00:00बिहार की बाकिपुर सीट पर बिलिहार की चर्चा जितनी हो रही है बीजेपी को लेकर उतनी ही चर्चा धतिया में
00:06हुए पचुनाओ को लेकर भी हो रही है क्योंकि धतिया में भी बीजेपी ने पूरा जोर लगाया था वहां भी
00:12टिकट बदला गया था नरुतम मिश्रा पह
00:27देरा डाला और भी तमाम मंत्री विधायक सांसर सब धतिया में डटे रहे फिर भी कॉंग्रिस सीट निकाल ले गई
00:34तो धतिया के इस उपचुनाओ के परणाम की क्या वजहे रही बीजेपी कैसे हार गई और इसके क्या सियासी माइने
00:41निकाले जा सकते हैं क्या दोजार अठा
00:55कि छोड़ बाकिपूर में लड़ रहे थे तो वहां तो लग भी रहा था ऐसा कि वह रेस में आगे
00:59हो सकते हैं कि जिस तरह की उमिद्वार उनके सामने थे लेकिन दतिया जो की बीजेपी के नरुत्तम मिश्रा का
01:06इलाका रहा है बीजेपी बार बार वहां से जीती रहे यहा
01:22और दोनों जगह आप यह समझें कि सवर्णों की नाराजगी भारते जनता पार्टी को भाड़ी परी है लेकिन जो आपका
01:29प्रस्न था वैभव बिलकुल भी मुझे नहीं लग रहा था कि धतिया भी हार जाएगी भारते जनता पार्टी और उस
01:36हालत में जबकि वहां पर उन
01:51संकल्प भी लिया हला कि उनका संकल्प पूरा नहीं हुआ भारती जनता पार्टी अपने ही कमजोर रणनीत के कारण वहां
01:58पर रही है वहां ऐसा कुछ नहीं बना था बाकिपुर जैसे हालात वहां पर नहीं बने थे कि उहां पर
02:05उपोजिशन को वाक ओबर मिल जाए वहां �
02:07पर अस्तोस्तिवारी candidate ठीक था थे घंशाम सिंग जो वहां जीते हैं वह और थोड़े बेहतर थे उनको विधानसफा पहले
02:15से भी जीतने का अनुभव था दो दो बार के विधाय करा है चुके थे अलग-अलग अक्षेत्रों से तो
02:20वह बात जरूर थी लेकिन दतिया किहार भा
02:37heights होता है उसको आसानी से यह resolve कर लेते हैं यहां भी उन्होंने resolve किया लेकिन कई बार बात
02:43इतनी आगे बढ़ जाती यह कि नेता वांपस आं भी जाए जये तो जनता वांपस नहीं आती है डतिया में
02:50यही हुआ भारतिये जंता party के लिए सुरक्षित था खास करके तब जब �
02:56के विधाय जो कांग्रेस के थे राजेंदर भारती उनका डिस्कौलिफिकेशन हुआ था और डिस्कौलिफिकेशन की वज़ा क्या थी दस्टाचार तो
03:05इस भरस्टाचार के नेरेटीव को नहीं नहीं बना सका जिस सोशल इंजिन्गेरिंग के बल पर भारते जनता पार्टी �
03:11वो भी उहाँ पर मुह की खाने लगी और तो और उनका जो अंतर कलह था वो भी खुल कर
03:18सामने आ गया सब कुछ मिला के एक ऐसा रसायन तयार हुआ जिसने भारते जनता पार्टी की नईया धतिया में
03:25डुगो दी
03:26बिल्कुल नरुत्त मिश्रा वाले उस पर आएंगे हम उन्होंने जो कुछ किया और उसके बाद क्या उनकी वज़ा से हार
03:33मिली है एक बात और हो रही है टिकट वितरण को लेकर भारते अंता पार्टी पिछले कुछ सालों से ऐसे
03:39नेताओं को मंतरी पत देती रही है विधा
03:56इसा भी हो सकता है कैशोजी की बीजेपी को अब लग रहा है कि हमारा संकठन इतना मजबूत है कि
