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  • 2 weeks ago
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुइंया पासपोर्ट विवाद मामले में सुप्रीम कोर्ट ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की 20 अप्रैल तक संरक्षण प्रदान करने की याचिका खारिज कर दी. अदालत ने कांग्रेस नेता पवन खेड़ा को असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के खिलाफ लगाए गए आरोपों से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत के लिए असम की अदालत में याचिका दायर करने को कहा है. साथ ही सुप्रीम कोर्ट ने असम की एक अदालत को कांग्रेस नेता पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका पर शीघ्र विचार करने का निर्देश दिया. 5 अप्रैल को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में, खेड़ा ने आरोप लगाया कि असम के सीएम की पत्नी, रिनिकी भुइंया सरमा के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्ति हैं, जिन्हें उस राज्य में 9 अप्रैल के विधानसभा चुनावों के लिए सरमा के चुनावी हलफनामे में घोषित नहीं किया गया था. मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा और उनकी पत्नी ने इन आरोपों को झूठा और मनगढ़ंत बताते हुए खारिज कर दिया.

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Transcript
00:03पवन खेडा को सुप्रीम कोट से बड़ा जटका लगा है।
00:54पवन खेडा को एक हफ़ते की ट्रांजिट अगरीम जमानत दी गई थी।
00:59बता दे कि ये पूरा मामला पाच अपरेल की एक प्रेस कॉन्फरेंस से जुड़ा है।
01:03जिसमें पवन खेडा ने आरोप लगाये थे कि असम के मुख्यमंत्री की पत्नी के पास कई पासपोर्ट और विदेशी संपत्तियां
01:10है।
01:10हाला कि मुख्यमंत्री और उनकी पत्नी ने इन आरोपो को पूरी तरह से खारिच किया।
01:16आसम सरकार की तरफ से सॉलिसिट जनरल तुशार महता ने दलील दी थी कि इस मामले में शेत्रा धिकार का
01:22सवाल है और खेडा की याचिका में ये सपष्ट नहीं किया गया कि उन्होंने तिलंगाना हाई कोर्ट का रुख क्यों
01:29किया।
01:30अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या पवन खेडा को असम की अदालत से राहत मिलेगी या फिर उनकी
01:36कानूनी मुश्किले और बढ़ेंगी।
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