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The story of Zohan is a heartbreaking reality that many families face but rarely talk about. From a loving child to a 16-year-old on a ventilator, this video exposes the hidden struggles of joint family systems, parental neglect, and societal pressure in Pakistan.

Follow Ayesha’s journey as she fights to protect her child while being silenced, overworked, and overlooked. Witness how a lack of support, favoritism, and family dynamics can shape a child’s life sometimes with devastating consequences.

This is not just a story; it’s a wake-up call for every parent, guardian, and family member. Learn the lessons before it’s too late.

Watch till the end to see how Zohan’s family finally takes action and tries to rebuild their broken bonds.

📌 Key Topics Covered:

The impact of joint family systems on children

Parental neglect and favoritism

Mental health and addiction in teenagers

Importance of family support and boundaries

Emotional and psychological consequences of toxic households

💬 Share your thoughts in the comments:
Have you seen similar struggles in joint families? How can families prevent this cycle of neglect?

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#jointfamilylife #familyneglect #familydrama #toxicfamily #reallifestory #imtinanahmad #foryou #pakistan #india #story

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Transcript
00:00हॉस्पिटल की मशीन्स की बीप बीप बीप की आवाज आ रही थी
00:04एक 16 साल का नौजवान वेंटिलेटर पर था
00:08उसका चेहरा सूजा हुआ था उसके होंट नीले पड़ चुके थे
00:11और वो ओवर्डोस का शिकार था
00:14हॉस्पिटल में उस वेंटिलेटर की कमरे के शीशे के बाहर
00:17उसकी मा आईशा और उसका बाप फरहान मौजूद थे
00:21आईशा के बाल बिखरे हुए थे दुपट्टा पता नहीं कहां पड़ा था
00:25और उसका मसकारा बह रहा था
00:27साथ उसके उसका शोहर फरहान मौजूद था
00:31जो दीवार से टेक लगाये हुए था
00:33उसकी कमीज पर शिकने पड़ी हुई थी
00:35उसे अपना होश नहीं था
00:36और वो इंतजार कर रहे थे डॉक्टर का
00:39थोड़ी देर में डॉक्टर वहाँ पर आया
00:41और डॉक्टर ने कहा कि आपका बेटा
00:43मिक्स्ट ओवरडोस का शिकार है
00:45इसने बहुत जादा कोकेन
00:47इस्तमाल की है इसने स्लीपिंग पिल्ज ली है
00:49और बहुत अच्छा कि आप इसको
00:51वक्त पर ले आए अगर लाने में
00:53तीन घंटे और लगाते तो
00:55न जाने क्या हो जाता
00:57ये बात सुनने के बाद
00:58आईशा धाडाम से जमीन पर गिर गए
01:01फरहान ने उसे संभालने की कोशिश की
01:03नर्स आगई मदद करने के लिए
01:05और अगर आपको ये लगता है
01:07ये ड्रग ओवरडोस का केस है
01:09ये माशरे के अंदर मौजूद बुराईयों का केस है
01:12तो आप गलत है
01:15फरहान चला कर कहता है कि
01:16मुझे नहीं पता मेरे बेते को क्या हो गया
01:19जब आईशा उसे घूर कर देखती है
