00:08क्या बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ में पहली बार उसके पारंपरिक वूट बैंक में दरार पड़ गई है?
00:14क्या समढ और खास कर कायस मद्दाताओं का एक हिस्सा प्रशांत किशोर की ओर चला गया?
00:20और क्या कम मद्दान का फायदा किसी नई राजनितिक समिकरण को मिलने वाला है? इन सवालों के जवाब चुनाओ परिणाम
00:28आने के बाद ही मिलेंगे लेकिन मद्दान के बार शुरू हुई चर्चा ने बिहार की राजनिती को नई दिशा जरूर
00:34दे दी है
00:35बाकी पुर्विधां सभा सीट को लंबे समय से बीजेपी का मजबूत किला माना जाता रहा है
00:411995 से इस सीट पर बीजेपी लगातार जीत दर्ज करती रही है
00:46इस बार उपचुनाओ इसलिए भी खास था क्योंकि ये सीट बीजेपी के राश्टे अध्यक्ष नितिन नवीन के स्तीफे के बाद
00:54खाली हुई थी
00:54पार्टी ने नीरज कुमार सिनहा को मैदान में उतारा जबकि जन्सुराज के प्रमुक प्रशान किशोर खुद चुनाओ लड़ रहे थी
01:02राश्टिय जन्ता दल ने एक बार फिर रेखा गुपता पर भरोसा जताया
01:05मदान खत्म हुआ तो सबसे आदा चर्चा वोटिंग प्रतिशत को लेकर शुरू हुई इस बार बाकिपूर में 35 फीजदी से
01:12भी कम मदान हुआ
01:13पिछली बार 2025 के विधान सभा चुनाओं में यहां 41.35 फीजदी मदान हुआ था
01:20यानि करीब 7 फीजदी की गिरावट जर्च की गई यह गिरावट इसलिए चर्चा में है क्योंकि बिहार में पिछले दो
01:27दश्कों से मदान बढ़ने का रुज़ान देखने को मिला है
01:30हलाकि बाकिपूर में हमेशा से मदान अपेक्षा कृत कम रहा है
01:35राजनितिक जानकारों का कहना है कि उपचुनाओ होने की वज़ा से मदाताओं में उतना उत्साह नहीं था
01:42सरकार पर इस चुनाओ का कोई असर नहीं पढ़ना था
01:45इसलिए भी कई लोगों ने मदान में रुचित नहीं दिखाई
01:49लेकिन दूसरी और ये भी कहा जा रहा है कि कम मद्दान के पीछे राजनीतिक नाराजगी भी एक कारण हो
01:56सकती है
01:56चुनाव के दौरान प्रशान किशोर लगातार ये दावा करते रहे कि इस बार मुकाबला पहले जैसा नहीं है
02:03उन्होंने बिहार पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए उनका कहना था कि उनकी पार्टी के कम से कम 20 कारकरताओं
02:10को हिरासत मिलिया गया
02:11इसी मुद्दे पर देर रात तक वो समर्थकों के साथ जक्कनपूर थाने भी पहुचे जहां पुलिस अधिकारियों से उनकी तीखी
02:19बहस हुई
02:20इस घटना करम ने चुनावी माहोल को और गर्म कर दिया अब सबसे ज़्यदा चर्चा सामाजिक समिकर्णों को लेकर हो
02:26रही है बाकीपूर एक शहरी सीट है जहां समण मद्दाताओं की अच्छी संख्या है इन में कायस समदाय का प्रभाव
02:34सबसे ज़्यादा माना जाता है
02:35बीजेपी उमिद्वार नीरच कुमार सिनहा भी कायस समाज से आते हैं जबकि प्रशांत किशोर ब्राम हर समदाय से हैं इसी
02:42वज़ा से ये चर्चा तेज हुई कि क्या प्रशांत किशोर समद वोटों में सेंध लगाने में सफल रहे हैं प्रशांत
02:49किशोर ने पूरे चुन
03:05अब बदलाव चाहते हैं यही कारण है कि कई राजनितिक विशलेशकों का मानना है कि जनसुराज ने इस बार पहले
03:12की तुलना में ज़्यादा गंभीर चुनोती पेश की हैं हाला कि दूसरी तरफ पिछले चुनाव के आंकड़े बीजेपी के पक्ष
03:19में नजर आते हैं
03:202025 के विधान सबा चुनाव में जनसुराज उमिद्वार वंदना कुमारी को 8000 से भी कम वोट मिले थे जबकि बीजेपी
03:29के नितिन नवीन को 98000 से जादा वोट मिले थे इससे ये भी संकेत मिलता है कि चुनावी चर्चा और
03:36वास्तविक वोटों के बीच बड़ा अंतर हो सकत
03:39है विशलिशकों का ये भी कहना है कि केवल जातिय समिकरन किसी चुनाव का नतीजा नहीं ते करते इसका उधारन
03:46पटना की कुमहार सीट में देखने को मिला था जहां जनसुराज के कायस उमिद्वार केसी सिनहा को उतारा गया था
03:52लेकिन जीत बीजेपी के उमिद्वार को म
04:07लेकिन अंतिम तस्वीर मतगरना के बाद ही साफ हो पाएगी अगर प्रशान किशोर बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध
04:15लगाने में सफल रहे तो ये बिहार की राजनीती में बड़ा संदेश होगा वहीं अगर बीजेपी एक बार फिर ये
04:23सीट बचा लेती है �
04:25तो ये साबित होगा कि कम मतदान और नई राजनीतिक चुनोती के बावजूद उसका संगठन और वोट बैंक अभी भी
04:32मजबूत है फिलहाल बाकिपुर का ये उक चुनाओ सिर्फ एक विधान सभा सीट का चुनाओ नहीं रह गया है इसे
04:39प्रशान किशोर की राजनीतिक प
04:55अहले की तरह मजबूत बना हुआ है
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