Skip to playerSkip to main content
10 Muharram Namaz Time 2026: 10 मोहर्रम यानी यौम-ए-आशूरा इस्लाम में बेहद अहम दिन माना जाता है। इस दिन रोजा, दुआ, इबादत और अल्लाह की याद को खास महत्व दिया जाता है। लेकिन क्या 10 मोहर्रम की कोई खास नमाज होती है? नमाज की नियत कैसे करें और इबादत का सही तरीका क्या है? इस वीडियो में जानिए: • 10 मोहर्रम 2026 की तारीख और महत्व • यौम-ए-आशूरा की फज्र, जुहर, असर, मगरिब और ईशा नमाज का समय • नमाज की नियत कैसे करें? • आशूरा के दिन कौन-सी दुआ और जिक्र पढ़ें? • रोजा रखने का महत्व • इस दिन क्या करें और क्या नहीं? नोट: नमाज के समय आपके शहर और स्थानीय मस्जिद की समय-सारणी के अनुसार कुछ मिनटों का अंतर हो सकता है। अल्लाह हम सभी को नेक अमल और इबादत की तौफीक अता फरमाए।10 Muharram Namaz Time 2026: 26 June Muharram Ke Namaz Ki Niyat,Padhne Ka Tarika ?

The 10th of Muharram, known as Yaum-e-Ashura, holds great significance in Islam. It is a day associated with fasting, prayer, remembrance of Allah, and spiritual reflection. But is there any special prayer for Ashura, and how should one perform it? In this video, learn about: • Significance of 10 Muharram 2026 • Fajr, Dhuhr, Asr, Maghrib, and Isha prayer timings • How to make the intention (niyat) for prayer • Recommended duas and remembrance on Ashura • Importance of fasting on Ashura • Things to do and avoid on this sacred day Please note that prayer timings may vary slightly depending on your city and local mosque schedule. May Allah bless everyone with guidance and acceptance of prayers.

#muharram2026 #muharramprocession #muharramspecial #muharram #muslimfestival #boldskyhindi

~PR.111~ED.120~HT.96~VG.HM~

Category

🗞
News
Transcript
00:03साल दो हजार चब्वीस में दस मोहर्रम यौमे आशूरा 26 जून शुक्रवार को पढ़ रहा है।
00:11इस दिन नफल नमाज पढ़ने के दो सबसे अफजल बहतरीन समय हैं।
00:17एक, चाश्ट का समय, सुभा का वक्त। समय, सुभा साढ़े साथ बजे से लेकर ग्यारह बजे के बीच आप ये
00:25नमाज कभी भी पढ़ सकते हैं।
00:27सूरज निकलने के करीब दो घंटे बाद का समय सबसे सही माना जाता है।
00:322. जुहर की नमाज के बाद दोपहर का वक्त। समय, दोपहर में जब जुहर की फर्ज नमाज मुकमल हो जाए,
00:39तो उसके तुरंत बाद, दोपहर एक बजे से धाई बजे के बीच आप इस विशेश नफल नमाज को अदाक कर
00:46सकते हैं।
00:47खास बात, चुंकि 26 जुन को जुम्मा भी है, इसलिए जुहर या जुम्मे की नमाज के ठीक बाद इस अबादत
00:53को करना बेहद फजीलत और बरकत वाला रहेगा।
00:56नमाज पढ़ने का तरीका
00:58ये चार रकात नफल नमाज है, जिसे दो दो रकात करके पढ़ना है।
01:03नियत की मैंने दो रकात नफल नमाज मुहर्म की वास्ते अल्ला ताला के, रुख मेरा काबा शरीफ की तरफ, हर
01:10रकात में सुरह फातिहा, अलहम्दु शरीफ के बाद, ग्यारह बार सुरह इखलास, कुल हुव लाहु अहद पढ़नी है।
01:16इसी तरह दो दो करकी चार रकात पूरी करें। नमाज के बाद कसरत सी दुरूद शरीफ पढ़ें। और इमाम हुसेंग
01:23और कर्बला की शहीदों की वसीले से दुआ मांगे। अल्ला आपकी हर जाइस दुआ कुबूल फरमाए। इस पाक जानकारी को
01:29अपने दोस्तों के सा
01:30क्यार करें। और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें।
Comments

Recommended