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दतिया उपचुनाव 2026 में पूर्व मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा को टिकट नहीं मिलने के बाद मध्य प्रदेश की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। इस वीडियो में जानिए आखिर टिकट नहीं मिलने के पीछे किन कारणों की चर्चा हो रही है, पार्टी के भीतर क्या राजनीतिक समीकरण बताए जा रहे हैं और इस फैसले का दतिया उपचुनाव पर क्या असर पड़ सकता है। साथ ही देखिए पूरे मामले का राजनीतिक विश्लेषण, नेताओं की प्रतिक्रियाएं और मध्य प्रदेश की ताजा चुनावी अपडेट। ऐसी ही सटीक राजनीतिक खबरों और ग्राउंड रिपोर्ट के लिए चैनल को Subscribe करें।

Datia By-Election 2026 has sparked intense political debate after Narottam Mishra was not given a party ticket. In this video, we examine the political developments surrounding the decision, the possible reasons being discussed publicly, and the reactions from party leaders and supporters. We also analyze whether internal party dynamics and decisions made in Delhi influenced the candidate selection process. Watch this detailed analysis of Madhya Pradesh politics, the Datia by-election, and the latest political updates. Subscribe for breaking political news, election coverage, and in-depth analysis from across India.

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00:00मेरे दतिया के मालको एक एक दर्बजी पर अपना सीष नवाऊंगा एक एक जाउंगा अपना आश्टोष को जिताऊंगा एसा कहना
00:19है दतिया के पूर विधायक मद्य प्रदिश के पूर ग्रह मंतरी नरुत्तम मिश्रा का
00:25नरुत्तम जब ऐसा बयान दे रहे थे उस वक्त उनकी आखों में आसू थे और मंच था दतिया उप्चुनाओ में
00:31बीजेपी के उमिद्वार आश्टोष तिवारी की नामंकन सभा का इस दोरान नरुत्तम क्यों रो पड़े क्या उनके अंदर टिकट ना
00:39मिलने की का दुख है
00:41इसके लिए उनके आखों से आसू निकल आए दतिया उप्चुनाओ का गणित क्या कहता है बीजेपी ने नरुत्तम को टिकट
00:47क्यों नहीं दिया पीछे की क्या वजह है रही इन सब पर बात करने के लिए हमारे साथ सिधार जी
00:52हैं सिधार जी सबसे पहले मैं आपसे ही जानन
00:54चाहूंगा आपने मद्यपदेश के आप रहने वाले हैं नरुत्तम का वो रूप भी देखा है जब ग्रहमंत्री हुआ करते थे
01:00बेहदी ताकत और नेता थे दबंग थे और आज जब ना उनके पास दतिया विदान सभाव चुनाओं का टिकट है
01:07और ना ही कोई और बड़ा
01:09पद नरुत्तम की आशू को लेकर आपको पीछे क्या लगता है क्या वजह थी देखिए मैंने उनको ना उभरते हुए
01:16देखा है जब मैं स्कूल टाइम में था तब से मैं उनकी राजनीती देख रहा हूं फिर जब बाद में
01:22कॉलेज में आया फिर जर्नलिजम की अभुपा
01:37ही है और कई उतार चड़ाओ के मौके आए कई बार राज चिलक के मौके आए और इन सब के
01:43बावजूद वो अपना कहीं न कहीं खुद को प्रासंगिक बनाए रखने में गामयाब रहे हैं यह पहली बार है कि
