Skip to playerSkip to main content
🧔🏻‍♂️ आचार्य प्रशांत से समझे गीता और वेदांत का गहरा अर्थ, लाइव ऑनलाइन सत्रों से जुड़ें:
https://acharyaprashant.org/hi/enquiry-gita-course?cmId=m00021

📚 आचार्य प्रशांत की पुस्तकें पढ़ना चाहते हैं?
फ्री डिलीवरी पाएँ: https://acharyaprashant.org/hi/books?cmId=m00021

📲 आचार्य प्रशांत की मोबाइल ऐप डाउनलोड करें:
Android: https://play.google.com/store/apps/details?id=org.acharyaprashant.apbooks
iOS: https://apps.apple.com/in/app/acharya-prashant/id1603611866

📝 चुनिंदा बोध लेख पढ़ें, खास आपके लिए: https://acharyaprashant.org/en/articles?l=1&cmId=m00021
➖➖➖➖➖➖
पूरा वीडियो : गुनाह शातिरों के, पर सज़ा हमें मिलने वाली है || आचार्य प्रशांत (2024)
➖➖➖➖➖➖
#acharyaprashant
#आचार्यप्रशांत
#motivationalhindi
#motivationquotes
#staymotivated
#inspireyourself

Category

📚
Learning
Transcript
00:00आसू बहाने से लडाईया नहीं जीती जाती
00:02दुख के साथ भी आपने अन्याय करा है नाइनसाफी करी अगर आप रो रहे हो बैठके
00:08दुख है तो रोएं या समधान करें
00:10और समधान जब करोगे तो रोना तो भूलोगे
00:13तो कोई विल्कुल ही कह सकता है इनको दुख नहीं है एकदम
00:16दुख है तभी रो नहीं रहे
00:19दुख कम होता है तो आदमी रोने बैठ जाता है
00:22दुख जब तीवर होता है तो आदमी कहता है रोना भी द्रोह हो गया
00:28स्थित्य अभी ऐसी है कि रोने का भी मौका फुर्सत अफसर होना नहीं चाहिए
00:33हालत खराब है कोई बैठा आसू बहारा है मैं पूछूंगा तुम्हें टाइम कहां से मिला
00:37तुझे रोने का वक्त कैसे मिला कालधर्म कह रहा है कि बंजा अरजुन और अपनी ओर से जो कर सकता
00:45है कर अब उसमें जीएगा कि मरेगा हारेगा जो भी होगा देखा जाएगा
00:49अरजुन क्या कर रहा है वो बैठके रो रहा है हाई हाई तो ऐसे अरजुन को शबाशी दे मैं कविता
00:54यह लिखा करता था खूब लिखता था 21 की उमर तक
00:5921 के बाद मेरे कविता लिखना छूट गए
01:01फिर मैं 4 साल में 5 साल में एक लिखता था
01:03मैंने का ये बात कहने की है नहीं करके दिखाने की है
01:07कब तक मैं अपना शोब ही व्यक्त करता रहो
01:12अगर वो सब कुछ जिसके प्रतिक शोब है
01:14वो इनसान से आ रहा है तो इसको इनसान के भीतर समाप्त करना पड़ेगा ना
01:19तो ये ध्यस हो
01:21आप बिल्कुल कह सकते हो कि अरे हालत बहुत खराब है हालत बहुत खराब है
01:24हालत ठीक करो
01:26औहाले ठीक करने की कोशिश कर रहे हैं क्योंकि सारी खालात खराब होते हैं खराब आदमी से
01:32हम खराब आदमी को ही अच्छा बनाने की कोशिश कर रहे हैं
01:39वहीं से सब कुछ ठीक होना है
01:42या तो कविता कहते रहो या अपनी कविता बन जाओ
01:46जीवन को कावे बना लो
01:49कविता से कोई समस्या निये न करना
01:51कि कविता लिखना छोड़ दिया
01:52अच्छी बात लिखो और लिखो
01:55पर बता रहा हूँ कि कविता के आगे भी कुछ होता है
01:58जितना अपने भूते में है
02:01इससे दस पतिशत ज्यादा
02:03इंसान और क्या करे वो कर रहे है
02:05सब कुछ कर रहे है
02:07और जितना करते जाओ
02:08उस करने की सामर्थ है और बढ़ती है
02:10कर करके ही बूता बढ़ेगा
02:12एक्शन इस दे एंटिडोट तो डिस्पेर
02:16हालत जितनी खराब होगी
02:18कर्म उतना और सघन प्रगाढ करना पड़ेगा
02:21और क्या करे
Comments

Recommended