00:00Sonae की कीमतों ने पिछले कुछ महीनों में जिस रफतार से छलांग लगाई है उसके बाद सितंबर की शुरुवात में
00:06आई किरावट ने निवीशकों के मन में एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है
00:10क्या गोल्ड की बड़ी तेजी अब खत्म होने वाली है या कुछ समय पहले तक जहां Sona लगतार नए रिकॉर्ड
00:16बनानी की दौर में था वहीं अब उचे इस तरों से इसमें करेक्शन देखने को मिल रहा है
00:2024 अगस्त को गोल्ड ने करीब 1,63,329 रुपए प्रती 10 क्राम का हालिया हाई बनाया था
00:27जिसके बाद सितंबर की शुरुआत में कीमते घटकर 1,52,000 से 1,55,000 के दाइरे में आ गई
00:33यानि उपरी इस तरों से कीमत में अच्छी खासी गिरावट देखने को मिली है
00:37ऐसे में निवेशकों के लिए यह समझना जरूरी हो जाता है कि यह गिरावट सिर्फ प्रॉफिट बुकिंग और करेक्सन है
00:42या फिर गोल्ड में बड़ी तेजी पर वास्तों में ब्रेक लग चुका है
01:07बढ़त के साथ दो लाख चालिस जार नौ रुपए प्रति किलोग्राम पर ओपन हुआ
01:11कारोबार के दवरान यानि की खबर लिखे जाने तक गोल्ड ने एक लाख तिरपन अजार आट सो साथ रुपए प्रति
01:1710 ग्राम का हाई और सिल्वर ने 2,41,180 रुपए प्रति किलोग्राम का हाई बनाया
01:22हाला कि गोल्ड की मौझूदा चाल को अगर लंबे इतिहास के नजरिये से देखा जाए तो तस्बीर कुछ अलग दिखाई
01:28देती है
01:28पिछले करीब 45 साल के आकड़ों से पता चलता है कि गोल्ड में एक साल के दौरान हाई से ओस्तन
01:34करीब 13 परसेंट तक का ड्रॉडाउन देखने को मिलता है
01:38यानि किसी कैलेंडर येर में सोना अपने उपरी स्तरों से 10-15 परसेंट तक नीचे आ जाए तो इसे कोई
01:43असामानी नहीं माना जा सकता
01:45इतिहास में ऐसे कई मौके आए हैं जब गोल्ड ने साल के दोरान बड़ी गिरावर दर्च की
01:50लेकिन बाद में रिकवरी करते हुए साल का अंत सकरात्मक रिटर्ण के साथ की उधारन के तौर पर 1984 में
01:56गोल्ड का ड्रोडाउन करीब 13% रहा था जबकि
02:13समान्य मार्केट साइकल का हिस्सा रहा है हाल के वर्षों में भी यही पैटरन देखने को मिला 2020 में गोल्ड
02:19करीब 15% तक गीरा 2021 में लगबग 13% 2022 में करीब 15% और 2023 में लगबग 10
02:25% का डाउन देखने को मिला लेकिन इस आकड़े की सबसे एहम बात यह है कि इन गिरावटों का
02:31मतलब यह नहीं था कि गोल्ड ने पूरे साल नुकसान दिया फंड्स इंडिया रिसर्च की आकड़ों के मुताविक इस पूरे
02:36लंबे पिरियड में करीब 38% मौकों पर गोल्ड ने साल के दौरान गिरावट लेलने के बावजूद के लेंडर को
02:56पोजेटिव रिटर्न के सा
02:57जाता है ग्लोबल फाइनेंसियल क्राइसिस के दौरान गोल्ड एक समय करीब 20% तक गिर गया था लेकिन साल खत्म
03:03होते होते गोल्ड ने करीब 39% का रिटर्न दिया इसी तरह 2003 में गोल्ड करीब 17% तक गिरा
03:09था लेकिन पूरे साल का रिटर्न करीब 25% रहा वहीं 2020 में लगब
03:26में करेक्शन और लॉंग टर्म बूल्ड ट्रेंज का खत्म होना दो अलग अलग चीजे वेशा के तिहांस में गोल्ड ने
03:33इससे भी बड़े जटके देखे हैं
03:351980 में गोल्ड का इंटरियर ड्रोडाउन करीब 40% रहा था 1981 में या करीब 25% जबके 1982 और
03:421983 में करीब 23% तक पहुँच गया था
04:05इकोनॉमिक टेटा और फेडरल डिजर्ब की इंटरेस्ट रेट्स पॉलिसी का है हाल के यूएस चॉप डेटा ने अमेरिकी अर्थवोस्ता को
04:11लेकर उमीद से बहतर तस्बीर पेस्ट की है इसे वाजार में अधार्ना मजबूत हुई है कि फेडरल डिजर्ब इंटरेस्ट
04:35की दिशा भी गोल्ड के लिए बेहत महत्पून है अगर डॉलर मजबूत होता है और यूएस बॉन्ड इल्ट उपर जाती
04:40है तो गोल्ड की कीमत पर दबाव बढ़ सकता है इसके उलट डॉलर में कमजोरी और इल्ट में किरावट गोल्ड
04:46के लिए सपोर्टीव साबित हो सक
05:07के लिए लंबे समय में सपोर्ट बनी हुई यही कारण है कि वाचार में गिरावट आने के बावचूद कई अनालिस्ट
05:14को लेकर लॉंग टर्न पोजेटिव बने हुए हैं कोल मिलाकर सितंबर की गिरावट को गोल्ड की तेजी के अंत के
05:19तौर पर देखना जल्दबाजी हो
05:38इसलिए निवेशकों के लिए सबसे जरूरी बात यह है कि मौजूदा गिरावट को सिर्फ डर के नजर से नहीं बल्कि
05:43गोल्ड की लंबे इतिहास और मौजूदा फंडामेंटल फैक्टर के साथ जोड़ कर देखा जाए है यहां से गोल्ड में गिरावट
05:51आएगी या फिर
06:02झाल