00:00मेरे दतिया के मालको एक एक दर्बजी पर अपना सीष नवाऊंगा एक एक जाउंगा अपना आश्टोष को जिताऊंगा एसा कहना
00:19है दतिया के पूर विधायक मद्य प्रदिश के पूर ग्रह मंतरी नरुत्तम मिश्रा का
00:25नरुत्तम जब ऐसा बयान दे रहे थे उस वक्त उनकी आखों में आसू थे और मंच था दतिया उप्चुनाओ में
00:31बीजेपी के उमिद्वार आश्टोष तिवारी की नामंकन सभा का इस दोरान नरुत्तम क्यों रो पड़े क्या उनके अंदर टिकट ना
00:39मिलने की का दुख है
00:41इसके लिए उनके आखों से आसू निकल आए दतिया उप्चुनाओ का गणित क्या कहता है बीजेपी ने नरुत्तम को टिकट
00:47क्यों नहीं दिया पीछे की क्या वजह है रही इन सब पर बात करने के लिए हमारे साथ सिधार जी
00:52हैं सिधार जी सबसे पहले मैं आपसे ही जानन
00:54चाहूंगा आपने मद्यपदेश के आप रहने वाले हैं नरुत्तम का वो रूप भी देखा है जब ग्रहमंत्री हुआ करते थे
01:00बेहदी ताकत और नेता थे दबंग थे और आज जब ना उनके पास दतिया विदान सभाव चुनाओं का टिकट है
01:07और ना ही कोई और बड़ा
01:09पद नरुत्तम की आशू को लेकर आपको पीछे क्या लगता है क्या वजह थी देखिए मैंने उनको ना उभरते हुए
01:16देखा है जब मैं स्कूल टाइम में था तब से मैं उनकी राजनीती देख रहा हूं फिर जब बाद में
01:22कॉलेज में आया फिर जर्नलिजम की अभुपा
01:37ही है और कई उतार चड़ाओ के मौके आए कई बार राज चिलक के मौके आए और इन सब के
01:43बावजूद वो अपना कहीं न कहीं खुद को प्रासंगिक बनाए रखने में गामयाब रहे हैं यह पहली बार है कि
01:49उनके खाते में लगातार तीसरी चौती बार मैं एक निराशा �
01:54देख रहा हूं 2023 से इससे पहले हमेशा वो जिस चीज़ पर हाथ रख रहे थे वो चीज़ उनको मिलती
02:01चली जा रही थी शायद इसे ही नियती कहते हैं इसे ही राजनीती कहते हैं
02:05बात करूंगा 2016 की तब वे जनसंपर्ग मंत्री हुआ करते थे शिवराज सिंग चौहन की सरकार में और तब मध्यप्रदेश
02:15से लेकर दिल्ली तक कई सारे चैनलों में पहले उनका एड जाता था ये तरह का वर्चा सो एक तरह
02:21का दबदबा उनका होता था हर स्टेट में जै
02:33वैसे जैसे राजनीती चड़ती गई वैसे वैसे उनका कदर चड़ता गया और 2023 के चुनाओं के बाद जब सीम की
02:39लिस्ट बन रही थी कि कौन कौन नेता हो सकते हैं तो उसमें शिवराज सिंग से ज्यादा बड़ा नाम इनका
02:45था वो सीट इनके पास क्यों नहीं पहुंची
02:48सीम हाउस इनके पास क्यों नहीं पहुंचा उसके बहुत सारे कारण, तर्ग, वितर्ग, तमाम चीज़ें हैं लेकिन फिलाल आज के
02:55राजनीती में सच यही है कि उनके हाथ में एक बहुत बड़ी निराशा है और सामने समस्च्याएं और सवाल दोने
03:02बिल्कुल आज से तीन-चार साल पहले अगर हम अगर हम प्रदेश की राजनीती में कल्पना करें तो दतिया से
03:09चुनाओ होगा और नरुत्तम के पास टिकट नहीं होगा ऐसा सोचना भी अकल्प नहीं है, सोचा भी नहीं जा सकता
