00:00आजकल कुछ महिलाएं पुर्षों पर इल्जाम लगा देती हैं, उन्हें जेल विजवा देती हैं
00:05तो उसके कारण बाकी सारी महिलाएं जो भी बदनाम होती हैं, वो अच्छा नहीं लगता है, मुझे बहुत बुरा लगता
00:11है
00:11यह तो हो रहा है, महिलाएं का छोटा वर्ग है, वो पुरुषों पर जोटे इल्जाम लगाती है
00:18चाहे वो दहेज हो, चाहे वो एलिमनी हो, चाहे वो 498-A महिलाएं पुरुषों पर जोटे आरोप लगा करके उनको
00:25जेल भेजवा देती हैं
00:26गलत आधार पर संबंध बनाओगे
00:28तो उसी में दहेज भी दिखाई देता है, उसी में अलिमनी भी दिखाई देती है, उसी में कोट के चहरी
00:33भाजी भी दिखाई देती है
00:34उसी में जेल भी होता है, उसी में भुरून हत्तर ही होती है, उसी में दहेज हत्तर ही होती है
00:39कई माम ने सामने आ रहे हैं, पुरो शात्मक कर लेते हैं, वो सब भी होता है।
00:43महिलाओं पर जो इतना घरेलू, शोषण होता रहा है, हिंसा होती रही है, वो भी होता है।
00:48मुझे पता रही नहीं मैं कौन हो तो मैं फिर कहीं भी रिष्टा बना आता हूं।
00:51भगवद गीता का जो मूल संदेश है वो यही है कि खुद को जानो पहले, अगर मुझे यही नहीं पता
00:58मैं कौन हूँ, तो मैं फिर कैसे बाजार जा रहा हूँ अपने ले कोई चीज लाने, मैं अपने ले जो
01:01भी लाओंग गलत ही लाओंगा, फिर लोग कहते हैं, अभी हमार
01:19अब महनत लगेगी, इससे कहीं बहतर होता, आसान होता कि तुमने रिष्टे की शुरुआत ही गलत ना करी होते, और
01:25रिष्टे की शुरुआत गलत ना हो, इसके लिए मीता चाहिए
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