00:05इतनी भी क्या जल्दी थी स्कूल में दाखिल होने की, किसी से रेस लगा रहे थे
00:08जिन्दगी एक रेस है, अगर दोड़ोगे नहीं, तो हर जाओगे, क्या समझे
00:14वो तो ठीक है दोस्त, लेकिन शायद तुम भूल गए, कि जब जमीन पर पैर रखते हैं, तो जमा के
00:20रखते हैं
00:21फिर चाहे तोड़ो, या अराम से चलो, इससे गिरने का खत्रा कम हो जाता है
00:26जीतने के लिए इतना रिस्तो लेना ही पड़ता है मेरे दोस्त
00:29हाँ भी शेखू, तुम ठीक कहते हो, अब क्या एरादा है, क्लासरूम में जाना भी है या नहीं
00:35हाँ क्यों नहीं, तो चलो
00:40असलाम वालेकुम पीचर
00:41वालेकुम असलाम, बैठ जाएए
00:45बच्चो, तो आज का टॉपिक है जानदार और बेजान
00:50आज साइन्स की पीरियट में हम लोग जानदार
00:53और बेजान चीज़ों के बारे में पढ़ाएंगे
00:56अच्छा तो आप मेंसे कौन बताएगा, कि जानदार किसे कहते हैं?
01:02मिस अब, इनसान, जानवर, पौदे और दरख
01:07शाबाश, बैठ जाएए
01:09अल्ला ताला की हर वो चीज़
01:12जिसमें उसने जान डाली है
01:14यानि जो पैदा या वजूद में आती है
01:17वक्त के सासाथ बड़ी होती है
01:19सांस लेती है
01:21जिन्दा रहने के लिए खाना खाती है
01:24अपनी जगा से हिल सकती है, वगएरा वगएरा
01:26जानदार कहलाती है