00:00मिडिल इस्ट से एक बार फिर दिल दहला देने वली खबर आ रही है
00:03सीज़ फायर की बाद अमेरिका ने इरान पर हमला किया और इरान ने भी अमेरिका पर पलट वार किया और
00:09ये युद्ध फिर से शुड़ू हो चुका है
00:10अज पूरी दुनिया की नजरे मिडिलिस्ट पर टिकी हुई है
00:14एक तरफ अमेरिका है दुनिया की सबसे बड़ी सैन्य और आर्थिक ताकत
00:18दूसरी तरफ है इरान जो पिछले कई दशकों से पश्चिमी देशों की नीतियों को खुली चुनौती देता आया है
00:24कभी मिसाइल हमले, कभी आर्थिक प्रतिबंध, कभी प्रॉक्सी और कभी पर्मानु कारेक्रम को लेकर बढ़ता तनाओ
00:30हर कुछ महीनों में दुनिया को ये डर सताने लगता है कि कहीं ये टकराओ, तीसरे विश्वयुद्ध की शुरू आतना
00:37बन जाए
00:37लेकिन क्या ये दुश्मनी अचानक शुरू हुई है, क्या ये दुश्मनी 2-5 सालों की देन है, क्या इसकी जड़
00:44सिर्फ इरान का पर्मानु कारेक्रम है
00:46या इसके पीछे कोई ऐसी कहाने चिपी है जिसे दुनिया अकसर भूल जाती है
00:51सच ये है कि अमेरिका और इरान की दुश्मनी की शुरूआत किसी मिसाइल या पर्मानु बम से नहीं हुई थी
00:57इसकी शुरूआत हुई थी सत्ता, तेल और विदेशी दखल की राजनीती से
01:02ये कहानी हमें करीब 70 साल पीछे ले जाती है
01:05जब इरान और अमेरिका दुनों देश दुश्मन नहीं थे बलकि करीबी सहयोगी हुआ करते हैं
01:10तो आखिर ऐसा क्या हुआ कि दो करीबी सहयोगी ऐसे कटर दुश्मन बन गए कि आज उनकी दुश्मनी की आग
01:17में पूरी दुनिया जल रही है
01:19खास कर भारत के लिहाज से देखें तो मिडल इस्ट के लाखो भारतिया हर रोज जिन्दगी की जंग लड़ रहे
01:25हैं
01:25तीन भागों में हम इसे युद की पूरी कहानी आपको सुनाएंगे
01:30नमस्कार मेरा नाम है रिचा पराशर और आप देख रहे हैं One India Hindi
01:33पहला भाग दोस्ती दुश्मनी में कैसे बदली उस दौर में इरान दुनिया के सबसे महत्वपुन तेल उत्पादक देशों में गिना
01:40जाता था
01:41पश्च्चमी देशों की नजरें उसके विशाल तेल भंडार पर थी
01:44लेकिन इरान के लोगों के मन में एक सवाल लगतार उठ रहा था
01:49जब देल उनका है तो सबसे ज्यादा फाइदा विदेशी कंपनियों को क्यों मिल रहा है
01:54यही सवाल आगे चलकर पूरे देश में राजनितिक आंदोलन का कारण बना
01:59और फिर इतिहास ने ऐसा मोड लिया जिसने आने वाली कई पीडियों की किस्मत बदल दी
02:04साल 1951 में मुहमद मोस्देक इरान के प्रधानमंतरी बने
02:09वे लोग तांतरिक तरीके से चुने गए नेता थे और जन्ता के बीच बेहद लोग प्रियत है
02:14उन्होंने सत्ता संभालते ही एक ऐसा फैसला लिया जिसने ब्रिटेन और अमेरिका दोनों को परिशान कर दिया
02:21मुस्देक ने इरान के तेल उद्योग का राष्ट्य करन कर दिया
02:25अब तक ब्रिटिश कमपनिया इरान के तेल से भारी मुनाफ़ा कमा रही थी
02:29लेकिन इस फैसले के बाद उनकी आर्थिक ताकत को सीधी चुनोती मिल गई
02:34ब्रिटेन ने पहले आर्थिक दबाब बनाया फिर अंतराष्ट्य स्तर पर इरान को अलग थलग करने की कोशिश की
02:40लेकिन जब इससे भी बात नहीं बनी तो उसने अमेरिका से मदद मांगी
02:59गुप्त ओपरेशन जिसने इतिहास बदल दिया