01:49उनके खाते में लगातार तीसरी चौती बार मैं एक निराशा �
01:54देख रहा हूं 2023 से इससे पहले हमेशा वो जिस चीज़ पर हाथ रख रहे थे वो चीज़ उनको मिलती
02:01चली जा रही थी शायद इसे ही नियती कहते हैं इसे ही राजनीती कहते हैं
02:05बात करूंगा 2016 की तब वे जनसंपर्ग मंत्री हुआ करते थे शिवराज सिंग चौहन की सरकार में और तब मध्यप्रदेश
02:15से लेकर दिल्ली तक कई सारे चैनलों में पहले उनका एड जाता था ये तरह का वर्चा सो एक तरह
02:21का दबदबा उनका होता था हर स्टेट में जै
02:33वैसे जैसे राजनीती चड़ती गई वैसे वैसे उनका कदर चड़ता गया और 2023 के चुनाओं के बाद जब सीम की
02:39लिस्ट बन रही थी कि कौन कौन नेता हो सकते हैं तो उसमें शिवराज सिंग से ज्यादा बड़ा नाम इनका
02:45था वो सीट इनके पास क्यों नहीं पहुंची
02:48सीम हाउस इनके पास क्यों नहीं पहुंचा उसके बहुत सारे कारण, तर्ग, वितर्ग, तमाम चीज़ें हैं लेकिन फिलाल आज के
02:55राजनीती में सच यही है कि उनके हाथ में एक बहुत बड़ी निराशा है और सामने समस्च्याएं और सवाल दोने
03:02बिल्कुल आज से तीन-चार साल पहले अगर हम अगर हम प्रदेश की राजनीती में कल्पना करें तो दतिया से
03:09चुनाओ होगा और नरुत्तम के पास टिकट नहीं होगा ऐसा सोचना भी अकल्प नहीं है, सोचा भी नहीं जा सकता
03:15था, फिर चीज़े कैसे बदल गई कि उप
03:30लोग सभाशेत्र हैं, अलग-अलग नहीं है, दो जले आते हैं, एक लोग सभाशेत्र में उसको कहते हैं भिंड़ दतिया,
03:36तो इनका एक दोर वो था कि दतिया में टिकेट ना मिलना तो छोड़िये, सरपंच के लिए टिकेट किसको मिलेगा,
03:43इसके लिए पहले आदमी होता
03:46नरु तमेशाज इनको पूशा जाता था, यहां तक कि कॉंग्रेस में दतिया के कौन से लोग टैनाथ होंगे, जिला कॉंग्रेस
03:53में, उन तक के फैसले कई बार इनसे होके चले जाती थे, एक दोर वो था कि जब इनसे कहा
03:59जाता था, इक वालों से दोस्ति कम करो, और यह ब
04:15जिनके साथ बड़ी अच्छी जमती थी बले राजनीतिक ट्रटी द्वंदी थे लेकिन दूस्ती एक अलग चीज है अब रही बात
04:22दतिया की की दतिया में टिकेट कटना टिकेट करना तो छोड़ियो वैवब जो पितमरा माई का मंदर है उसके सामने
04:28किसी और के पोस्टर नही
04:45दूसरे बड़े अलाके जहां पर ज्यादा लोग कटे होते हैं वहाँ पर सभी जगह मैंने एक ही पोस्टर देखा है
04:51नरुत्तम दादा का इनको दादा कहते हैं वहां के बाशा में और यह कहना कि टिकेट कट जाना मतलब मैं
04:58अगर आज से 2023 के जरा सा पहले चलूँ तो टिक
05:14मैंने एक लेख भी लिखा था अपनी वेबसाइट पर एक पूरा आर्टिकल था एडिटोरियल उसमें मैंने डीटेल में बता है
05:22वो यहां पर भी बता देता हूं सबसे पहली चीज़ थी कि आप चले जाईए जब 2020 में कॉंग्रेस की
05:31सरकार गिरती है कमलनाथ की सिंधिया इ
05:44दूसरे चैनल में बीरो समाल रहा था मद्परादेश का और वहां पर तब यह विधायक की भूमका में अपोजीशन में
05:50थी और तब यह सब चल रहा था इनके करीब रहने के मुझे काफी मौका मिला इनके साथ कम करने
05:56का मौका मिला
05:57जब सरकार गिर रही थी तो उन्होंने सिर्फ इतना इशारा दिया था
06:01तीन दिन पहले मुझे कि सिधार्थ हवा बदलने वाली है तुम तयार है