01:21उसके चेरे पे बेशुमार सवाल थे
01:24उसकी आवास बहुत कुछ कहना चाहती थी
01:26उसने फरहान की तरफ देखा और कहा
01:28अब याद आया आपको अपना बेटा
01:30तुम्हें अंदाजा भी है
01:32कि तुम्हारे खानदान ने
01:34इस जॉइन फैमिली ने
01:36मेरे बेटे के साथ क्या किया
01:39आईशा और बहुत कुछ कहना चाहती थी
01:41शायद वो फरहान का गरेबान
01:43खेंचना चाहती थी उससे नोचना चाहती थी
01:46अपनी सारी महरूमियों का
01:48गिला करना चाहती थी
01:49पर वो सोच रही थी और फरहान
01:52चुप था
01:53कहानी क्या है? आईए समझते हैं
02:04ये कहानी किसी और ने नहीं
02:05ये कहानी खुद आईशा ने मुझे भीजी है
02:08और आईशा जो कुछ लिखती है
02:10इस तरह की इमेल्स आप में से बहुत से लोग
02:12इस इमेल एड्रेस पे भीजते हैं
02:14जो आपकी स्क्रीन पर आपके सामने है
02:16लेकिन हर कहानी वर्ड शेरिंग नहीं होती
02:18लेकिन कुछ कहानी ऐसी होती है
02:20जो लिटरली दिल को छूजाती है
02:23और फिर जब मैं देखता हूँ
02:25कि यही कहानी दोस्तों में
02:27रिश्टदारों में इर्द गिर्द
02:29हर तरफ पहली भी हैं
02:30तो दिल करता है कि चीख चीख के कहानी आपको सुनाओ
02:33कि यह कहीं और के नहीं
02:35यह इसी माश्चरे की कहानिया है
02:37इस कहानी के नाम उनके कैरेक्टर्स
02:40उनको मैं फिक्टिशिस रख रहा हूँ
02:43लेकिन बाइद इन्ड अफ इस विडियो
02:45जब तक के कहानी आपको समझ में आएगी
02:47कि प्राब्लम था किदर
02:49आपका रंग उड़ जाएगा
02:51कि हमने कभी इन चीखों को इस एंगल में सोचा ही नहीं
02:54हम कभी इन चीखों पर तवज्जो देते ही नहीं
02:56आईशा कहती हैं कि इस कहानी का कोई एक सीन नहीं है
02:59इसके बहुत ससीन है
03:01और आज जो 16 साल का लड़का वेंटिलेटर पे है जोहान
03:05जब ये 4 साल का था
03:06तो एक दिन डाइनिंग टेबल पे सब बैठे थे उनकी सास
03:10आईशा की सास जोहान की दादी
03:12और उनके दादा जोहान के फादर
03:15फरानवा मौजूद थे आईशा थी
03:17और ये जो हाउस ओल्ड है
03:19ये जोउइंट फामिली सिस्टम है
03:21इस जोउइंट फामिली सिस्टम में
03:23फरान के दो बड़े भाईय है
03:24वो भी रहते हैं
03:25और उनकी जो बेगमात हैं
03:27आईशा की भावियां
03:28वो शवाना है
03:29उन में नाजियां हैं जो आईशा से रुत्वे में बड़ी हैं क्योंके बड़ी भावी हैं तो वो भी इसी घर
03:35में रहती हैं और पांच-छे बच्चे भी मौजूद हैं आईशा की इस रिस्पॉंसिबिलिटी है कि उसने किचन को सभालना
03:42है जो खाना पकना है वो आईशा ने
03:57इर्दगर देखा होगा कि कितने ऐसे लोग हैं कि जब नहीं बवहु घर आती है तो नौकरों की छुट्टी करा
04:04देते हैं क्या अजीब कल्चर है ताकि जितना टफ टाइम हम दे सकते हैं हम उसको दे दे ताकि वो
04:11घर में अड़्जस्ट कर दे हम शायद घर में अड़्जस
04:27प्रवाज आई बड़ी भावी शबाना की और उन्हें ने कहा कि सुनो आईशा कोशिश कर रही हो कि अगर तुम
04:32आलू गोश बना रही हो तुमारा आलू गोश ना अक्सर कच्चा रह जाता है गलता नहीं है तो कोशिश करना
04:39आज गल जाए मैंने कहा कि बिल्कुल ठीक है जी �
04:42जी भावी मुस्कुराई और मैंने कहा कि मैं कोशिश करूँगी उसके बाद नाजिया ने मा को कहा यानि इसकी सास