03:02साल 1903 में अमेरिका की CIA और ब्रिटेन की MI6 ने मिलकर एक गुप्त योजना तयार
03:10इस योजना का उदेश था प्रधान मंतरी मुहम्मद मोसडेक की सरकार को गिराना
03:15इस ओपरेशन को बाद में दुनिया ने ओपरेशन एजैक्स के नाम से जाना
03:19सडकों पर विरोध प्रधर्शन करवाई गए
03:21मीजिया के जरिये माहौल बदला गया
03:24राजनितिक निताओं को प्रभावित किया गया
03:26और आखिरकार सेना की मदद से मुसडेक की सरकार का तक्ता पलट कर दिया गया
03:32इसके बाद शाह मुहम्मद रजा पहलवी को पूरी ताकत के साथ सत्ता में वापस बिठाया गया
03:37अमेरिका के लिए ये एक रणितिक जीत थी
03:39लेकिन इरान के लाखो लोगों के लिए ये उनकी लोगतांतरिक इक्षा पर सीधा हमला था
03:45यहीं से इरान की जनता के दिल में अमेरिका के प्रती अविश्वास की नियू पड़ गई
03:50शाहका, शासन, आधुनिक्ता और विकास की बात तो करता था
03:53लेकिन इसका साथ साथ राजनितिक विरोधियों पर कड़ा दमन भी बढ़ाता गया
03:58गुप्त पुलिस सावाक पर मानवाधिकार उलंगन के गंभीर आरोप लगने लगे
04:03हजारों लोगों को गिरफतार किया गया, विरोध की आवासों को दबाया गया
04:08और जन्ता के भीतर और संतोश धीरी-धीरे उबलने लगा
04:11अमेरिका लगतार शाह का समर्थन करता रहा
04:14क्योंकि उसके लिए इरान मिडिल इस्ट में एक महतोपुन सही होगी था
04:19लेकिन यही समर्थन आगे चलकर अमेरिका के लिए सबसे बड़ी राश्वितिक चुनोती बनने वाला था
04:24जन्ता का गुस्सा अब सिर्फ शाह के खिलाफ नहीं था
04:27बलकि उस ताकत के खिलाफ भी था जिसने शाह को सत्ता में बनाये रखा था
04:311970 के दर्शट के आखिर तक हारात विस्पोटक हो चुगे थे
04:36मस्जिदों, विश्वविद्यालयों और सडकों पर विरोध तेज होने रगे थे
04:41नर्वासन में रह रहे एक धार्मिक नेता का नाम तेजी से लोगों की जुबान पर आने लगा था
04:50किसी ने नहीं सोचा था कि यही व्यक्ति आने वाले कुछ महीनों में न सर्फ इरान की राजनीती बदल देगा
04:56बलकि अमेरिका और इरान के रिष्टों को हमेशा के लिए दुश्मनी में बदल देगा
05:01यही से शुड़ू होती है इरान की इसलामिक क्रांती की कहानी और यही से आपको अब भाग दो मिलने चलते
05:07हैं
05:07इसलामिक क्रांती से पर्मानु संकट साल 1989 यही वो साल था जुसने न सर्फ इरान की राजनीती बदल दी बलकि
05:15पूरी दुनिया की कूटनीती को भी एक नई दिशा दे दी
05:18महीनों तक चले जो नांदोलन के बाद शाह मुहम्मद रजा पहलवी देश छोड़ कर भाग गए
05:23कुछी दिनों बाद निर्वासन में रहने लगे और आयातुला रुहुला हुमैनी को इरान की सत्ता दे दी गई
05:30उनकी वापसी हुई लाखो लोग सडकों पर उनका स्वागत करने उमड पड़े यह सिर्फ एक नेता की वापसी नहीं थी
05:37बलकि एक नए इरान का जन था
05:39कुछी महीनों में राज शाही खत्म हो गई और इरान आधिकारिक रूप से एक इसलामिक रिपब्लिक बढ़ गया
05:45लेकिन करांधी के बाद सबसे बड़ा सवाल ये था कि अमेरिका का क्या होगा
05:49आखिर वो देश जिसने दशकों तक शाह का समर्थन किया था क्या नए इरान को स्विकार करेगा