06:06मुझे समझ में नहीं आया कि हो क्या रहा ये जरूर था कि लड़ाई चल रही है
06:11पर ये नहीं था कि इतने सारे विदायक एक जटके में आ जाए फिर अचानक से उनका मेरे पास फोन
06:17आता है वो दिल्ली आया हुए थे और मैं उनसे मिलने भी गया दिल्ली में चुना हो थे तब यह
06:21मैं बता रहा हूं जनवरी 2020 की बाद उन्हें प्रचार करने के लिए बुला
06:39से होगा तब इनका एक वीडियो वाइरल होता है जिसमें ये विधायकों मतलब 12 विधायकों को इधर लाने की बात
06:45कह रहे थे तब कॉंग्रेस ने आरोप लगाया कि आपके आप विधायक हमारे तोड़ रहे हो तो इन्होंने जवाब भी
06:51दिया था कि हम तोड़ रहे तो आ
07:06कि अंदर रही पहले मैं इसलिए समझा रहा हूं ताकि आपको ये समझ में आज आज आए कि किस कद्द
07:12के नेता के बारे में आज हम बात कर रहे हैं फिर उसके बाद जब यह ग्रहमंत्री बन जाते हैं
07:21तो एक जो उनके शुरू से उनके एक कह सकते हैं बॉडी लेंग्वि�
07:36विवा की हमेशा से रही और फिर अचानक से किसी ने इनको गाइड गिया कि इस तरह से अगर आप
07:42बयान वाजी करेंगे तो शायद आपको ज्यादा लाइम लाइट मिलेगी विवादो वाले विवादो वाले तो ग्रहमंत्री बनने के बाद मध्यपरादेश
07:51में बार-बार
07:52इस तरह कि बयान आना कि इससे भावना आहाथ ही जैसे दीपिका पार्दुपून की बिक्नी वाला जो बयान था वो
07:59इस तरीके के बार-बार बयान आने ले और इसका नतीज़ा यह हुआ कि इन दिली में एक मीटिंग में
08:06तरधान मंत्री ने इन डिरेक्ट ली कहा था कि इन
08:21इसकी वजह से उसको ज्यादा जगह मिलती है इसलिए आप ऐसा ना करें इनको इंडिरेक्ली का गया था डिरेक्ली भी
08:26नहीं जो मीडिया में कुछ लोग कहते हैं कि लताड लगए थी इसा कुछ नहीं है इनको कहा गया था
08:32और उसके बाद इनोंने कुछ हद तक खुद को क�
08:37हुआ कि इनका जो अखड मिजाजी थी या एक कहले है कि बेवाग थे निडर थे वो चीज़ इनके निगेटिव
08:44चली गए बिल्कुल दद्या में अभी ऐसे कही केसा है कोरोना के बाद की चाहिए वो रिकॉर्डिंग कह लो यह
08:49चोटी चोटी चीज़ें आप भले इनको मान
09:05चुके थे यह सारी चीज़ें इनके अंगें सी फिर उसके बाद क्या होता है कि दत्या लोकल में भी यह
09:11माहौल बनने लगा के नेता हमारी सुन नहीं रहे हैं यह मैसेज यह कनवे किया जाने लगा जो इनके खड़े
09:19होने वाले थे राजिंदर भारती उनकी तरह से नेरेट
09:34क्alım लिए आना होता था है मेरी मुलाकात है फोती थी तो सारे पत्रकारों से फीड़ लिया जाता है कि
09:40कैसा चल रहा है जो लोग आँ पर जाते है तो उसमें जो चीज़ मुझे कहनी थी बतानी थी वह
09:46नए बताई भी वह उड़मिमेंट नहीं हूई और उसके बाद 2023 का चु
10:02नहीं रहेगा क्योंकि बात पर्दे के पीशे की है तो उनसे इनकी लड़ाई हुई कई बार मीटिंग में ही एक
10:09दूसरे को कहा सुनी तक बात पहुंचेंगें तो उसके बात से मध्य प्रदेश जैसे हर प्रदेश के राजनीतियों चोटे चोटे
10:21गोट होते हैं ऐसे मध्य प
10:36तो जो दूसरे गोटके थे वो कहीं न कहीं इनका पैर खीशने में लग और उसका कारण यह रहा कि
10:442013 का जो चुनाव था उसमें इनको हर बिलकुल हार मिल जाती नरुत्तमिश्रा को अब बात उठ रही है कि