04:00हम किसी को भी अगर वो कुर्सी सौंपेंगे टिकट देंगे तो उसे हम जितवा ले जाएंगे वह यह सोच यहां
04:07पर उल्टी साबित हो गई है यहां पर भी और बाकिपुर
04:22थी और उसमें विजयराज एक डिरेक्टर के रोल में होता है सिनेमा के अंदर वो कहते हैं कि सड़क से
04:28अठार स्टार बना दूँगा तो यह सड़क से ऊठार बना दूँगा सिंड्रोम जो है भारतिय जनतापार्टि को उससे निकलने की
04:34जरूरत है क्या होता है मुखमंत्र
04:50और कानूनी वाधिता होती है, सावधानिक वाधिता होती है, इसलिए वो आपके साथ बने रहते हैं, लेकिन जनता के ऊपर
04:57इतनी सारी पावंदिया नहीं होती है, जनता अपने मन की मालिक है, पार्टी की विचारधारा से सहमती रखती है, आपके
05:05कारेकरमों में विश्वास �
05:07आपकी नीतियों की समर्थक हो सकती है इसलिए आपको वूट देती है लेकिन जिस वक्त जनता को ले गया कि
05:12नहीं इससे बहतर विकल्प है तो दूसरे विकल्प के साथ चा सकती है इस जो तीन उपचुनाओ हुए है अभी
05:19हाल के दिनों में उसमें देखिए भारते जनता पार
05:38दत्या में खास करके मैं कहूंगा कि इनके सोशल इंजिनिरिंग की बहुत बड़ी परिक्षा थी वहां पर यह मिजरेवली फेल
05:46हुए हैं बहुत ही बुरी तरह से और सफल हुए हैं दत्या के मिजाज को पढ़ने में शुरुवात से जो
05:52गलती होती रही इनकी एक तो एक स�
06:07वह वगावत परुदा है और उस वगावती रुख का खाम्याजा वीजेपी कौनतिता भुगतना परा कई सारी बाते आ रही है
06:16इस बीच में हाला कि बीच बचा हुआ नरुतमिश्वा को बुलाया गया उनको समझाया गया और वह कहने लगए कि
06:23हम अब आश्टोस्तिवारी
06:24के लिए काम करेंगे कई बार वैफब ऐसा होता है कि हम विरोध में इतना आगे निकल जाते हैं जहां
06:31से वापस आना बहुत मुश्किल हो जाता है एक तो ब्रहमन वर्सिस ब्रहमन हो गया सवर्णों की नाराजगी यूजी सी
06:40एक्ट को लेकर के है भारतिय जनता पार्टी की
06:43सरकार के खिलाव हैं इनको सुईकार करना पड़ेगा भारतिय जनता पार्टी का सिर्स नेत्रितु भी जानता है कि ये बहुत
06:50बड़ी गलती उनसे हुई थी जिस मंडल के रत पर सवार होकर के आडवानी जी निकले थे हलांकि उन्होंने उस
06:57रत का कुछ और नाम दिया था �
07:00वही मंडल पार्ट टू क्रियेट करने की तयारी हो रही थी ऐसे रूल्स का ऐसे कानूनों का क्यमपस में क्या
07:09योगदान हो सकता है क्यमपस तो सिक्षा की बहतरी के होना चाहिए उसके मैरिट्स पे नहीं जाएंगे लेकिन यूजी सी
07:16एक्ट में बदलाव के वजह से जो ए
07:19एक आक्रोस देश भर में शवर्णों में आया उसका नुकसान भारतिये जनता पार्टी को दत्या में भी उठाना पड़ा है
07:26मागियपूर में भी उठाना पड़ा है दत्या में पंद्रह परतिशत के आसपास ब्रह्मन मद्दाता है और ये सारे के सारी
07:34एक मुस्त भारतिये
07:45मक्षी की तरह निकाल फेकते हैं अगर आश्टोस टिवारी को उतारना था मैदान में तो ये फैसला तो सामोही क्रूप