05:56दोनों देशों के बीच पहले से मौजूद अविश्वास अब खुली दुश्मनी में बदलने वाला था
06:00इसे भी चक ऐसी घटना हुई जिसने दोनों देशों के रिष्टों को पूरी तरह दोर दिया
06:06नमेंबर 1989 में सैकडो इरानी चात्रों ने तहरान स्धित अमेरिकी दुटावास पर कबजा कर लिया
06:14उनका आरोप था कि अमेरिका शाह को शरन देकर फिर से सत्ता मिलाने की साजुष कर रहा है
06:20दुटावास के 52 अमेरिकी कर्मचारियों को बंधक बना लिया गया
06:23ये बंधक संकट पूरे 444 दिनों तक चला
06:27दुनिया हर दिन इस खबर पर नज़र रखे हुई थी
06:30अमेरिका के लिए ये राष्ट्री अपमान था जबकि इरान में इसे विदेशी हस्तशेप के खिलाब जीद के रूप में देखा
06:36गया
06:37अमेरिकी राष्ट्रपती जिमी कॉटर ने बंधकों को चुड़ाने के लिए एक गुपत सैन अभियान चलाया
06:42लेकिन रेगिस्तान में तकनीकी खरावी और दुरखटनाओं के कारण ये मिशन पूरी तरह असफ़ल हो गया
06:48कई अमेरिके सैनिक मारे गए अमेरिका की प्रतिष्ठा को गहरा जटका लगा
06:54इसी घटना के बाद अमेरिका ने इरान पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने शुरू कर दिये
06:59जो समय के साथ और सक्त होते चले गए
07:02उनने सौसी का दशक दोनों देशों के लिए और भी उतल फुतल भरा साबित हुआ
07:06इराक के राश्वपती सद्दाम हुसेन ने इरान पर हमला कर दिया
07:09शुरू हुआ आठ साल लंबा इरान इराक युद्ध जिसमें लाखों लोग मारे गए
07:15अमेरिका ने सीधे युद्ध में हिस्सा नहीं लिया लेकिन उसने इराक को
07:18खूफिया जानकारी, आर्थिक सहायता और कई तरह का अप्रत्यक्षिस्तमर्थन दिया
07:23इरान के लोगों को ये साफ संदेश मिला कि अमेरिका अब उनका विरोधी बन चुका है
07:28युद्ध के दोरान एक दर्दनाक और घटना घटी
07:31साल 1988 में अमेरिकीन और सेना के युदपोर्ट USS Vincennes ने गलती से
07:38इरान एयर की फ्लाइट च्छे सो पचपन को मिसायल से मार किराया
07:42विमान में सवार सभी 290 लोग मारे गए जिनमें बड़ी संख्या में महिलाया और बच्चे भी थे
07:47अमेरिका ने इसे मानविय भूल बताया लेकिन इरान ने इसे कभी स्विकार ने यह घटना आज भी दोनों देशों के
07:53बीच गहरे अविश्वास का प्रतीक मानी जाती है
07:561990 के दशक में सोवियत संग टूट चुका था लेकिन अमेरिका और इरान की दुश्मनी खत्म नहीं हुई थे इसके
08:01उलट अमेरिका ने इरान पर आतंकवादी संगठनों का समर्थन करने हिजबुल्ला और हमास जैसे समूहों को मदद देने तथा मिडिल
08:10इस्ट में अस्थि
08:25दुनिया का ध्यान एक बार फिर इरान की ओर खीज लिया खुलासा हुआ कि इरान गुप्त रूप से परवाणू सुविधाये
08:31विक्सिद कर रहा है अमेरिका और पश्रिमी देशों को डर था कि इरान परवाणू हत्यार बनाने की दिशा में बढ़
08:39रहा है हलाकि इरान ल�
08:53रैंकिंग व्यवस्था और अंतराष्टिय व्यापार पर बहुत भारी असर पड़ा इरानी अर्थ व्यवस्था दवाब में आ गई रिकिन इसके बावजू
09:01तेहरान ने अपने पर्माणू कारेक्रम को पूरी तरे बंद नहीं किया
09:042013 में जब हसन रुहानी राष्टुपती बने तब पहली बार दोनों देशों के बीच बाप्चीत की उम्मीद जगी
