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  • 1 week ago
जम्मू-कश्मीर में अब लीची की खेती को नई पहचान देने की तैयारी की जा रही है. बागवानी विभाग किसानों को हाई-डेंसिटी प्लांटेशन (HDP) तकनीक अपनाने के लिए प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे कम भूमि पर अधिक पौधे लगाकर पैदावार और आय दोनों बढ़ाई जा सकें. विभाग के अनुसार इस तकनीक के जरिए किसान प्रति कनाल सालाना लगभग 30 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर सकते हैं. किसानों को बेहतर गुणवत्ता वाले पौधे, तकनीकी मार्गदर्शन, माइक्रो-इरिगेशन सुविधाएं और 50 प्रतिशत तक सब्सिडी भी उपलब्ध कराई जा रही है. प्रशासन का लक्ष्य 3,200 कनाल से अधिक पारंपरिक लीची बागानों को हाई-डेंसिटी प्लांटेशन मॉडल में बदलना है. यह पहल जम्मू क्षेत्र के किसानों के लिए आय बढ़ाने और आधुनिक बागवानी को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है.

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Transcript
00:02आम तोर पर लीची की पैदावार गर्म और नमी वाली जलवायों में होती है
00:05लेकिन गुजरते वक्त के साथ अब जम्मू जैसे ठंडे इलाके में भी लीची का उत्पादन होने लगा है
00:13जम्मू कश्मीर का बागवानी विभाग किसानों को लीची की खेती के लिए
00:17HDP यानि High Density Plantation तकनीक अपनाने के लिए बढ़ावा दे रहा है
00:23बागवानी विभाग का कहना है कि इस तकनीक से किसानों की आए में काफी बढ़ोतरी हो सकती है
00:28इस तकनीक के जरीए किसान ज़्यादा पैदावार और प्रती कनाल 30,000 रुपे तकी सालाना आए कमा सकते है
00:36हमारा किसान जो है उस चगा में इस पोगा सकता है जहांपे पानी की कोई कमी ना हो
00:43जहांपे इरिगेशन फैसिल्टी अवेले बनों
00:46और इसके लिए हमारी मैक में में में बहुत सारे परवादान भी रखे गए हैं
00:51इसकी सपोर्ट के लिए माइक्रो इरिगेशन का इंतिजाम किया गया है
00:55तो हाइड जैस्टी प्लांटेशन जो है वो करवाते हैं हम मिलीची के लिए
01:07अलग-अलग सरकारी योजनों के तहट किसानों को अच्छी गुलमत्ता के पौधे
01:11तक्नीकी सलह, माइक्रो इरिगेशन की सुविधाएं और आर्थिक मदद की जाती है
01:16ताकि पैदावार बढ़ाई जा सके और लीची की खेती का विस्तार हो सके
01:48जम्मू कश्मीर प्रशासन की योजना है
01:50कि 3200 कनाल से ज्यादा के पारंपरिक लीची के बागों को
01:54हाई डेंसिटी प्लांटेशन वाले बाग में बदलना है
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