04:48को कहा कि अम्मी असल में वो बिचारी जॉइंट फैमिली से आई नहीं है उसको तोड़ तरीकों का पता नहीं
04:54है उसको कुकिंग का क्या आईडिया सारी जि
05:08में खड़ी आईशा के कान में पढ़ रही है और वो चुप है और वो जी जी कोई मसला नहीं
05:14मैं कर देती है जी जैसे आप कहते हैं जैसे आपको पसंद है जैसी रोटी आप खाना चाहेंगी और जब
05:20वो रोटी लेकर आई आईशा कहती है कि उसके उपर नाजिया ने कहा कि
05:24अरे आईशा थोड़ी मोटी बना दी अम्मी जादा मोटी रोटी खाती नहीं है तो इसके बाद मुझसे पूछें आईशा कहती
05:32है मुझसे पूछें कि मेरे उपर क्या गुजर रही है मैं सारे घर का काम संभाल रही हूँ सब को
05:38लुक आफ्टर कर रही हूँ सब को देख र
05:53किया करो वो बड़े हैं चुप करके बरदाश्ट किया करो उनका घर उनकी मर्जी वो भी इस घर के फर्द
06:00है और ऐसे में आईशा चुप करके किचन में चले गई अपना नेक्स टास्क पूरा करने के लिए ये घर
06:08घर की कहानी है कैसे हम लोगों को अपनी जज्जमेंट्स के �
06:12थरू अपने कॉमेंट्स के थरू उनकी परसनालिटीज को शाटर करके रख देते हैं और एक लम्हे के लिए नहीं सोचते
06:19हैं कि हम कर क्या रहे हैं फरहान ऑन दे कांट्री घर आने के बाद मा के साथ वक्स पेंट
06:25करने के बाद अखबार में खो जाता है और अखबार पढ�
06:28रहता और घर में होने वाली किसी चीज़ पर कोई कॉमेंट नहीं करता उसको लगता ही आईशा की जिम्मेदारी है
06:34घर में एक मर्द का जो रोल है वो इस रोल को समझने से कासिर है कानी आगे बढ़ती है
06:41और एक दिन एक बहुत बड़ा आग्यूमेंट हो जाता है और यह आ
06:58धंग से तो करो तंग आकर मा बीच में आ जाती है सास आ जाती है और वो दादी जोहान
07:05की दादी आकर कहती है कि आईशा चुपो जाओ तुम छोटी हो तुम्हारा बोलना बनता नहीं है वो चुप करके
07:12बरदाश्ट कर लेती है को कुछ नहीं कहती है और वहां उस कमरे से उ
07:17जो भी बात हो रही है वो उस आर्गिमेट को छोड़ कर चली जाती है
07:20वो कहती है कि सारे घर का काम हमने करना है
07:23सारे घर का काम मैं करूँगी तो बाकी क्या करेंगे
07:26और इस घर का पाकिस्तान के मुखतरिफ घरों की तरह कल्चर ये है
07:30कि जब एक नई बहु आएगी तो उसका काम है
07:33क्योंकि पुरानी बहुएं जो पुरानी हैं सीनियर है
07:36वो अपने दोर में कर चुकी ना अब तो तो तो तुम लोगों का दोर है
07:40और ये कहकर हम सारी जमेदारी अगले के उपर ट्रांसफर कर देते हैं
07:43नचायने आज पाकिस्तान में कितने घरों में औरते रोना चाहती हैं
07:47पर वो रोती इसलिए नहीं हैं कि अगर रोएंगी तो मजीद कमजोर नजर आएंगी
07:52मजीद उनके उपर ये बहस की जाएगी कि वो एक ऐसे घर से आए हैं
07:56जहां पर नौकरों की रेल पेल थी उनको क्या पता जॉइंट फैमिली सिस्टम में रहते कैसे हैं
08:01लेकिन इस सब के अंदर एक काम होता है
08:03चुकि शायद सबसे दादा अलामें है
08:05इस सब के अंदर मुसीबत क्यों होती है
08:08कि वो जो बच्चा डाइनिंग टेबल पे बैठा है जिसका नाम जोहान है
08:12वो ये सब कुछ देख रहा है
08:14वो दिन बदिन किल किल होती हुई देख रहा है
08:18वो दिन बदिन अपनी मा को घुटते हुए देख रहा है
08:21वो दिन बदिन देख रहा है
08:23कैसे ताने तश्ने सारा दन उसकी माँ को दिये जाते हैं
