00:00दोस्तों, क्या आप जानते हैं कि बिना सोय भी गहरी नींद जितना आराम मिल सकता है? सोचिए, सिर्फ 30 मिनिट
00:08में 4 घंटे की नींद का असर. ये कोई जादू नहीं, बलकि भारत का प्राचीन मानसिक विज्ञान है, योग निद्रा.
00:16आज हम जानेंगे योग निद्रा क्या है, कैसे करें, इसके अद्भुत फायदे और हिंदू शास्त्रों में इसके बारे में क्या
00:25रहे से लिखा है? तो चलिए डूपते हैं इस गहरे ग्यान में. योग निद्रा का मतलब है योगिक नींद. इसमें
00:33शरीर सो जाता है, लेकिन म
00:46यानि इंद्रियों को भीतर खीचने की साधना. महाभारत और पुराणों में लिखा है कि भगवान विश्नु योग निद्रा में रहते
00:54हैं, यानि पूर्ण, शान्ती और संतुलन की अवस्था. अब जानते हैं इसके अद्भुत फायदे. पहला, स्ट्रेस किलर. सिर्फ 30 म
01:15मेमरी और फोकस बूस्ट. साइन्स कहता है, योग निद्रा ब्रेन की मेमरी पावर बढ़ाती है. चौथा, इमोशनल हीलिंग. ये एंग्जाइटी
01:25और डिप्रेशन को कम करती है. और पांचवा, स्पिरिच्वल ग्रोथ. ये आत्मा को गहरी शान्ती और ध्यान की अवस्�
01:32अथा तक ले जाती है. इसी लिए भगवत गीता कहती है, योगी वही है जो नींद और जागरण में संतुलित
01:40हो. अब सवाल है इसे करें कैसे?
01:43Step 1. शान्त जगा चुने और आराम से लेट जाए. Step 2. मन में एक पॉजिटिव संकल्प लें, जैसे मैं
01:52शान्त हूँ, मैं स्वस्थ हूँ. Step 3. बोडी स्कैन करें, पैर से सिर तक ध्यान ले जाए. Step 4. सांस
02:00पर ध्यान दें. Step 5. पॉजिटिव विजुलाइजेशन करें, जैस
02:12का शरीर और मन एक दम तरो ताजा हो जाएगा. महा भारत में योग निद्रा को देवी का रूप कहा
02:19गया है. विश्नु पुरान कहता है कि ब्रह्मान की रचना विश्नु की योग निद्रा के दौरान हुई थी. उपनिशुदों में
02:27इसे आत्मा से जुढने का श्रेष्ट
02:29साधन बताया गया है. और भगवत गीता कहती है योग वही कर सकता है जो खाने, सोने, काम और आराम
02:37में संतुलन रखता है. तो दोस्तों, अगली बार जब ठकान, टेंशन या नीन्द की कमी महसूस हो तो योग निद्रा
02:44जरूर आजमाईएगा. ये सिर्फ आराम नहीं, बल
02:58कि यही है असली सक्सेस का रास्ता.
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