07:53से भी लिया जा सकता था पहले भरोसे मिलेना चाहिए था नरुतम को लेकिन उन्होंने जैसा भारते जन्ता पार्टी की
08:01कारिश्वली है ये हमेशा कांग
08:14विधायक का उमिदवार कौन होगा यह भी दिल्ली से तै होता है किसी राज में मुख्यवंतरी कौन मनेगा यह भी
08:23दिल्ली से आये पर रवेक्षक्षित निकाल गरते करते हैं तो यह हाई कमान कल्चर जो है इस पार भारी पर
08:28गया दतिया में वह अंतर विरोद बाद में ल
08:44से हार जाए जहां पर भ्रस्ताचार के कारण सिटिंग MLA कांग्रेस के सिटिंग MLA की कुरसी चली गई है वह
08:53भी नेरेटिव नहीं बना पाए तो सोसल इंजिनेरिंग की हार हुई है खाली ब्रहमन ही नहीं देखें वहां का जो
08:59जातिय गणित है उसमें कुश्वहा वोट की
09:01भी परियाफ्ट संख्या है करीब 12 परतिशत कुश्वहा वोट है और लोधी वोट लोधी पाल और रावत सामुहिक रूप से
09:10यह साथ से आठ परतिशत है तो बीस परतिशत ओवी सी जो वोट है वहां पर आपके पास सिवराज सिंग
09:17जैसा कदावर नेता है भारते जनता प
09:31को किया है लग-छुनावों में लेकिन यहां पर उनका सोसल इंजिनीरंग बिल्कुल फेल हो गया और वह फेल होने
09:40का कारण दरसल सोसल इंजिनिरंग नहीं है लेकिन सबकुछ इस बार उनकी उमीद के ख़लाफ चला गया
09:58सब कुछ उनके उम्मीद के विवरीत रहा पती आत्मविश्वास के कारण उन्होंने सोचल इंजिनिरिंग साधने पर जड़ा भी मेहनत नहीं
10:06की उसका खाम्याजा हार के तौर पर धतिया में भी सामने आया
10:11केशोद जैसे कि आब बता रहे हैं कि जो बड़े विर्क्स होते हैं उनकी जड़ें बहुत गहरी तक जमी रही
10:18होगी उनको आप अचानक से हटा देना चाहते हैं तो ज़टका तो होगा क्या उनके रोने से भी समर्थकों मेक
10:25마음에 सेज गया कि देखो मेरा नेता रो रहा है टिकट
10:40करते हैं लेकिन धरसल उनके समर्थक इतना आगे चल चुके होते हैं उनकी
10:45campaign शुरू हो जाती है उनकी खेमेबाजी शुरू हो जाती है अब अगर उनका
10:50नेता भी चाहत सबको सबको वापस नहीं बुला सकता है उसमें से कुछ लोग
10:54हो सकता है कि नरुत्तम मिश्रा बाकई भारतिये जन्ता पार्टी के साथ मंसा वाचा कर्मना जुरू भी गए हो वापस
11:00कसमे खाली आसुत वस्तिवारी को जीताने के लिए
11:03लेकिन क्या वो सारे उनके समर्थक नहीं एक असम थोड़ी खा चुके थे वो तो नहीं होता है दूसरी बात
11:09नरुत्तम केवल आ गए मतदाता लेकर नहीं आए वरना वहाँ पर देखिए आजाद समाज पार्टी का उम्मिदवार पहली बार मैदान
11:20में उतरता है पहली बार
11:22मैं ऐसा नहीं कहता हूं कि आजाद समाज पार्टी का कोई जनाधार नहीं है जिन मतों की वो राजनीत करते
11:33हैं वहाँ पर देखे जाटव मद्दाता भी काफी संख्या में हैं लेकिन फिर भी एक उपचुनाव में मध्य परदेश के
11:41कई सारे चुनाव में बहन मयावती की �
11:43पार्टी बसभाफी चुनाव लरती रही है लेकिन उनके उमिदवार एक बार जीते तीसरे उमिदवार के तोर पर कभी भी इतना