08:26उसको बेज़त किया जाता है
08:27और उसको जलील किया जाता है
08:29कैसे सब कुछ होता है
08:31वो सब उसकी आँखों के सामने हो रहा है
08:33और एक बच्चे की परसनलिटी
08:35जो इस दोर में बिल्ट अप करनी चाहिए
08:38वो अपने लिए कुछ सबक सीख रहा होता है
08:40कि जिन्दगी के असूल क्या है
08:42और जिन्दगी किस तरीके से चलती है
08:44और इस खानदान के अंदर क्या हो रहा
08:45आईशा कहती है कि एक दिन तंग आ कर
08:47मैंने फरहान से का कि अगर कुछ ऐसा
09:03और शादी के दिन मैंने ये बात तुम्हें क्लियर कर दी थी
09:06सो कानवर्सेशन खतम
09:07और आईशा चुप कर जाती है
09:09अब यहां पर एक बात समझने वाली है
09:11मुझे एक बात समझने हाती कि क्यों
09:14पाकिस्तान में खास तौर पर हमारे कल्चर के अंदर
09:16South Asia के यह problem है
09:18कि हम wedding night पर यह शादी के शुरू में
09:20यह फर्ज समझते हैं मर्द
09:22कहमारा फर्ज है कि हम अपनी वेगमाद को यह बताएं
09:25कि मेरी मां तुम्हारी जिम्धारी
09:27मेरा बाप तुम्हारी जिम्मधारी
09:28यह पूरा खांदान तुम्हारी तुम्हारी तरह
09:43And also, religiously, not her responsibility.
09:47वो जिम्हतारी आपकी है, उसकी नहीं है.
09:50लेकिन हम सारा मलवा उसके उपर ट्रांसफर कर देते हैं
09:53and we are not ready to talk about it.
09:56तो फरान मना कर देता है कि घर छोड़कर नहीं जाना
09:58और कोई नया घरमाबाद नहीं करेंगे.
10:00कि यहाँ पर एक बात आपने सीखनी है.
10:02यहाँ पर एक बात आपने यह समझनी है
10:04कि जब माशरे में discourse और discussion बंद हो जाती है
10:08वो माशरा उसी दिन मर जाता है.
10:10बागी आप खेंचना चाहें तो आप कितना अरसा और खेंच लें
10:13Technically, that is dead.
10:15और जोहान यहाँ पर यह सबक सीखता है
10:17मेरे बाप को, मेरी मा से कोई फर्क नहीं पड़ता है
10:19तो मेरी मा के ओपर कोई भी जुल्म हो जाए,
10:21ज्यात्ती हो जाए, तकलीफ उसको उठानी पड़े
10:23My father doesn't care.
10:25वो अपने लिए कुछ सबक जिंदगी के सीख लेता है
10:28फिर कहानी आगे बढ़ती है
10:29यहाँ पर अब जो joint family system है
10:33वो पांच-छे बच्चे एकटे एक ही कमरे में रहते हैं
10:37जहाँ पर शवाना के बच्चे भी हैं, जहाँ पर नाजिया के बच्चे भी हैं
10:40जो के भांच-छे भतीजे बनते हैं, भतीजे भतीजी बनती है, फरहान की
10:45यानि काजन्स हैं ये सब जोहान के
10:47और वो बच्चे अपने माबाब के भी असर में हैं
10:50और एकटे एक कमरे में भी होते हैं
10:53वहाँ पर एक बड़ी बहु का या बड़ी भाबी का शावाना का बेटा है
10:57और उसका नाम है हमजा
10:58और वो बार बार बुलिंग करता है जोहान को
11:02कि मेरे पेरेंट्स बताते हैं तुम्हारे माबाप को तो कुछ नहीं आता
11:22हमजा उसको बताता है रेहान उसको बताता है
11:24रेहान उसको कहता है कि तुम्हारे अब्बू का तो काम भी नहीं चलता
11:28फरहान का फरहान चाचू का तो काम भी नहीं चलता
11:31और वो हमारे पेरेंट्स का काम तो जादा अच्छा है
11:33मेरे माबाप को तो जादा कमाते हैं
11:35तुम्हारे माबाप तो नहीं कमाते हैं
11:37अब वो comparison का बीज
11:39एक बच्चे के दिल में बोच दिया जाता है