03:15था, फिर चीज़े कैसे बदल गई कि उप
03:30लोग सभाशेत्र हैं, अलग-अलग नहीं है, दो जले आते हैं, एक लोग सभाशेत्र में उसको कहते हैं भिंड़ दतिया,
03:36तो इनका एक दोर वो था कि दतिया में टिकेट ना मिलना तो छोड़िये, सरपंच के लिए टिकेट किसको मिलेगा,
03:43इसके लिए पहले आदमी होता
03:46नरु तमेशाज इनको पूशा जाता था, यहां तक कि कॉंग्रेस में दतिया के कौन से लोग टैनाथ होंगे, जिला कॉंग्रेस
03:53में, उन तक के फैसले कई बार इनसे होके चले जाती थे, एक दोर वो था कि जब इनसे कहा
03:59जाता था, इक वालों से दोस्ति कम करो, और यह ब
04:15जिनके साथ बड़ी अच्छी जमती थी बले राजनीतिक ट्रटी द्वंदी थे लेकिन दूस्ती एक अलग चीज है अब रही बात
04:22दतिया की की दतिया में टिकेट कटना टिकेट करना तो छोड़ियो वैवब जो पितमरा माई का मंदर है उसके सामने
04:28किसी और के पोस्टर नही
04:45दूसरे बड़े अलाके जहां पर ज्यादा लोग कटे होते हैं वहाँ पर सभी जगह मैंने एक ही पोस्टर देखा है
04:51नरुत्तम दादा का इनको दादा कहते हैं वहां के बाशा में और यह कहना कि टिकेट कट जाना मतलब मैं
04:58अगर आज से 2023 के जरा सा पहले चलूँ तो टिक
05:14मैंने एक लेख भी लिखा था अपनी वेबसाइट पर एक पूरा आर्टिकल था एडिटोरियल उसमें मैंने डीटेल में बता है
05:22वो यहां पर भी बता देता हूं सबसे पहली चीज़ थी कि आप चले जाईए जब 2020 में कॉंग्रेस की
05:31सरकार गिरती है कमलनाथ की सिंधिया इ
05:44दूसरे चैनल में बीरो समाल रहा था मद्परादेश का और वहां पर तब यह विधायक की भूमका में अपोजीशन में
05:50थी और तब यह सब चल रहा था इनके करीब रहने के मुझे काफी मौका मिला इनके साथ कम करने
05:56का मौका मिला
05:57जब सरकार गिर रही थी तो उन्होंने सिर्फ इतना इशारा दिया था
06:01तीन दिन पहले मुझे कि सिधार्थ हवा बदलने वाली है तुम तयार है
06:06मुझे समझ में नहीं आया कि हो क्या रहा ये जरूर था कि लड़ाई चल रही है
06:11पर ये नहीं था कि इतने सारे विदायक एक जटके में आ जाए फिर अचानक से उनका मेरे पास फोन
06:17आता है वो दिल्ली आया हुए थे और मैं उनसे मिलने भी गया दिल्ली में चुना हो थे तब यह
06:21मैं बता रहा हूं जनवरी 2020 की बाद उन्हें प्रचार करने के लिए बुला
06:39से होगा तब इनका एक वीडियो वाइरल होता है जिसमें ये विधायकों मतलब 12 विधायकों को इधर लाने की बात
06:45कह रहे थे तब कॉंग्रेस ने आरोप लगाया कि आपके आप विधायक हमारे तोड़ रहे हो तो इन्होंने जवाब भी
06:51दिया था कि हम तोड़ रहे तो आ
07:06कि अंदर रही पहले मैं इसलिए समझा रहा हूं ताकि आपको ये समझ में आज आज आए कि किस कद्द
07:12के नेता के बारे में आज हम बात कर रहे हैं फिर उसके बाद जब यह ग्रहमंत्री बन जाते हैं
