00:00जो यह आप लोग रोया करते हो ना कि पेरेंटल प्रेशर है और यह और वो है
00:04कुछ ऐसा नहीं है कि आप में प्रेम इतना छल छला रहा है
00:08कि प्रेम के कारण आप अपने अभिबावकों के सामने जुख जाते हो
00:12बात इतनी सी है कि जब अभी 20-25 साल के हो कमाते नहीं हो तो पता है कि शाया
00:20भी घरवालों से ही मिलनी है रुपया पैसा भी घरवालों से मिलना है और शादी बया भी घरवाली करके देंगे
00:26हमारे यहां जादा दर लोग इस लायक नहीं होते हैं कि अपनी शादी खुद कर पा
00:41तो उनका होगा भी नहीं कभी
00:44प्रेम के लिए गहराई चाहिए
00:46साहस चाहिए जो जादा रिवाओं में होता नहीं है
00:48तो ये सब स्वार्थ बंधे होते हैं घर से
00:51और अगर पता हो लड़के को कि नलाया कूँ
00:54और बाप के पास जाइजाद है
00:57तब तो वो बाप की बात का उलंगन करी नहीं सकता
00:59और फिर कहेगा मैं अपने पापा की सारी बाते इसलिए मानता हूँ
01:03क्योंकि वो मेरे प्यारे पापा है न
01:06बेटा पापा के पास इतनी प्रापर्टी नहीं होती न
01:08तो तो इतना सा नहीं गुनता अपने पापा को
01:12तो जब तुम बोलते हो ना कि पेरेंट्स का बहुत प्रेशर है
01:15वो प्रेशर पेरेंट्स का नहीं होता है
01:17वो स्वार्थ का होता है
01:20और जिस दिन तुम्हारा स्वार्थ पूरा हो जाता है
01:24उस दिन तुम पेरेंट्स की सुनना बंद भी कर देते
01:27नजाने कितने बूढ़े माबाप आते हैं जो कहते है
01:31हमी ने ये किया वो किया ये सब करा आप जा करके
01:34बैंगलॉर बैठ गया है या कैलिफॉर्णिया में बैठ गया है
01:37एक साल में एक बार भी मिलने नहीं आता
01:40महीने में पंदरा दिन में कभी फोन पर बात हो गई तो बहुत है
01:43तो ये प्रेम की नहीं बात है
01:46अगर इतना ही प्रेम होता तो भारत में इतने व्रिधाशरम नहीं होते
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