00:00और तुम्हारे लिए?
00:02क्या सबक पढ़ा रहे थे बच्चे को?
00:07ग्राउंड रियालिटी
00:09ग्राउंड रियालिटी तो ये भी है कि पिछली कहीं हपतों से
00:12कैप कोई प्रॉफिट नहीं दे दी
00:14अच्छा
00:16तो सारा गुसा इस बात का है
00:20प्लीज यासिर कभी तो सीरियस हो जाया करे
00:24आखर कब तक मैं अम्ही और भाई से स्पोर्ट लेती रहूंगी
00:27या वो है ना तुम्हारे
00:28ला मिया
00:30तो कब काम आएंगे?
00:33किस रापर चल पड़ें आप?
00:35जानते भी हैं अन्जाम क्या होगा?
00:36ऐसा क्या कर दियो मैंने?
00:38प्लीज यासिर मैंने बहुत बरदाश्ट कर लिया लेकिन अब और नहीं
00:41अगर मगर कुछ नहीं सहरिश
00:43ये सब सुनी सुनाई बाते हैं
00:45और मैं मिस्टर यासिर
00:48सिर्फ उनी बातों पर बलीव करता हूँ
00:50जिन में कोई लॉजिक होती है
00:52आपकी सोच पर ताज़्जबर अफसोस भी होता है
00:56ये सारी कायनाथ खुदी बन गई
00:57ये है आपकी सोच
00:59सच वो है सहरिश जो नजर आए
01:02असल में ये सब एक अजीन धोका है
01:05जो चन्द मखसूस लोग
01:07सदियों उसे मजब के नाम पे हमें दे रहे है
01:10और कुछ नहीं है
01:11सबसे बड़े दूखे में तो आप हैं इस वक्त
01:14किस दुनिया में रहती हो सहरिश तुम
01:16स्टीफन हॉकिंज
01:18ता ग्रेंड डिजाइन
01:19रीड करना सब समझा जाएगा
01:23तौबा करें अल्ला से माफी मांगे
01:25देखियें मैंने आपकी कब बोर्ड में इस टाइप की कई किताबे
01:28अरे तो रीड करो ना उन्हें
01:31थोड़ा सा दमाग लडाओगी ना
01:33तो सब समझा जाएगी
01:34आप और आपकी इस टाइप की गैधरिंग की तहजीब
01:37अल्ला और इसके मजभ की तौहिएं की कच्ची दिवार पर खड़िये
01:41इतनी मुश्किल अर्दू
01:43तरह ख्याल है मुझे बाहर जाना चाहिए
01:47बाहर ज़्यादा सुकून मिलता है