00:00Namaskar!
00:01Swagat is your Veta Mind channel,
00:03where we go to Prachin Bharatiyah Gyan and Adhunik Vigyan
00:07to join your life better to make your life better.
00:12Today we will talk about 0-5 years of child's life.
00:17What do you know?
00:18This is the age of child's life to think,
00:23and live in a way to think and live in a way.
00:26Vigyan also says that
00:28that is all about the ideas and the audience.
00:33So what do you know about the teenage years of age is
00:41Her voice, her host, her voice, her part to receive itọi
00:50na�� one who 경 notices
00:55उसकी सोच आत्मविश्वास का आधार बनता है।
01:01इसलिए ये समय सबसे जादा महत्वपूर्ण होता है सही दिशा देने के लिए।
01:06अब जानते हैं हमारे हिल्दु धर्म की द्रिश्टी से।
01:17घाने हिल्दु धर्म की दिश्टी से।
01:21जन्म से लेकर 5 साल तक के बच्चे को 16 में से कई प्रमुख संसकार दिये जाते हैं, जैसे नामकरण,
01:28अन्प्राशन, मुंडन, विध्यारंभ आदी.
01:32इनका उद्देश होता है बच्चे के मन, बुद्धी और आत्मा को शुद्ध और उन्नत बनाना.
01:39संसकारों के साथ जो भाव और वातावरण बच्चा प्राप्त करता है, वही उसे जीवन भर शक्ती देता है.
01:46चलिए अब जानते हैं हर साल बच्चे को क्या चाहिए और आपको क्या करना चाहिए.
01:51जीरो से छे महिने, बच्चा सिर्फ प्यार, सुरक्षा और मा की गोद चाहता है.
01:58घर में शानती रखें, ओम जप, मधुर संगीत और स्पर्ष यही उसके संसकार बनते हैं.
02:05छे से बारा महिने, अब बच्चा आवास पहचानने लगता है.
02:09उससे बाते करें, गाना गाएं, कहानिया सुनाएं, वो सब ग्रहन कर रहा है.
02:14एक से दो साल, अब बच्चा दोहराना शुरू करता है, जो आप कहेंगे वही वो बोलेगा.
02:21इसलिए साफ संसकारी भाषा का प्रयोग करें, नैतिक कहानिया सुनाएं.
02:25दो से तीन साल, अब बच्चा सवाल पूछेगा, ये क्या, क्यूं? उसे टोके नहीं, उसका मार्ग दर्शन करें.
02:34उत्तर देने का सबसे अच्छा तरीका है, कहानी और उदाहारण.
02:38तीन से पाँच साल, अब बच्चा भावनाएं, पहचान और अनुकरण करना सीखता है.
02:44पूजा, भजन, नैतिक्ता, श्लोक, सब कुछ अब वो दिल से अपनाएगा.
02:50यही सही समय है अच्छे संसकार बोने का.
02:52अब बात करते हैं, पाँच आसान लेकिन शक्तिशाली तरीकों की, जिनसे आप जीरो से पाँच साल के बच्चे की परवरिश
03:01कर सकते हैं.
03:02पहला, वातावरण शुद्ध और शांत रखें.
03:06घर में टीवी की जगहा भजन, मंत्र और प्रेम पूर्ण समवाद हों.
03:10बच्चे से प्रेम पूर्वक बात करें, डाटने से नहीं, सिखाने से सीखता है.
03:16रोज की दिन चरिया में संसकार जोड़ें, सुभ़ ओम बोलना, दीप जलाना, हाथ जोड़ना, ये सब आदतों में शामिल करें.
03:24शुद्ध भोजन दें, साथ में भावना भी, सात्विक भोजन मन को शांत और निर्मल बनाता है.
03:31आप खुद जैसा वेवहार करेंगे, बच्चा वही सीखेगा.
03:35इसलिए खुद वैसा बने, जैसा आप अपने बच्चे को बनते देखना चाहते हैं.
03:39तो दोस्तों, जीरो से पांच साल की उम्र कोई साधारन समय नहीं है, ये वो समय है जब मूल आत्मा
03:47आकार लेती है.
03:49विज्ञान कहता है, अर्ली यर्ज अदब्रेन्स फाउंडेशन, धर्म कहता है, बाल्या वस्था में डाले गई संसकार, जीवन भर फल देते
03:58हैं.
03:58तो आईए हम अपने बच्चों को सिर्फ पाले नहीं, उन्हें समवेदनशील, संसकारी और आत्मविश्वासी इंसान बनाएं. अगर आपको ये वीडियो
04:08जानकारी पूर्ण लगी हो, तो लाइक करें, कॉमेंट करें और वेटा माइंड चैनल को सब्सक्राइब जरूर कर
04:14और नीचे कॉमेंट करें, I want more parenting वीडियो अगर आप इस विशय पर आगे और जानना चाहते हैं. धन्यवाद,
04:23जै हिंद, जै संस्कृति
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