07:21तो एक जो उनके शुरू से उनके एक कह सकते हैं बॉडी लेंग्वि�
07:36विवा की हमेशा से रही और फिर अचानक से किसी ने इनको गाइड गिया कि इस तरह से अगर आप
07:42बयान वाजी करेंगे तो शायद आपको ज्यादा लाइम लाइट मिलेगी विवादो वाले विवादो वाले तो ग्रहमंत्री बनने के बाद मध्यपरादेश
07:51में बार-बार
07:52इस तरह कि बयान आना कि इससे भावना आहाथ ही जैसे दीपिका पार्दुपून की बिक्नी वाला जो बयान था वो
07:59इस तरीके के बार-बार बयान आने ले और इसका नतीज़ा यह हुआ कि इन दिली में एक मीटिंग में
08:06तरधान मंत्री ने इन डिरेक्ट ली कहा था कि इन
08:21इसकी वजह से उसको ज्यादा जगह मिलती है इसलिए आप ऐसा ना करें इनको इंडिरेक्ली का गया था डिरेक्ली भी
08:26नहीं जो मीडिया में कुछ लोग कहते हैं कि लताड लगए थी इसा कुछ नहीं है इनको कहा गया था
08:32और उसके बाद इनोंने कुछ हद तक खुद को क�
08:37हुआ कि इनका जो अखड मिजाजी थी या एक कहले है कि बेवाग थे निडर थे वो चीज़ इनके निगेटिव
08:44चली गए बिल्कुल दद्या में अभी ऐसे कही केसा है कोरोना के बाद की चाहिए वो रिकॉर्डिंग कह लो यह
08:49चोटी चोटी चीज़ें आप भले इनको मान
09:05चुके थे यह सारी चीज़ें इनके अंगें सी फिर उसके बाद क्या होता है कि दत्या लोकल में भी यह
09:11माहौल बनने लगा के नेता हमारी सुन नहीं रहे हैं यह मैसेज यह कनवे किया जाने लगा जो इनके खड़े
09:19होने वाले थे राजिंदर भारती उनकी तरह से नेरेट
09:34क्alım लिए आना होता था है मेरी मुलाकात है फोती थी तो सारे पत्रकारों से फीड़ लिया जाता है कि
09:40कैसा चल रहा है जो लोग आँ पर जाते है तो उसमें जो चीज़ मुझे कहनी थी बतानी थी वह
09:46नए बताई भी वह उड़मिमेंट नहीं हूई और उसके बाद 2023 का चु
10:02नहीं रहेगा क्योंकि बात पर्दे के पीशे की है तो उनसे इनकी लड़ाई हुई कई बार मीटिंग में ही एक
10:09दूसरे को कहा सुनी तक बात पहुंचेंगें तो उसके बात से मध्य प्रदेश जैसे हर प्रदेश के राजनीतियों चोटे चोटे
10:21गोट होते हैं ऐसे मध्य प
10:36तो जो दूसरे गोटके थे वो कहीं न कहीं इनका पैर खीशने में लग और उसका कारण यह रहा कि
10:442013 का जो चुनाव था उसमें इनको हर बिलकुल हार मिल जाती नरुत्तमिश्रा को अब बात उठ रही है कि
10:52उप्चिनाव हो रहा है आज तो इस तिवारी हो सकता है जीत भी �
10:56जाएं जतिया किसी बीजेपी जीत ले फिर से अब आगे क्या मध्य परदेश में कोई MLC तो होते नहीं है
11:01कि इनको महां सिटल किया जाए राजसभा की चर्चाए हुई थी उसमें भी इनका कुछ हुआ नहीं उस पर भी
11:07आते हैं लेकिन उसके पहले अब आते हैं कि टिकेट
11:09कटने पर टिकेट कटने के पीछे यह पूरा तैथा कि मतलब उस सीट से अगर किसी को टिकेट मिलेगा तो
11:17नरुतम विश्राही होंगे बहले से तैथा जिस दिन से राजिंदर भारती को कोट ने सजा सुनाई और उनकी विधाईकी चली
