00:00एक सुन्दर हरे भरे जंगल में रहते थे दो प्यारे दोस्त, गिल्लू गिलहरी और भोलू खरगोश.
00:06गर्मियों की शुरुवात थी, सारे जानवर मस्ती में लगे थे, गिल्लू दिन में थोड़ा-थोड़ा खाना जमा करता और फिर
00:13दोस्तों संखेलता.
00:14अरे गिल्लू, सर्दी अभी दूर है, क्यूं परिशान होता है? मैं रोज थोड़ा बचा लेता हूँ, जब मुश्किल समय आए,
00:21तब काम आएगा?
00:22गिल्लू हर दिन दो फल खाता और तीन जमा करता. ये उसकी SIP थी, Systematic Investment Plan.
00:29मैं तो रोज पांच फल खाता हूँ, जिन्दगी एक ही बार मिलती है. समय बीता और सर्दियां आ गई, जंगल
00:38सुनसान हो गया, अब पेडों पर फल नहीं थे.
00:40गिल्लू आराम से था, उसके पास उसकी जमा पूंजी थी, लेकिन भोलू, भूका ठंड में काप रहा था.
00:48माफ करना दोस्त, अब समझाया, तुम्हारी योजना कितनी समझदारी भरी थी.
00:54कोई बात नहीं भोलू, अगली बार गर्मियों से ही छोटी-छोटी बचत शुरू करना.
00:58सीख क्या है? थोड़ी-थोड़ी बचत करना सीखो. मौज मस्ती ज़रूरी है, लेकिन भविश्य के तयारी भी उतनी ही ज़रूरी
01:06है. बुद्धिमान गिल्लू बनो, समझदारी से जीओ.
01:10ऐसी और कहानियों के लिए वेटा माइंड को सब्सक्राइब करना मत भूलना.
01:15लाइक, शेर और कॉमेंट जरूर करें.
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