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Amarnath Yatra 2026: अमरनाथ यात्रा शुरू होने के महज कुछ दिनों के भीतर बाबा बर्फानी का प्राकृतिक हिमलिंग लगभग पूरी तरह पिघल गया है. इससे श्रद्धालुओं में मायूसी है. वैज्ञानिक इसे जलवायु परिवर्तन, बढ़ते तापमान और कम बर्फबारी का असर मान रहे हैं. पिछले तीन सालों से यही ट्रेंड देखने को मिल रहा है कि यात्रा शुरू होने के एक सप्ताह के भीतर हिमलिंग तेजी से छोटा हो जाता है. आखिर प्राकृतिक हिमलिंग कैसे बनता है और इतनी जल्दी क्यों पिघल रहा है, इस खबर में विस्तार से समझिए.

Amarnath Yatra 2026:Within just a few days of the commencement of the Amarnath Yatra, the natural ice lingam of 'Baba Barfani' has melted almost completely, leaving devotees disappointed. Scientists attribute this to the effects of climate change, rising temperatures, and reduced snowfall. A trend observed over the past three years shows the ice lingam shrinking rapidly within a week of the pilgrimage's start. Read on to understand in detail how this natural ice lingam forms and why it melts so quickly.

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~HT.178~PR.114~ED.120~VG.HM~

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Transcript
00:04अमर्नात यात्रा करोड़ोश भगतों की आस्था का सबसे वड़ा पर माना जाता है
00:09हर साल श्रद्धालोग बर्फ से प्रकर्तिक रूप से बनने वाले बाबा बर्फानी के दर्शन करने के लिए
00:14हजारों फिट के कठिन चड़ाई तै करते हैं
00:17लेकिन इस बार यात्रा श्रू होने के महस कुछी दिन के भीतर बाबा बर्फानी के लगभग अंदर ध्यान होने की
00:24ख़बर ने भगतों को मायूस कर दिया है
00:26सवाल ये उठ रहा है कि आखिर ऐसा क्या बदल गया कि जो प्राकर्तिक हिमलिंग पहले पूरे सावन तक बना
00:34रहता था
00:35वो अब यात्रा श्रू होने के एक हपते के भीतर ही पिखलने लगा है
00:39क्या इसके पीछे केवल मौसम जिम्मेदार है या फिर हिमाले का बदलता परियावरण, बढ़ती गर्मी और इंसानी गती विधियां भी
00:48इस पवितर इस्थल के प्राकर्तिक संतुलन को प्रभावित कर रही है
00:52वग्यानिकों और परियावरण विशेशर्ग्यों का मानना है कि ये केवल धार्मिक नहीं बलकि जलवायू परिवर्तन का भी गंभीर संकेत है
01:00जिसे नजर अंदास नहीं किया जा सकता
01:03तीन जुलाई से शुरू हुई अमनात यात्रा में श्रद्धालू का उत्साप पहले की तरह ही देखने को मिल रहा है
01:09चार दिनों के भीतर 85,000 से जादर श्रद्धालू बाबा अमनात की गुफा तक पहुँच चुके हैं
01:16हालाके इस बार गुफा के अंदर प्राकरतिक बर्फ का श्रिवलिंग तेजी से पिखल गया है
01:22इससे बाद में पहुँचने वाले अधिकांश रद्धालू को पहले जैसे विशाल हिमलिंग के तर्शन नहीं हो पाए
01:2923 माई को करीब 7 फिट उचा दिखने वाला हिमलिंग 29 जून को भी 5 फिट से अधिक था
01:36लेकिन 6 जुलाई तक उसका अधिकांश हिस्सा पिखल चुका था
01:41यही वज़ा है कि इस बार आस्था के साथ साथ इसके पीछे शिपे वैग्यानिक कारूनों पर भी चर्चा तेज हो
01:48गई है
01:48इसका एक कारण यह है कि पिछले कुछ सालों से जम्मु कश्मीर और पूरे हिमाले शेतर में मौसम का पैटरन
01:54तेजी से बदला है
01:55सर्दियों में अब एक शक्रित कम बर्फ पारी और गर्मियों में समाने से अधिक तापमान दर्च किया जा रहा है
02:02मौसम मिग्यानों का कहना है कि यही कारण है कि गुफा में भी बर्फ लंबे समय तक टिक नहीं पा
02:07रही है
02:08वहीं जिलवायू परिवर्तन को इस बदलाव का सबसे बड़ा कारण माना जा रहा है
02:12पिछले कुछ सालों से कश्मेर घाटी में जून और जुलाई के दोरान तापमान समाने से अधिक दर्च किया गया है
02:18कई बार उचाई वाले लाकों में भी गर्मी का असर साथ दिखाई देता है
02:22बैग्यानिकों का कहना है जब सर्दियों में परियाप्त बर्फ बारी नहीं होती और गर्मियों में तापमान तेजी से बढ़ता है
02:28बर्फ के प्रकर्तिक धाजे अधिक समय तक टिक नहीं पाते
02:33वह एक्सपोर्स का ये भी मानना है कि गुफा के भीतर बड़ी संख्या में लोगों की मौजूद्गी से तापमान पर
02:38हलका असर पड़ सकता है
02:40इसके रावा बिजले की विवस्था, रोश्णी, जनरेटर, हेलिकॉप्टर, सेवाय, सडक, निर्मान और अन्य सुविधाओं का भी आसपास के परियवरन पर
02:50प्रभाव पड़ता है
02:51तो ये कुछ कारण है जिसके कारण बाबा बरफाने धीरे धीरे पिखलते जा रहे हैं
02:56उमीद करते हूँ आपको जानकारी पसंद आई होगी
02:58फिलहाल अमारे इस वीडियो में इतना ही वीडियो को लाइक शेरेंड चैनल को सब्सक्राइब करना ना भूले
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