09:12कई दौर की कठीन वारताओं के बाद 2015 में एक अतिहासिक समझोता हुआ जिसे दुनिया ने इरान नुक्लियर डील के
09:20नाम से जाना
09:20इस समझोते के तहट इरान ने अपने परमाणू कारेकरम पर कई सीमाय स्विकार की और बदले में उस पर लगे
09:27कई आर्थिक प्रतिबन हटाए गए
09:29उस समय से लगा कि शायद 35 साल पुराने दुश्मनी अब धीरे-धीरे खत्म होने लगी
09:34लेकिन ये उमिद ज्यादा समय तक नहीं टिक सकी
09:372018 में अमेरिका के नए राष्ट पती डॉनल्ड ट्रम्प ने इस समझोते से बाहर निकलने का फैसला की
09:43उनका आरोप था कि ये डील अमेरिका के हेतों की रक्षा नहीं करती और इरान को भविश्य में परमाणू हत्यार
09:49बनाने से नहीं रोख सकती
09:51समझोते से बाहर निकलते ही अमेरिका ने इरान पर पहले से भी अधिक कड़े प्रतिबंध लगा दी
09:56इसके बाद हालात फिर तेजी से बिगड़ने रग एरान ने भी परमाणू समझोते की कई शर्तों का पालन करना बन
10:03कर दिया
10:04तोनों देशों के बीच तनाओ एक बार फिर खतरनाक स्तर पर पहुँच गया लेकिन सबसे बड़ा विस्पोर्ट अभी बाकी था
10:10साल 2020 साल 2020 पे एक ऐसा हमला हुआ जिसने पूरी दुनिया को ये सोचने पर मजबूर कर दिया कि
10:17अब शायद खुला युद शुड़ होने वाला है
10:20भागती सुलेमानी की मौत से आज तक क्या कभी खत्म होगी ये दुश्मनी
10:24जनवरी 2020 दुनिया नएस साल का स्वागत कर रही थी कि मध्यपुरूर से एक ऐसी खबर आई जिसने पूरी दुनिया
10:30को जब जोड़ दिया
10:31अमेरिका ने इराक की राजधानी बगदाद एरपोर्ट से बाहर ड्रोन स्ट्राइक कर इरान के सबसे ताकतवर सैन्य कमांडरों में से
10:39एक जनरल कासीम सुलेमानी को मार किराया
10:42अमेरिका का दावा था कि सुलेमानी अमेरिकी सैनिकों को और उनकी हितों पर हमलों की योजना बना रहे हैं
10:48वही इरान ने इसे अपनी संप्रभुता और राष्ट्रिय सम्मान पर सीधा हमला बताया
10:54सुलेमानी की मौत के बाद लाखों लोग उनकी अंतिम यात्रा में शामिल हुए
10:58इरान ने कुछी दिनों बाद इराक में मौजूद अमेरिकी सैने ठिकानों पर दरजनों बैलिस्टिक मसाइले दागी
11:04कई सैने खायल हुए लेकिन दोनों देशों ने पूर्ण युद से बचने की कोशिश की दुनिया ने रहत की सास
11:10भी ली लेकिन ये साफ हो गया कि
11:12अमेरिका और इरान के बीच विश्वास की कोई गुणजाईश अब लगभग खत्म हो चुकी इसी दोरान इरान ने अपने पर्मानू
11:19कारेक्रम को पहले से कहीं अधिक तेज गती से आगी बढ़ाना शुरू कर दिया
11:23यूरेनियम समवर्धन का स्तर बढ़ाया गया नई सेंट्रिफ्यूज मशीने लगाई गई और अंतराष्टिय पर्मानू उर्जा एजनसी यानि की IAEA के
11:32साथ सहयोग भी समित होने लगा
11:34पश्चिमी देशों ने बार-बार चेतावनी दिखिए अगर यही रफतार रही तो इरान हतियार ग्रेड यूरेनियम की बहत करीब पहुँच
11:41सकता है
11:41दूसरी और इरान लगतार यही कहता रहा कि उसका कारेक्रम पूरी तरफ शान्तिपूर्ण उदेश्यों के लिए है
12:04लंबी चली लेकिन नतीजा शूने रहा फिर आया साथ ओक्टूबर 2023 हमास के इसराइल पर हमले के बाद पूरा मध्यपूर
12:15वयुद्ध की आग में जुलस में लगा
