00:00पढ़ रहा था एक बार तो किसी ने बड़ी मासूमियत से भरी हैरत से लेख लिखा था ये ओलम्पिक्स एशियाड
00:08हो गेरा में भारत को और चीजों में पदक नहीं मिलता तो नहीं मिलता पर विश्व के सरुशेष्ट धनुरधर तो
00:16हमारे युवा हुऊ थे तो ये आर्चे
00:29में जाते हैं और धनुर विद्यातक में पदक नहीं पाते हैं ये उन्होंने तंज नहीं कसा था ये व्यंग नहीं
00:35था वो लेखक जो थे उनको सचमुच ताज्यूप था कि यहां तो हर आदमी धनुस बांड लेकर ऐसे चलता था
00:42अभी भी दशेरे पे रावण जलाने के ल
00:59आते हैं तो हमें ताज्यूब होता है हम कहते हैं इतना उंचा और इतना महान हमारा देश था तो आज
01:04ही हालत कैसी हो गई
01:06लो अतीत से उतना ही जितना पोशक है जीर्ण शीर्ण का मोह मृत्यू का द्योतक है
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