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US-Iran War: Trump के आदेश पर Iran पर अमेरिका की बड़ी एयरस्ट्राइक, क्या मिडिल ईस्ट में शुरू हुआ महायुद्ध? | Oneindia Hindi
मिडिल ईस्ट से इस वक्त की सबसे बड़ी और खौफनाक खबर सामने आ रही है। अमेरिका और ईरान के बीच हुआ 60 दिनों का अस्थायी युद्धविराम पूरी तरह से टूट चुका है और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के खिलाफ भीषण सैन्य कार्रवाई का आदेश दे दिया है।

मिडिल ईस्ट (Middle East) एक बार फिर विनाशकारी युद्ध की आग में झुलसने की कगार पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के सीधे आदेश पर अमेरिकी वायुसेना के लड़ाकू विमानों ने ईरान के भीतर कई रणनीतिक और सैन्य ठिकानों पर भीषण एयरस्ट्राइक (Airstrikes) की है। अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि 27 जून को किए गए इन हमलों में ईरान की सैन्य निगरानी प्रणाली, संचार नेटवर्क, एयर डिफेंस पोजीशंस, ड्रोन स्टोरेज फैसिलिटी और समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने वाले ठिकानों को पूरी तरह से निशाना बनाया गया है। दोनों देशों के बीच महज एक हफ्ते पहले हुआ सीजफायर समझौता अब पूरी तरह से ध्वस्त नजर आ रहा है।

About the Story:
The fragile ceasefire between the US and Iran has collapsed after US forces, under orders from President Donald Trump, launched a second consecutive wave of heavy airstrikes against Iranian military targets. According to US CENTCOM, the strikes targeted radar, drone facilities, and minelayer capabilities in response to Iran targeting the Panama-flagged oil tanker M/T Kiku with a one-way drone in the Strait of Hormuz. With UKMTO raising threat levels, this escalation threatens global energy supply routes and oil markets.

#USIranWar #DonaldTrump #IranAirstrike #StraitOfHormuz #MTKiku #MiddleEastCrisis

~HT.318~PR.514~GR.538~VG.HM~

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Transcript
00:15अमेरिका और इरान के बीच कुछी दिन पहले हुए युद्ध विराम पर अब गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
00:20अमेरिकी राष्ट्रपती डॉनल्ड ट्रम्प ने इरान पर एक और बड़े सैन्य हमले का आधेश दे दिया है।
00:26अमेरिका का आरोप है कि इरान ने लगातार दूसरे दिन भी सीज फायर का उलंगहन किया और अंतराष्ट्रिय समुद्री मार्क
00:33से गुजर रहे एक तेल टैंकर को निशाना बनाया।
00:36इसके बाद अमेरिकी लडाकू विमानों ने इरान के भीतर कई सैन्य ठिकानों पर हमला किया।
00:42अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमांड यानी सेंट कॉम ने पुष्टी की है कि 27 जून को अमेरिकी वायू सेना ने
00:48इरान के कई रण नीतिक ठिकानों पर सटीक हमले किये।
00:52इन हमलों में सैन्य निगरानी प्रनाली, संचार नेटवर्क, एर डिफेंस पुजिशन, ड्रोन स्टॉरिज फेसिलिटी और समुद्र में बारूदी सुरंग बिछाने
01:01की क्षमता वाले ठिकानों को निशाना बनाया गया।
01:04अमेरिका का कहना है कि ये कारिवाई उस घटना के बाद की गई जिसमें पनामा के जंडे वाला ओल टैंकर
01:11M.T. Kikoo Strait of Hormos के पास गुजर रहा था।
01:14इस जहाज में करीब 20 लाक बैरिल कच्चा तेल लदा हुआ था। आरोप है कि इरान ने इस टैंकर पर
01:21वन वे अटैक ड्रोन से हमला किया।
01:24अमेरिका का दावा है कि इरान को पहले भी चेतावनी दी गई थी कि वो युद्ध विराम का पालन करे।
01:29लेकिन उसने इसके बजाए अंतराष्ट्रिय समुद्री व्यापार को निशाना बनाया। राष्ट्रपती डॉनल्ल ट्रम्प ने भी इस कारिवाई का खुल कर
01:37बच
01:50पहाएगा। ट्रम्प ने ये भी चेतावनी दी कि अगर तेहरान ने अपनी गतिविधिया नहीं रोकी तो अमेरिका की अगली सैन्य
01:57कारिवाई कहीं ज्यादा व्यापक और विनाशकारी हो सकती है। गोर तलब है कि ये हमला ऐसे समय हुआ है जब
02:04सिर्फ एक दिन पहले भी
02:05खाडी क्षेतर में एक अन्य व्यावसायक जहाज पर हमला हुआ था। उसी घटना के जवाब में अमेरिका ने पहली बार
02:12इरानी सैन्य ठिकानों पर एर स्ट्राइक की थी। अब लगातार दूसरे दिन हुई कारिवाई ने संकेत दे दिये हैं कि
02:18दोनों देशों के बीच �
02:19तनाव फिर से तेजी से बढ़ रहा है। दूसरी ओर इरान का कहना है कि उसने केवल अमेरिकी सैन्य गतिविध्यों
02:26के जवाब में कारिवाई की है। हाला कि इरान ने किसी विशेश व्यावसायक जहाज पर हमले की आधिकारिक पुष्टी नहीं
02:32की है। लेकिन इरानी सरका
02:49के कुछ हिस्सों से गुजरने वाले जहाजों को इरानी अनुमती लेनी पड़ सकती है। इस बीच ब्रिटन की समुदरी सुरक्षा
02:56एजंसी UKMTO ने भी पुष्टी की है कि प्रभावित तेल टैंकर के ब्रिज हिस्से को नुकसान पहुँचा है। हाला कि
03:02राहत की बात ये �
03:03रही कि जहाज की सभी चालक दल के सधस्य सुरक्षित है। वही Joint Maritime Information Center ने पूरे क्षेत्र के
03:11लिए खत्रे का स्तर बढ़ा दिया है और सभी व्यावसाइक जहाजों को अतिरिक्त सतरकता बरतने की सलाह दी है।
03:33दुनिया में तेल की कीमतें, उर्जा आपूर्ती और वैश्विक अर्थ व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। फिलहाल अमेरिका और इरान दोनों
03:41एक दूसरे पर युद्ध विराम तोड़ने का आरोप लगा रहे हैं। कूटनीतिक प्रयास कमजोर पढ़ते दिखाई द
03:59पढ़ रहा है।
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