00:0927 जून की शाम अचानक धर्ती कांप उठी
00:11दिल्ली एंसियार, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हरियाना और उत्तर भारत के कई हिस्सों में लोगों ने तेज जटके महसूस किये
00:18कई जगा लोग घबरा कर घरों और दफ्तरों से बाहर निकालाए
00:21कुछ सेकंड तक महसूस हुए इन जटकों ने एक बार फिर लोगों को भूकम की भयावा यादें ताजा कर दी
00:26शुरवाती आशंका के बाद अब National Center for Seismology ने पुष्टी कर दी है कि भूकम का केंदर भारत नहीं
00:33बल्कि अफगानिस्तान का हिंदु कुष शेत्र था जहां रिक्टस केल पर 6.2 तीवरता का शक्तिचाली भूकम तर्च किया गया
00:40आखिर इस भूकम का असर भारत तक क्यों पहुंचा हिंदु कुष शेत्र इतना समवेधन शील क्यों माना जाता है
00:45और क्या आने वाले दिनों में ऐसे जटके फिर महसूस हो सकते हैं? आईए पूरी रिपोर्ट जानते हैं
00:51शनिवार शाम ठीक 7 बचकर 4 मिनट पर उत्तर भारत के कई राज्यों में अचानक धर्ती हिलने लगी
00:56दिल्ली NCR, जम्मू कश्मीर, पंजाब, हर्याना और आसपास के इलाकों में लोगों ने कुछ सेकंड तक जटके महसूस किये
01:03कई बहु मंजिला इमारतों में रहने वाले लोग तुरंट सीडियों से नीचे उतर आए
01:07दफ्तरों, मॉल और आवासिय परिसरों में भी अफरा तफरी का माहूल देखने को मिला
01:11सोशल मीडिया पर कुछी मिनटों में लोगों ने भूकम्प महसूस होने की जानकारी साजह करने शुरू कर दी
01:16National Center for Seismology यानी NCS के अनुसार इस भूकम्प की तीवरता रिक्टर स्केल पर 6.2 दर्ज की गई
01:23इसका केंदर अफगानिस्तान के हिंदु कुष परवतिय शेतर में था
01:26सबसे महत्वपून बात ये है कि भूकम्प धर्ती की सतह से लबभग 215 किलो मीटर की गहराई में आया
01:32यही वज़ा रही कि इसके जटके भारत सहित काफी बड़े शेतर में महसूस किये गए
01:37विशेशग्य बताते हैं कि जब भूकम्प बहुत अधिक गहराई में आता है तो उसकी उर्जा दूर दूर तक फैलती है
01:42ऐसे भूकम्पों के जटके कई देशों तक महसूस किये जा सकते हैं
01:46हाला कि गहराई अधिक होने के कारण सतह पर बड़े पैमाने पर तबाही की संभावना अपेक्शकृत कम रहती है
01:52यही कारण है कि दिल्ली NCR और उत्तर भारत में जटके तो महसूस हुए
01:56लेकिन फिलहाल किसी बड़े नुकसान की सूचना सामने नहीं आई है
01:59अब सवाल उठता है कि आखिर हिंदुकृष शेत्र में बार बार भूकम्प क्यों आते हैं
02:03भू विज्यानिकों के अनुसार अफगानिस्तान का हिंदुकृष इलाका दुनिया के सबसे सक्रिये भूकम्पिये शेत्रों में शामिल है
02:09यहां भारतिये टेक्टॉनिक प्लेट लगातार यूरेशियन प्लेट से टकरा रही है
02:13करोणों वर्षों से जारी इस टकराओ के कारण धर्ती के भीतर भारी दबाओ बनता रहता है
02:18और जब ये दबाओ अचानक निकलता है तो भूकम्प आता है
02:21इसी टेक्टॉनिक गतिविधी की वजह से हिमालय का निर्मान हुआ था और आज भी ये प्रक्रिया जारी है
02:25यही कारण है कि अफगानिस्तान, पाकिस्तान, नेपाल और उत्तर भारत भूकम्प के लिहाज से समवेधन शील शेत्रों में गिने जाते
02:32हैं
02:32विशेशग्य लंबे समय से चेतावनी देते रहे हैं कि हिमालय शेत्र में भविष्य में भी मध्यम से लेकर तेज तीवरता
02:39के भूकम्प आने की संभावना बनी रहती है
02:41दिल्ली NCR भी भूकम्प ये द्रिष्टी से पूरी तरह सुरक्षित नहीं माना जाता
02:45राजधानी और आसपास का इलाका भूकम्प के जोन 4 में आता है जहां मध्यम से तेज तीवरता के भूकम्प का
02:51खत्रा बना रहता है
02:52हालकि शनिवार को महसूस किये गए जटके अफगानिस्तान में आये भूकम्प के कारण थे
02:56लेकिन इस घटना ने एक बार फिर ये याद दिला दिया है कि भूकम्प जैसी प्राकृतिक आपदाओं के लिए हमेशा
03:02तयार रहना जरूरी है
03:03भूकम्प के दौरान विशेशग्य कुछ जरूरी साफधानिया अपनाने की सलहा देते हैं
03:07यदि आप घर के अंदर हैं तो मजबूत मेज या टेबल के नीचे बैठें, खिड़कियों और कांच से दूर रहें
03:13और लिफ्ट का इस्तिमाल बिलकुल न करें
03:14यदि बाहर हैं तो बिजली के खंभों, पेडों और इमारतों से दूर खुले स्थान पर चले जाएं
03:20घबराहत में भागने के बजाए शांत रहना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है
03:24फिलहाल राहत की बात ये है कि इस भूकंप से भारत में किसी बड़े नुकसान या जनहानी की सूचना नहीं
03:29है
03:29लेकिन ये घटना एक बार फिर याद दिलाती है कि प्रकृती के सामने इंसान कितना असहाय है
03:34इसलिए प्रशासन की सलह का पालन करें, अफवाहों से बचें और किसी भी आबदा की स्थिती में केवल आधिकारिक जानकारी
03:41पर ही भरोसा करें
04:00वन इंडिया को सब्सक्राइब करें और कोई भी अपडेट विस्टा करें
04:05अभी वन इंडिया एप डाउनलोड करें
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