00:00पिता जी एक्स्पायर हुए, फिर भाई ने फॉसे लगा कि आ तो भी और उसके बाद अब मेरी छोटी बैन
00:12का एक्सिडेंट हुआ
00:15तो आस पास की लोगों ने कहा कि मुला बापका घर का वास्तु खराब है, कुछ पूजा पाट करवाई है
00:22बिटा, घर का वास्तु ठीक नहीं है, पूजा पाट करवाई है
00:27तो कुछ लोगों के बताने पे मैं गया, तो एक पंडी जी ने अश्ट दातु का छला पहना दिया है
00:35और रोज जो है एक ये ताबीज बना के दिये हैं, कहें इसको आप पास रखिये
00:41और रोज इसमें धूब दिखाईए, तो आपका सब सही हो जाएगा
00:45इसे अपने पास रखो, और ये ताबीज भी है, इसमें रोज धूब दिखाईए, सब ठीक हो जाएगा
00:56अगर सबक दुरघटना में कोई आहत हो रहा है, ये आहत हो रहा है
01:02तो उसकी वज़ए ये नहीं ये भाई कि आपके घर का दर्वाजा अमुक दिशा को है
01:07या आपको घर का दर्वाजा बदलवाना है, बदलवालो मैं क्यों रोकूँ आपको
01:12आपकी इच्छा है, आपकर लीजिए
01:15लेकिन अपने वाहन पर ज्यादा ध्यान दीजिए, हेलमट पर ध्यान दीजिए, सडक पर ध्यान दीजिए
01:20वो ज्यादा ज़रूरी है, जान वहां से बचेगी
01:23सुनने में थोड़ा ये भया वहां लगेगा लेकिन
01:26हार्ट अटाइक ने ये नहीं बोल रखा कि दुबारा नहीं होंगा
01:29रोड एक्सिडेंट ने भी ये नहीं बोल रखा कि दुबारा नहीं होंगा
01:32इसी तरीके से मनुरोगों ने भी ये नहीं बोल रखा कि
01:36हम किसी और की जिंदगी नश्ट नहीं करेंगे
01:40मन किसी की जीवन को तबहा न कर दे इसके लिए ही तो विजडम चाहिए ना उसी के लिए बोध
01:46साहित्ते चाहिए
01:47उसी से मन शांत और शीतल रहता है
01:50नहीं तो मन में बहुत सारे उल्टे पुल्टे आत्मगाती विचार आते है
01:54तो यह कि दर दुनिया भर में तेजी से बढ़ी है और भारत में भी प्रचंड है
01:59अब भारत में हम बात करते हैं इसने इसको मार दिया इसने उसको मार दिया
02:03सबसे आदा तो इनसान खुद को मार रहा है भारत में उसे मरने वालों की जो दुखत संख्या है उस
02:09पर गौर करिये
02:10जिन्दगी हमारी ऐसी हो गई है कि हमें से बहुत हमारे भाई भेहन जीना ही नहीं चाहते
02:15वो गहते हैं ऐसे जीने से अच्छा समाप्थी कर लो
02:18आपके जीवन में जो भी बीमारियां है चाहे शरीर की हो चाहे मन की हो प्रार्थना है उन्हें गलत उप्चार
02:24मत दीजिए
02:25मैंने भी अपने पिता जी को खोया है तो मैं आपकी व्यथा को थोड़ा बहुत समझ सकता हूँ
02:33अतीत का जो नुकसान हुआ है उसको पल्टा नहीं जा सकता पर हम इतना कर सकते हैं कि हम उससे
02:40कुछ सीख लें
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