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यह वीडियो 24 मार्च 2026 को NIT रायपुर में आयोजित "संवाद" सत्र से लिया गया है।
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Transcript
00:00अचारे जी आप हैं आपने भी शादी नहीं की तो आप अभी आज आप जाके इतने सक्सेस्फूल हैं कि आपको
00:06सुनने के लिए सेकड़ों लोग बैठे हैं
00:10तो मेरा प्रस्णी है कि क्या मैं भी ऐसे किसी एक स्थम्व को अपनी जीवन से निकालूँ
00:16मतलब कि अगर मैं शादी ना करूँ तो जीवन कहां से ये थियोरी आई है किसकी है ये मैं गूगल
00:26में मैं एक आर्टिकल पढ़ रहा था उसमें लिखा हुआ था देखा रहें जितने भी बड़े लोग ऐसे हमारे प्रधान
00:31मंत्री जी हैं उनकी भी वाइप नहीं है उन्होंन
00:45प्लेटो को पढ़ा तुम कहोगे नहीं पढ़ा मैं कहूं मारकस औरेलियस को पढ़ा तुम कहोगे नहीं पढ़ा मैं आगे बढ़ूं
00:53मैं कहूं स्पिनोजा को पढ़ा तुम कहोगे नहीं पढ़ा बुल्टायर को पढ़ा नहीं पढ़ा सारत्र को पढ़ा नहीं पढ़ा है
01:15खंबों की थियोरी कहां से ले आए ये क्यों ले आए क्यों पढ़ रहे हो जीवन बहुत छोटा सा है
01:22अभी बीच जाएगा समय सीमित है ये क्या पढ़ पढ़ के जितने की बिता रहे हो
01:28इंस्टा जादा देखते हो लील्स तुमारे शिक्षक हो गए और बात ये नहीं है कि ये थियोरी प्रसिध नहीं है
01:37मैं इसलिए इससे इंकार कर रहा हूँ
01:40तुम्हारी थियोरी सुन ली मैंने
01:42मुर्खता की थियोरी है
01:43इसलिए इससे इंकार कर रहा हूँ
01:45और इस थियोरी के इसाफ़ जो तुम किसी को भी बड़ा आदमी बोल दोगे
01:49कि जीवन से चार चीजे निकालनी पड़ती
01:52क्या खंबा पहला खंबा क्या निकालना पड़ता है
01:55फैमिली फ्रेंड्स और
01:57आप बताओ ना आपी तो कुछ बोल रहे थे
01:59क्या था
01:59फैमिली फ्रेंड्स हेल्थ या फिर अपना वर
02:02फैमिली फ्रेंड्स हेल्थ वर
02:04सही जीवन में चार नहीं निकालने पड़ते
02:07एक निकालना पड़ता है उसका नाम होता है हंकार और वो एक निकाल दिया तो जीवन साथ को जाता है
02:16उस एक को नहीं निकाला तो तुम चार को नहीं
02:19400 को निकाल तो कोई फर्ग नहीं पड़ता इतनी आसानी से कोई किताब मत उठा लिया करो
02:2599.9% किताबे पढ़ने लायक नहीं होती तुम्हारे समय की परबादी परबादी नहीं है वो तुम्हारे मन को विशाक्त
02:35कर जाएंगी
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