00:04इसलामी कलेंडर का पहला महीना महरत है
00:06और इसकी दस्वी तारिक यानि यौम आशूरा पूरे इसलाम इतिहास का सबसे एहम और मुकदस दिन है
00:12ये वो दिन है जिसका तालुक ना सिर्फ शोहदा कर्बला की कुर्बानियों से है बलकि हजरत मुसा अले सलाम और
00:18तमाम अंबिया की तारिक से भी है
00:20अक्सर कुछ लोग इस बात को लेकर कनफ्यूज रहते हैं कि आशूरा के दिन शरीयत के मताबिक हमें क्या करना
00:26चाहिए और किन चीजों से बचना चाहिए
00:28चलिए आज की इस वीडियो में हम जानते हैं
00:30सबसे पहले बात करते हैं कि इस दिन हमें क्या करना चाहिए
00:33सही बुखारी की हदीश है कि जब नबी अल्लाव एसलम मदीना तश्रीफ लाए तो यहूदियों को इस दिन रोजा रखते
00:39देखा
00:39क्योंकि इसी दिन अल्ला ने हज़रत मुसा अल्यस्लाम को फिरौन से निजात दिलाई थी
00:43नबी अल्लाव एसलम ने फर्माया कि मुसा पर हमारा हग ज्यादा है और आप ने खुद भी रोजा रखा और
00:49मुसल्मानों को भी हुक्म दिया
00:50हदीश के मताबिक आशूरा का एक रोजा पिछले एक साल के गुनाहों को मिटा देता है
00:54सुन्नत ये है कि नौ और दस या दस और ग्यारा मुहरम का रोजा रखा जाए
00:59दूसरा है एहल और आयाल पर सखावत
01:02बेहाकी शरीफ की हदीश है कि जो शक्स आशूरा के दिन अपने बाल बच्चों और परिवार के खाने पीने पर
01:07दिल खोल कर खर्च करता है
01:22अब बात करते हैं कि इस दिन हमें क्या नहीं करना चाहिए
01:25क्योंकि बेल्मी की वज़ा से समाज में कई बिद्दत फैल गई है
01:29इमाम हुसैन की शहादत का गम हर मुसल्मान के दिल में
01:32लेकिन बुखारी शरीफ की हदीस में नबी ने फरमाया कि
01:35वो शक्स हमें से नहीं जो गम में चहरे पीटे गिरिबान फाड़े और जाहिलियत की बाते करे
01:40इसलिए जिसम को लहुलुहान करना या जोड़ जोड़ से चाती पीटना इसलाम में सखत मना है
01:44कुछ लोग समझते हैं कि इस दिन नया कपड़ा नहीं पहनना चाहिए चूला नहीं चलाना चाहिए या शादी निकाह नहीं
01:50करना चाहिए
01:51उलिमा एकराम का साफ फत्वा है कि महर्म कोई मन्हूस महीना नहीं है इसलिए इन सब पाबंदियों को मानना सरसर
01:57वहम और गुना है
01:59बज़रगार दीन और उलिमा एकराम ने आशूरा के दिन खास दूआ पढ़ने की तापीत की है जिसे दूआ आशूरा कहा
02:05जाता है
02:05रिवायतों में आता है कि जो शक्स से दिन ये दूआ पढ़ता है अल्ला ताला साल भर उसकी जिन्दगी और
02:11इमान की हिवाज़त फरमाता है
02:12दूआ के अलफाज कुछ इस तरह है
02:22इसका असान मतलब है पाक है अल्ला मीजान के भरने तक और इल्म की इंतहा तक और उसकी अज़ा की
02:28मन्जल तक और उसके अर्श के वज़न तक नहीं है कोई पनागाहा और ना कोई निजात का रास्ता अल्ला के
02:34सिवाद इजन आप कसरत से दूरूज चरीफ पढ़ें सूर इ
02:37अखलास पढ़ें और इस दूआ को कम से कम साथ पार जरूर पढ़ें फिलाल इस वीडियो में इतना ही उमेदे
02:42आपको ये जानकारी पसंदाई होगी वीडियो को लाइक करें शेयर करें और चैनल को सब्सक्राइब करना बिल्कुल न भूलें
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