12:16अमेरिका खुल कर इसराइल के समर्थन में उतर आया जबकि इरान ने फिरिस्तिनी समुहों और अपने छित्रिया सहयोगियों के समर्थन
12:24को जारी रखा
12:25इसके बाद लाल सागर, सीरिया, इराक और लेबनान में अमेरिका समर्थित और इरान समर्थित समूहों के बीच लगतार हमले होने
12:33लगे
12:34चित्रिय तनाव अब वैश्मिक चिंता बन चुका था
12:37अप्रेल 2024 में एतिहास में पहली बार इरान ने सीधे अपने जमीन से इसराइल पर सैकडो, ड्रोन और मिसाइले दाग
12:45दी
12:45जवाब में इसराइल ने भी इरान की अंदर चुनिंदा सैने चिकानों को निशाना बनाया हलाकि अमेरिका सीधे युद में नहीं
12:52उत्रा
12:52लेकिन उसने इसराइल की हवाई सुरक्षा में महत्यकुन भूमी का निभाई
12:56ये सपश्ट हो गया कि अमेरिका और इरान अब प्रत्यक्ष टकराव से केवल एक कदम दूर खड़े हैं
13:03इसके बाद 2025 और 2026 में भी तनाव पूरी तरह फत्म नहीं हुआ
13:07परमानु कारेक्रम, आर्थिक प्रतिबंध, खाड़ी शेत्र में सैन्य गतिविधियां, प्रॉक्सी संगठनों की भूमी का
13:13और पश्चिमेशिया की बदलती राजनीती लगतार दोनों देशों के रिष्टों को प्रभावित करती रहे
13:18समय समय पर बाचीत की कोशिशे हुई, लेकिन अव विश्वास इतना गहरा है कि कोई स्थाई समधान अभी तक सामने
13:26नहीं आ सका
13:27आर जिस्ति ये है कि अमेरिका और इरान सिधे युद्ध लड़ रहे हैं
13:31लेकिन दोनों देशों के बीच एक शेडो वर और परोक्ष संगर्ष भी लगतार जारी है
13:37कभी साइबर हमले, कभी आर्थिक प्रतिबंद, कभी समुद्री टकराव, कभी प्रॉक्सी सा गठनों के जरिये दोनों देश एक दूसरे पर
13:43दवाब बनाने की कोशिश कर रहे है
13:45हर नई घटना पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा रही है, क्योंकि यदि ये संगर्ष जंग में और वर्ल्ड वार में
13:53तबदील हो जाता है
13:54तो उसका असर केवल मध्यपुर्व तक सिमित नहीं रहेगा, बलकि वैश्विक अर्थवेवस्था, तेल की कीमतों और अंतराष्ट्य सुरक्षा पर इसका
14:02बेहत बुरा असर पड़ेगा
14:03आपको पता ही है, अभी उमीद की जा रहे थी कि फरवरी के अंतर में जो शुरू हुआ जंग है
14:07इरान, अमेरिका और इसराइल के बीच का, ये जंग शायद अब रुक जाएगा
14:12सीज़ फायर की खबरे आई, स्विजलेंड गए दोनों देश, बाचीत की टेबल पर बैठे, पाकिस्तान ने मदेस्ता कराने की कोशिश
14:19की, लेकिन रिजल्ट क्या निकला, बाचीत नहीं हो पाई, पूर्ण नहीं हो पाई, और फिर खबर आ रही है कि
14:26अमेरिका ने पहले �
14:27इरान पर हमला किया और फिर इरान ने पलट वार करी, कुल मिलाकर करीब साथ दशक पहले शुरू हुई, अमेरिका
14:32और इरान की ये कहानी सिर्फ दो देशों की दुश्मनी नहीं है, ये सक्ता, संसाधनों, विचारधारा, छेत्रिय प्रभाव और वैश्विक
14:39राजनीती की
15:08ऐसी जटिल कहानी है, जिसने पूरी दुनिया को प्रभावित किया है।
15:14पूरी तरह समाप्त नहीं होगा और ये होता दिखाई भी नहीं दे रहा है।
15:40जो एक संकट के दौर से गुजर रहा है और संकट के बीच में हैं, अमेरिका, इरान और इस्राइल इनके
15:46बीच जारी जंग और मिडिलिस्ट में फसे और रह रहे हैं लाखों भातिया।
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