11:41जिसे वो बार बार सोचता है
11:43कि we are the losers eventually
11:45अब उसकी personality shape हो रही है
11:47और फिर जोहान को एक समझ में आता है
11:50वो अपनी जिन्दगी के ऐसूल बनाता है
11:52कि घर के अंदर
11:53जो होता होने दो
11:55लेकिन घर के बार मेरी चोदराहट होनी चाहिए
11:58और ऐसे में
11:59वो माब्स तो अच्छे लेकर आता है
12:01लेकिन माब्स वो जब भी अच्छे लेकर आता है
12:03हमेशा हमजा और रहान को इनाम मिलते हैं
12:06जोहान को ये का जाता है बेटा तुम्हारे पास तो सब कुछ है
12:09यहां तक आईशा लिखती है कि ईद का वक्त आता है
12:12और जब ईदी दी जाती है तो दादी हमेशा पांच पांच हजार रुपए के नोट देती है
12:16जोहान को नहीं रहान को और हमजा को
12:20और कहती है कि यह बड़े है ना तुम सिर्फ हजार रुपए रखो तुम्हारी इतनी जरूरते नहीं यह बड़े इनकी
12:26जरूरते बहुत है
12:27और अक्सर जोहान को कोई भी गिफ्ट ना देते हुए यह कहा जाता है
12:31कि ना ना नानी से ले लेना हमारे तो अतने हालात नहीं है
12:35Can you see the difference कि कैसे बच्चों के दिमाग बच्पन से खराब किये जा रहे
12:40For the sake of joint family system
12:42और ऐसे में कहानी आगे बढ़ती है
12:45और आईशे इस पूरी कहानी में बहुत helpless feel करती है
12:48कि उसको समझ नहीं आता कि मैं करूं तो करूं क्या
12:51इस खांदान में रह नहीं सकती
12:52रहूं तो सारा दिन नौकरानी बनके रहना पड़ता है
12:55सब का हुकम मानना पड़ता है
12:57मेरा शोहर मेरे साथ नहीं खड़ा
12:59मैं अपने बच्चे को वक्त नहीं दे सकती
13:03और इविंचली जोहन करता भी यही है
13:05वो स्कूल में कैसी कमपनी अखियार कर लेता है
13:08जहां पर पहली बार उसकी मुलाकात सिग्रेट से कराई जाती है
13:12उसकी मुलाकात जॉइन्ट से कराई जाती है
13:15और उसके अंदर उसे इसकेप नजार आने लगता है
13:18कि जिन्दगी का असल तो यही है कि जिन्दगी से दूर भागो
13:22और उसको लगता है कि ये सकून उसके लिए जरूरी है
13:25और वो जिन्दगी से दूर भागने लगता है
13:28फिर एक दिन आता है जब रात के दो बजे
13:31ये 14-15 साल का लड़का जोहान घर आता है
13:35रात के दो बजे और मा दर्वाजे पर रुखती है और उसे पूछती है उसको रोक कर कहती है
13:41कि ये कौन सा वक्त है घर आने का कहा थे तुम और वो बताता है कि मैं अपने दोस्तों
13:59के साथ था
13:59उसको बताओ कि क्या करके आयो और कहां से आयो वो चुप करता है और अपने कमरे में चला जाता
14:05है
14:06जोहान इस डिवलिपिंग अ स्प्लिट परसनालिटी जिस पर फरहान समझता है
14:10कि मैंने शायद अपने बेटे को हमेशा के लिए खो दिया
14:14और शायद कुछ ऐसा हो भी रहा है
14:16क्योंकि जोहान तो देख रहा है
14:17घर में जो हो रहा है घर में जो बहुल चल रहा है
14:20वो कॉंटिनिसली देख रहा है
14:22जोहान एक दिन अपने बाप को देखता है
14:25और वो अपने बाप को अपनी माँ के साथ नहीं देखता है
14:27वो बाहर किसी माकेट में अपने बाप को उसकी कुलीक के साथ देखता है
14:32जहां पर फरहान में और उस कुलीक के बीच में फीमेल कुलीक के बीच में
14:37बहुत कुर्बत इख्तियार की जा रही होती है
14:40तो उसको इस समझ में आता है
