Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
यह वीडियो 24 मार्च 2026 को NIT रायपुर में आयोजित "संवाद" सत्र से लिया गया है।
➖➖➖➖➖➖
#आचार्यप्रशांत #ParentingTruth #YouthFreedom #IndianParents #LifeDecisions #SelfAwareness #FamilyReality

Category

📚
Learning
Transcript
00:00हम लाइफ में कोई decision लेते हैं और हमारे parents के decision उनसे contradict करते हैं
00:06तो most of the time हमें उनकी बात माननी पड़ती है
00:09तो हम कैसे अपने parents को convince करें
00:14यह परमीसन क्या चीज होती है? यह क्या है? क्यों?
00:21पर यह चलन मेरी नहीं समझ में आता
00:24कि तो 21 की हो गई है कि 25 की हो गई है पर मेरी परमीसन के बिना तो कुछ
00:29नहीं करेगी
00:30मात्रत्यों की parenting की भी सार्थक्ता इसी में होती है
00:35कि हमने अब एक ऐसी आउलाद खड़ी कर दिये
00:39जो सक्षम है, सबल है और अपने जीवन के निरणे स्वयम ले सकती है
00:44अगर पेरेंट्स ने सचमुच अच्छी parenting करी है
00:47तो एक उम्र के बाद उन्हें अपनी संतान के जीवन में हस्तक्षेप नहीं करना होगा
00:54और अगर पेरेंट्स ने खराब पेरेंटिंग करी है
00:58कि 30, 30, 35, 35 साल के भी हो गए है तो उनको बच्चा बच्चा बोला जा रहा है
01:03और तया करा जा रहा है कि तुम कब शादी करोगे, किस दुकान में बैठोगे, बच्चा कब पैदा करोगे
01:07हमें अपनी जिंदगी तो जीनी आई नहीं कभी
01:10और बच्चों की जिंदगी पर चण जाएं, यह कहां का इंसाफ है
01:14छोटे से छोटे काम भी विशेशग्य की सलाह से करता है आदमी, हाँ या ना
01:19तो जिंदगी तो बहुत बड़ा काम है, जिंदगी तो बहुत बड़ा मुद्दा है
01:23आप लोग कोई जीवन के विशेशग्य हो, कि आपका अगर बच्चा पैदा हो जाए
01:27तो आप उससे कहो कि तू अपने जीवन के सारे फैसले हमसे पूछ कर लेगा
01:32आप कहा के विशेशग्य हो, तुमने खुद ही अगर एक बंधा हुआ जीवन जीया है
01:37तो तुम अपनी उलादों को भी विशेश करोगे वही बंधा हुआ जीवन जीने के लिए
01:41और जब उलादें विशेशकर लड़कियां तुमारी बात नहीं मानेंगे
01:46तो तुम कहोगे अरे ये देखो ये ज़्यादा इसके पर लगाए है
01:49अभी इसके पर काटे देते या फिर ताने मारों के कोगे ये देखो
01:53हमने ही पढ़ाया लिखाया हमारा अइसान नहीं मानती है
01:56बहुत चली है पंची बनके उड़ने के लिए
01:59ये ये प्रेम की बात नहीं है और इसमें कोई गरिमा भी नहीं है
02:05रिष्टे सही बनाना सीखो
02:07जानो की प्रेम कहते किसको है
02:10और तब फिर ऐसे सवाल नहीं पैदा होते
Comments

Recommended