11:23गई उसके जब से लगा कि भाई अ�
11:29अबी भी होगा तो उस दिन भी जिस दिन राजिंदर भारती का फैसला आया उस दिन भी मेरी बात भी
11:35फोन बद तो उसके बाद ही पूरी तैयारी में लग गए कि चुनाव निकालना है कैसे भी जो गलतियां हुई
11:43थी उसको वापस ठीक करना है और अपनी जगा फिर से बना
11:59नेता जो अपके इंदर में आ चुके हैं जिन से इनका पहले ठीक से नहीं बनती थी उनकी पास जाते
12:10हैं एक और नेता जिनके पास यह था कि इनको टिकेट देना है दतिया उप्चुनाव गड़ित आप अपने हिसाब से
12:17ला लेना और दर्शकों को मैं चाहूंगा कि अगर
12:28इनको नहीं देना चाहता क्योंकि मद्यप्रदेश की राजनीती में जो मोहन यादव है सभी को मतलब पता है कि वो
12:36केंदर की पसंद है लेकिन वो अपनी तरफ से इतना बड़ा गुट नहीं ला सकते जितना बड़ा शिवरासिंग जोहन ला
12:42सकते हैं कैलाज विजयवरगी �
12:46तो उनका कहना यह था कि हम इनको टिकट नहीं देना चाहते हैं क्योंकि हम एक और गुट पैदा नहीं
12:53करना चाहते इस वाज़े से तो यह बात आती है फिर दिल्ली में जो मद्यप्रदेश केंदर में आ गए नेता
13:00हैं उनसे सला ली जाती है तो उन्होंने भी इनका नाम र
13:13संगठन मंत्री जब बनाए गए तब उन्हीं नेता के द्वारा बनाए गए थे अगर आप सर्च करेंगे तो बिल्कुल समझ
13:20में आ जाएगा मेरे नाम लेने की जरुवत नहीं पड़ेगी तो उसके बाद फिर उन्होंने आशुदोस्तिवारी का नाम सुझाए इससे
13:40हु�
13:41अर नरुतम मिशाव टिकेट मिलता वो जीतते तो जाहिशती बात है उन्हें बड़ा पत देना पड़ेगा जो जोशी साब को
13:47पहले ही उपमुक्ष मंत्री का पत दिया जा चुका है तो दो ब्राह्मन भी बराबरी की पोजीशन पर आते तो
13:52जाती का जो समीकरन है वो गड�
14:09पताने का जिम्मा इनहीं के उपर डाले दिया गया क्योंकि पिछले तीन दिनों में जतने प्रोटेस्ट हुए अगर आशुतोष तिवारी
14:16हार तो सारा ठीकरा किस पर फूटेगा नरुतम पर और आशुतोष तिवारी अगर जीत गए तो सारा क्रेडिट किसको मिलेगा
14:25नर
14:38पर आशा लग रही है चुनाओ हारने के बाद फिर खबर चली नहीं उसके पहले खबर चली कि मधिपरदेश में
14:46लोकसभा की इनको जो है टिकेट मिल सकती है वो नहीं मिली फिर लगा कि मधिपरदेश में अध्यक्ष बदलना है
14:53तो अगले अध्यक्ष की कुरसी ने मिल सकत
14:57नहीं मिली फिर राजसभा का नाम आया राजसभा में भी इनके हिस्ते वाली सीट थी जो रजनी शगरवाल है प्रवक्ता
15:05हैं लंबे समय से उनको दे दी गई फिर लगा कि टिकेट वापस मिल जाएगा वापस विदानसभा पहुंचेंगे वापस मंत्री
15:12बनेंगे तो अब
15:29वापस उनसे भरोसा लिया गया कि हाँ आप इस तरह के का एक अलग से कुछ नहीं करें जब लगा
15:36कि वह ऐसा नहीं कर सकते तब उन्हें वापस से सत्ता का सभागी मिलने लगा तो ऐसा ही मुझे लगता