14:41कि I should be like my father
14:44that's how you have to live a life
14:47कि मेरे बाप को तो कोई फर्क नहीं पढ़ता है मेरी मा से
14:49मेरे बाप का बाहर अफेर्ट चल रहा है
14:51तो अगर मैं भी ड्रग्स लेना शुरू कर देता हूं
14:54किसी को क्या फर्क पड़ता है हर एक के अपनी जिंदगी है
14:56घर में जो होता है होने दो
14:58उसे किसी को कोई सरोकार नहीं है
15:00ये है पाकिस्तान का वो joint family system के जहां पर
15:04कहने की हद तक लोगे घटे हैं
15:07लेकिन असल में कोई किसी के साथ नहीं है
15:11और ये impression एक छोटे से दिमाख को दिया जा रहा है
15:15फरहान को ये लगता है कि मैंने अपने बेटे को हमेशा के लिए खो दिया
15:19और उसके बाद वो देना आता है
15:21कि जब एक दिन call आती है फरहान को
15:25कि आपका बेटा बेहोश है
15:27फरहान भाग कर जाता है दोड़ता है अपने बच्चे को
15:31पकड़ने की कोशिश करता है हस्पताल लेकर आया जाता है
15:34और उसको वेंटिलेटर पे शिफ्ट किया जाता है
15:36और अब ये दोनों माबाब बैठ कर सोचते हैं
15:39कि हमने अपनी जिन्दगी के साथ किया क्या
15:58फादर क्या कर रहा हूँ, ऐसा हस्बंड क्या कर रहा हूँ
16:00यहां पर तो मैंने कभी मुड़कर सोचा हैं नहीं
16:02कि मेरे क्या-क्या फराइश थे, आज मेरा 16 साल का जवान बेटा है
16:06और मेरे हाथ से निकलता जा रहा है
16:08और मैं कुछ नहीं कर रहा है
16:10Finally, खुशकिस्मती से
16:12फरहान को एक एहसास होता है
16:13उसे ये एहसास होता है
16:15कि ये जो मैं office के अंदर
16:17अपनी female colleague के साथ
16:18एक fling पैदा कर रहा हूँ
16:19जिसमें वो मुझे समझती है
16:21मेरे emotions को समझती है
16:22I need to get out of it
16:24अच्छी बात ये होती है
16:25कि उसी रात
16:26उस लड़की की call आती है
16:28और फरहान नहीं उठाता
16:29Finally, he decides
16:31he needs to take the reign of his family
16:33back in his hands
16:34लेकिन अब चाये
16:36पानी सर से उंचा हो चुका था
16:38क्योंकि जोहान तो बाज आने वाला नहीं
16:40उसकी company तो खराब हो चुकी है
16:42और फिर एक साल गुजरता है
16:44दो साल गुजरते हैं
16:56कि सारे सिस्टम में गलती क्या थी
16:58आईशा ये पूछना चाहती अपने शाहर से
17:01कि क्या मेरी ये गलती थी
17:02कि मैंने love marriage की है
17:04क्या मेरी ये गलती थी
17:05कि मैं एक nucleus family को छोड़कर
17:08एक joint family में आई हूँ
17:09क्या मेरी ये गलती थी
17:11कि मैंने खांदान को जोड़ने की कोशिश किये
17:13क्या मेरी ये गलती थी
17:15कि मैं अपने बच्चे को अच्छा रेज करना चाहती थी
17:17लेकिन मुझे वक्त ही नहीं दिया गया
17:19क्या मेरी ये गलती थी
17:21कि पूरे खांदान ने
17:22मुझे काम तो लिए
17:24मुझे बेज़द तो किया
17:26मेरी सपोर्ट के लिए तो कोई नहीं खड़ा हुआ
17:28और ऐसे सब सारे सिलसले के अंदर
17:31मेरा शोहर कहा था
17:33ये 16-17 साल से
17:34मेरा शोहर कहा था
17:36अगले दिन हॉस्पिटल के अंदर
17:38वेंटिलेटर पर होश आ जाता है
17:41जोहान को
17:41और जो वो देखता है शायद उसने 16 साल में नहीं देखा था
17:45उसने ये देखा
