Skip to playerSkip to main content
पूरा वीडियो यूट्यूब पर : भारतीयों से नफ़रत क्यों बढ़ रही है विदेशों में? || आचार्य प्रशांत (2025)

🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

➖➖➖➖➖➖
#AcharyaPrashant #CleanIndia #CivicSense #SocialAwareness #IndianSociety #PublicResponsibility #Habits #आचार्यप्रशांत

Category

📚
Learning
Transcript
00:00अभी रिसेंटली बहुत सारे वीडियोज मैंने फ्लोट ओते वह देख्या है यूट्यूब या फिर अधर सोशल मीडिया चैनल्स अलसो
00:05हम लोग मतलब अपना भी देश हम गंदा रखते हैं हम अपने पडोस के भी एडियो को गंदा रखते हैं
00:10जब हम बाहरी देशों में जाते हैं तो हम वहापे भी बहुत गंदी किया मचाते हैं
00:15जिसकी आदत है अपना घर गंदा रखने की ओ कहीं भी जाएगा गंदा रहेगा
00:18हमारी उमीद क्यों है कि हम कहीं और जाएंगे तो दूसरा व्यवहार करेंगे
00:25चार लफंगे प्लेन पर बैट करके कहीं पहुँच जाएंगे
00:28और वहाँ जाकर ऐसे बरताव करेंगे जैसे उन्होंने जगे खरीद ली है
00:32ये तो छोड़ो कि विदेशों में भारत के अंदर ही
00:36जाकर देखो गोवा में हमारे उत्तर भारत से खासकर जो लोग आते हैं उनका व्यवहार
00:40सब नहीं करते हैं कुछ अच्छे अपवाद भी होंगे
00:43पर ज्यादा तर लोग जिस तरह का व्यवहार करते हैं जाकर और जो गोवा की स्थानी आबादी है
00:49उनसे पूछो कि उनका उत्तर भारतियों को लेकर क्या मत है
00:53नहीं पसंद करते हैं बोलते हैं यह ऐसी जाते चलते जाएंगे और यहीं पर कई सड़क किनारे खड़े हो करके
00:58वहीं पर मैगी बनाना शुरू कर देंगे
00:59पोहीं बैट जाएंगे जंदगी फैलाएंगे रैपर छोड़ेंगे बीर की बूतले छोड़ेंगे बीच पर जाएंगे इसलिए कि लड़कियां छेड़नी है
01:20यही काम करते करते तुम इस भुलावे में आ जाते हो कि यह काम बढ़िया है तो तुम यही काम
01:27फिर जाकर विदेशों में करना शुरू कर देते हो फिर बहुत पीटे जाते हो
01:30फिर उसके वीडियो बनते हो और आते हैं कि अरे देखो भारतियों के साथ बड़ा न्याय हो रहा है बाहर
01:35गए है तो पीटे जा रहे हैं
01:36तुम्हें किसने कहा था कि गलत फहमी में रहो कि अमेरिका भी भारत है ये एक फैड बन गया है
01:42सब हमसे नीचे के हैं
01:47और ये बात जब अपने आपको सौ बार बोलोगे ना सब हमसे नीचे के हैं
01:50तो खुद भी इस बात में एकीन करना शुरू करदेते हो और जब खुद इस बात में एकीन आंजाता है
01:55तो फिर अपना व्यवहार भी वैसे ही हो जाता है
Comments

Recommended