10:52उप्चिनाव हो रहा है आज तो इस तिवारी हो सकता है जीत भी �
10:56जाएं जतिया किसी बीजेपी जीत ले फिर से अब आगे क्या मध्य परदेश में कोई MLC तो होते नहीं है
11:01कि इनको महां सिटल किया जाए राजसभा की चर्चाए हुई थी उसमें भी इनका कुछ हुआ नहीं उस पर भी
11:07आते हैं लेकिन उसके पहले अब आते हैं कि टिकेट
11:09कटने पर टिकेट कटने के पीछे यह पूरा तैथा कि मतलब उस सीट से अगर किसी को टिकेट मिलेगा तो
11:17नरुतम विश्राही होंगे बहले से तैथा जिस दिन से राजिंदर भारती को कोट ने सजा सुनाई और उनकी विधाईकी चली
11:23गई उसके जब से लगा कि भाई अ�
11:29अबी भी होगा तो उस दिन भी जिस दिन राजिंदर भारती का फैसला आया उस दिन भी मेरी बात भी
11:35फोन बद तो उसके बाद ही पूरी तैयारी में लग गए कि चुनाव निकालना है कैसे भी जो गलतियां हुई
11:43थी उसको वापस ठीक करना है और अपनी जगा फिर से बना
11:59नेता जो अपके इंदर में आ चुके हैं जिन से इनका पहले ठीक से नहीं बनती थी उनकी पास जाते
12:10हैं एक और नेता जिनके पास यह था कि इनको टिकेट देना है दतिया उप्चुनाव गड़ित आप अपने हिसाब से
12:17ला लेना और दर्शकों को मैं चाहूंगा कि अगर
12:28इनको नहीं देना चाहता क्योंकि मद्यप्रदेश की राजनीती में जो मोहन यादव है सभी को मतलब पता है कि वो
12:36केंदर की पसंद है लेकिन वो अपनी तरफ से इतना बड़ा गुट नहीं ला सकते जितना बड़ा शिवरासिंग जोहन ला
12:42सकते हैं कैलाज विजयवरगी �
12:46तो उनका कहना यह था कि हम इनको टिकट नहीं देना चाहते हैं क्योंकि हम एक और गुट पैदा नहीं
12:53करना चाहते इस वाज़े से तो यह बात आती है फिर दिल्ली में जो मद्यप्रदेश केंदर में आ गए नेता
13:00हैं उनसे सला ली जाती है तो उन्होंने भी इनका नाम र
13:13संगठन मंत्री जब बनाए गए तब उन्हीं नेता के द्वारा बनाए गए थे अगर आप सर्च करेंगे तो बिल्कुल समझ
13:20में आ जाएगा मेरे नाम लेने की जरुवत नहीं पड़ेगी तो उसके बाद फिर उन्होंने आशुदोस्तिवारी का नाम सुझाए इससे
13:40हु�
13:41अर नरुतम मिशाव टिकेट मिलता वो जीतते तो जाहिशती बात है उन्हें बड़ा पत देना पड़ेगा जो जोशी साब को
13:47पहले ही उपमुक्ष मंत्री का पत दिया जा चुका है तो दो ब्राह्मन भी बराबरी की पोजीशन पर आते तो
13:52जाती का जो समीकरन है वो गड�
14:09पताने का जिम्मा इनहीं के उपर डाले दिया गया क्योंकि पिछले तीन दिनों में जतने प्रोटेस्ट हुए अगर आशुतोष तिवारी
14:16हार तो सारा ठीकरा किस पर फूटेगा नरुतम पर और आशुतोष तिवारी अगर जीत गए तो सारा क्रेडिट किसको मिलेगा
14:25नर
14:38पर आशा लग रही है चुनाओ हारने के बाद फिर खबर चली नहीं उसके पहले खबर चली कि मधिपरदेश में
14:46लोकसभा की इनको जो है टिकेट मिल सकती है वो नहीं मिली फिर लगा कि मधिपरदेश में अध्यक्ष बदलना है
14:53तो अगले अध्यक्ष की कुरसी ने मिल सकत
14:57नहीं मिली फिर राजसभा का नाम आया राजसभा में भी इनके हिस्ते वाली सीट थी जो रजनी शगरवाल है प्रवक्ता
15:05हैं लंबे समय से उनको दे दी गई फिर लगा कि टिकेट वापस मिल जाएगा वापस विदानसभा पहुंचेंगे वापस मंत्री