17:46कि उसके कमरे के अंदर उसके दोनों पेरिंट्स
17:48उसके माबाप आईशर्फ और फरहान
17:51मौझूद थे और उन दोनों
17:52ने एक दूसरे का हाथ पकड़ा हुआ था
17:55और वो एक दूसरे से रो रो कर बात कर रहे थे
17:58और ये देखकर जोहान होश में आया
18:01और जोहान भी रोने लगा
18:03माबाप ने अपने बच्चे को गले लगा ली और पूछा
18:05कि हमसे क्या गलती हुई
18:07कि तुम ड्रग्स की तरफ चले गए
18:10तुम स्लिप हो गए हमारे हाथ से
18:12जिस पर जोहान ने कहा
18:13कि मुझे देखता ही कौन था
18:15कौन मेरी फिकर करता था
18:17कौन मुझसे पूछता है
18:18इस घर के अंदर कि मैं क्या कर रहा हूँ
18:20मुझे हमसा कुछ कहता है
18:22मुझे रहान कुछ कहता है
18:24मुझे मेरी ताईया कुछ कहती है, मेरी दादी मुझे कुछ कहती है
18:27और फाइनली तीनों मिलकर थाड़े मारकर रोना शुरू हो गए
18:32and they decided one thing, कि जिन्दगी आइंदा ऐसे नहीं चलेगी
18:38पांचे महीने गुजरते हैं और अब situation ये है
18:42कि अब फरहान ने अलग घर ले लिया है
18:45उस घर में फरहान रहता है, उस घर में आईशा रहती है
18:48उस घर में जोहान रहता है
18:50जोहान अपनी therapies भी ले रहा है
18:52तोकि डॉक्टर ने कहा था कि he's fit and fine
18:54लेकिन therapy continue करनी पड़ेगी
18:56और वो therapy ले रहा है
18:58और वो घर में मौझूद है
18:59और अपना homework कर रहा है
19:01आईशा कहती है
19:04आपको पता है situation क्या थी
19:06situation ये थी कि मैं आपको email लिख रही हूं
19:09और साथ मैंने हांडी चड़ाई विये
19:11और मेरा बेटा मुझसे ये कहता है
19:13कि अम्मी क्या पका रही है
19:15मैं उसको बताती हूँ
19:16कि बेटा मैं आलू गोश्ट बना रही हूँ
19:19जिस पर मेरा बेटा कहता है
19:20कि मुझे आपके हाथ का
19:23आलू गोश्ट बहुत पसंद है
19:25वैसा ही बनाईएगा
19:26और आईशा कहती है कि मैं ये समझने की
19:29कोशिश कर रही हूँ
19:30कि मैं गलत थी
19:32ये सिचुवेशन गलत थी
19:33मेरे बेटे को मेरे हाथ का खाना भी पसंद है
19:36और आज हम अपनी जिन्दगी को
19:39दोबारा से जोडने की कोशिश कर रहे है
19:41बट प्राब्लम पता हिए है
19:42कि प्राब्लम ये है कि जब मेरा बेटा कहता है
19:45कि आपके हाथ का खाना खाना है
19:46मेरा हस्बंड फरहान मौझूद है
19:49अख़बार पढ़ रहा है
19:50वो मुस्कुराता है
19:51हम इखटे हैं
19:52अपनी जिन्दगी शुरू कर रहे हैं
19:55शायद अभी तक हमें आया नहीं है
19:57कि एक दूसरे के साथ
19:58conversation कैसे करें
20:00बट फाइनली इनकी कहाने
20:02एक happy ending पर end हो जाती है
20:05लेकिन पाकिस्तान में
20:06इस किसम की हर कहानी
20:08happy ending पर end नहीं होती है
20:11कितने ऐसे घराने
20:13कि जहांपर literally
20:14joint family के नाम पर
20:16लोगों को exploit किया जाता है
20:18और आयशा कहती है कि मुझे ये लगता है
20:20कि शायद problem
20:22सबसे बड़ा ये है और ये आपके लिए
20:24समझने वाली बात है
20:25वो कहती है कि मुझे लगता है
20:26कि सबसे बड़ा problem ये है
20:28कि जब आप पाकिस्तान में
20:30love marriage करके किसी के
20:32खांदान में आ जाते हैं ना
20:34वो love marriage को भी accept कर लेते
