00:00आत्मज्यानके रटाश में अन्जे वर्म सब्धागरो ठाजे में रोख्अैघयो अठाश त利म अपलो आपरहत वपेस्पली रुप
00:15कर दो युभ्तव ना युभ्तव युभ्तव
00:19तड्सmernो युभ युद्धेस्पली आफंपली आपरहत की रोध
00:44अगर अगर मुक्ति चाहिए तो जो भी उसमें बादाः है
00:57और कुछ अपमान भी सहना पड़े तो समय आप जहां लगा रहे हो एक मिनट समय आभी जहां लगा रहे
01:17हो एक मिल रहा है अगर आपके पास मुक्ति के लिए समय नहीं है तो आपका समय बंधन के लिए
01:22फिर
01:23तो हाँ तो हो गया अब बंधन में समय क्यों दे रहे हो दर नहीं लग रहा अभी काम चल
01:33रहा है बस तो आप काम चलने दे रहे हो
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