11:51वोट उनको नहीं आया तो यहां पर जो आजाद समाज पार्टी के उमिदवार हैं उनको 22000 वोट आते हैं देवंदर
11:58पटेल यादा पटेल �
12:01ये वोट उनको कहां से आये? इसमें भी कोई एक थेयरी चल रही है, आपने परा भी होगा, सुना भी
12:08होगा, तो कुछ न कुछ तो वहां पर घाल मेल हो गया है, वहां जो समाजिक समी करन था दतिया
12:15का, बीजेपी उसको समझने में पूरी तरह से फेल हुई और उसका खामिया
12:31या लिहार का, तो उस आत्मन्थन में क्या इस बात पर चर्चा होगी, कि हमें अब उन बड़े नेताओं को
12:39एक सिरे से दरकिनार नहीं किया सकता, जिनका अपना एक समय में रुतबा रहा है, जिनका अपना देना धार रहा
12:44है, जैसे हम मुख्यमंदरी चैन के बात कर रहे थ
13:01हमने देखा था करनाटका में कैसे दुरप्पा को हटा दिया गया, फिर नए जो को लाएगे मुख्यमंदरी, फिर वो जीत
13:08भी नहीं पाये चुनाओ, तो अब बीजेपी इस वाली चीजों में अपने बदलाव लाएगी, इस उप्चनाव सुझ को सबक मिल
13:14गया?
13:15मुझे लगता है, लाना चाहिए, देखी, दरसल क्या होता है? कि सक्ता में बहुत दिनों तक जब पार्टी रह जाती
13:21है, तो उहां पर आलस से और अहंकार पनपने लगता है, भारती जनता पार्टी भी इस जड़ता का शिकार हो
13:29रही है, काफी दिनों से बने हुए है, तीस
13:44कोई भी तो जीत ही जा रहा है, चलो क्या ही फरक परता है, शिवडा सिंग चोहान नहीं भी जाएंगे,
13:48तो क्या फरक परता है, नरुत्तम रहें जाएंगे, क्या फरक परता है, तो जब शत्रपों की यहां, देखी, देखिए, कांग्रेस
13:54का जो खंड-खंड हुआ है, वि�
14:12एक समय था पूरब से लेगे पश्चिम तक कांग्रेस के कद्दावर नेता हुआ करते थे स्टिट में जो वहां कमान
14:18सभालते थे और उनके बल पर राज्य तो राज केंद्र में भी कांग्रेस की सरकारें बनती रहती थी जिस तरह
14:26से कांग्रेस ने अपने क्षत्रपों को खो
14:40आये यानि तो फिर शर्द पवार की तरह अपनी पार्टी उन्होंने बना ली तो इसका नुक्सान कांग्रेस को बहुत जादा
14:46हुआ और बहुत तेजी से हुआ चुकि भारती जंता पार्टी में जो उक्षत्रप हैं वो कहीं ने कहीं आरेस की
14:54पार्ट शाला से आते हैं अ�
15:09क्योंकि उनको सुईकार करें कांग्रेस तब तो जाएं और जब जाने लेंगे तब फिर इन में और कांग्रेस में कोई
15:15फरक नहीं रह जाएगा यही कारण है कि भारते जंता पार्टी लगातार शत्रपों को नजर अंदाज करने के बावजूद भी
15:23उनका साथ उनको मिलता
15:26रहता है भारते जंता पार्टी के शत्रपों की वहसंद्रा राजे की बात की आप देखने की उत्तर प्रदेश में जब
15:36योगी आदितेनात को मुख्यमंत्री बनाया गया था तो वो सांसा दूब्रवा और यिसा में मोहन चलंवाजी का चुनाव विधायक दल
15:51के नेता नही
15:52विधायक दल के लोग नहीं कर रहे हैं वहाँ पर जो केंडर सरकार के परवेक्षक भारतिय जनता पार्टी के जो
16:01केंडरीय परवेक्षक जाते हैं वह वहाँ पर मोहंचरण माझी का चुनाओ करते हैं यह रुडपाय को अलग-अलग मुखमंत्री बनाते