20:36लेकिन फिर love marriage को
20:38चलने नहीं देते
20:39या फिर which is more important
20:41या फिर love marriage के नतीजे में
20:44पैदा होने वाले बच्चों को
20:46कभी उस नजर से नहीं देखा जाता
20:48जैसी इज़त arranged marriage के
20:51बच्चों को दी जाती है
20:52and that's where the problem is
20:54अब पाकिस्तान में
20:56चाहे आप religiously देख लें
20:58चाहे आप किसी और तरीके से देख लें
21:00joint family ने
21:02बिगार जादा पैदा किया है
21:04सवार से
21:05और इस कहानी के अंदर
21:06फैसला आपने करना है
21:08मश्वरा आपने देना है
21:10कि आईशा को क्या करना चाहिए था
21:11कितनी ऐसी आईशा जी खुर्बानियां दे दे के
21:14खतम हो गए
21:15कितने ऐसे फरहान है
21:17जो बेहिस के बेहिस ही रहे
21:19और कितने ऐसे जोहान है
21:21जिन की जिदगी तबाह हो गए
21:23यहाँ पर आईशा ने compromise किया
21:25लेकिन आईशा की गलती यह थी
21:27शायद के उस ने खुद को
21:29खतम कर लिया
21:30and this is one plea I have
21:32to all the ladies who are watching out there
21:35उसकी वज़ा ये है कि आप में से
21:37कितनी ऐसी खवातीन है जो वक्त पर नहीं बोलती
21:39पिस्ती रहती हैं
21:41पिस्ती रहती हैं
21:42यू नीड तो सेट healthy boundaries
21:44रिश्टे बचाने हैं
21:46लेकिन रिश्टे बचाने का मतलब ये नहीं है
21:49कि अपनी खुर्बानी दे दो
21:50आज आपके पास रिश्टे हैं
21:52रिश्टेदारियां नहीं हैं क्यों
21:54इसी वज़ा से कि रिश्टे के नाम पर
21:57आपको exploit किया जाता है
21:59आईशा नहीं गलती की
22:00आईशा नीड्स टू अंडिस्टान दाट
22:02फरहान ने
22:04इसकेपिसम ढूड़ा
22:05इस सबसे इसकेपिसम ढूड़ा
22:07एक और फलिंग पैदा करने की कोशिश की
22:10और जोहान ने गलत ये किया
22:12उसने ड्रग्स का सहारा ले लिया
22:14लेकिन गलती तो यहां पर नहीं है
22:15गलती तो जब आप गलती की बात करेंगे
22:18तो आपको शबाना की आपको नाजिया की
22:21आपको दादी की इन सब की बाते करनी पड़ेंगी
22:23क्योंकि इन्होंने बिगाड पैदा करने में
22:26रिष्टों को बिगाडने में
22:28तकलीफे ढूडने में
22:29और तकलीफे एक खांदान के अंदर आड़ करने में
22:32बहुत बड़ा किरदार अदा किया
22:34अब आपने सिर्फ एक काम करना है
22:36आपने जो मश्वरे देने हैं
22:38इस तरहा के फरहान को
22:40इस तरहा की आईशा को
22:42इस तरहा के जोहान को
22:43इस तरहा की दादी को
22:45और इस तरहा की शबाना और नाजिया को
22:47बेशब कॉमेंट्स में दीजिएगा
22:48लेकिन आपने सिर्फ एक काम और करना है मेरे लिए
22:52आपने ये करना है कि अपने इर्द गिर्ड नजर डाल कर देखें
22:56आपके दोस्तों के सरकल में, रिष्टेदारों के सरकल में
22:59और देखें कि क्या हम वो कौम हैं
23:02जो लव माररज को भी एकसेट करने को तैयार हो जाती है
23:05लेकिन लव मारेज के नतीजे में पैदा होने वाले बच्चों को
23:09वो ओस्त वो मकाम देने को तैयार नहीं है
23:13और अगर � ऐसा है, तो ये सोचने की बात है
23:17और इसको बदलने का वक्त है
23:19क्योंकि अगर आज नहीं बदलेंगे तो जबाना आपको वो इज़त कभी नहीं देगा
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