी नेताओं के बच्चे प्रशांत की सोर की जीत का जशन मना रहे हैं
18:54तो ये जमीन से जुड़ा हुआ मसला है ये लोगों की उमीद की बात है लोगों के भरोसे की बात
19:01है लोगों की जो उमीदे हैं आप उसके बिलकुल ही खिलाफ इवारत लिखते रहेंगे तो उसे नहीं पढ़ा जाएगा आपको
19:11नई इवारत लिखने का मौका मिला है आप उस
19:16से लिखें लेकिन लोगों की भावनाओं के पन्ने पर लिखें तो दतिया उक्चिनाओं में हार ने बीजेपी को एक और
19:25बड़ा जटका दिया है बाकी पूल ने तो दिया ही है और इस जो पिछले दो-तीन महिने में बीजेपी
19:31लगातार जटकों से गुजर रही है फिर चाहे
19:43से भविष्ट में कैसे उबढ़ती है क्या सबक लेती है यह आने वले दिनों में पता चल पाएगा फिलहाल तक
19:48की जो अप्डेट थी हमने आपको बता दी आप देखते रहिए वन इंडिया
19:54अजया बाएगा कि झाल दोओू से नाप्ट एंडिया आपको नियुक्ति रही नचाओ प्राइब निए वन प्राइब दू अबघर से भींग्जया
20:03प्राइब के लगागा थाराइब कर्यों है
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