15:12बनेंगे तो अब
15:29वापस उनसे भरोसा लिया गया कि हाँ आप इस तरह के का एक अलग से कुछ नहीं करें जब लगा
15:36कि वह ऐसा नहीं कर सकते तब उन्हें वापस से सत्ता का सभागी मिलने लगा तो ऐसा ही मुझे लगता
15:44है कि इन्हें परका जाएगा बीजेपी का एस्टाइल यह है लेकिन �
15:48यहाँ पर कई सारी चीज़ें है देखो पार्टी तो यह बदलने से रहे क्योंकि आइडियोलाजिकली यह अलग नहीं हो पाएंगे
15:56है ना और मध्यप्रदेश में ऐसी कोई पार्टी नहीं है जो बीजेपी की आइडियोलाजी से मैश करती हो और साथ
16:03में चुनाव भी लड़
16:10तो नहीं है पर आइडियोलाजिकल डिफरेंस बहुत है अब लेकिन इतने बड़े नेता हो शिवराज सिंग चौहान जो एक लोक
16:23नेता है जो खड़े होते हैं तो घीड़ गटी होती है उसके बाद मुझे लगता है कि शिवराज सिंग चौहान
16:28के बाद दो बराबर के नाम
16:39आते हैं और उसमें भी एक नाम उपर रहता है वहां पर जाकर मेहनत करते हैं जैसे कानपूर जहां पर
16:47विकास दुबेने चुना लड़ा था तो सीट के प्रभारी यही थे और वो सीट जितवाई भी उन्हों नहीं थी ऐसे
16:53कई उधारण है तो एक ऐसा नेता है जिसको आप
16:56इग्नोर तो नहीं कर सकते आरे करेंगे तो पार्टी अपना नुकसान करा बैठेगी प्लस यह चीज़ भी पार्टी वो समझना
17:02चाहिए कि इतने बड़े नेता को बार बार एक तरीके से चोटा करना ठीक है आपको पनिश करना है आपको
17:11कॉन को काम डाउन करना है कूल डा�
17:23अग्रेट किया गया कि आज के जमाने में उभरने वाले नहीं बचे तो वो नहीं हो जाए तो पार्टी के
17:29उपर अभी तो खत्रा है क्योंकि एंटी इंकम्मेंस यह 25 साल की पार्टी के खिलाफ पहले से ऐसे में अगर
17:35जो नेता भीड़ लाते हैं जो संगठन मजबूत करते
17:38हैं पार्टी मजबूत करते हैं वोट भी लाते हैं और सरकार को चलाने में भी मदद करते हैं ऐसे नेताओं
17:46को और आप दबाके रखते हैं तो आप अपना भी कर रहें और शाद आज नहीं दिखेगा क्योंकि आज अपने
17:52रोज पर हैं पर कभी तो ऐसा आएगा कि आप धला
18:08ला सके ऐसा कोई नियता नहीं पार्टी अंदर ये अंदर टूट रही है को दूहां के जो पूर्वध्यक्षियां कॉंग्रेस के
18:14अरूंग यादा वोनोंने ट्विट किया कि अब हम सब
18:16को साथाना पड़ेगा इतने सारे कोट बन गए हैं कि लोग एक दूसरे का भला देखनी पाते हैं तो वो
18:22होने से और बचाना है तो आपको ऐसे नेताओं को खड़ा रखना पड़ेगा उनके साथ दूसरे बनाने बिलकुल तो दतिया
18:29का उप्चुनाओं काफी दिल्चस्प हो
18:45हो गया था तो नरुत्तम माने हैं रूठे हैं या फिर बस माने होने का दिखावा कर रहे हैं कि
18:52नहीं मैं खुश हूँ आश्टोष को जिताओंगा पूरी ताकत लगाऊंगा इस सब कुछ पता चल पाएगा नामंकन हो चुका है
18:57आश्टोष तिवारी का नरुत्तम के आगे
19:13सब्सक्राइब को लेकर मद्यपरदीश की सियासत को लेकर यह देश दुनिया के ओवितमाम खबरियों आपको लगातार वन इंडिया पर मिलती
19:18रहेंगी फिलाल के लिए इतना है
19:22अबाट आपको लिए ऑपको लिए और मिलती आपटाएब लगलते के लिए चाहिए नापको लेकर बाटीयों आपको लग्ते है
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