00:03साल दो हजार चब्वीस में दस मोहर्रम यौमे आशूरा 26 जून शुक्रवार को पढ़ रहा है।
00:11इस दिन नफल नमाज पढ़ने के दो सबसे अफजल बहतरीन समय हैं।
00:17एक, चाश्ट का समय, सुभा का वक्त। समय, सुभा साढ़े साथ बजे से लेकर ग्यारह बजे के बीच आप ये
00:25नमाज कभी भी पढ़ सकते हैं।
00:27सूरज निकलने के करीब दो घंटे बाद का समय सबसे सही माना जाता है।
00:322. जुहर की नमाज के बाद दोपहर का वक्त। समय, दोपहर में जब जुहर की फर्ज नमाज मुकमल हो जाए,
00:39तो उसके तुरंत बाद, दोपहर एक बजे से धाई बजे के बीच आप इस विशेश नफल नमाज को अदाक कर
00:46सकते हैं।
00:47खास बात, चुंकि 26 जुन को जुम्मा भी है, इसलिए जुहर या जुम्मे की नमाज के ठीक बाद इस अबादत
00:53को करना बेहद फजीलत और बरकत वाला रहेगा।
00:56नमाज पढ़ने का तरीका
00:58ये चार रकात नफल नमाज है, जिसे दो दो रकात करके पढ़ना है।
01:03नियत की मैंने दो रकात नफल नमाज मुहर्म की वास्ते अल्ला ताला के, रुख मेरा काबा शरीफ की तरफ, हर
01:10रकात में सुरह फातिहा, अलहम्दु शरीफ के बाद, ग्यारह बार सुरह इखलास, कुल हुव लाहु अहद पढ़नी है।
01:16इसी तरह दो दो करकी चार रकात पूरी करें। नमाज के बाद कसरत सी दुरूद शरीफ पढ़ें। और इमाम हुसेंग
01:23और कर्बला की शहीदों की वसीले से दुआ मांगे। अल्ला आपकी हर जाइस दुआ कुबूल फरमाए। इस पाक जानकारी को
01:29अपने दोस्तों के सा
01:30क्यार करें। और चैनल को सब्सक्राइब जरूर करें।
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