16:10रहे राज़ में भा
16:22इन से जुड़ कर के भारते जनता पाटी जैसे स्क्तिसाली पाटी बनी है लेकिन जब यह दीरी दीरी शत्र गिरने
16:45लगें
16:47है कि हम पर फैसले ठोपे जा रहे हैं बार-बार हम से नहीं पूछा जा रहा कुमिद्वार कौन होना
16:52चाहिए हो सकता है लेकिन अभी तक यह सतह पर नहीं आया है दतिया एक ऐसा उधारन है जहां पर
17:00नरत्वा मिश्ड़ा अगदम आमने सामने आ गए थे लेकिन आपको भारत
17:16जनता पार्डी की आने वाले समय में पता चलेगे कि देखी जब आप सफलता की रच पर सवार होते हैं
17:22तब आलोचनाएं नहीं होती है जब आप सफलताएं आने लगती है जब आप सफलताएं मिलनी शुरू हो जाती है तब
17:30आलोचनाओं का दौर शुरू होता है जब आप �
17:32शक्तिशाली हैं, राज दर, राजा फतह कर रहे हैं,
17:35तो कौन आपकी फैसले पर सवाल उठाएगा,
17:38लेकिन अब आप माकीपूर हार गए हैं, अब दतिया हार गए हैं,
17:42तो सवाल अब उठेंगे, और हाल के दिनों में,
17:45खासकर मैं फिर से कहता हूँ, केंदर सरकार के कारे कर्मों को लेकर,
17:49केंदर सरकार की नीतियों को लेकर के, जना ग्रोस रहा है,
17:53आमने नीट के प्रोटेस्ट में देखा, जनतर मंतर पर कैसे नारे लगाया जा रहे थे,
17:57कैसे poster दिखाये जा रहे थे वह भारतिये जंतापार्टी के लिए नहीं belki कंद की सरकार के लिए था उसके
18:16पर गांग्षाय के है सक्ता
18:24की रेखा कभी जनकांच्छाओं के विपरीत नहीं हो सकती है
18:30आपको जनता के उमीद पर चलना होगा
18:33यद्दपी वो जनता आपकी वोटर है
18:35विपक्ची पार्टी की वोटर है
18:37वो एक अलग विशे हो सकता है
18:39और हमने देखा आपने अपने इस एपिसोड में कहा भी है
18:43कि कैसे बीजेपी नेताओं के बच्चे भी नीट प्रोटेस्ट को सपोर्ट कर रहे थे
18:48कैसे बीजेपी नेताओं के बच्चे प्रशांत की सोर की जीत का जशन मना रहे हैं
18:54तो ये जमीन से जुड़ा हुआ मसला है ये लोगों की उमीद की बात है लोगों के भरोसे की बात
19:01है लोगों की जो उमीदे हैं आप उसके बिलकुल ही खिलाफ इवारत लिखते रहेंगे तो उसे नहीं पढ़ा जाएगा आपको
19:11नई इवारत लिखने का मौका मिला है आप उस
19:16से लिखें लेकिन लोगों की भावनाओं के पन्ने पर लिखें तो दतिया उक्चिनाओं में हार ने बीजेपी को एक और
19:25बड़ा जटका दिया है बाकी पूल ने तो दिया ही है और इस जो पिछले दो-तीन महिने में बीजेपी
19:31लगातार जटकों से गुजर रही है फिर चाहे
19:43से भविष्ट में कैसे उबढ़ती है क्या सबक लेती है यह आने वले दिनों में पता चल पाएगा फिलहाल तक
19:48की जो अप्डेट थी हमने आपको बता दी आप देखते रहिए वन इंडिया
19:54अजया बाएगा कि झाल दोओू से नाप्ट एंडिया आपको नियुक्ति रही नचाओ प्राइब निए वन प्राइब दू अबघर से भींग्जया
20:03प्राइब के लगागा थाराइब कर्यों है
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