00:00कि का घुक रक registry मेरे जैसा मेरे दूसरी अपने जीवन से मेरा जीवन जीमैरा गाय और आप से मैं
00:12बहुत असंतो ह centres
00:18अलग अलग जीवन सुड़ी होते हैं सब के जीवन जुड़े हुए हैं तो बता ओ कैसे संतोष कर बुट
00:27अगर आप असंतुष्टी आगे पुछ करती है।
00:32असंतुष्टी भी पुछ करती है।
00:37ऐसे आप बूल भारी अगर।
00:42व्यक्तिगत असंतुष्टी होगी, तो गलत देशा में पुछ करेगी।
00:49और निश्काम असंतुष्टी होगी, तो वो परमार्थ की और ही ले जाएगी.
00:57इसे आप सब के लिए काम करते हैं, तो तो असंतुष्टी आपको संतुष्टी देती है, एक दरा.
01:03क्या इसे समय सकते हुँ में?
01:06इतनी फुरसत रहती नहीं है, कि फिकर करें, कि संतुष्ट है, क्या संतुष्ट है, देखो, मैं क्या कर रहा हूँ?
01:11तो मैं लग रहा है, इसमें मैं सोच भी रहा हूँ कि मैं संतुष्ट हो किया संतुष्ट हो किया संतुष्ट
01:14हो किया संतुष्ट हो किया संतुष्ट हो किया संतुष्ट हो किया संतुष्ट हो किया संतुष्ट हो किया संतुष्ट हो किया
01:17संतुष्ट हो किया संतुष्ट हो किया
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