Skip to playerSkip to main content
  • 2 weeks ago
सुप्रीम कोर्ट ने सीबीएसई की कक्षा 9 में तीसरी भाषा अनिवार्य करने की नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह छात्रों पर अतिरिक्त शैक्षणिक दबाव डाल सकती है. जस्टिस बी.वी. नागरत्ना और जस्टिस आर. महादेवन की पीठ ने टिप्पणी की कि यदि तीसरी भाषा पढ़ानी है तो इसकी शुरुआत पांचवीं या छठी कक्षा से होनी चाहिए, क्योंकि नौवीं कक्षा बोर्ड परीक्षा की तैयारी का महत्वपूर्ण चरण होती है. यह टिप्पणी तमिलनाडु सरकार की उस याचिका की सुनवाई के दौरान आई, जिसमें जवाहर नवोदय विद्यालयों की तीन-भाषा नीति को चुनौती दी गई है. हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि वह इस मामले में तीन-भाषा नीति की वैधता पर नहीं, बल्कि उसके लागू होने के समय पर विचार कर रही है.

Category

🗞
News
Transcript
00:02Supreme Court has the third language that says that the 9th language that says that the 9th language receives the
00:129th language that says that the 9th language says that the 9th language will be true.
00:58
01:00This is the case of the Supreme Court.
01:30भारत सरकार कृपया नौवी कक्षा में तीसरी भाषा लागू ना करे
01:34CBSC, ICSC और राज्य बोडों में दस्वी की बोड परिक्षा का दबाव
01:39आठवी के अंत से ही शुरू हो जाता है
Comments

Recommended