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बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव ने बिहार की राजनीति में नई चर्चा छेड़ दी है। कम मतदान, सवर्ण और कायस्थ वोटों की भूमिका, बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक और प्रशांत किशोर की चुनौती पर सभी की नजर बनी हुई है। क्या इस बार बांकीपुर में राजनीतिक समीकरण बदल रहे हैं या बीजेपी एक बार फिर अपना गढ़ बचाने में सफल होगी? इस वीडियो में जानिए वोटिंग प्रतिशत, चुनावी रणनीति, जातीय समीकरण, प्रमुख उम्मीदवारों और पूरे चुनावी माहौल का विस्तृत विश्लेषण। यह रिपोर्ट सार्वजनिक रूप से उपलब्ध जानकारी, चुनावी घटनाक्रम और राजनीतिक विश्लेषण के आधार पर तैयार की गई है।

The Bankipur Assembly by-election has emerged as one of the most closely watched political contests in Bihar. With Prashant Kishor entering the fray against BJP candidate Neeraj Kumar Sinha and RJD's Rekha Gupta, the election has sparked intense debate over voting patterns, turnout, and caste equations. Did upper-caste and Kayastha voters shift their support? Is BJP's traditional stronghold facing a serious challenge, or will the party retain its dominance? In this video, we analyze the voter turnout, political strategies, key campaign issues, and expert opinions surrounding the Bankipur bypoll. This report is based on publicly available information and election developments without predicting or declaring the final outcome.

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Transcript
00:08क्या बीजेपी के सबसे मजबूत गढ़ में पहली बार उसके पारंपरिक वूट बैंक में दरार पड़ गई है?
00:14क्या समढ और खास कर कायस मद्दाताओं का एक हिस्सा प्रशांत किशोर की ओर चला गया?
00:20और क्या कम मद्दान का फायदा किसी नई राजनितिक समिकरण को मिलने वाला है? इन सवालों के जवाब चुनाओ परिणाम
00:28आने के बाद ही मिलेंगे लेकिन मद्दान के बार शुरू हुई चर्चा ने बिहार की राजनिती को नई दिशा जरूर
00:34दे दी है
00:35बाकी पुर्विधां सभा सीट को लंबे समय से बीजेपी का मजबूत किला माना जाता रहा है
00:411995 से इस सीट पर बीजेपी लगातार जीत दर्ज करती रही है
00:46इस बार उपचुनाओ इसलिए भी खास था क्योंकि ये सीट बीजेपी के राश्टे अध्यक्ष नितिन नवीन के स्तीफे के बाद
00:54खाली हुई थी
00:54पार्टी ने नीरज कुमार सिनहा को मैदान में उतारा जबकि जन्सुराज के प्रमुक प्रशान किशोर खुद चुनाओ लड़ रहे थी
01:02राश्टिय जन्ता दल ने एक बार फिर रेखा गुपता पर भरोसा जताया
01:05मदान खत्म हुआ तो सबसे आदा चर्चा वोटिंग प्रतिशत को लेकर शुरू हुई इस बार बाकिपूर में 35 फीजदी से
01:12भी कम मदान हुआ
01:13पिछली बार 2025 के विधान सभा चुनाओं में यहां 41.35 फीजदी मदान हुआ था
01:20यानि करीब 7 फीजदी की गिरावट जर्च की गई यह गिरावट इसलिए चर्चा में है क्योंकि बिहार में पिछले दो
01:27दश्कों से मदान बढ़ने का रुज़ान देखने को मिला है
01:30हलाकि बाकिपूर में हमेशा से मदान अपेक्षा कृत कम रहा है
01:35राजनितिक जानकारों का कहना है कि उपचुनाओ होने की वज़ा से मदाताओं में उतना उत्साह नहीं था
01:42सरकार पर इस चुनाओ का कोई असर नहीं पढ़ना था
01:45इसलिए भी कई लोगों ने मदान में रुचित नहीं दिखाई
01:49लेकिन दूसरी और ये भी कहा जा रहा है कि कम मद्दान के पीछे राजनीतिक नाराजगी भी एक कारण हो
01:56सकती है
01:56चुनाव के दौरान प्रशान किशोर लगातार ये दावा करते रहे कि इस बार मुकाबला पहले जैसा नहीं है
02:03उन्होंने बिहार पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए उनका कहना था कि उनकी पार्टी के कम से कम 20 कारकरताओं
02:10को हिरासत मिलिया गया
02:11इसी मुद्दे पर देर रात तक वो समर्थकों के साथ जक्कनपूर थाने भी पहुचे जहां पुलिस अधिकारियों से उनकी तीखी
02:19बहस हुई
02:20इस घटना करम ने चुनावी माहोल को और गर्म कर दिया अब सबसे ज़्यदा चर्चा सामाजिक समिकर्णों को लेकर हो
02:26रही है बाकीपूर एक शहरी सीट है जहां समण मद्दाताओं की अच्छी संख्या है इन में कायस समदाय का प्रभाव
02:34सबसे ज़्यादा माना जाता है
02:35बीजेपी उमिद्वार नीरच कुमार सिनहा भी कायस समाज से आते हैं जबकि प्रशांत किशोर ब्राम हर समदाय से हैं इसी
02:42वज़ा से ये चर्चा तेज हुई कि क्या प्रशांत किशोर समद वोटों में सेंध लगाने में सफल रहे हैं प्रशांत
02:49किशोर ने पूरे चुन
03:05अब बदलाव चाहते हैं यही कारण है कि कई राजनितिक विशलेशकों का मानना है कि जनसुराज ने इस बार पहले
03:12की तुलना में ज़्यादा गंभीर चुनोती पेश की हैं हाला कि दूसरी तरफ पिछले चुनाव के आंकड़े बीजेपी के पक्ष
03:19में नजर आते हैं
03:202025 के विधान सबा चुनाव में जनसुराज उमिद्वार वंदना कुमारी को 8000 से भी कम वोट मिले थे जबकि बीजेपी
03:29के नितिन नवीन को 98000 से जादा वोट मिले थे इससे ये भी संकेत मिलता है कि चुनावी चर्चा और
03:36वास्तविक वोटों के बीच बड़ा अंतर हो सकत
03:39है विशलिशकों का ये भी कहना है कि केवल जातिय समिकरन किसी चुनाव का नतीजा नहीं ते करते इसका उधारन
03:46पटना की कुमहार सीट में देखने को मिला था जहां जनसुराज के कायस उमिद्वार केसी सिनहा को उतारा गया था
03:52लेकिन जीत बीजेपी के उमिद्वार को म
04:07लेकिन अंतिम तस्वीर मतगरना के बाद ही साफ हो पाएगी अगर प्रशान किशोर बीजेपी के पारंपरिक वोट बैंक में सेंध
04:15लगाने में सफल रहे तो ये बिहार की राजनीती में बड़ा संदेश होगा वहीं अगर बीजेपी एक बार फिर ये
04:23सीट बचा लेती है �
04:25तो ये साबित होगा कि कम मतदान और नई राजनीतिक चुनोती के बावजूद उसका संगठन और वोट बैंक अभी भी
04:32मजबूत है फिलहाल बाकिपुर का ये उक चुनाओ सिर्फ एक विधान सभा सीट का चुनाओ नहीं रह गया है इसे
04:39प्रशान किशोर की राजनीतिक प
04:55अहले की तरह मजबूत बना हुआ है
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