15:44है कि इन्हें परका जाएगा बीजेपी का एस्टाइल यह है लेकिन �
15:48यहाँ पर कई सारी चीज़ें है देखो पार्टी तो यह बदलने से रहे क्योंकि आइडियोलाजिकली यह अलग नहीं हो पाएंगे
15:56है ना और मध्यप्रदेश में ऐसी कोई पार्टी नहीं है जो बीजेपी की आइडियोलाजी से मैश करती हो और साथ
16:03में चुनाव भी लड़
16:10तो नहीं है पर आइडियोलाजिकल डिफरेंस बहुत है अब लेकिन इतने बड़े नेता हो शिवराज सिंग चौहान जो एक लोक
16:23नेता है जो खड़े होते हैं तो घीड़ गटी होती है उसके बाद मुझे लगता है कि शिवराज सिंग चौहान
16:28के बाद दो बराबर के नाम
16:39आते हैं और उसमें भी एक नाम उपर रहता है वहां पर जाकर मेहनत करते हैं जैसे कानपूर जहां पर
16:47विकास दुबेने चुना लड़ा था तो सीट के प्रभारी यही थे और वो सीट जितवाई भी उन्हों नहीं थी ऐसे
16:53कई उधारण है तो एक ऐसा नेता है जिसको आप
16:56इग्नोर तो नहीं कर सकते आरे करेंगे तो पार्टी अपना नुकसान करा बैठेगी प्लस यह चीज़ भी पार्टी वो समझना
17:02चाहिए कि इतने बड़े नेता को बार बार एक तरीके से चोटा करना ठीक है आपको पनिश करना है आपको
17:11कॉन को काम डाउन करना है कूल डा�
17:23अग्रेट किया गया कि आज के जमाने में उभरने वाले नहीं बचे तो वो नहीं हो जाए तो पार्टी के
17:29उपर अभी तो खत्रा है क्योंकि एंटी इंकम्मेंस यह 25 साल की पार्टी के खिलाफ पहले से ऐसे में अगर
17:35जो नेता भीड़ लाते हैं जो संगठन मजबूत करते
17:38हैं पार्टी मजबूत करते हैं वोट भी लाते हैं और सरकार को चलाने में भी मदद करते हैं ऐसे नेताओं
17:46को और आप दबाके रखते हैं तो आप अपना भी कर रहें और शाद आज नहीं दिखेगा क्योंकि आज अपने
17:52रोज पर हैं पर कभी तो ऐसा आएगा कि आप धला
18:08ला सके ऐसा कोई नियता नहीं पार्टी अंदर ये अंदर टूट रही है को दूहां के जो पूर्वध्यक्षियां कॉंग्रेस के
18:14अरूंग यादा वोनोंने ट्विट किया कि अब हम सब
18:16को साथाना पड़ेगा इतने सारे कोट बन गए हैं कि लोग एक दूसरे का भला देखनी पाते हैं तो वो
18:22होने से और बचाना है तो आपको ऐसे नेताओं को खड़ा रखना पड़ेगा उनके साथ दूसरे बनाने बिलकुल तो दतिया
18:29का उप्चुनाओं काफी दिल्चस्प हो
18:45हो गया था तो नरुत्तम माने हैं रूठे हैं या फिर बस माने होने का दिखावा कर रहे हैं कि
18:52नहीं मैं खुश हूँ आश्टोष को जिताओंगा पूरी ताकत लगाऊंगा इस सब कुछ पता चल पाएगा नामंकन हो चुका है
18:57आश्टोष तिवारी का नरुत्तम के आगे
19:13सब्सक्राइब को लेकर मद्यपरदीश की सियासत को लेकर यह देश दुनिया के ओवितमाम खबरियों आपको लगातार वन इंडिया पर मिलती
19:18रहेंगी फिलाल के लिए इतना है
19:22अबाट आपको लिए ऑपको लिए और मिलती आपटाएब लगलते के लिए चाहिए नापको लेकर बाटीयों आपको लग्ते है
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